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6th January | Current Affairs | MB Books


1. यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपनी भारत यात्रा रद्द की

यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री जॉनसन ने अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है। दरअसल, यूनाइटेड किंगडम में महामारी से निपटने के लिए उन्होंने अपनी भारत यात्रा को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस संबध में उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत की। इससे पहले बोरिस जॉनसन 2021 में भारत के गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि के तौर पर आने वाले थे।

मुख्य बिंदु

गौरतलब है कि बोरिस जॉनसन भारत की स्वतंत्रता के बाद भारत के गणतंत्र दिवस में शामिल होने वाले दूसरे ब्रिटिश नेता हैं। इससे पहले जॉन मेजर 1993 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए थे।

हालिया दिनों में भारत-यूके सम्बन्ध

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने G7 देशों की बैठक के लिए 3 अन्य देशों को आमंत्रित किया है, इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। इससे पहले यूके ने D-10 समूह का प्रस्ताव रखा था, इसमें G7 देशों के अलावा भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को भी शामिल किया जायेगा। परन्तु यह प्रस्ताव अभी अपनी शुरूआती अवस्था में है, इसमें फिलहाल कोई विशेष प्रगति नही हुई है।

बोरिस जॉनसन

बोरिस जॉनसन का जन्म 9 जून, 1964 को हुआ था, वे 2008 से 2016 तक लन्दन के मेयर रहे। वे 2016 से 2018 तक विदेश सचिव भी रहे हैं। वे वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री हैं।


2. अमेरिकी कांग्रेस ने पास किया 'मलाला यूसुफई स्कॉलरशिप एक्ट'

अमेरिकी कांग्रेस ने योग्यता और जरूरतों पर आधारित कार्यक्रम के तहत उच्च शिक्षा में पाकिस्तानी महिलाओं के लिए छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाने के लिए 'मलाला यूसुफई स्कॉलरशिप एक्ट' पारित किया है।

इस विधेयक को संयुक्त राज्य अमेरिका के सीनेट ने एक जनवरी को ध्वनि मत से पारित किया था। यह विधेयक अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पास हस्ताक्षर के लिए व्हाइट हाउस जाएगा, जिसके बाद यह कानून की शक्ल ले लेगा।

इस बिल के अंतर्गत यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) को पाकिस्तान की उच्चतर शिक्षा छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत कम से कम 50% छात्रवृत्तियां पाकिस्तान की महिलाओं को, 2020 से 2022 तक, अकादमिक विषयों की श्रेणी में और मौजूदा पात्रता के अनुसार प्रदान करनी होगी।

इस बिल में संयुक्त राज्य अमेरिका में पाकिस्तानी निजी क्षेत्र द्वारा पाकिस्तानी निजी क्षेत्र और पाकिस्तानी डायस्पोरा से निवेश के लिए परामर्श करने और उसका लाभ उठाने की आवश्यकता है ताकि पाकिस्तान में शिक्षा कार्यक्रमों तक पहुंच बढ़ाई जा सके।


3. भारत, इजराइल ने मध्यम रेंज की मिसाइल रक्षा प्रणाली का सफल परीक्षण किया

भारत और इजराइल ने मध्यम रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (MRSAM) रक्षा प्रणाली का सफलापूर्वक परीक्षण किया। दोनों देशों ने अपनी युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से इस प्रणाली को विकसित किया है और इसका मकसद शत्रु विमान से संपूर्ण सुरक्षा प्रदान करना है, इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) ने मंगलवार को एक प्रेसविज्ञप्ति में कहा कि यह परीक्षण पिछले सप्ताह एक भारतीय परीक्षण केंद्र में किया गया। MRSAM सतह से हवा में मार करने वाली एक उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली है, जो विभिन्न ‘एरियल प्लेटफॉर्म' से संपूर्ण सुरक्षा प्रदान करती है।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह शत्रु विमान को 50-70 किलोमीटर की दूरी से मार गिरा सकती है। आईएआई और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने इसे संयुक्त रूप से इजराइल और भारत की अन्य रक्षा कंपनियों के साथ साझेदारी करके विकसित किया है। एमआरएसएएम का इस्तेमाल भारतीय सेना की तीनों शाखाओं और इजराइल रक्षा बलों (IDF) द्वारा किया जाएगा।

