Search

7th - 8th February | Current Affairs | MB Books



1. चीन ने प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को ट्रैक करने के लिए नया प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया

चीन ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के उत्सर्जन पर नज़र रखने के लिए एक नया प्लेटफार्म स्थापित करने की घोषणा की है। यह प्लेटफार्म जनता को ऐसे उद्यमों के उत्सर्जन को ट्रैक करने की अनुमति देगा और अधिकारियों को उन नियमों को तोड़ने वाले उद्योगों पर मुकदमा चलाने में मदद करेगा।

मुख्य बिंदु : चीन के पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, अधिकारियों और जनता को वास्तविक समय उत्सर्जन स्तरों की निगरानी करने और ऐतिहासिक डेटा की जांच करने की अनुमति देने के लिए एक नया प्लेटफार्म स्थापित किया जाएगा ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि नियम भंग हो रहे हैं या नहीं। यह प्लेटफार्म 1 मार्च काम करना शुरू कर देगा। चीन में कुल 2.36 मिलियन औद्योगिक सुविधाओं, कंपनियों और संस्थानों को अपशिष्ट जल या सल्फर डाइऑक्साइड जैसे प्रदूषकों का उत्सर्जन करने के लिए परमिट प्राप्त करना आवश्यक है।

अब, नए प्लेटफॉर्म के साथ सूचना का संग्रह और उत्सर्जन की निगरानी आसान हो जाएगी। चीन के पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, बिना परमिट के प्रदूषण के निर्वहन जैसी अवैध गतिविधि के लिए दंड दैनिक आधार पर जारी किया जाएगा। इसके साथ ही, फर्मों को उत्पादन कम करने या बंद करने का भी आदेश दिया जा सकता है।

प्रदूषणकारी उद्यमों को निगरानी उपकरणों को स्थापित करना पड़ेगा और कम से कम पांच साल तक डेटा बनाए रखना पड़ेगा। ऐसा करने न करने पर 2,00,000 युआन (31,000 डॉलर) का जुर्माना लगाया जायेगा। 1 मिलियन युआन का जुर्माना उन उद्यमों पर लगाया जाएगा जो बिना अनुमति के प्रदूषण फैलाते हैं।


2. PMFBY : सरकार ने 2021-22 के लिए 16000 करोड़ रुपये आवंटित किए

केंद्र सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के लिए 16,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।

मुख्य बिंदु :

  • यह आवंटन किसानों की फसलों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए किया गया है।

  • इस प्रोत्साहन राशि के द्वारा फसल बीमा का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंच सकेगा।

  • वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में इस वर्ष बजटीय राशि में लगभग 305 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।

  • इस प्रकार, यह दर्शाता है कि, सरकार देश में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : प्रमुख फसल बीमा योजना को 13 जनवरी, 2016 को केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था। यह योजना भारत में किसानों के लिए न्यूनतम प्रीमियम पर एक व्यापक जोखिम समाधान प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी।

यह बुवाई से लेकर फसल कटाई के बाद तक के पूरे फसल चक्र के लिए कवरेज प्रदान करती है।

यह बुवाई और मध्य मौसम प्रतिकूलताओं के कारण होने वाले नुकसान के लिए भी कवरेज प्रदान करती है।

यह योजना किसान भागीदारी के संबंध में सबसे बड़ी फसल बीमा योजना बन गई है।

इस योजना में फसल बीमा एप्प, सामान्य सेवा केंद्र या निकटतम कृषि अधिकारी शामिल हैं।इस प्रकार, इसने किसान को किसी भी घटना के होने के 72 घंटों के भीतर फसल नुकसान की रिपोर्ट करने की प्रक्रिया को और सरल बना दिया है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री बीमा योजना पोर्टल, फसल बीमा मोबाइल एप्प के साथ भूमि रिकॉर्ड का एकीकरण किसानों के नामांकन के लिए आसान है।

योजना की अन्य प्रमुख विशेषताओं में रिमोट-सेंसिंग तकनीक, ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग शामिल हैं।ये विशेषताएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से फसल के नुकसान का आकलन करने में मदद करती हैं।

