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7th April | Current Affairs | MB Books


1. 7 अप्रैल : विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day)

हर साल, 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में उनकी भूमिका के लिए मिडवाइव्स और नर्सों के काम को सम्मानित करने के लिए यह दिन मनाया जाता है।

मुख्य बिंदु : विश्व स्वास्थ्य दिवस को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कई अन्य संगठनों के साथ मनाया जाता है।

इतिहास : डब्ल्यूएचओ (WHO) ने 1948 में पहली विश्व स्वास्थ्य सभा आयोजित की थी। डब्ल्यूएचओ की स्थापना को चिह्नित करने के लिए प्रति वर्ष यह दिवस मनाया जाता है। डब्ल्यूएचओ आधिकारिक तौर पर केवल आठ अभियानों को चिह्नित करता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस उनमें से एक है। अन्य अभियानों में विश्व मलेरिया दिवस, विश्व क्षय रोग दिवस, विश्व टीकाकरण सप्ताह, विश्व तंबाकू निषेध दिवस, विश्व एड्स दिवस, विश्व हेपेटाइटिस दिवस और विश्व रक्तदाता दिवस शामिल है।


2. विश्व बैंक ने मिजोरम में USD 32 मिलियन की परियोजना को दी मंजूरी

विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशकों के बोर्ड ने मिज़ोरम में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रबंधन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए 32 मिलियन अमरीकी डालर की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

“मिजोरम हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंग्थनिंग प्रोजेक्ट” शीर्षक वाली परियोजना मिजोरम स्वास्थ्य विभाग और इसकी सहायक कंपनियों के शासन और प्रबंधन संरचना को मजबूत करेगी।

यह परियोजना गरीबों और कमजोर लोगों और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने के राज्य सरकार के प्रयासों का समर्थन करेगी।


3. Longi Green ने हाइड्रोजन मार्केट में प्रवेश किया

दुनिया की सबसे बड़ी सौर कंपनी लॉन्गी ग्रीन हाइड्रोजन बाजार में प्रवेश करने जा रही है। Longi Green एक चीनी कंपनी है जो सोलर पैनल, वेफर्स और सोलर सेल बनाती है। वर्तमान में कई ऐसी सौर कंपनियां हाइड्रोजन बाजार में प्रवेश कर रही हैं। क्योंकि हाइड्रोजन एक कार्बन-मुक्त ईंधन है जिसे पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा उत्पादित किया जा सकता है और फिर स्टील मिलों को विद्युत जनरेटर के लिए स्टोर किया जाता है।

Longi Green : Longi Green की स्थापना 2000 में हुई थी। Longi Green का मुख्यालय शीआन, चीन में स्थित है। Longi Green ग्रीन के भारत, मलेशिया और चीन में प्लांट हैं। 2019 में, Longi Green भारत में 300 MW मोनोक्रिस्टलाइन PV उत्पादों को लाया।

भारत में हाइड्रोजन बाजार (Hydrogen Market in India) : भारत में हाइड्रोजन बाजार का मूल्य 50 मिलियन अमरीकी डॉलर है। इसके 2025 तक 81 मिलियन अमरीकी डालर तक पहुंचने का अनुमान है। भारत में, हाइड्रोजन रिफाइनिंग उद्योग में हाइड्रोजन का प्रमुख उपयोग होता है। यहां, कच्चे तेल को परिष्कृत करने के लिए हाइड्रोजन का उपयोग किया जाता है।

यद्यपि भारत स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ रहा है, उच्च परिवहन और उच्च भंडारण लागत देश में हाइड्रोजन बाजार के विकास में बाधा है। हालांकि, उभरते तरल कार्बनिक हाइड्रोजन वाहक प्रौद्योगिकियां (LOHC) हाइड्रोजन के भंडारण और परिवहन को आसान बनाएगी।

तरल कार्बनिक हाइड्रोजन वाहक (Liquid Organic Hydrogen Carriers – LOHC) : वे कार्बनिक यौगिक हैं जो रासायनिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से हाइड्रोजन को अवशोषित करते और छोड़ते हैं। इस प्रकार, LOHCs हाइड्रोजन भंडारण और परिवहन के लिए आदर्श हैं।

2020 में, जापान ने LOHC का उपयोग करके दुनिया में पहली अंतर्राष्ट्रीय हाइड्रोजन आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण किया था।


