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8th & 9th November | Current Affairs | MB Books


1. जो बिडेन बने 46वें अमेरिकी राष्ट्रपति

7 नवंबर, 2020 को जो बिडेन को अमेरिकी चुनाव, 2020 का विजेता घोषित किया गया। वह डोनाल्ड ट्रम्प को हराने के बाद संयुक्त राज्य के 46वें राष्ट्रपति बन जाएंगे। वह व्हाइट हाउस के लिए चुने जाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति भी बन गए हैं।

जो बिडेन

वे 2009 से 2017 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें उप-राष्ट्रपति रहे हैं। वह 1973 से 2009 तक डेलावेयर से अमेरिकी सीनेटर भी रहे। 1988 से 2008 तक वह राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के रूप में भाग लिया।

भारत पर जो बिडेन के विचार

जब बिडेन ओबामा प्रशासन में उपराष्ट्रपति थे, तब उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2006 में उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि उनका प्राथमिक सपना 2020 में भारत के साथ मज़बूत रिश्ते स्थापित करना है। जब जो बिडेन सीनेटर थे, ओबामा ने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते का समर्थन करने में संकोच किया, लेकिन बिडेन ने खुले तौर पर इस सौदे के लिए अपने समर्थन की घोषणा की थी। उन्होंने इस सौदे की मंजूरी के लिए डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स के साथ काम किया।

भारत-अमेरिका रक्षा संबंध पर बिडेन के विचार

ओबामा-बिडेन प्रशासन ने भारत को प्रमुख रक्षा साझेदार का दर्जा दिया था। इस स्थिति ने भारत और अमेरिका के लिए उन्नत और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को साझा करना आसान बना दिया था। इसने भारतीय रक्षा प्रणाली को काफी हद तक मजबूत करने का मार्ग का प्रशासन किया था। इसके अलावा, 2016 में, भारत और अमेरिका ने लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते से गहरे सैन्य सहयोग को बल मिला।

भारतीयों के लिए आप्रवासन और वीजा पर बिडेन के विचार

ट्रम्प प्रशासन के दौरान भारत आव्रजन और वीजा नीतियों के बारे में अत्यधिक चिंतित था। बिडेन ने चुनाव अभियान के दौरान कार्य आधारित आव्रजन के लिए पेश किए जाने वाले वीजा की संख्या बढ़ाने का वादा किया था। उन्होंने अस्थायी वीजा प्रणाली में सुधार और परिवार आधारित आव्रजन का समर्थन करने का भी वादा किया है।

सीएए और एनआरसी पर बिडेन

नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिजन्स और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के प्रति भारत के कदमों पर बिडेन ने निराशा व्यक्त की थी।


2. कमला हैरिस चुनी गईं अमेरिकी उपराष्ट्रपति

कमला हैरिस (Kamala Harris) ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति चुनाव जीत अपने नाम कई रिकॉर्ड कर लिए हैं। वे ऐसा करने वाली पहली महिला, पहली अश्वेत अमेरिकी और पहली एशियाई अमेरिकी बन गई हैं। गौरतलब है कि 77 साल के जो बिडेन (Joe Biden) अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। बिडेन के दूसरे कार्यकाल की उम्मीद नहीं है, इसलिए 56 वर्षीय कमला हैरिस 2024 में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हो सकती हैं।

बता दें कि कमला हैरिस के माता और पिता भारत और जमैका से आए थे कमला ने अपनी पार्टी की ओर से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन किया था और पार्टी के दूसरे उम्मीदवारों बिडेन और अन्य का मुकाबला किया था हालांकि वे पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो गईं थीं

डेमोक्रेट नामांकन के लिए दौड़ के बाद, बिडेन ने अगस्त में कमला का नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए सुझाया था कैलिफोर्निया की अमेरिकी सीनेटर ने अपने करियर में कई प्रथम स्थान हासिल किए हैं उन्होंने सैन फ्रांसिस्को की पहली महिला जिला अटॉर्नी के रूप में कार्य किया और कैलिफोर्निया की पहली महिला थीं, जिन्हें अटॉर्नी जनरल चुना गया