लाभार्थी : इस योजना के तहत, लाभ प्राप्त करने के लिए वार्षिक आधार पर 5.5 करोड़ से अधिक किसान आवेदन करते हैं। कुल नामांकित किसानों में से, 84% छोटे और सीमांत किसान हैं। इस प्रकार, यह योजना सुनिश्चित करती है कि सबसे कमजोर किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।


3. 2020 में 2.9 लाख से अधिक डिजिटल बैंकिंग-साइबर अपराध की घटनाएं दर्ज की गईं

4 फरवरी को संसद में सूचित किया गया कि वर्ष 2020 में डिजिटल बैंकिंग से संबंधित 2.9 लाख से अधिक साइबर अपराध की घटनाएं दर्ज की गईं।

मुख्य बिंदु : भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (Indian Computer Emergency Response Team – CERT-In) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में डिजिटल बैंकिंग से संबंधित कुल 2,90,445 साइबर अपराध की घटनाएं हुईं। दूसरी ओर, वर्ष 2018 में 1,59,761 और 2019 में 2,46,514 घटनाएं हुईं थी। इन साइबर सुरक्षा घटनाओं में नेटवर्क स्कैनिंग और प्रोबिंग, वायरस, फ़िशिंग हमले और वेबसाइट हैकिंग शामिल हैं।

डिजिटल लेनदेन में वृद्धि : ई-कॉमर्स के साथ-साथ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की बढ़ती लोकप्रियता के कारण डिजिटल भुगतान का दायरा अब काफी बढ़ गया है। 2018-19 की तुलना में 2020 में डिजिटल लेनदेन 46% बढ़ गया है। वित्त वर्ष 2018-19 में 3,134 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2019-20 में डिजिटल लेनदेन की संख्या बढ़कर 4,572 करोड़ हो गई है।

ब्लॉक की गयी वेबसाइटे/खाते : वर्ष 2020 में कुल 9,849 वेबसाइट/वेबपेज/अकाउंट ब्लॉक किए गए। इससे पहले 2019 में 3,635 वेबसाइट/वेबपेज/अकाउंट्स ब्लॉक किए गए थे।

आईटी एक्ट-धारा 69 ए : आईटी अधिनियम की धारा 69A सरकार को भारत की संप्रभुता और अखंडता, सुरक्षा और देश के हित में किसी भी कंप्यूटर संसाधन में संचारित, प्राप्त, उत्पन्न, होस्ट या संग्रहीत किसी भी जानकारी को ब्लॉक करने की शक्ति देती है।

धोखाधड़ी के मामले : राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में साइबर धोखाधड़ी के तहत कुल 6,233 मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2018 और 2017 के दौरान साइबर धोखाधड़ी के तहत दर्ज मामलों की संख्या 6,233 थी, जबकि वर्ष 2019 और 2017 में क्रमशः 3,353 और 3,466 थी।


4. पारूल ‍विवि के डीन डॉ. रावत की डाक्यूमेंट्री फिल्म एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्‍स में शामिल

जयपुर जिले की चौमूं तहसील निवासी एवं वर्तमान में गुजरात के वडोदरा में संचालित पारूल विश्वविद्यालय के पारूल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स के प्रिंसिपल, फेकल्टी ऑफ आर्ट्स के डीन एवं डिपार्टमेंट ऑफ जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत प्रो. डॉ. रमेश कुमार रावत को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्‍स में ग्रांड मास्टर की पदवी से नवाजा गया है। उनका नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्‍स में दर्ज किया गया गया है।

डॉ. कुमार रावत को यह उपलब्धि राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार कल्याण सिंह कोठारी पर उनके द्वारा बनाई गई 58 मिनट 53 सैंकड की डाक्यूमेंट्री फिल्म के लिए हासिल हुई है। इस फिल्म में डायरेक्शन, स्क्रिप्ट राइटिंग फिल्म शूटिंग, एडिटिंग, वॉइस ओवर, रिसर्च वर्क, लोकेशन सिलेक्शन सहित सभी प्रकार के कार्य प्रो. रावत ने स्वयं ही किए हैं।

