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9th January | Current Affairs | MB Books


1. अमेरिकी कांग्रेस ने जो बाईडेन को अमेरिका का अगला राष्ट्रपति प्रमाणित किया

हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस ने औपचारिक रूप से जो बाईडेन को अमेरिका के अगले राष्ट्रपति के रूप में प्रमाणित किया है। गौरतलब है कि हाल ही में यह यूएस कैपिटल बिल्डिंग पर ट्रम्प समर्थकों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था, उस घटना के बाद बाद जो बाईडेन को अमेरिका का अगला राष्ट्रपति प्रमाणित किया गया है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रम्प काफी लम्बे समय से अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव 2020 में धांधली का आरोप लगा रहे थे।

मुख्य बिंदु

अमेरिका की सीनेट और प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) ने डोनाल्ड ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी के दावों को सफलतापूर्वक खारिज कर दिया है और जो बाईडेन को अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में प्रमाण पत्र दिया है। गौरतलब है कि नवंबर 2020 में बाइडेन ने ट्रम्प पर 306-232 की जीत हासिल की थी। इस प्रमाणन के बाद, ट्रम्प ने एक बयान जारी किया है। और डोनाल्ड ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि वह राजनीति में सक्रिय रहेंगे और 2024 के अमेरिकी चुनावों में भाग ले सकते हैं।

यूएस कैपिटल बिल्डिंग में अराजकता

डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थकों ने 7 जनवरी को यूएस कैपिटल बिल्डिंग पर हमला किया जिसमें अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और अमेरिकी सीनेट दोनों शामिल हैं। वर्ष 1814 के बाद यह पहली बार है जब यूएस कैपिटल पर किसी ने इस प्रकार से कब्ज़ा किया। 1814 के युद्ध के दौरान वर्ष 1814 में, यूएस कैपिटल बिल्डिंग को जला दिया गया था।


2. भारत करेगा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (UNSC) की 3 महत्वपूर्ण समितियों की अध्यक्षता

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की तीन महत्वपूर्ण समितियों की अध्यक्षता करेगा। इसकी सूचना संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टी.एस. तिरुमूर्ती ने दी। दरअसल, हाल ही में भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में अपना 8वां कार्यकाल शुरू किया है।

मुख्य बिंदु

भारत जिन तीन समितियों की अध्यक्षता करेगा, वे हैं – तालिबान प्रतिबंध समिति, लीबिया प्रतिबंध समिति और आतंकवाद निरोधी समिति।

तालिबान प्रतिबंध समिति भारत के लिए प्राथमिकता रही है। इस समिति का अध्यक्ष होने से भारत को अफगानिस्तान में आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। इस समिति को 1988 की प्रतिबंध समिति (1988 Sanctions Committee) के रूप में भी जाना जाता है।

लीबिया प्रतिबंध समिति प्रतिबंधों को लागू करती है, इसमें संपत्ति फ्रीज, लीबिया पर दो तरफ़ा हथियार प्रतिबन्ध, यात्रा प्रतिबंध इत्यादि शामिल हैं।

भारत वर्ष 2022 में आतंकवाद निरोधी समिति की अध्यक्षता करेगा। इस समिति का गठन सितंबर 2001 में न्यूयॉर्क में 9/11 आतंकवादी हमले के बाद किया गया था। इससे पहले, भारत ने वर्ष 2011-12 में भी इस समिति की अध्यक्षता की थी।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC)

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सबसे शक्तिशाली और संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संरक्षण इसकी प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। इसमें वीटो की शक्ति वाले पांच स्थायी देशों सहित 15 सदस्य होते हैं। पांच स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका हैं। 10 गैर-स्थायी सदस्य दो साल के लिए चुने जाते हैं। इसकी शक्तियों में शांति नियंत्रण संचालन की स्थापना, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की स्थापना, और यूएनएससी संकल्पों के माध्यम से सैन्य कार्रवाई के प्राधिकरण शामिल हैं। यह एक संयुक्त राष्ट्र निकाय है जिसके पास सदस्य राज्यों के बाध्यकारी प्रस्ताव जारी करने का अधिकार है।

यूएनएससी शांति के खिलाफ खतरे को निर्धारित करने और आक्रामकता का जवाब देने के लिए उत्तरदायी है। यह राज्यों के बीच संघर्ष या विवाद को सुलझाने के शांतिपूर्ण साधन खोजने के प्रयास भी करता है। यह संयुक्त राष्ट्र महासचिव की संयुक्त राष्ट्र महासभा नियुक्ति और संयुक्त राष्ट्र में नए सदस्यों के प्रवेश की भी सिफारिश करता है।


