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06th August | Current Affairs | MB Books


1. CBIC ने अनुपालन सूचना पोर्टल (Compliance Information Portal – CIP) लॉन्च किया

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने http://www.cip.icegate.gov.in/CIP पर भारतीय सीमा शुल्क अनुपालन सूचना पोर्टल (CIP) लॉन्च किया है।

मुख्य बिंदु :

  • यह पोर्टल सभी सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और नियामक अनुपालन पर जानकारी तक मुफ्त पहुंच प्रदान करेगा।

  • लगभग 12,000 सीमा शुल्क टैरिफ मदों के लिए सूचना प्रदान की जाएगी।

  • यह सुविधा उपकरण व्यापार के साथ-साथ किसी भी इच्छुक व्यक्ति को सीमा शुल्क और सहयोगी सरकारी एजेंसियों जैसे FSSAI, AQIS, PQIS, ड्रग कंट्रोलर आदि की कानूनी और प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं के बारे में अपडेटेड जानकारी के साथ सशक्त बनाएगा।

  • यह पोर्टल एक क्लिक के साथ सभी वस्तुओं के आयात और निर्यात से संबंधित सभी आवश्यकताओं की पूरी जानकारी भी प्रदान करेगा। सीमा शुल्क टैरिफ के तहत आने वाली वस्तुओं के लिए जानकारी प्रदान की जाएगी। इसलिए, यह सीमा पार व्यापार करने में आसानी में सुधार करने में मदद करेगा।

  • CIP एक अखिल भारतीय मानचित्र है जो सभी सीमा शुल्क बंदरगाहों, हवाई अड्डों, भूमि सीमा शुल्क स्टेशनों आदि को दिखाता है।

  • इस पोर्टल में नियामक एजेंसियों और उनकी वेबसाइटों के पते भी शामिल हैं।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड : CBIC भारत की सबसे पुरानी नोडल राष्ट्रीय एजेंसी है जो सीमा शुल्क, जीएसटी, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर और नारकोटिक्स का प्रबंधन करती है। यह 1855 में भारत के तत्कालीन ब्रिटिश गवर्नर जनरल द्वारा सीमा शुल्क कानूनों को प्रशासित करने और आयात शुल्क या भूमि राजस्व एकत्र करने के लिए स्थापित की गयी थी।


2. सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति वी एम कनाडे मुंबई लोकायुक्त नियुक्त

महाराष्ट्र (Maharashtra) के राज्यपाल, भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की सलाह पर, बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay high court) के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी एम कनाडे (V M Kanade) को महाराष्ट्र के नए लोकायुक्त (Lokayukta) के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।

महाराष्ट्र (Maharashtra) लगभग एक साल तक पूर्णकालिक लोकायुक्त के बिना था। पिछले लोकायुक्त, (सेवानिवृत्त) न्यायमूर्ति एम एल तहलियानी (M L Tahaliyani) ने अगस्त 2020 में अपना कार्यकाल पूरा किया था।

लोकायुक्त (Lokayukta) भ्रष्टाचार रोधी लोकपाल है। नागरिक किसी भी सरकारी अधिकारी (government official) या निर्वाचित प्रतिनिधि (elected representative) के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे लोकायुक्त (Lokayukta) को कर सकते हैं, जिन्हें शीघ्र निवारण का काम सौंपा जाता है।

लोकायुक्त (Lokayukta) एक प्रहरी की तरह काम करता है और भ्रष्टाचार (corruption) के खिलाफ लड़ने और पारदर्शिता (transparency) लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लगभग एक साल से लोकायुक्त (Lokayukta) नहीं था और इससे पता चलता है कि सरकार पारदर्शिता (transparency) को प्रोत्साहित करने के लिए उत्सुक नहीं है।

लोकायुक्त पद सरकार पर नजर रखने के लिए महत्वपूर्ण है और 2015 और 2020 के बीच आदमी के लिए एक सहारा बन गया है।


3. प्रधानमंत्री मोदी ने मुक्त व्यापार पर ऑस्ट्रेलियाई विशेष दूत से मुलाकात की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त, 2021 को पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट (Tony Abbott) से मुलाकात की।

मुख्य बिंदु :

  • दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी (India-Australia Comprehensive Strategic Partnership) की पूरी क्षमता को साकार करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

  • उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बेहतर आर्थिक सहयोग से दोनों देशों को कोविड-19 महामारी से उत्पन्न आर्थिक समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलेगी।

  • उन्होंने स्थिर और समृद्ध हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के अपने पारस्परिक दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला।