सीनेट की सुनवाई में अटॉर्नी जनरल विलियम बर्र और तत्कालीन सुप्रीम कोर्ट के नॉमिनी ब्रेट कवानुआग से पूछताछ के बाद वह 2017 में छाईं रहींसीनेट की सुनवाई के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प से उनकी तीखी पूछताछ भी देखी गई सीनेट की एकमात्र अश्वेत महिला के रूप में, वह मई में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद नस्लीय न्याय और पुलिस सुधार पर एक अग्रणी आवाज बनकर उभरी

आरोप है कि कमला हैरिस ने पुलिस गोलीबारी और गलत सजा के मामलों की जांच करने के लिए पर्याप्त काम नहीं किया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अक्सर कमला हैरिस पर कठोर वामपंथ का हिस्सा होने का आरोप लगाया है उन्होंने यह भी दावा किया है कि बिडेन की जीत का मतलब है कि एक महीने में राष्ट्रपति के रूप में हैरिस बिडेन की जगह ले लेंगी

लेकिन कमला हैरिस बिडेन की टीम में एक लो प्रोफाइल के साथ खुश हैं वे अक्सर ये बात करते नजर आईं कि बिडेन देश के लिए क्या करेंगें बता दें कि हैरिस ने वकील डगलस एहमॉफ से शादी की उनके दो बच्चे हैं हैरिस का जन्म 20 अक्टूबर 1964 को कैलिफोर्निया के ओकलैंड में हुआ था उनकी मां श्यामला गोपालन, एक कैंसर जीवविज्ञानी, तमिलनाडु से अमेरिका आईं थीं और उनके पिता, डोनाल्ड जे हैरिस, एक अर्थशास्त्री, थे जो जमैका से अमेरिका आए थे

3. डेनमार्क की सरकार ने डेढ़ करोड़ मिंक को मारने का दिया आदेश

दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर से बढ़ने लगा है। इसी बीच डेनमार्क की सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। डेनमार्क की सरकार ने देश में प्रत्येक मिंक को मारने का फैसला किया है ताकि मनुष्यों में उत्परिवर्तित कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके।

यूरोप में कोरोना की लहर को देखते हुए इटली, स्पेन, ब्रिटेन समेत कई देशों ने फिर से पाबंदियां लगा दी हैं, जबकि कई अन्य देश भी लॉकडाउन की ओर अग्रसर हैं। कोरोना की सुरक्षित और कारगर वैक्सीन आने में अभी देर है और तबतक इस महामारी पर नियंत्रण के अन्य एहतियात और उपाय अपनाए जाने की जरूरत है।

मिंक को मारने का आदेश क्यों लिया गया?

डेनमार्क के स्वास्थ्य अधिकारियों को मिंक पालने वाले फार्म में ऐसे वायरस मिले हैं जो बीमारियों से लड़ने की क्षमता को कम कर देते हैं। यही वजह है कि डेनमार्क की सरकार ने डेढ़ करोड़ मिंक को मारने का आदेश दिया है।

डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने 04 नवंबर 2020 को बताया कि यह निर्णय भारी मन से लिया गया है, क्योंकि स्वास्थ्य अधिकारियों की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाना जरूरी था। प्रधानमंत्री फ्रेडरिकसेन ने बताया की जानलेवा कोरोना वायरस ने मिंक में उत्परिवर्तित कर गया है, जिससे वायरस का म्युटेड फॉर्म मनुष्यों में फैल गया है।

डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने मनुष्यों और चूहों में कोरोना वायरस के कुछ लक्षणों को पाया है, जो एंटीबॉडी के प्रति संवेदनशीलता में कमी दिखाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ माइक रेयान ने कहा कि इंसानों की पूर्ण पैमाने पर वैज्ञानिक जांच के लिए बुलाया गया है। चीन में कोरोना से संक्रमित चूहों से यह वायरस मनुष्यों में जाने की बात कही।