इस डॉक्यूमेंट्री में प्रो. रावत ने कोठारी के संपूर्ण जीवन को तो उकेरा ही है। इसके साथ ही फिल्म में कोठारी के जीवन पर सुधिजनों, परिजनों एवं मित्रों के विचारों को भी शामिल किया है। इसमें कोठारी की ओर से उनके द्वारा अपने जीवन काल में की गई यु़द्ध पत्रकारिता, विधि पत्रकारिता, राजनैतिक पत्रकारिता, विकासात्मक पत्रकारिता, बाल संरक्षण एवं पंचायत पत्रकारिता, यूएन बॉडीज एवं सिविक पत्रकारिता, सिटीजन जर्नलिज्म, खोजी पत्रकारिता, आर्थिक पत्रकारिता, स्वास्थ्य पत्रकारिता एवं सांस्कृतिक तथा एतिहासिक स्थल पत्रकारिता को भी संजोया गया है।

प्रो. रावत का एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्‍स में नाम दर्ज होने पर पारूल विवि में संचालित फेकल्टी ऑफ आर्ट्स के सदस्यों, प्रोफेसर रावत के परिजनों एवं मित्रों ने हार्दिक बधाई दी है एवं आगे भी इसी प्रकार से कीर्तिमान स्थापित करते रहने के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।


5. CRPF की कोबरा कमांडो यूनिट में पहली महिला टीम शामिल की गयी

34 सीआरपीएफ महिला कर्मियों की एक टुकड़ी को इसके विशेष जंगल युद्ध कमांडो फ़ोर्स ‘कोबरा’ में शामिल किया गया है। इस टुकड़ी को जल्द ही देश के नक्सल विरोधी अभियान में तैनात किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु : कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन (CoBRA) को खुफिया-आधारित जंगल युद्ध संचालन के लिए वर्ष 2009 में CRPF के तहत उठाया गया था।

अब तक, बल एक अखिल पुरुष इकाई थी और यह पहली बार है कि महिला कर्मियों के एक दल को इसमें शामिल किया गया है।

CoBRA टीमों के कमांडो को मानसिक और शारीरिक रूप से कठिन होने की उम्मीद है और अधिकांश टीमों को देश के माओवादी हिंसा प्रभावित राज्यों में तैनात किया गया है।

कोबरा की कुछ टीमें उत्तर-पूर्वी राज्यों में आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए भी तैनात हैं।

कादरपुर गांव में महिलाओं की टुकड़ी को शामिल करने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें चुनी गई महिला कर्मियों ने युद्ध अभ्यास किया।

सीआरपीएफ की 6 सभी महिला बटालियनों में से सीआरपीएफ की 34 महिला टुकड़ी के सदस्यों को चुना गया है।

यह महिलाओं की टुकड़ी 3 महीने के लिए पूर्व-प्रेरण प्रशिक्षण से गुजरती है और फिर छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा प्रभावित जिलों जैसे दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में इकाइयों के साथ तैनात की जाती है।

सीआरपीएफ की पहली महिला बटालियन : सीआरपीएफ की 88 वीं बटालियन की पहली बटालियन की स्थापना 1986 में दिल्ली के सीआरपीएफ बेस में की गई थी। सीआरपीएफ की पहली महिला बटालियन की 35 वीं स्थापना दिवस की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान सीआरपीएफ की एक सभी महिला ब्रास बैंड की स्थापना की गई। CRPF ने वर्ष 2012 में एक ऑल वुमेन पाइप बैंड भी बनाया था।


6. बैंकों के निजीकरण के लिए आरबीआई के साथ काम करेगी केंद्र सरकार

हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुंबई में व्यापार जगत के नेताओं, चार्टर्ड एकाउंटेंट और कर पेशेवरों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ मिलकर बैंकों के निजीकरण की योजना पर कार्य करेगी।