4. विश्व बैंक, AIIB ने पंजाब को USD 300 मिलियन के ऋण को दी मंजूरी

विश्व बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) ने पंजाब में 300 मिलियन अमरीकी डालर (लगभग 2,190 करोड़ रुपये) की नहर-आधारित पेयजल परियोजनाओं के लिए ऋण को मंजूरी दी है। परियोजना का उद्देश्य पीने के पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा अमृतसर और लुधियाना के लिए पानी के नुकसान को कम करना है।

संपूर्ण परियोजना को IBRD (विश्व बैंक) - USD 105 मिलियन, एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक - USD 105 मिलियन और पंजाब सरकार - USD 90 मिलियन द्वारा सह-वित्तपोषित किया जाएगा।


5. IMF ने 2021 में भारत की वृद्धि दर 12.5% पर पहुंचने का लगाया अनुमान

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने मंगलवार को 2021 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर (Economic Growth Rate) तेजी से बढ़कर 12.5 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान लगाया है। यह वृद्धि दर चीन के मुकाबले भी अधिक होगी। हालांकि, चीन एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था रहा है, जिसकी वृद्धि दर 2020 में महामारी के दौरान भी सकारात्मक रही। आईएमएफ (IMF) ने अपने सालाना वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कहा कि 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत के आसपास आ जाएगी। मुद्रा कोष ने विश्वबैंक के साथ होने वाली सालाना बैठक से पहले यह रिपोर्ट जारी की है।

मुद्राकोष ने कहा कि 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकार्ड 8 प्रतिशत की गिरावट आयी। लेकिन इस साल वृद्धि दर 12.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो काफी बेहतर है। वहीं चीन की वृद्धि दर 2021 में 8.6 प्रतिशत तथा 2022 में 5.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। चीन की पिछले साल वृद्धि दर 2.3 प्रतिशत रही और वह कोविड-19 महामारी के दौरान भी सकारात्मक आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने वाला दुनिया का एकमात्र बड़ा देश रहा है। आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा, ‘‘हम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिये पूर्व के अनुमान के मुकाबले मजबूत पुनरूद्धार की उम्मीद कर रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2021 में 6 प्रतिशत और 2022 में 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।'' पिछले साल यानी 2020 में विश्व अर्थव्यवस्था में 3.3 प्रतिशत की गिरावट आयी। उन्होंने रिपोर्ट की भूमिका में लिखा है, ‘‘हालांकि जो परिदृश्य है, उसमें पुनरूद्धार को लेकर विभिन्न देशों और देशों के भीतर जो गति है, वह अलग-अलग है। साथ ही संकट के कारण आर्थिक नुकसान को लेकर जोखिम अभी बना हुआ है। इससे हमारे सामने बड़ी चुनौतियां हैं।''


6. शब्बीर खंडवाला बने BCCI ACU प्रमुख

शब्बीर हुसैन शेखामंद खंडवाला (Shabir Hussein Shekhadam Khandwawala) BCCI भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के नए प्रमुख बन गए हैं, इससे पहले वह गुजरात के पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में कार्य कर चुके हैं।

​वह 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी 70 वर्षीय, अजीत सिंह से पदभार ग्रहण करेंगे, जिनका कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो गया था।

2010 के अंत में गुजरात डीजीपी के रूप में सेवानिवृत्त होने के बाद, खंडवाला ने एस्सार समूह के साथ सलाहकार के रूप में काम किया और केंद्र सरकार की लोकपाल खोज समिति का भी हिस्सा थे।


7. RBI के डिप्टी गवर्नर बीपी कानूनगो हुए रिटायर

बीपी कानूनगो (BP Kanungo) ने अपने कार्यकाल के विस्तार की सभी अपेक्षाओं को कम करते हुए 2 अप्रैल को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर का पद त्याग दिया है। उन्हें 2017 में तीन साल के लिए डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल को 2020 में एक और वर्ष बढ़ाया गया था। RBI के अन्य डिप्टी गवर्नर राजेश्वर राव, एम.के. जैन और माइकल पात्रा हैं।


8. फोर्ब्स ने जारी की साल 2021 के सबसे अमीर लोगों की सूची

फोर्ब्स ने विश्वभर में साल 2021 के लिए सबसे अमीर लोगों की सूची जारी की है। इस लिस्ट के अनुसार दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस संक्रमण के बावजूद यह साल अरबपतियों के लिए काफी खास रहा है। इस साल विश्व के सबसे धनी व्यक्तियों ने अपनी संपत्ती में 5 ट्रिलियन डॉलर की बढ़त बनाई है।