डेनमार्क में 1.5 करोड़ से 1.7 करोड़ मिंक

डेनमार्क सरकार के अनुसार, वायरस को फैलने देने से यह भविष्य के संभावित टीकों की प्रभावशीलता को सीमित कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार डेनमार्क में 1.5 करोड़ से 1.7 करोड़ मिंक हैं। जून से संक्रमित जानवरों को मारने की बार-बार कोशिशों के बावजूद देश के मिंक फॉर्म्स में कोरोनो का प्रकोप जारी है। मिंक को नीदरलैंड्स और स्पेन में भी खत्म किया गया था, क्योंकि वहां संक्रमण पाया गया था।


4. सेबी ने म्यूचुअल फंड की मौजूदा ओवरसीज इन्वेस्टमेंट लिमिट में की बढ़ोतरी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India-SEBI) ने म्यूचुअल फंड कंपनियों में विदेशी निवेश की वर्तमान निवेश सीमा को बढ़ा दिया है।

इसके बाद म्यूचुअल फंड विदेशी निवेश में अधिकतम यूएस 7 बिलियन डॉलर की कुल सीमा के भीतर 600 मिलियन डॉलर प्रति म्यूचुअल फंड के अधीन कर सकते हैं, जो सीमा इससे पहले 300 मिलियन अमरीकी डालर थी।

म्यूचुअल फंड विदेशी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कुल उद्योग सीमा के भीतर अधिकतम 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति म्यूचुअल फंड के अधीन निवेश कर सकते हैं, जो पहले 50 करोड़ रुपये थी।


5. बांग्लादेश में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए खुला पहला मदरसा

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के लिए एक मदरसा खोला गया है। इसे मुस्लिम बहुल देश में इस समुदाय के लिए उठाया गया अपनी तरह का अनूठा कदम माना जा रहा है। वेबसाइट बीडीन्यूज24डॉटकॉम की एक खबर के मुताबिक, किसी भी उम्र के 100 से अधिक छात्र गैर आवासीय इस्लामिक स्कूल ‘दावतुल कुरान थर्ड जेंडर मदरसा’में पढ़ सकते हैं। यह मदरसा कामरंगिरचार में लोहार ब्रिज ढाल इलाके में स्थित है। शुक्रवार को मदरसे का उद्घाटन हुआ जिसमें 40 ट्रांसजेंडर शामिल हुए। इस्लामिक शिक्षा के अलावा मदरसा अधिकारी समुदाय के लोगों के लिए अलग से तकनीकी शिक्षा विभाग भी खोलने की योजना बना रहे हैं। वेबसाइट ने अपनी खबर में मदरसे के 10 में से एक प्रशिक्षक अब्दुल अजीज हुसैनी के हवाले से कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए यादगार दिन है, क्योंकि ट्रांसजेंडर के लिए पहले ज्ञात इस्लामिक स्कूल की शुरुआत हुई है।


6. मणिपुर के ज्ञानेंद्रो निंगोबम बने हॉकी इंडिया के नए अध्यक्ष

मणिपुर के ज्ञानेंद्रो निंगोम्बम (Gyanendro Ningombam) को निर्विरोध हॉकी इंडिया का अध्यक्ष चुना गया था, जबकि पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक अहमद वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुने जाने के बाद हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड में फिर शामिल हो गए हैं।

इससे पहले, ज्ञानेंद्रो निंगोबम जुलाई 2020 से हॉकी इंडिया के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं।

निर्विरोध चुने के बाद ज्ञानेंद्र पूर्वोत्तर भारत से हॉकी इंडिया का नेतृत्व करने वाले अध्यक्ष राष्ट्रपति बन गए है। वह दो साल के लिए राष्ट्रीय महासंघ के प्रमुख के रूप में काम करेंगे।

ज्ञानेंद्र पिछले 40 वर्षों से मणिपुर में हॉकी के अनुशासन से जुड़े हैं, और फेडरेशन जमीनी स्तर पर उनके काम से प्रभावित हैं।

वह हॉकी इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मणिपुर हॉकी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मणिपुर हॉकी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रह चुके है। उन्होंने मणिपुर में एक दैनिक संध्या पत्र मीयम के संपादक के रूप में भी काम किया है।