पृष्ठभूमि : वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2021 पेश करते हुए हाल ही में दो बैंकों के निजीकरण के बारे में घोषणा की है।

यह घोषणा केंद्र की विनिवेश योजना के तहत की गई थी।

लेकिन बैंक यूनियनों ने इस योजना का विरोध किया है।

बैंकों का निजीकरण : केंद्र सरकार राज्य के आधे से अधिक बैंकों के निजीकरण की योजना बना रही है। केंद्र सरकार, सरकार के स्वामित्व वाले ऋणदाताओं की संख्या को पांच तक कम करने के लिए कार्य कर रही है। वर्तमान में, भारत में 12 सरकारी स्वामित्व वाले बैंक हैं। वर्ष 2019 में, सरकार ने दस सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों का विलय चार बड़े बैंकों में कर दिया था।

निजीकरण के लाभ :

  • यह खराब ऋण और गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के मुद्दों को संबोधित करने में मदद करेगा।

  • यह बेहतर वित्तीय प्रदर्शन सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा।

  • निजीकरण सरकार की देनदारियों को कम करेगा।

  • यह राजकोषीय घाटे को कम करने में भी सहायक होगा।

  • निजीकरण लंबे समय में राजस्व प्राप्तियों द्वारा राजस्व व्यय का वित्तपोषण करेगा।

निजीकरण के नुकसान : हालांकि, समावेशी बैंकिंग के विचार को कमजोर करने के लिए निजीकरण की योजना की आलोचना की जाती है। समावेशी बैंकिंग बैंकों के राष्ट्रीयकरण के दौरान मार्गदर्शक सिद्धांत था। इसके अलावा, सरकार ग्रामीण और गरीब वर्गों को कम लागत वाली वित्तीय सेवाएं प्रदान करने में कठिनाइयों का सामना करेगी, क्योंकि निजी क्षेत्र के बैंक सरकार की सामाजिक जिम्मेदारियों को साझा नहीं करते हैं।


7. चीन की तियानवेन -1 अंतरिक्ष खोज ने भेजी लाल ग्रह की पहली छवि

चीन की तियानवेन -1 अंतरिक्ष खोज ने मंगल ग्रह की अपनी पहली छवि/ फ़ोटो भेज दी है। यह फ़ोटो 05 फरवरी, 2021 को चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CNSA) द्वारा जारी की गई थी।

यह क्रिया ठीक उसी समय हुई है जबकि मंगल ग्रह की खोज इस साल के आखिर में लाल ग्रह को छूने की तैयारी कर रही है। यह अंतरिक्ष यान जुलाई, 2020 में लॉन्च किया गया था, जोकि अमेरिकी मंगल मिशन के समान था, जिसके 10 फरवरी के आसपास मंगल की कक्षा में प्रवेश करने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्य विवरण :

• मंगल की खोज/ मार्स प्रोब ने एक श्वेत-श्याम तस्वीर भेजी है, जिसमें मंगल की भूगर्भीय विशेषताओं को दिखाया गया है जिसमें शिआपरेली क्रेटर और वैलेस मार्बेरिस, मंगल ग्रह की सतह पर घाटी का एक विशाल खंड शामिल है। • यह तस्वीर चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के अनुसार मंगल ग्रह से लगभग 2.2 मिलियन किलोमीटर दूर से ली गई थी। • तियानवेन -1 अंतरिक्ष यान वर्तमान में इस ग्रह से 1.1 मिलियन किलोमीटर दूर है। • इस रोबोटिक अंतरिक्ष खोज ने एक कक्षीय सुधार करने के लिए 05 फरवरी को अपने एक इंजन को प्रज्वलित किया। • यह 10 फरवरी के आसपास मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश करने से पहले धीमा होने की उम्मीद है।

चीन का मंगल मिशन : चीन के इस पांच टन वाले तियानवेन -1 मार्स प्रोब में एक मंगल ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर शामिल है जो ग्रह की मिट्टी का अध्ययन करेगा।