भारत के मुकेश अंबानी फिर से एशिया के सबसे अमीर शख्‍स बने हैं। जबकि, वे दुनिया के 10वें सबसे धनी व्‍यक्ति हैं। भारत के 10 सबसे दौलतमंद लोगों की सूची में अंबानी पहले और अडानी दूसरे नंबर पर हैं। वहीं, अमेजन के मालिक जेफ बेजोस दुनिया के सबसे धनी शख्‍स हैं।

जेफ बेजोस को पहला स्थान मिला : फोर्ब्स की 35 वीं सूची में अमेजन के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ बेजोस लगातार चौथे साल विश्व के सबसे अमीर व्यक्ति बने हैं। लिस्ट के अनुसार जेफ बेजोस के पास 177 बिलियन डॉलर की संपत्ती है।

दूसरे स्थान पर एलन मस्क : विश्व के सबसे अमीर लोगों की इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर एलन मस्क का नाम है। टेस्ला के शेयरों में 705 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के कारण ही वह 151 बिलियन डॉलर के साथ दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी बने हैं।

तीसरे स्थान पर : वहीं इस सूची में तीसरे स्थान पर फ्रांसीसी लक्जरी सामान टाइकून बर्नार्ड अर्नाल्ट बने हुए हैं। LVMH के शेयरों में 86 प्रतिशत की वृद्धि के कारण उनकी संपत्ती में लगभग दोगुना उछाल देखा गया है।

चौथे स्थान पर बिल गेट्स : इस सूची में चौथे स्थान पर बिल गेट्स हैं। बिल गेट्स के पास 124 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ती है। बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट, कनाडाई नेशनल रेलवे और ट्रैक्टर निर्माता डीरे एंड कंपनी के शेयरों के मालिक हैं।

पांचवें स्थान पर मार्क जुकरबर्ग : इस सूची में पांचवें स्थान पर फेसबूक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग का नाम शुमार है। इस साल उनकी संपत्ती में 80 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी गई है। उनकी संपत्ती 97 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। फिलहाल इस लिस्ट में छठे स्थान पर 96 बिलियन डॉलर की संपत्ती के साथ वॉरेन बफेट का नाम है।

लैरी पेज आंठवें स्थान पर : इस बार लैरी एलिसन को 93 बिलियन डॉलर के साथ सांतवा स्थान मिला है। वहीं गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज (लॉरेंस एडवर्ड पेज) ने 91.5 बिलियन डॉलर के साथ आंठवें स्थान पर है। वहीं अमेरिकन कंप्यूटर साइंटिस्ट और लैरी पेज के साथ गूगल के दूसरे सह-संस्थापक सर्गी ब्रिन इस लिस्ट में 89 बिलियन डॉलर के साथ नौंवे स्थान पर हैं।

दसवें स्‍थान पर मुकेश अंबानी : इस सूची में दसवें स्‍थान पर 84.5 अरब डॉलर की दौलत के साथ भारत के मुकेश अंबानी हैं। भारत के 10 सबसे अमीर लोगों की सूची में मुकेश अंबानी पहले स्‍थान पर हैं। 84.5 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ वे एशिया के भी सबसे अमीर शख्‍स हैं।

अडानी 24वें नंबर पर : भारत के अमीरों में दूसरे नंबर पर अडानी ग्रुप के गौतम अडानी हैं। उनके पास 50.5 अरब डॉलर की संपत्ती है। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में अडानी 24वें नंबर पर हैं।

भारत के अरबपतियों में शामिल : भारत के 10 अमीरों की सूची में तीसरे स्‍थान पर शिव नाडर हैं। उनकी नेटवर्थ 23.5 अरब डॉलर है। चौथे स्‍थान पर 16.5 अरब डॉलर के साथ राधाकृष्‍ण दमानी हैं। पांचवें स्‍थान पर 15.9 अरब डॉलर के साथ उदय कोटक, छठे स्‍थान पर 14.9 अरब डॉलर के साथ लक्ष्‍मी मित्‍तल हैं।

वहीं, सातवें नंबर पर 12.8 अरब डॉलर के साथ कुमार मंगलम बिड़ला, आठवें नंबर पर 12.7 अरब डॉलर के साथ साइरस पूनावाला, नवें स्‍थान पर 10.9 अरब डॉलर के साथ दिलीप सांगवी और दसवें स्‍थान पर 10.5 अरब डॉलर के साथ सुनील मित्‍तल हैं।