7. प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में 614 करोड़ की 30 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 09 नवंबर 2020 को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 614 करोड़ रुपये की 30 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में किये गये कृषि सुधारों का सीधा लाभ किसानों को मिलने वाला है और इन सुधारों के जरिए अन्नदाताओं की कड़ी मेहनत से होने वाले लाभों का बड़ा हिस्सा हड़प जाने वाले बिचौलियों को सिस्टम से दूर किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्मार्ट काशी की नींव रखी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि काशी में जो भी हो रहा है वो बाबा विश्वनाथ की कृपा से हो रहा है। प्रधानमंत्री ने एक फिर लोगों से दिवाली के मौके पर स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका प्रयास काशी के हर व्यक्ति की भावनाओं के अनुरूप ही विकास के पहिये को आगे बढ़ाना है।

छह साल में वाराणसी में विभिन्न क्षेत्रों में विकास

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह साल में वाराणसी में विभिन्न क्षेत्रों में विकास के कई काम हुए हैं जिससे इस ऐतिहासिक नगरी को नयी पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में बनारस में अभूतपूर्व काम हुआ है और अब वह पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र बनता जा रहा है।

बनारस में बढ़ रही सैलानियों की संख्या

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले बनारस में हर दिन 12 फ्लाइट चलती थी, आज इनकी संख्या यह चार गुना बढ़कर 48 हो गई है। बनारस में सुविधाएं बढ़ती देख बनारस आने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। बनारस में तैयार हो रहा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर यहां रहने वाले और आने वाले लोगों का जीवन आसान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क के साथ जलमार्ग के संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में बनारस आज एक ‘मॉडल' बन रहा है।

इन योजनाओं का हुआ उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें सारनाथ लाइट एंड साउंड शो, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर का उन्नयन, सीवरेज संबंधित कार्य, गायों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बुनियादी ढांचागत सुविधाओं का प्रबंध, बहुउद्देशीय बीज भंडार गृह, 100 मीट्रिक टन कृषि उपज क्षमता वाले गोदाम, आईपीडीएस चरण-2, संपूर्णानंद स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए एक आवास, वाराणसी शहर के स्मार्ट लाइटिंग कार्य, 105 आंगनवाड़ी केंद्र और 102 गौ आश्रय केंद्र शामिल हैं।

इन योजनाओं का हुआ शिलान्यास

प्रधानमंत्री ने इस दौरान दशाश्वमेध घाट और खिड़किया घाट का पुनर्विकास, पीएसी पुलिस बल के लिए बैरक, काशी के कुछ वार्डों का पुनर्विकास, बनिया बाग में पार्क के पुनर्विकास के साथ पार्किंग सुविधा, गिरिजा देवी संस्कृत शंकुल में बहुउद्देश्यीय हॉल के उन्नयन सहित शहर में सड़कों की मरम्मत और पर्यटन स्थलों के विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया।


8. एयरपोर्ट प्राधिकरण ने NTPC सब्सिडियरी, NVVN के साथ MoU पर किए हस्ताक्षर

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India) ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने और AAI द्वारा प्रबंधित और संचालित हवाई अड्डों पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए NTPC लिमिटेड की एक सहायक कंपनी NTPC विद्युत् व्यापार निगम (NVVN) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

NTPC विद्युत् व्यापार निगम (NVVN) को AAI द्वारा पर्याप्त भूमि और रूफटॉप स्पेस प्रदान किया जाएगा, जो सौर ऊर्जा संयंत्रों को स्थापित करने के लिए AAI हवाई अड्डों की पहचान करेगा।

शुरुआत में, NVVN तमिलनाडु और राजस्थान में हवाई अड्डों पर परियोजनाओं पर काम करना शुरू कर देगा।

तमिलनाडु और राजस्थान के हवाई अड्डों को 100% सौर ऊर्जा संचालित हवाई अड्डे बनने के लिए लगभग क्रमशः 55 मेगावाट और 8 मेगावाट सौर क्षमता की आवश्यकता है ।