3. IRCTC 31 जनवरी से दक्षिण भारत के लिए चलाएगी आस्था सर्किट विशेष ट्रेन

भारतीय रेलवे खानपान पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने बिहार में पर्यटकों की सुविधा के लिए पूर्व-मध्य रेल (ईसीआर) के समस्तीपुर रेल मंडल के रक्सौल से दक्षिण भारत आस्था सर्किट विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।

आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन 31 जनवरी को रक्सौल स्टेशन से दक्षिण भारत के लिए चलाई जाएगी तथा यह ट्रेन सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, हाजीपुर एवं पटना होते हुए तिरुपति, मदुरई, रामेश्वरम्, कन्याकुमारी, त्रिवेंद्रम और पुरी तक चलाई जाएगी। इस दौरान पर्यटकों को दक्षिण भारत के प्रमुख दर्शनीय स्थल तिरुपति बालाजी, मीनाक्षी मंदिर, रामनाथस्वामी मंदिर, कन्याकुमारी एवं जगन्नाथ मंदिर समेत अन्य स्थानों का दर्शन कराया जाएगा।

कुमार ने बताया कि यह पूरी यात्रा 13 रात और 14 दिन की होगी तथा यह ट्रेन 13 फरवरी को वापस रक्सौल पहुंचेगी। 1 यात्री का किराया 13,230 रुपए होगा। यात्रियों को स्लीपर क्लास, शाकाहारी भोजन, घूमने के लिए बस, ठहरने के लिए धर्मशाला सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए बुकिंग शुरू हो गई है।

क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के दिशा-निर्देश का पूरी तरह से इस यात्रा मे पालन किया जाएगा और यात्रियों को मास्क एवं सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा। इस ट्रेन में आइसोलेशन कोच भी लगाए जाएंगे।


4. 9 जनवरी : प्रवासी भारतीय दिवस

9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के द्वारा भारत के विकास में विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदायों के लोगों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। इस दिवस के द्वारा विदेशों में रहने वाले भारतीयों को उनकी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

प्रवासी भारतीय दिवस

भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष प्रवासी भारतीय दिवस 9 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन राष्ट्र पिता महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश वापस आये थे। इस दिवस को मनाने की शुरुआत सन 2003 से हुई थी। प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की संकल्पना स्वर्गीय लक्ष्मीमल सिंघवी द्वारा की गयी थी।

प्रवासी भारतीय सम्मान

यह प्रवासी भारतीयों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह सम्मान अप्रवासी भारतीय, भारतीय मूल के व्यक्ति, अप्रवासी भारतीय अथवा भारतीय मूल के लोगों द्वारा शुरू की संस्था को प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार निम्नलिखित क्षेत्रों में योगदान के लिए प्रदान किया जाता है:

  • भारत की बेहतर समझ

  • भारत के उद्देश्य तथा समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग

  • भारत तथा विदेशों में रहने वाले वाले भारतीय समुदायों के बीच संबंधों को मज़बूत करना

  • भारत अथवा विदेश में मानवीय अथवा सामाजिक परोपकार कार्य

  • स्थानीय भारतीय समुदाय का कल्याण

  • परोपकारी कार्य

  • किसी क्षेत्र में ऐसा कार्य, जिससे भारत का नाम रोशन हुआ हो


5. वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता माधवसिंह सोलंकी का निधन

पूर्व विदेश मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवसिंह सोलंकी का शनिवार सुबह गांधीनगर में निधन हो गया। उनकी उम्र 93 वर्ष थी। सोलंकी ने 4 बार मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात की कमान संभाली।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री माधव सिंह सोलंकी के निधन पर शनिवार को दु:ख जताया और कहा कि सोलंकी पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए याद किए जाएंगे।

सोलंकी ने जून 1991 से मार्च 1992 के बीच विदेश मंत्री का प्रभार संभाला था। उन्होंने राज्य में कांग्रेस की जीत के लिए क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासी और मुस्लिम (केएचएएम) जाति तथा समुदायों के गठबंधन का विचार रखा था।

वह गुजरात से दो बार राज्यसभा के सदस्य भी रहे। नरेन्द्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले सोलंकी सबसे लंबे समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे। सोलंकी के बेटे भरत सिंह सोलंकी भी पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं।