9. सुमन चक्रवर्ती को मिलेगा वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए 30वां जीडी बिड़ला पुरस्कार

प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती (Suman Chakraborty) को इंजीनियरिंग विज्ञान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए 30वें जीडी बिड़ला पुरस्कार और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विकासशील प्रौद्योगिकियों में इसके अनुप्रयोगों के लिए चुना गया है। ​वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में एक संकाय सदस्य हैं।

1991 में स्थापित, यह पुरस्कार विज्ञान या प्रौद्योगिकी की किसी भी शाखा में उनके मूल और उत्कृष्ट योगदान के लिए 50 वर्ष से कम आयु के प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिकों को मान्यता देता है। इस पुरस्कार में 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है। प्राप्तकर्ता को एक चयन बोर्ड द्वारा चुना जाता है, जिसके वर्तमान अध्यक्ष भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) के अध्यक्ष प्रोफेसर चंद्रिमा शाह (Chandrima Shaha) हैं।


10. मलयालम पटकथा लेखक पी. बालचंद्रन का निधन

मलयालम पटकथा लेखक, फिल्म निर्माता, नाटककार और अभिनेता, पी. बालाचंद्रन (P. Balachandran) का निधन हो गया है। वे पावम उस्मान (Paavam Usman) नाटक से लोकप्रिय हुए थे जिसके लिए उन्होंने वर्ष 1989 में केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार और केरल व्यावसायिक नाटक पुरस्कार जीता था।

बालाचंद्रन ने उल्लादक्कम (1991), पवित्रम (1994), अग्निदेवन (1995), पुनाराधीवसम (2000) और कम्मट्टी पाडम (2016) सहित कई फिल्में लिखी हैं। उन्होंने इवान मेघरूपन (2012) से निर्देशन में डेब्यू किया था। उन्होंने कुछ फिल्मों में काम भी किया है, जिनमें से सबसे उल्लेखनीय है त्रिवेंद्रम लॉज (2012)


11. मियामी ओपन जीतने के लिए हरकच ने सिनर को हराया

पोलैंड के ह्यूबर्ट हरकच (Hubert Hurkacz) ने मियामी ओपन के फाइनल में इटली के 19 वर्षीय जैनिक सिनर (Jannik Sinner) को 7-6 (4), 6-4 से हराकर अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता। ​हरकच अपने देश का पहला मास्टर्स 1000 चैंपियन बना।

2005 में पेरिस में टॉमस बर्डिच के बाद मास्टर्स प्रतियोगिता जीतने के लिए दुनिया का 37 वां नंबर सबसे कम रैंकिंग वाला खिलाड़ी है।


12. RBI ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, रेपो रेट 4 प्रतिशत पर बरकरार

भारतीय रिजर्व बैंक ने 07 अप्रैल 2021 को वित्त वर्ष 2021-22 की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा पेश किया। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत रुख को 'उदार' बनाए रखा है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी में 10.5 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान जाहिर किया है।

आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास ने 07 अप्रैल 2021 को मॉनेटरी पॉलिसी का घोषणा किया है। इससे पहले भी फरवरी में ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ था। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी में 10.5 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान जाहिर किया है।

रेपो रेट : रेपो रेट वह दर है, जिस पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है। मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।

रिवर्स रेपो रेट : यह वह दर होती है जिसपर बैंकों को उनकी ओर से आरबीआई में जमा धन पर ब्याज मिलता है। रिवर्स रेपो रेट बाजारों में नकदी की तरलता को नियंत्रित करने में काम आती है। रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है और इसे 3.35 प्रतिशत बनाए रखा गया है।

बैंक रेट : बैंक रेट वह दर है जिस पर आरबीआई व्यापारिक बैंको को प्रथम श्रेणी की प्रतिभूतियों पर कर्ज प्रदान करता है। बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह ही 4.25 फीसदी है।

खुदरा महंगाई दर पांच प्रतिशत : आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में खुदरा महंगाई दर पांच प्रतिशत पर रही, जबकि पहले इसके 5.2 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जाहिर किया गया था। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने वित्त वर्ष 2021-22 की पहली और दूसरी तिमाही में खुदरा महंगाई दर के 5.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.1 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जाहिर किया है।





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