प्रणाली में उन्नत रडार, कमांड एवं नियंत्रक, मोबाइल लॉन्चर और अत्याधुनिक आरएफ अन्वेषक के साथ इंटरसेप्टर है। आईएआई के अध्यक्ष एवं सीईओ बोज लेवी ने कहा, ‘‘ एमआरएसएएम वायु एवं मिसाइल रक्षा प्रणाली एक अत्याधुनिक, अग्रणी प्रणाली है, जिसने विभिन्न खतरों के खिलाफ अपनी उन्नत क्षमताओं को एक बार फिर से साबित किया है। वायु रक्षा प्रणाली का ‘ट्रायल' भी एक जटिल अभियान रहा और कोविड-19 की वजह से चुनौतियां और बढ़ गईं।'' आईएआई ने कहा कि इजराइली विशेषज्ञों और भारतीय वैज्ञानिकों तथा अधिकारियों ने परीक्षण में भाग लिया और इसे देखा।


4. आईडीबीआई बैंक ने बचत खाता खोलने के लिए वीडियो KYC सुविधा का किया शुभारंभ

आईडीबीआई बैंक ने बचत बैंक खातों के लिए वीडियो KYC खाता खोलने (VAO) की सुविधा शुरू करने की घोषणा की है।

इस सुविधा के माध्यम से, कोई भी ग्राहक अपने घर या कार्यालय में बैठे वीडियो KYC के जरिए बचत खाता खोल सकता है, क्योंकि इसके लिए अब उन्हें शाखा में जाकर कोई भी फॉर्म भरने की आवयश्कता नहीं होगी।

वीडियो KYC घर पर रहकर आसानी से बचत खाता खोलने का एक त्वरित और आसान तरीका है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि बचत खाता खोलने की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित, सरल और तेजी से समाप्त हो जाए और केवाईसी के लिए शाखा जाने की आवश्यकता न पड़े।


5. डेल और स्वास्थ्य मंत्रालय ने लॉन्च किया हेल्थकेयर मोबाइल एप्प

अमेरिकी कोम्पौय डेल टेक्नोलॉजीज ने देश में सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में गैर-संचारी रोगों के प्रबंधन के लिए एक मोबाइल एप्प लॉन्च किया है।

मुख्य बिंदु

इस एप्लीकेशन को टाटा ट्रस्ट्स और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया गया है। यह नयी एप्प मौजूदा एनसीडी आईटी प्रणाली को मजबूत बनाएगी।

मौजूदा एनसीडी आईटी प्रणाली में डॉक्टरों, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा), कार्यक्रम प्रबंधकों सहायक नर्स (एएनएम) और सरकार में स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए 6 एप्लीकेशन्स का एक सूट है।

डेल टेक्नोलॉजीज का लक्ष्य प्रौद्योगिकी के साथ जीवन में बदलाव लाना है, और इसने वर्ष 2030 तक वैश्विक स्तर पर 1 अरब लोगों के जीवन को प्रभावित करने का लक्ष्य रखा है।

डेल का लक्ष्य गैर-संचारी रोगों के बारे में जागरूकता पैदा करना है और बीमारी से लड़ने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को सही साधनों के साथ सहायता प्रदान करना है।

भारत में मृत्यु दर में गैर-संचारी रोग (Non-Communicable Diseases-NCD) जैसे मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक का हिस्सा 63% है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में 4 में से 1 व्यक्ति के 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले गैर-संचारी रोगों से मरने का खतरा है।

डेल अमेरिका की एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी है, इसे कंप्यूटर व लैपटॉप संबधी हार्डवेयर के निर्माण के लिए जाना जाता है।


6. बजाज ऑटो बनी दुनिया की मोस्ट वैल्युएबल ट्व-व्हीलर कंपनी

भारतीय बहुराष्ट्रीय दोपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी, बजाज ऑटो 01 जनवरी, 2021 को बाजार पूंजीकरण 1 लाख करोड़ रु क्रॉस करने के बाद दुनिया की मोस्ट वैल्युएबल ट्व-व्हीलर कंपनी बन गई है।

नेशल स्टॉक एक्सचेंज पर बजाज का 2021 के पहले दिन शेयर मूल्य रु. 3,479 प्रति शेयर रहा, जिसके कारण इसका बाजार पूंजीकरण 1,00,670.76 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।