चीन को यह उम्मीद है कि, मई, 2021 में मार्स यूटोपिया बेसिन में इस रोवर को उतारा जाएगा, जो एक विशाल प्रभाव बेसिन है।

पृष्ठभूमि :

चीन पिछले कुछ दशकों में अंतरिक्ष अन्वेषण में भारी प्रगति कर रहा है। इस देश ने वर्ष, 2003 में सफलतापूर्वक एक मानव को अंतरिक्ष में भेजा था।

यह वर्तमान मंगल मिशन चीन का मंगल पर पहुंचने का पहला प्रयास नहीं है। वर्ष, 2011 में रूस के सहयोग से किया गया चीन का पिछला प्रयास, प्रक्षेपण के दौरान विफल हो गया था।

चीन ने अपने अन्य अभियानों में, सफलतापूर्वक दो रोवर्स को चंद्रमा पर भेजा है और दूसरे रोवर के साथ, चीन चंद्रमा के दूरस्थ स्थान की तरफ़ एक सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बन गया है।


8. IRCTC ने लांच की ऑनलाइन बस बुकिंग सेवा

IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation Limited) ने हाल ही में अपनी ऑनलाइन बस बुकिंग सेवा लांच की है। IRCTC के अनुसार, 29 जनवरी से ऑनलाइन बस बुकिंग सेवा लाइव है और लोगों के लिए उपलब्ध है।

मुख्य बिंदु : IRCTC ने देश का पहला ‘वन स्टॉप शॉप ट्रैवल पोर्टल’ बनने के उद्देश्य से अपनी ऑनलाइन बस बुकिंग सेवा लांच की है। IRCTC ऑनलाइन रेल और उड़ान टिकटिंग सुविधा प्रदान कर रहा है और अब बस बुकिंग भी शुरू की गई है। IRCTC के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह तक यह सेवा आईआरसीटीसी मोबाइल एप्प के साथ भी जोड़ दी जाएगी।

इससे यूजर्स मोबाइल के जरिए भी बस टिकट बुक कर सकेंगे। एक बयान में, IRCTC ने घोषणा की है कि उसने ग्राहकों को ऑनलाइन बस बुकिंग सेवा प्रदान करने के लिए 22 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 50,000 से अधिक राज्य सड़क परिवहन के साथ-साथ निजी बस ऑपरेटरों के साथ हाथ मिलाया है। ऑनलाइन बस बुकिंग सेवा के माध्यम से ग्राहक विभिन्न उपलब्ध बसों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और यात्रा के लिए बस चुन सकते हैं। यह सेवा मार्ग, सुविधा, रेटिंग और बसों के चित्रों का पूरा विवरण प्रदान करेगी।

इसके अलावा, ग्राहक अपने पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट और टाइमिंग भी चुन सकेंगे। सभी बसें एक उचित मूल्य पर उपलब्ध होंगी और इसके लिए भुगतान ऑनलाइन मोड और ई-वॉलेट में किया जा सकता है।

IRCTC : यह भारतीय रेलवे में खानपान, टिकटिंग और पर्यटन सेवाओं की पेशकश करने वाला एक सार्वजनिक उपक्रम है। इसकी स्थापना वर्ष 1999 में की गयी थी।


9. इनोवेशन इंडेक्स 2021: दक्षिण कोरिया पहले स्थान पर, जानें भारत किस स्थान पर

ब्लूमबर्ग ने कोरोना महामारी के बीच अपना ताजा इनोवेशन इंडेक्स 2021 जारी कर दिया है। इस रिपोर्ट में भारत की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। इस लिस्‍ट में दुनिया में इनोवेशन यानी नई खोजो के मामले में भारत 50वें स्‍थान पर है। पिछले वर्ष की तुलना में भारत चार पायदान ऊपर गया है। अर्थात उसकी स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

दक्षिणा कोरिया इस इंडेक्‍स में शीर्ष स्थान पर है। अमेरिकी शीर्ष 10 देशों की सूची से बाहर है और चीन एक स्‍थान से गिरकर 16वें पायदान पर पहुंच गया है। ब्लूमबर्ग ने दुनिया में कोरोना महामारी के प्रसार के बाद पहली बार अपनी यह रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कोरोना महामारी का असर भी साफ दिख रहा है।