6. जापान कोविड राहत प्रयासों के लिए भारत को 2,113 करोड़ रुपये की सहायता देगा

जापान की सरकार ने हाल ही में कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए भारत को 2,113 करोड़ रुपये की ऋण सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह सहायता एक प्रकार का आधिकारिक विकास सहायता ऋण है, इसका उपयोग कोविड-19 के कारण प्रभावित गरीबों और कमजोर परिवारों को सामाजिक सहायता प्रदान करने में भारत के प्रयासों का समर्थन करने के लिए किया जायेगा।

मुख्य बिंदु

सामाजिक सुरक्षा के लिए COVID-19 संकट प्रतिक्रिया सहायता ऋण के लिए भारत के आर्थिक मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. सी.एस. महापात्रा और भारत में जापान के राजदूत सुजुकी सातोशी के बीच नोट्स का आदान-प्रदान किया गया। नोट्स के आदान-प्रदान के बाद, इस कार्यक्रम के लिए ऋण समझौते पर डॉ. महापात्रा और नई दिल्ली में जेआईसीए के प्रमुख प्रतिनिध काट्सुओ मात्सुमोतो के बीच हस्ताक्षर किए गए।

उद्देश्य

इस कार्यक्रम के ऋण का उद्देश्य COVID-19 महामारी के गंभीर प्रभावों के खिलाफ देश भर में गरीब और कमजोर लोगों को समन्वित और पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के भारत के प्रयासों का समर्थन करना है।

भारत और जापान का 1958 से द्विपक्षीय विकास सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत और जापान के बीच आर्थिक सहयोग रणनीतिक साझेदारी में काफी वृद्धि हुई है।


7. SMCB बना SFB में परिवर्तित होने वाला पहला शहरी सहकारी बैंक

शिवालिक मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक (SMCB) भारत का ऐसा सहकारी बैंक बन गया है जो स्मॉल फाइनेंस बैंक के तौर पर बदलाव ला रहा है क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस सहकारी बैंक के वाणिज्यिक बैंकिंग लाइसेंस को अपनी मंजूरी दे दी है।

यह बैंक अप्रैल, 2021 से शिवालिक लघु वित्त बैंक के नाम से अपने बैंकिंग कामकाज की शुरुआत करेगा। जनवरी, 2020 में SMCB को RBI से वाणिज्यिक बैंकिंग लाइसेंस के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिला था, जिसके तहत इस सहकारी बैंक को कारोबार शुरू करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था।

कैसे यह तकनीक बैंकिंग और वित्तपोषण में मदद करेगी?

शिवालिक मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी और सीईओ, सुवीर कुमार गुप्ता के अनुसार, एक उन्नत प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म, जिसमें ओपन बैंकिंग को लागू करने की क्षमता शामिल है, जो डिजिटल व्यवसायों, फिनटेक (वित्तीय तकनीक) और गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवा प्रदाताओं सहित बाहरी व्यवसायों के साथ आसानी से सहयोग करने में मदद करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि, इस तकनीक को अपनाने से हमें पहले से खोजे जा रजे ग्राहक क्षेत्रों का पता लगाने की भी अनुमति मिलेगी। यह प्रत्यक्ष शाखा नेटवर्क के किसी भी रूप पर निर्भरता के बिना देश भर में विस्तार करेगा।

यह लघु वित्त बैंक (SFB) क्या है?

ये बैंकिंग के ऐसे विशिष्ट क्षेत्र हैं जो भारत सरकार के मार्गदर्शन में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बनाए गए थे।

इन बैंकों का उद्देश्य बुनियादी और गैर-सेवा वाले वर्गों को बुनियादी बैंकिंग गतिविधियों को निष्पादित करके वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है जिसमें छोटे और सीमांत किसान, असंगठित संस्थाएं और सूक्ष्म और लघु उद्योग शामिल हैं।

किसी भी अन्य वाणिज्यिक बैंक की तरह, ये बैंक जमा और उधार लेने सहित सभी बुनियादी बैंकिंग गतिविधियों को भी कर सकते हैं।

SFB ऋण और अग्रिमों में प्रगति

भारतीय रिजर्व बैंक के रुझान और बैंकिंग रिपोर्ट में प्रगति के अनुसार, मौजूदा लघु वित्त बैंकों के संयुक्त ऋण और अग्रिमों में 29.7% की वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष, 2019 में 69,856 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष, 2020 में यह राशि 90,576 करोड़ रुपये हो गई। बैंक में मार्च, 2019 में 55,686 करोड़ रुपये डिपॉजिट भी 48.1% बढ़कर मार्च, 2020 में 82,488 करोड़ रुपये हो गया था।