इस प्रकार, बजाज ऑटो न केवल टू-व्हीलर सेगमेंट की सबसे मूल्यवान कंपनी है, बल्कि दुनिया की पहली ऐसी टू-व्हीलर कंपनी है जो इस मार्केट कैप के मामले में इस मुकाम को हासिल करने में कामयाब रही है।


7. ‘उजाला’ और SLNP योजना को हुए 6 साल पूरे

उजाला (Unnat Jyoti by Affordable LEDs for All) और SLNP (Street Lighting National Programme) ने सफल कार्यान्वयन के छह साल पूरे कर लिए हैं। इन दोनों कार्यक्रमों ने देश भर में घरेलू और सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को पुनर्जीवित किया।

उजाला योजना की उपलब्धियां

उजाला योजना के तहत, EESL ने 69 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित किए।इसमें 1.14 करोड़ से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इससे प्रति वर्ष 55.33 बिलियन-किलोवाट ऑवर से अधिक ऊर्जा बचाने में मदद मिली।

इस योजना से प्रति वर्ष 59 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड द्वारा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद मिली।

इस योजना ने 72 लाख एलईडी ट्यूबलाइट और 23 लाख ऊर्जा कुशल पंखों को सस्ती कीमतों पर वितरित किया।

SLNP की उपलब्धियां

EESL ने SLNP के तहत 1 करोड़ से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें स्थापित कीं। इससे प्रति वर्ष 7.67 बिलियन-किलोवाट ऑवर ऊर्जा बचाने में मदद मिली।

इस योजना से प्रति वर्ष 29 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में मदद मिली।

योजनाओं की समग्र उपलब्धि

  • योजनाओं ने घरेलू एलईडी बाजारों के विकास में मदद की है।

  • इन योजनाओं ने औसत घरेलू बिजली बिलों में 15% की कमी लाने में मदद की है।

  • इन योजनाओं से परिवारों को अपने घरों में बेहतर रौशनी प्राप्त करने में मदद मिली है और इससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

आगे का रास्ता

SLNP में पूरे ग्रामीण भारत को कवर करने के लिए 2024 तक 8,000 करोड़ रुपये का निवेश लाने की योजना है। आने वाले वर्षों में ईईएसएल द्वारा 30 मिलियन से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएँगी।


8. पंकज मिथल ने ली जम्मू-कश्मीर और लद्दाख कोर्ट के चीफ जस्टिस की शपथ

जस्टिस पंकज मिथल को 04 जनवरी, 2021 को केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कॉमन हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) नियुक्त किया गया है।

हाल ही में मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल की सेवानिवृत्ति के बाद मुख्य न्यायाधीश मिथल की नियुक्ति की गई है।

मुख्य न्यायाधीश मिथल को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, मनोज सिन्हा ने पद की शपथ दिलाई।


9. अंटार्कटिका में भारत का 40 वां वैज्ञानिक अभियान शुरू

भारत ने 4 जनवरी, 2021 को अंटार्कटिका में 40 वां वैज्ञानिक अभियान शुरू किया है। इस यात्रा से दक्षिणी व्हाइट कॉन्टिनेंट/ श्वेत महाद्वीप के लिए देश के वैज्ञानिक प्रयास के चार दशक भी पूरे हुए हैं।

यह 40 सदस्यीय अभियान यात्रा, 43 सदस्यों के साथ, 5 जनवरी को गोवा से रवाना हुई। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार, चार्टर्ड हिम-श्रेणी का जहाज एमवी वासिली गोलोविन द्वारा यह यात्रा की जायेगी और यात्री 30 दिनों में अंटार्कटिका पहुंचेंगे। यह 40 सदस्यों की एक टीम को वहां छोड़ देगा और अप्रैल, 2021 में भारत लौट आएगा।

यह जहाज पूर्ववर्ती यात्रा की शीतकालीन टीम के सदस्यों को भी भारत वापस लाएगा। भारत के इस 40 वें अंटार्कटिक अभियान की रसद और वैज्ञानिक गतिविधियां कोविड-19 की चुनौतियों के कारण सीमित होंगी।

उद्देश्य

श्वेत महाद्वीप के लिए 40 वें वैज्ञानिक अभियान का फोकस भूविज्ञान, जलवायु परिवर्तन, बिजली और चुंबकीय प्रवाह माप, महासागर अवलोकन, पर्यावरण निगरानी पर मौजूदा वैज्ञानिक परियोजनाओं का समर्थन करना होगा। इसका उद्देश्य ईंधन, भोजन की फिर से आपूर्ति करना और सर्दियों के चालक दल को भारत वापस लाना भी है।