इन पैमानों के आधार पर मिलती है रैंकिंग : ब्‍लूमबर्ग इंडेक्‍स दस से ज्‍यादा पैमानों पर देशों को परखता है। इसमें देशों के रिसर्च और डेवलपमेंट खर्च, मैन्‍यफैक्‍चरिंग क्षमता, हाईटेक सार्वजनिक कंपनियों और सेवेन इक्किलिटी वेटेज की कसौटी पर मापा जाता है।

ब्‍लूमबर्ग इनोवेशन इंडेक्‍स 2021 : ब्‍लूमबर्ग इनोवेशन इंडेक्‍स 2021 में दक्षिण कोरिया पहले स्थान पर है। इस बार दक्षिण कोरिया, जर्मनी को पछाड़कर पहले पायदान पर पहुंच गया है। जर्मनी इस साल चौथे पायदान पर है।

इस इंडेक्स में सिंगापुर दूसरे और स्विटजरलैंड तीसरे स्‍थान पर है। इस सूची में स्‍वीडन 5वें स्‍थान पर है। डेनमार्क 6वें स्‍थान और इजराइल 7वें स्‍थान पर पहुंच गया है।

फिनलैंड 9वें स्‍थान पर और ऑस्ट्रिया 10वें स्‍थान पर है। अमेरिका शीर्ष 10वें स्‍थान से खिसक कर 11वें स्‍थान पर चला गया है।

सूचकांक में 12 से 20वें स्‍थान पर क्रमश: जापान, फ्रांस, बेल्जियम, नॉर्वे, चीन, आयरलैंड, ब्रिटेन, ऑस्‍ट्रेलिया और इटली ने जगह बनाई है।

इसके तहत 200 देशों से अधिक देशों की अर्थव्‍यवस्‍था का विभिन्‍न पैमानों पर डाटा लिया जाता है। इंडेक्‍स में टॉप देशों की सूची जारी की जाती है।

इंडेक्‍स इस बात की ओर संकेत करता है कि दक्षिण कोरिया, जर्मनी और इजराइल जैसे टॉप में रहे देशों ने कोरोना से निपटने में भी बेहतर प्रदर्शन किया।

ब्‍लूमबर्ग के बारे में : ब्‍लूमबर्ग एलपी एक निजी रूप से आयोजित वित्‍तीय, सॉफ्टवेयर डेटा एवं मीडिया कंपनी है। इसका मुख्‍यालय मिडटाउन मैनहट्टन न्‍यूयॉर्क शहर में है। इनोवेशन अक्‍सर नए आइडिया, नए सेवाओं से मापे जाते हैं।


10. केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के श्रीविल्लिपुथुर-मेगामलाई टाइगर रिजर्व को मंजूरी दी

केंद्र सरकार ने तमिलनाडु में 5वें टाइगर रिजर्व बनाने को मंजूरी दे दी है। इस बाघ में अभयारण्य श्रीविल्लिपुथुर ग्रिज़ल्ड गिलहरी और मेघामलाई वन्यजीव अभयारण्यों को भी शामिल किया जायेगा।

मुख्य बिंदु : कई पर्यावरण कार्यकर्ता लगभग एक दशक से इन दोनों अभयारण्यों को जोड़ने के लिए एक टाइगर रिज़र्व की मांग कर रहे हैं। कार्यकर्ता इस बाघ अभयारण्य को तिरुनेलवेली वन्यजीव अभयारण्य और फिर कलक्कड़ मुंडनथुराई टाइगर रिज़र्व के साथ जोड़ने की मांग कर रहे हैं ताकि यह एक सन्निहित गलियारा बन सके। वन विभाग के प्रस्ताव में 1.48 लाख हेक्टेयर भूमि को श्रीविल्लिपुथुर ग्रिज़ल्ड गिलहरी वन्यजीव अभयारण्य, तिरुनेलवेली वन्यजीव अभयारण्य, और मेघामलाई वन्यजीव अभयारण्य को तमिलनाडु के पांचवें बाघ अभयारण्य के रूप में घोषित किया गया है।

नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (NTCA) ने नए टाइगर रिजर्व को मंजूरी दे दी है। नया बाघ अभ्यारण्य न केवल वन्यजीव संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि इन जंगलों में वैगई नदी का कायाकल्प भी करेगा। कलक्कड़ मुंडनथुराई और पेरियार टाइगर रिजर्व के निर्माण के साथ, कई दक्षिणी जिलों की पानी की जरूरतें पूरी हुई हैं। नए मेघामलाई-श्रीविल्लिपुथुर टाइगर रिज़र्व के साथ, जंगलों की बेहतर सुरक्षा होगी।

सलीम अली सेंटर फॉर ऑर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री (SACON) की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाघों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष साक्ष्य ज्यादातर पश्चिमी पठार तक ही सीमित थे। इस रिपोर्ट में मेघामलाई वन्यजीव अभयारण्य के विस्तार की सिफारिश की गई है।


11. नासा अपना मार्स आइस मैपिंग मिशन करेगा लॉन्च

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) तीन अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर एक रोबोटिक मार्स आइस मैपिंग मिशन शुरू करने की योजना बना रहा है। यह मिशन इस एजेंसी को मंगल पर प्रारंभिक मानव मिशन के लिए संभावित विज्ञान उद्देश्यों की पहचान करने में मदद कर सकता है।

आइस मैपिंग मिशन लाल ग्रह पर भावी मिशनों के लिए लैंडिंग साइट्स के लिए प्रचुर, सुलभ बर्फ की पहचान करने में मदद करेगा। 03 फरवरी, 2021 को नासा द्वारा इसकी जानकारी दी गई।

मुख्य विशेषताएं :

• नासा ने इस मिशन में सहयोग के लिए कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA), जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) और इटालियन अंतरिक्ष एजेंसी (ASI) के साथ ‘आशय का बयान’ पर हस्ताक्षर किए हैं। • SoI के तहत, इन एजेंसियों ने एक मिशन योजना विकसित करने और अपनी संभावित भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को परिभाषित करने के अपने इरादे की घोषणा की है। • ये एजेंसियां इस मिशन की क्षमता का आकलन करने के लिए एक संयुक्त अवधारणा टीम स्थापित करेंगी। अगर यह मिशन आगे बढ़ता है तो यह मिशन वर्ष, 2026 तक लॉन्च के लिए तैयार हो सकता है।

उद्देश्य :

• अंतर्राष्ट्रीय मार्स आइस-मैपिंग मिशन, मंगल के लिए प्रारंभिक मानव मिशनों के लिए संभावित विज्ञान उद्देश्यों की पहचान करने में इस एजेंसी की मदद कर सकता है, जो सतह पर लगभग 30 दिनों के लिए अन्वेषण करने के लिए डिज़ाइन किया जा सकता है। • यह सुलभ जल बर्फ की पहचान करने और उसे परिभाषित करने में मदद कर सकता है, जिससे जीवन की खोज का समर्थन करने के लिए मानव-विज्ञान जैसेकि आइस कोरिंग की जानकारी मिल सकती है। • आइस मैपर लाल ग्रह पर बाद में सतह अभियानों के साथ मानव मिशनों के लिए, जल-बर्फ संसाधनों का मानचित्रण भी कर सकता है। • यह चट्टान और भू-भाग के खतरों से बचने जैसी विभिन्न अन्वेषण संबंधी इंजीनियरिंग बाधाओं का समाधान करने में भी मदद कर सकता है। • उथले पानी की बर्फ का मानचित्रण, मंगल ग्रह की जलवायु विज्ञान और भूविज्ञान से संबंधित अनुपूरक उच्च मूल्य विज्ञान के उद्देश्यों का भी समर्थन कर सकता है।

एजेंसी आर्किटेक्चर और मिशन अलाइनमेंट के लि