एक समूह के रूप में, वर्ष 2019 में 727 करोड़ रुपये के नुकसान के खिलाफ SFB ने वित्तीय वर्ष, 2020 में 1,968 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।

शिवालिक लघु वित्त बैंक के बारे में

यह बैंक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में 04 लाख ग्राहकों के साथ 31 शाखाओं और 250 से अधिक बैंकिंग एजेंटों के माध्यम से संचालित होता है। 31 मार्च, 2020 तक बैंक का कुल जमा आधार 1,140 करोड़ रुपये था जबकि कुल अग्रिम 719 करोड़ रुपये था।


8. तेलंगाना बना ‘शहरी स्थानीय निकाय’ सुधारों को लागू करने वाला तीसरा राज्य

तेलंगाना ‘शहरी स्थानीय निकाय’ सुधारों को लागू करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। इसके साथ, अब तेलंगाना खुले बाज़ार उधार के माध्यम से 2,508 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटा सकता है।

मुख्य बिंदु

तेलंगाना ने केंद्र द्वारा निर्धारित शहरी स्थानीय निकाय (Urban Local Bodies-ULB) सुधार को सफलतापूर्वक लागू किया है, इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने तेलंगाना को खुले बाज़ार उधार के माध्यम से 2,508 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने की अनुमति दी है।

इन सुधारों में शामिल है : शहरी स्थानीय निकाय में मौजूदा सर्कल दरों के अनुसार संपत्ति कर की अधिसूचित दर, जल निकासी, पानी की आपूर्ति, और सीवरेज के प्रावधान के संबंध में उपयोगकर्ता शुल्क दर की सूचना इत्यादि।

तेलंगाना मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश के बाद शहरी स्थानीय निकाय सुधारों को लागू करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। इसके साथ ही, तेलंगाना 7,406 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधारी के पात्र बन गया है।

मई 2020 में, केंद्र सरकार ने राज्यों की उधार सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 2% तक बढ़ा दी है। इस विशेष वितरण का आधा हिस्सा 4 प्रमुख क्षेत्रों में राज्यों द्वारा किए गए सुधारों से जुड़ा था। यह चार क्षेत्र हैं : व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business), एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (One Nation One Ration Card) का कार्यान्वयन, बिजली क्षेत्र में सुधार और शहरी स्थानीय निकाय सुधार। गौरतलब है कि तेलंगाना ऐसा पहला राज्य था जिसने ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ प्रणाली लागू की।


9. हिमा कोहली बनीं तेलंगाना उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश

न्यायमूर्ति हेमा कोहली ने 8 जनवरी को तेलंगाना उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है। उन्हें राज्य की राज्यपाल तमिलिसाई सुन्दरराजन ने शपथ दिलाई।

मुख्य बिंदु

इससे पहले हिमा कोहली दिल्ली उच्च न्यायालय में कार्यरत्त थीं। उन्होंने वर्ष 1984 में कानून का अभ्यास शुरू किया और वर्ष 1999 से 2004 तक दिल्ली उच्च न्यायालय में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद की स्थायी सलाहकार और कानूनी सलाहकार रहीं। 2006 में, हिमा कोहली को दिल्ली उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था, और वर्ष 2007 में उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। वह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में गवर्निंग काउंसिल की सदस्य के रूप में भी कार्यरत हैं।

तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति की सर्वोच्च न्यायालय कोलेजियम ने 14 दिसंबर 2020 को सिफारिश की थी। हिमा कोहली ने न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चौहान का स्थान लिया है जिन्हें अब मुख्य न्यायाधीश के रूप में झारखंड उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया गया है। न्यायमूर्ति अरुप कुमार गोस्वामी ने भी आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है।

तेलंगाना उच्च न्यायालय

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के पुनर्गठन के बाद तेलंगाना उच्च न्यायालय का गठन किया गया था। दिसंबर 2018 में, हैदराबाद उच्च न्यायालय के आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय और तेलंगाना उच्च न्यायालय में विभाजन के लिए एक नोटिस जारी किया गया था। 1 जनवरी, 2019 को यह अलग-अलग उच्च न्यायालय अस्तित्व में आये।


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