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25th December | Current Affairs | MB Books


1. यूनिसेफ ने लांच किया COVID-19 वैक्सीन मार्केट डैशबोर्ड

हाल ही में यूनिसेफ ने COVID-19 वैक्सीन मार्केट डैशबोर्ड को COVAX खरीद समन्वयक और खरीद एजेंट के रूप में लॉन्च किया है।

मुख्य बिंदु

यह देशों और उद्योगों के लिए तेजी से विकसित हो रहे COVID-19 टीकों के विकास की जानकारी प्राप्त करने के लिए एक इंटरैक्टिव टूल है। यह COVAX सुविधा के प्रयासों के बारे में जानने के लिए एक प्लेटफार्म के रूप में भी काम करेगा। इसके साथ, यूनिसेफ का उद्देश्य सभी देशों के लिए COVID-19 वैक्सीन की निष्पक्ष और न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित करना है। यह डैशबोर्ड वैश्विक अनुसंधान और COVID-19 वैक्सीन के विकास, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय आपूर्ति समझौते, अनुमानित उत्पादन क्षमता और रिपोर्ट किए गए मूल्य पर नियमित अपडेट प्रदान करेगा।

COVAX

COVAX का लक्ष्य COVID-19 टीकों को विकसित करना, खरीदना और समान रूप से वितरित करना है। इसका नेतृत्व CEPI (Coalition for Epidemic Preparedness Innovation), वैक्सीन गठबंधन, GAVI (Global Alliance for Vaccine and Immunisation) द्वारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सभी देशों और वैक्सीन निर्माताओं को एक प्लेटफार्म पर लाना है। हालाँकि, अमेरिका ने COVAX में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

इसका उद्देश्य 2021 के अंत तक दो बिलियन वैक्सीन खुराक को सुरक्षित करना है। यह वैक्सीन राष्ट्रवाद को रोकने के लिए काम करेगा।

ACT-Accelerator

ACT-Accelerator का अर्थ ‘Access to COVID-19 Tools Accelerator’ है। यह नए COVID-19 डायग्नोस्टिक्स के विकास, उत्पादन और न्यायसंगत पहुंच में तेजी लाने के लिए एक वैश्विक सहयोग है।

PAHO

PAHO का अर्थ ‘Pan American Health Organisation’ है। यह एक विशेष अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी है। यह पूरे क्षेत्र के देशों के साथ काम करता है ताकि लोगों के स्वास्थ्य में सुधार और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


2. ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच हुआ ब्रेक्जिट व्यापार समझौता

ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच 31 दिसंबर की समय-सीमा की समाप्ति से कुछ दिन पहले ब्रेक्जिट-बाद मुक्त व्यापार करार हो गया है। लंदन में डाउनिंग स्ट्रीट और ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। इस करार के साथ हजारों पृष्ठों के कानूनी दस्तावेज जुड़े हैं और इसका ब्योरा अगले कुछ दिन में आने की उम्मीद है। इसमें दोनों पक्षों की संसद द्वारा एफटीए का अंतिम अनुमोदन शामिल है। डाउनिंग स्ट्रीट ने बयान में कहा कि हमने ब्रेक्जिट को पूरा कर लिया है और अब हम स्वतंत्र व्यापार करने वाले देश की तरह अपने पास उपलब्ध अवसरों का पूरा फायदा ले सकते हैं और दुनिया के अन्य भागीदारों के साथ व्यापार करार कर सकते हैं। डाउनिंग स्ट्रीट ने घोषणा की कि हमने शून्य शुल्क और शून्य कोटा के आधार पर पहले मुक्त व्यापार करार पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। ये दोनों पक्षों द्वारा किया गया सबसे बड़ा द्विपक्षीय व्यापार करार है। इसके तहत 2019 में 668 अरब पाउंड का व्यापार आता है। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि ब्रिटेन ने अपने पैसा, सीमा, कानून, व्यापार और मछली पकड़ने के जल क्षेत्र का नियंत्रण फिर हासिल कर लिया है। दूसरी ओर यूरोपीय संघ ने कहा कि यह एक अच्छा करार है, जो एक ‘लंबा और चौड़ा रास्ता दिखाता है। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ब्रेसल्स में कहा कि अंतत: हम करार पर पहुंच गए। यह एक निष्पक्ष और जिम्मेदार करार है। उन्होंने कहा कि ईयू के नियमों और मानदंडों का सम्मान होगा। ब्रिटेन लंबे समय तक हमारा सहयोगी रहा। अब भविष्य की ओर देखने का समय है क्योंकि आर्थिक ब्लॉक के साथ संबंधों में अब ब्रिटेन ‘तीसरा देश’ होगा। अब ब्रिटेन के यूरोपीय संघ की आर्थिक संरचना से बाहर निकलने से पहले इस करार को मंजूर और अनुमोदित करने की ‘दौड़’ होगी। ब्रिटेन की संसद द्वारा अगले सप्ताह इस करार को अनुमोदित दिए जाने की उम्मीद है। हाउस ऑफ कॉमंस में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के पास पर्याप्त बहुमत है, जिससे समय पर करार पर हस्ताक्षर की संभावना है।योरपीय संघ द्वारा नए साल में करार को अनुमोदित किए जाने की उम्मीद है। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों द्वारा इसपर वीटो अधिकार का इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद नहीं है। दोनों पक्षों के बीच महीनों तक इस करार को लेकर वार्ता में कई बार तनाव की स्थिति बनी। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मुद्दा निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा नियम, भविष्य के विवादों को निपटाने की व्यवस्था और मछली पकड़ने के अधिकार को लेकर था। अंतिम बाधा ब्रिटेन के जल क्षेत्र में यूरोपीय संघ की नावों के जाने के अधिकार को लेकर थी, जिसे बाद में सुलझा लिया गया।