इसके अलावा, एएआई और एनवीवीएन संयुक्त रूप से सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढांचे के निर्माण द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और हवाई अड्डों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की पहल का समर्थन करने की दिशा में काम करेंगे।


9. देश के सबसे लंबे भारी वाहन झूला पुल डोबरा-चांठी का लोकार्पण

टिहरी बांध निर्माण के कारण अलग-थलग पड़ गए टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र के लिए बहुप्रतीक्षित झूला पुल डोबरा-चांठी का रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकार्पण किया। लगभग तीन अरब रुपए की लागत से टिहरी बांध की झील पर बना 725 मीटर लंबा झूला पुल देश का सबसे लंबा भारी वाहन झूला पुल है। पुल का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने इसे प्रतापनगर की जनता के लिए राज्य स्थापना दिवस और दीपावली का सबसे बड़ा तोहफा बताया और कहा कि इससे टिहरी तथा उत्तराखंड के लिए विकास का बड़ा द्वार खुल गया है। रावत ने कहा कि टिहरी बांध के कारण प्रतापनगर के लोगों ने बहुत समस्याएं झेली हैं और 14 साल से वे पुल निर्माण की बाट जोह रहे थे। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध से उत्पन्न बिजली और पानी से उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत देश के कई राज्यों को लाभ मिल रहा है लेकिन यह बांध प्रतापनगर के लिए अभिशाप माना जा रहा था। मुख्यमंत्री ने पुल निर्माण में देरी के लिए जनता से माफी भी मांगी और कहा कि भाजपा सरकार ने उनके दुखों को समझते हुए पुल निर्माण पूरा कराया। रावत ने कहा कि उन्होंने टिहरी बांध की झील बनते समय गांवों को डूबते देखा है। कंडल गांव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किस तरह से गांव के लोग अपने मकान, परिसंपत्तियां और खेती को डूबता देख रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डोबरा पुल और 42 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली टिहरी झील पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेंगे तथा भविष्य में लाखों लोगों को रोजगार देंगे। रावत ने कहा कि उन्होंने फिल्म उद्योग को उत्तराखंड में आने का न्योता दिया है और 'बत्ती गुल मीटर चालू' फिल्म से टिहरी का सुंदर फिल्मांकन देश-दुनिया ने देखा है। उन्होंने कहा कि कोटी कॉलोनी की साहसिक खेल अकादमी को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस को संचालन के लिए दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इंटर कॉलेज मांजफ के राजकीयकरण की घोषणा के साथ-साथ चार अरब 73 करोड़ आठ हजार रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं की नीति सहित अपनी सरकार की कई उपलब्धियां गिनाईं। इस मौके पर टिहरी सांसद मालाराज्य लक्ष्मी शाह, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत के अलावा क्षेत्रीय विधायक विजय सिंह पंवार भी मौजूद रहे।


10. वर्चुली आयोजित किया गया भारत-इटली द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन 2020

भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन वर्चुली 6 नवंबर 2020 को आयोजित की गई।

इस शिखर सम्मेलन में प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी और इटली के प्रधान मंत्री प्रो. ग्यूसेप कोंटे शामिल हुए।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक आधार की समीक्षा की और कोविड -19 महामारी सहित आम वैश्विक चुनौतियों से निपटने के सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई।

बैठक में राजनीतिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी, अंतरिक्ष और रक्षा सहयोग सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऊर्जा, मत्स्य पालन, जहाज निर्माण, डिजाइन आदि से संबधित 15 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।


11. PM मोदी ने शुरू की रो-पैक्स सेवा, सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात को होगा बड़ा फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के हजीरा

से घोघा के बीच रो-पैक्स सेवा (Ro-Pax ferry service) को हरी झंडी दिखाई। रो-पैक्स फेरी सर्विस शुरू होने से सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात को बड़ा फायदा होगा।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज घोघा और हजीरा के बीच रोपैक्स फेरी सर्विस शुरू होने से सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात दोनों क्षेत्र के लोगों का वर्षों का इंतजार खत्म हुआ है। हजीरा में आज नए टर्मिनल का भी लोकार्पण किया गया है।