पृष्ठभूमि : 4 जून, 2020 को आयोजित पीएम मोदी और मॉरिसन के बीच एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पेश किया गया था। इस बैठक के दौरान, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आपसी लाभ के लिए विस्तारित व्यापार और निवेश प्रवाह को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की। वे द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (Comprehensive Economic Cooperation Agreement – CECA) पर फिर से शामिल होने पर भी सहमत हुए।

व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच CECA के लिए बातचीत 2001 में शुरू हुई थी। CECA के साथ, भारत की अब दुनिया की 12वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक बेहतर पहुंच है। इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया को भारत के आधे निर्यात को कड़े टैरिफ का सामना करना पड़ता था। CECA के साथ, भारतीय व्यवसाय ऑस्ट्रेलिया के अन्य मुक्त व्यापार समझौते भागीदारों के समान स्तर पर आ गए हैं। यह समझौता भारत को ऑस्ट्रेलिया से निवेश में सुधार करने में मदद कर रहा है।


4. कुमार मंगलम बिड़ला ने Vi के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष पद को छोड़ा

आदित्य बिड़ला समूह (Aditya Birla Group) के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla) ने वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea - now Vi) बोर्ड के गैर-कार्यकारी निदेशक (Non-Executive Director) और गैर-कार्यकारी अध्यक्ष (Non-Executive Chairman) के रूप में पद छोड़ दिया है।

वीआई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Vi Board of Directors) ने सर्वसम्मति से हिमांशु कपानिया (Himanshu Kapania), वर्तमान में एक गैर-कार्यकारी निदेशक को गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में चुना है।

कपानिया (Kapania), आदित्य बिड़ला समूह (Aditya Birla Group) के नामांकित व्यक्ति, 25 वर्षों के अनुभव के साथ एक दूरसंचार उद्योग के दिग्गज हैं। उन्होंने दो साल के लिए ग्लोबल जीएसएमए बोर्ड (Global GSMA Board) में भी काम किया है और दो साल के लिए सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Cellular Operators Association of India - COAI) के अध्यक्ष भी रहे हैं।

वह वर्तमान में दूरसंचार (Telecom), इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) और डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) पर फिक्की परिषद (FICCI Council) के अध्यक्ष हैं।


5. बक्सर में विकेंद्रीकृत बायोमेडिकल वेस्ट इंसिनरेटर का उद्घाटन किया गया

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजय राघवन ने बिहार के बक्सर में एक विकेन्द्रीकृत जैव चिकित्सा अपशिष्ट भस्मक (Decentralized Biomedical Waste Incinerator) का वर्चुअली उद्घाटन किया।

मुख्य बिंदु :

  • यह तकनीक गणेश इंजीनियरिंग वर्क्स द्वारा विकसित की गई थी।

  • इसे बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट इनोवेशन चैलेंज (Biomedical Waste Treatment Innovation Challenge) के माध्यम से चुना गया था जिसे जून 2020 में लॉन्च किया गया था।

  • इसे वेस्ट टू वेल्थ मिशन (Waste to Wealth Mission) के तहत आयोजित इनोवेशन चैलेंज के तहत विकसित किया गया था।

विकेन्द्रीकृत जैव चिकित्सा अपशिष्ट भस्मक : विकेन्द्रीकृत जैव चिकित्सा अपशिष्ट भस्मक एक पोर्टेबल इंसिनरेटर है जो प्रति घंटे कपास, प्लास्टिक या इसी तरह की सामग्री से बने 50 किलोग्राम बायोमेडिकल कचरे को हैंडल करने की क्षमता रखता है। इस प्रकार, यह प्रति बैच 5 किलो कचरे को हैंडल कर सकता है। इसमें वेस्ट हीट रिकवरी का भी प्रावधान है। इस यूनिट को कचरे के प्रारंभिक प्रज्वलन के लिए दो वर्ग मीटर क्षेत्र और 0.6 kWh बिजली की आवश्यकता होती है।

वेस्ट टू वेल्थ मिशन : यह मिशन प्रधानमंत्री के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (PM-STIAC) के नौ वैज्ञानिक मिशनों में से एक है। इसका नेतृत्व भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा किया जाता है।


6. Swiggy फ़ूड डिलीवरी के लिए लांच करेगी ई-साइकिल

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) हैदराबाद में हीरो लेक्ट्रो कार्गो (HLC) के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक-साइकिल (ई-साइकिल) लॉन्च कर रहा है।

मुख्य बिंदु :

  • इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत अगस्त, 2021 में ही ई-साइकिल शुरू की जाएगी।