3. यूरोपीय संघ ने गरीब देशों को प्लास्टिक अपशिष्ट निर्यात करने पर प्रतिबन्ध लगाया

हाल ही में यूरोपीय संघ ने घोषणा की है कि उसने गरीब देशों को प्लास्टिक के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह नए नियम यूरोपीय संघ के 2006 अपशिष्ट शिपमेंट विनियमन में संशोधन करेंगे, इसके द्वारा OECD के बाहर कम विकसित देशों को निर्यात पर रोक लगाई जाएगी।

मुख्य बिंदु

चीन ने 2018 में प्लास्टिक आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था, उसके बाद यूरोपीय संघ ने यह फैसला लिया है। नए नियमों के अनुसार, गैर-ओईसीडी देशों को केवल साफ और गैर-खतरनाक अपशिष्ट निर्यात को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जा सकता है। यह एक परिपत्र अर्थव्यवस्था (circular economy) की स्थापना करने के लिए यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण प्रयास का एक हिस्सा है।

ओईसीडी के 37 देशों के भीतर खतरनाक प्लास्टिक के निर्यात को भेजने वाले देश और प्राप्त करने वाले देश को अनुमति लेनी होगी। यह नए नियम 1 जनवरी, 2021 से लागू हो जायेंगे। ये नियम यूरोपीय संघ के भीतर प्लास्टिक शिपमेंट को नियंत्रित करेंगे।

पिछले साल यूरोपीय संघ ने 1.5 मिलियन टन प्लास्टिक कचरे का निर्यात किया है, जो ज्यादातर इंडोनेशिया, मलेशिया और तुर्की को भेजा गया था।

1989 बेसल कन्वेंशन

Control of Transboundary Movements of Hazardous Wastes and Their Disposal अथवा बेसेल कन्वेंशन पर 1989 में हस्ताक्षर किये गये थे। इस संधि का उद्देश्य देशों के बीच खतरनाक कचरे के हस्तांतरण को कम करना है। यूरोपीय संघ और 186 देश इस कन्वेंशन में शामिल हैं।


4. 25 दिसम्बर : सुशासन दिवस (Good Governance Day)

भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर को हुआ था, उनके जन्म दिवस को सुशासन दिवस के रूप मनाया जाता है। इस दिवस को पहली बार 2014 में मनाया गया था। उन्हें भारतीय राजनीती के सर्वाधिक प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है।

अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर, 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मी बाई कॉलेज) से स्नातक की पढाई की। इसके बाद DAV कॉलेज कानपूर से उन्होंने राजनीतिक विज्ञान में M.A. की डिग्री प्राप्त की। शुरू में आर्य समाज से जुड़े थे। 1939 में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जुड़े और प्रचारक बने। अटल बिहारी वाजपेयी ने युवावस्था में ही स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लेने शुरू किया, भारत छोडो आन्दोलन में अटल बिहारी वाजपेयी और उनके बड़े भाई प्रेम को 23 दिनों के लिए कारागार में डाला गया था।