मोदी ने कहा कि इस सेवा से समय तो बचेगा ही आपका खर्च भी कम होगा। इसके अलावा सड़क से ट्रैफिक कम होगा, वो प्रदूषण कम करने में भी मदद करेगा। सालभर में करीब 80 हजार गाड़ियां और करीब 30 हजार ट्रक इस नई सेवा का लाभ ले सकेंगे। इससे पेट्रोल डीजल की भी बचत होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी बात ये है कि गुजरात के एक बड़े व्यापारिक केंद्र के साथ सौराष्ट्र की ये कनेक्टिविटी इस क्षेत्र के जीवन को बदलने वाली है। अब सौराष्ट्र के किसानों और पशुपालकों को सब्जी, फल और दूध को सूरत पहुंचाने में ज्यादा आसानी होगी।

उन्होंने कहा कि आज गुजरात में समुद्री कारोबार से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेसिटी बिल्डिंग पर तेज़ी से काम चल रहा है। जैसे गुजरात मेरीटाइम क्लस्टर, गुजरात समुद्री विश्वविद्यालय, भावनगर में सीएनजी टर्मिनल, ऐसी अनेक सुविधाएं गुजरात में तैयार हो रही हैं।

आज देश भर की समुद्री सीमा में पोर्ट्स की कैपिसिटी को भी बढ़ाया जा रहा है। नए पोर्ट्स का भी तेजी से निर्माण हो रहा है। देश के पास करीब 21 हजार किमी का जो जलमार्ग है, वो अधिक से अधिक कैसे देश के काम आए, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।


12. भारत की तीनों सेनाओं के विशेष बलों ने किया ‘Bull Strike’ अभ्यास

अंडमान और निकोबार कमांड (ANC) ने निकोबार ग्रुप ऑफ आइलैंड्स के टेरेसा आइलैंड में तीन दिवसीय ट्राई-सर्विस कॉम्बैट एक्सरसाइज कोड-नाम "बुल स्ट्राइक" का आयोजन किया गया है।

यह अभ्यास तीनों सेवाओं- थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच अंतर कम करने और तालमेल पर ध्यान केंद्रित किया गया।

इस अभ्यास में भारतीय सेना की पैराशूट ब्रिगेड, MARCOS (मरीन कमांडो फोर्स) और विशेष बलों की टुकड़ी, ANC के तीन सेवाओं के सेनिकों ने हिस्सा लिया।

साथ ही, पैरा कमांडो की एक कंपनी, इंडियन नेवी के MARCOS और भारतीय सेना के स्पेशल हेलिक बॉर्न ऑपरेशंस (SHBO) द्वारा भारतीय सेना शतक प्लाटून द्वारा की गई कार्रवाई में एडवांस एयरलिफ्टर C-130J "सुपर हरक्यूलिस" से मुकाबला फ्री फॉल और पैराड्रॉप शामिल था।

इसके अलावा खोज और बचाव (Search and rescue) और चिकित्सा निकासी प्रक्रियाओं में भाग लेने वाले सैनिकों द्वारा भी अभ्यास किया गया था।


13. राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस : 9 नवम्बर

भारत में प्रत्येक वर्ष 9 नवम्बर को राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, इसका उद्देश्य सभी नागरिकों तक कानूनी सहायता सुनिश्चित करना है तथा समाज के कमज़ोर वर्गों को निशुल्क व कुशल कानूनी सहायता उपलब्ध करवाना है। इस दिवस के द्वारा समाज के वंचित व कमज़ोर वर्ग को कानूनी सहायता के सम्बन्ध में उनके अधिकार के बारे में जागरूक भी किया जाता है।

इस दिवस पर देश भर में लोगों को समानतापूर्वक कानूनी सेवा प्रदान करने के लिए लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर कानूनी साक्षरता के लिए कैंप तथा समारोहों का आयोजन किया जाता है, इसके द्वारा कमज़ोर वर्ग के लिए निशुल्क कानूनी सेवा के के बारे में जागरूकता फैलाने का कार्य भी किया जाता है।

राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस

इस दिवस