अंटार्कटिका में भारत

• भारत ने वर्ष, 1981 में अपने अंटार्कटिक अभियानों की शुरुआत की थी और महाद्वीप की पहली टीम में 21 वैज्ञानिकों की टीम के साथ-साथ डॉ. एसजेड कासिम के नेतृत्व में सहायक कर्मचारी भी शामिल थे। • भारत के अंटार्कटिक कार्यक्रम के तहत इस महाद्वीप में 3 स्थायी अनुसंधान बेस स्टेशन भी स्थापित किये है - मैत्री, दक्षिण गंगोत्री और भारती जिनमें से मैत्री और भारती अभी संचालित हैं। • गोवा में स्थित नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च- NCPOR पूरे भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम का प्रबंधन करता है।

अंटार्कटिका को कोविड -19 से मुक्त रखने के उपाय

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार, देश अंटार्कटिका को कोविड -19 से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह 40वां अभियान राष्ट्रीय अंटार्कटिक कार्यक्रम के काउंसिल ऑफ़ मैनेजर्स - COMNAP के अनुसार सामग्री के परिनियोजन और पुरुषों की तैनाती के लिए सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करेगा।

इस मंत्रालय ने यह भी कहा है कि,14 दिनों के क्वारंटाइन (प्री-एंड-पोस्ट-एक्सपीडिशन) की अनिवार्य सावधानियां, कार्गो को कीटाणु रहित बनाना और जहाज पर चढ़ने से पहले RT-PCR परीक्षण भी किए गए।


10. भारत सरकार दुनिया की सबसे बड़ी तैरती हुई सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण करेगी

भारत सरकार दुनिया में सबसे बड़ी तैरती हुई सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण करेगी। इस परियोजना का निर्माण नर्मदा नदी पर ओंकारेश्वर बांध में किया जायेगा। यह परियोजना 2022 से 2023 तक अपनी बिजली उत्पादन शुरू करेगी।

मुख्य बिंदु

इस परियोजना की क्षमता 600 मेगावाट है। इस परियोजना की लागत 3000 करोड़ रुपये है। इस परियोजना को अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम और विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किया जायेगा। इसके अलावा पॉवर ग्रिड द्वारा भी इस परियोजना को वित्तपोषण प्रदान किया जायेगा।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

  • इस परियोजना में 600 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सौर पैनल होंगे।

  • यह पैनल ओंकारेश्वर बांध के बैकवाटर पर लगाये जायेंगे।

  • इस परियोजना को दो साल में पूरा किया जायेगा।

  • बांध में सोलर पैनल लगाकर लगभग दो हजार हेक्टेयर जल क्षेत्र में बिजली पैदा की जाएगी।

  • बांध के जल स्तर के आधार पर सौर पैनल अपने आप ऊपर और नीचे की ओर समायोजित हो जाएंगे।

  • बाढ़ और मजबूत लहरों का सौर पैनलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट

फ्लोटिंग फोटोवोल्टिक सौर ऊर्जा संयंत्र फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म पर स्थापित फोटोवोल्टिक पैनलों का उपयोग करता है।

फ्लोटिंग कंसंट्रेटिड सोलर पॉवर सिस्टम।यह एक टॉवर पर सौर ऊर्जा को पुनर्निर्देशित करने के लिए दर्पण का उपयोग करता है।

फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट के फायदे

इस तरह के सोलर पॉवर प्लांट ज़मीन को नहीं घेरते।

वे पानी के वाष्पीकरण को कम करने में मदद करते हैं।इसलिए, अत्यधिक पानी की बचत होती है।

इस प्रकार के सौर ऊर्जा संयंत्रों में पैनलों के नीचे पानी की परत द्वारा प्राकृतिक रूप से कूलिंग की जाती है।


11. जीजेसी ने आशीष पेठे को बनाया अपना नया अध्यक्ष

जेम एंड ज्वैलरी उद्योग की राष्ट्रीय शीर्ष संस्था, ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने दो साल की अवधि के लिए आशीष पेठे को अध्यक्ष और सईंम मेहरा को उपाध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की है।

पेठे जीजेसी के साथ काफी लंबे समय से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में वेस्ट के जोनल चेयरमैन है, जिस पर वह नए पद ग्रहण करने के बाद भी बने रहेंगे।