  • हीरो लेक्ट्रो कार्गो (HLC) से ई-साइकिल लास्ट माइल फूड डिलीवरी के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

स्विगी की प्रतिबद्धता : यह पहल स्विगी की अपने डिलीवरी बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की प्रतिबद्धता के मुताबिक शुरू की गई है। इस कदम से राइडर्स की कमाई में भी बढ़ोतरी होगी क्योंकि इन इलेक्ट्रिक साइकिलों से मेंटेनेंस और वाहन चलाने की लागत कम होगी। यह परियोजना ईंधन की बढ़ती कीमतों की पृष्ठभूमि में शुरू की जा रही है। स्विगी का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों (या ई-साइकिल) का उपयोग करके प्रतिदिन 8 लाख किलोमीटर से अधिक की डिलीवरी को कवर करना है।

ई-साइकिल का महत्व : ये ई-साइकिल सस्ती हैं और कंपनी को अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में सक्षम बनाती हैं। यह डिलीवरी पार्टनर्स के लिए प्रति किमी डिलीवरी की लागत को भी कम करेगी।

स्विगी : स्विगी भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग और डिलीवरी प्लेटफॉर्म है। इसकी स्थापना 2014 में हुई थी। यह बैंगलोर में बेस्ड है। यह प्लेटफॉर्म 100 से ज्यादा भारतीय शहरों में काम करता है। स्विगी ने 2019 की शुरुआत में स्विगी स्टोर्स के नाम से सामान्य उत्पाद वितरण (general product deliveries) में भी विस्तार किया। इसने सितंबर 2019 में इंस्टेंट पिकअप/ड्रॉपऑफ़ सेवा स्विगी गो भी लॉन्च की। इस सेवा का उपयोग विभिन्न वस्तुओं जैसे लॉन्ड्री और दस्तावेज़ या व्यावसायिक ग्राहकों और खुदरा ग्राहकों को पार्सल डिलीवरी के लिए किया जाता है।


7. भारत और विश्व बैंक ने हस्ताक्षर किए $250 मिलियन की परियोजना पर

विश्व बैंक (World Bank) ने दीर्घकालिक बांध सुरक्षा कार्यक्रम (long-term dam safety program) और भारत के विभिन्न राज्यों में मौजूदा बांधों की सुरक्षा (safety) और प्रदर्शन (performance) में सुधार के लिए भारत में 250 मिलियन अमरीकी डालर की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

दूसरा बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (Dam Rehabilitation and Improvement Project- DRIP-2) समझौता विश्व बैंक (World Bank), भारत सरकार (Government of India), केंद्रीय जल आयोग (Central Water Commission) और 10 भाग लेने वाले राज्यों के सरकारी प्रतिनिधियों के बीच हुआ था। इस परियोजना को केंद्रीय जल आयोग (Central Water Commission - CWC) के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाएगा।


8. RBI ने हेवलेट-पैकार्ड फाइनेंशियल सर्विसेज पर लगाया 6 लाख रुपये का जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) ने बेंगलुरु (Bengaluru) स्थित हेवलेट-पैकार्ड फाइनेंशियल सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (Hewlett-Packard Financial Services India Private Ltd) पर 6 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना (monetary penalty) लगाया है।

RBI ने कहा 31 मार्च 2019 को अपनी वित्तीय स्थिति (financial position) के संबंध में कंपनी के वैधानिक निरीक्षण (statutory inspection) में अन्य बातों के साथ-साथ, (i) बड़े क्रेडिट पर सूचना के केंद्रीय भंडार को क्रेडिट जानकारी (Central Repository of Information on Large Credits) प्रस्तुत करने और (ii) क्रेडिट सूचना कंपनियों (credit Information Companies) को क्रेडिट डेटा प्रस्तुत करने पर सांविधिक निर्देशों का अनुपालन न करने का खुलासा किया।

उपरोक्त निर्देशों का पालन करने में कंपनी की विफलता को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम (Reserve Bank of India Act), 1934 और क्रेडिट सूचना कंपनी (विनियमन) अधिनियम {Credit Information Companies (Regulation) Act}, 2005 के प्रावधानों के तहत इसमें निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरबीआई द्वारा जुर्माना लगाया गया है।


9. ISRO लांच करेगा पृथ्वी अवलोकन उपग्रह

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation – ISRO) 12 अगस्त को एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह लॉन्च (Earth Observation Satellite) करने जा रहा है। इस उपग्रह को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा।

मुख्य बिंदु :

  • EOS-03 नामक उपग्रह को GSLV-F10 की 14वीं उड़ान में ले जाया जाएगा।