1977 के आम चुनावों में जनता पार्टी की जीत के बाद अटल बिहारी वाजपेयी को मोरारजी देसाई के मंत्रीमंडल में विदेश मंत्री का पद दिया गया था। विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण दिया था, वे संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण देने वाले पहले व्यक्ति थे। 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवानी और भैरों सिंह शेखावत ने भारतीय जनता पार्टी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने। वे पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने, हालांकि उनका कार्यकाल केवल 13 दिन का था। दूसरी बार वे 1998 से 1999 के बीच 11 महीने के लिए प्रधानमंत्री बने। 1999 से 2004 के बीच वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। इसके अलावा वे मोरारजी देसाई की कैबिनेट में विदेश मंत्री भी रहे।

अटल बिहारी वाजपेयी लगभग 4 दशक तक भारतीय संसद के सदस्य थे, वे 10 बार लोकसभा के सदस्य तथा 2 बार राज्यसभा के सदस्य चुने गये। 2009 में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से सक्रीय राजनीती से सन्यास लिया।


5. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने 1.5 करोड़ उपचारों का आंकड़ा पार किया

हाल ही में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने 1.5 करोड़ उपचारों का आंकड़ा पार कर लिया है। इस योजना के द्वारा देश के कमज़ोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत)

भारत सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक सरकारी स्वास्थ्य योजना है, इसके तहत एक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जायेगा। इसका लाभ किसी सरकारी व कुछ एक निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है।

इस योजना के लिए 60% योगदान केंद्र द्वारा दिया जायेगा, जबकि शेष राशी राज्यों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग भी साथ में कार्य करेगा।

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या व आयु पर कोई सीमा नहीं है। इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्च को भी शामिल किया जायेगा। इस योजना में हॉस्पिटलाईजेशन के दो दिन पहले की दवा, डायग्नोसिस और बेड चार्जेज शामिल हैं। इसके अलावा हॉस्पिटलाईजेशन की अवधि तथा उसके बाद के 15 दिन के खर्च को इसमें कवर किया जायेगा। हॉस्पिटलाईजेशन के लिए रोगी को परिवहन व्यय भी दिया जायेगा।


6. प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-किसान योजना के तहत 9 करोड़ से अधिक किसानों को 18,000 करोड़ रुपये की किश्त जारी की

25 दिसम्बर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) किश्त जारी की। इसके तहत प्रत्येक किसान को 2000 रुपये प्राप्त हुए। इस किश्त का लाभ 9 करोड़ किसानों को होगा, इसके लिए 18,000 करोड़ रुपये व्यय किये गये।

मुख्य बिंदु

इस मौके पर प्रधानमंत्री विभिन्न राज्यों के किसानों के साथ बातचीन भी की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं का ज़िक्र भी किया। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब से यह योजना शुरू हुई है, तब से लेकर अब तक कुल मिलाकर 1,10,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुँच चुके हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की इस किश्त को 25 दिसम्बर को जारी किया गया। गौरतलब है कि 25 दिसम्बर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती है, इस दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2022-23 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत किसानों को एक साल में 2000 रुपये की तीन किश्तों के द्वारा 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस राशी से छोटे व सीमान्त किसान अपने कृषि खर्च का वहन कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN)

इस योजना के केंद्र सरकार छोटे व सीमान्त किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की वित्तीय सहायता देती है। इस योजना से सरकार खजाने से 75,000 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे। इस योजना का उद्देश्य उन किसानों की सहायता करना है जिन्हें ख़राब मौसम अथवा कम कीमत के कारण नुकसान होता है। यह 6000 रुपये की राशि 2000-2000 हज़ार की तीन किश्तों में सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जाती। इस योजना का लाभ वे किसान ले सकते हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है।


7. ITI छात्रों की डिजिटल स्किलिंग में सहायता करेंगे नैसकॉम और माइक्रोसॉफ्ट फाउंडेशन

केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय ने ITI छात्रों के लिए डिजिटल सामग्री प्रदान करने और कौशल विकास के लिए माइक्रोसॉफ्ट फाउंडेशन और नैसकॉम के साथ मिलकर कार्य करने का फैसला किया है।

मुख्य बिंदु

इस पहल से देश भर के 3000 ITI संस्थानों के लगभग 1.2 लाख छात्रों को लाभ मिलेगा। इस पहल के तहत छात्रों को ई-लर्निंग मॉड्यूल (भारत स्किल्स पोर्टल) के माध्यम से डिजिटल सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे आईटीआई छात्र भविष्य में रोज़गार के लिए स