पूरी ई-वोटिंग चुनाव प्रक्रिया एक अधिकृत स्वतंत्र व्यक्ति (मुख्य चुनाव प्राधिकरण) द्वारा आयोजित की गई थी, और मतदान मंच एक डिजिटल एजेंसी द्वारा तैयार किया गया था, दोनों को जीजेसी द्वारा नियुक्त किया गया था।


12. भारतीय मौसम विभाग ने 2020 के दौरान भारत की जलवायु पर वक्तव्य जारी किया

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हाल ही में 2020 के दौरान भारत की जलवायु पर अपना वक्तव्य जारी किया है। IMD के अनुसार, 1901 के बाद से वर्ष 2020 आठवां सबसे अधिक गर्म वर्ष था।

मुख्य बिंदु

1901 के बाद से 15 सबसे गर्म वर्षों में से 12 वर्ष 2006 और 2020 के बीच थे।

दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान बारिश सामान्य से अधिक हुई। इसका दीर्घकालिक औसत 109% था (1961 और 2010 के बीच की गणना)।

पिछला दशक, रिकॉर्ड पर सबसे गर्म दशक था।

उत्तर प्रदेश और बिहार प्रतिकूल मौसम के कारण सबसे अधिक प्रभावित हुए।इन दोनों राज्यों में आंधी-तूफ़ान से 350 से अधिक मौतें हुईं।

आंधी-तूफ़ान और आसमानी बिजली के कारण 2020 में 815 मौतें दर्ज की गयी।

2020 में भारत में औसत भूमि सतह का तापमान सामान्य से 29 डिग्री सेल्सियस अधिक था।

सर्दियों के दौरान औसत तापमान भी सामान्य से अधिक था।यह सामान्य से अधिक 140 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

मॉनसून और मानसून के बाद के मौसमों का औसत तापमान क्रमश: +430 डिग्री सेल्सियस और +0.53 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, वैश्विक औसत सतह तापमान विसंगति को +2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

2020 के दौरान आये चक्रवात

2020 में उत्तर हिंद महासागर में पांच चक्रवात बने थे। वे सुपर साइक्लोनिक स्टॉर्म अम्फान, साइक्लोनिक स्टॉर्म बुरेवी, निसर्ग, निवार और गति थे। इन चक्रवातों में से, निसर्ग और गती अरब सागर के ऊपर और शेष बंगाल की खाड़ी में बने।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग केद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन काम करता है। इसके क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, नागपुर और गुवाहाटी में है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग मलक्का जलडमरूमध्य, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, फारस की खाड़ी सहित उत्तरी हिंद महासागर क्षेत्र की मॉनिटरिंग करता है। यह मुख्य रूप से चक्रवात के निर्माण की निगरानी करता है और इन क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी करता है।


13. संजय कपूर चुने गए ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के नए अध्यक्ष

संजय कपूर को अखिल भारतीय शतरंज संघ (All India Chess Federation) का नया अध्यक्ष चुना गया, जबकि भरत सिंह चौहान अपना सचिव पद बरकरार रखने में कायमाब रहे है।

उत्तर प्रदेश शतरंज संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले कपूर ने करीबी वोटिंग में पीआर वेंकेटराम राजा को हराया किया।

कपूर को राजा के 31 वोट के मुकाबले 33 वोट मिले। वहीँ चौहान ने रवींद्र डोंगरे को 35-29 से हराया।

अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पद के अलावा, छह उपाध्यक्ष और छह संयुक्त सचिव भी चुने गए।


14. असम राइफल्स पब्लिक स्कूल को खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में लॉन्च किया गया

केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में असम राइफल्स पब्लिक स्कूल को खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में लॉन्च किया। असम राइफल्स पब्लिक स्कूल शिलोंग में स्थित है।

मुख्य बिंदु

असम राइफल्स पब्लिक स्कूल का खेल और शिक्षा क्षेत्र में एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है। इसके अलावा, इसमें खेल सुविधाओं को विकसित करने के लिए पर्याप्त स्थान, पर्याप्त आवास और बोर्डिंग इत्यादि की व्यवस्था ही है। इसके अलावा, गृह मंत्रालय और युवा मामलों और खेल मंत्रालय के बीच अंतर-मंत्रालयी साझेदारी के तहत ओलंपिक खेलों को विकसित करने के लिए इसका अच्छा झुकाव है। इन कारणों से, असम राइफल्स को खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में नामित किया गया है।

खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल क्या है?

खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के साथ खेल को एकीकृत करना है।

खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल में छात्रों का खर्च भारत सरकार वहन करेगी।इसमें शिक्षा का खर्च, बोर्डिंग, लॉजिंग, प्रतियोगिता प्रदर्शन शामिल हैं।

खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों, आदिवासी क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभा की पहचान और उत्थान में मदद करेगा।

भारत में खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल

वर्तमान में, भारत में नौ खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल हैं। इनमें से पांच अर्धसैनिक बल और रक्षा बलों द्वारा प्रबंधित किया जाता है।

खेलो इंडिया

खेतो भारत को 2018 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य देश में खेल संस्कृति में सुधार करना है। राजीव गाँधी खेल अभियान, राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज प्रणाली और शहरी खेल अवसंरचना योजना को एकीकृत करके खेलो इंडिया को लांच किया गया था।


15. भारतीय सेना ने गोवा शिपयार्ड के साथ 12 फास्ट गश्ती नौकाओं के लिए किया समझौता

भारतीय सेना ने विशाल जल क्षेत्रों की निगरानी और गश्त के लिए 12 फास्ट पैट्रोल नावों की खरीद के लिए गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) के साथ एक अनुबंध किया है, जिसमें लद्दाख की पैंगोंग त्सो झील जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र शामिल हैं।

पेंगोंग झील या पेंगोंग त्सो लद्दाख में भारत-चीन सीमा क्षेत्र में स्थित है। यह 4350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित 134 किलोमीटर लंबी है और लद्दाख से तिब्बत तक फैली हुई है।

इस झील का 45 किलोमीटर क्षेत्र भारत में स्थित है जबकि 90 किलोमीटर क्षेत्र चीन में पड़ता है। वास्तविक नियंत्रण रेखा इस झील के मध्य से गुजरती है।

इस वक्त कड़ाके की सर्दियों की वजह से पैंगोंग झील अभी जमी हुई है और यहां पर 3-4 महीने ऐसी ही स्थिति रहेगी, सेना ने योजना तैयार कि है गर्मियों में जब झील पिघलेगी तो यहां लगभग दो दर्जन ऐसी नौकाओं को गश्ती के लिए तैनात कर दिया जाएगा।


16. विश्व बैंक ने पश्चिम बंगाल में जलमार्ग में सुधार के लिए 105 मिलियन डालर का ऋण स्वीकृत किया

विश्व बैंक, भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में 105 मिलियन डॉलर समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस फण्ड को पश्चिम बंगाल अंतर्देशीय जल परिवहन, रसद और विशेष विकास परियोजना के लिए आवंटित किया गया है

मुख्य बिंदु

इस समझौते के अनुसार कोलकाता, पश्चिम बंगाल में अंतर्देशीय जल परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 105 मिलियन अमरीकी डालर के फंड का उपयोग किया जायेगा।

इस आवंटित धन की मदद से अंतर्देशीय जल परिवहन, रसद और विशेष विकास परियोजना से हुगली नदी में माल ढुलाई और यात्री परिवहन की सुविधा होगी।

यह परियोजना कोलकाता महानगर क्षेत्र में पहुंच में सुधार के लिए भी कार्य करेगी।

यह परियोजना सस्ती जलमार्ग और बढ़ी हुई कनेक्टिविटी के माध्यम से निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि करेगी।

यह पश्चिम बंगाल के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विकास में योगदान देगा।

पश्चिम बंगाल अंतर्देशीय जल परिवहन, लॉजिस्टिक्स और विशेष विकास परियोजना

पहले चरण के दौरान यह परियोजना अंतर्देशीय जल परिवहन प्रणाली की क्षमता में वृद्धि करेगी।इसमें मौजूदा जेटी का पुनर्वास, इलेक्ट्रॉनिक गेट स्थापित करना शामिल है।

इस परियोजना के दूसरे चरण के दौरान, यह यात्री परिवहन के लिए दीर्घकालिक निवेश का समर्थन करेगा।इसके अलावा, यह अंतर्देशीय जल परिवहन जहाजों के डिजाइन में सुधार करेगा और सबसे अधिक ट्रैफ़िक और खतरनाक मार्गों पर रात के नेविगेशन को सुनिश्चित करेगा।

परियोजना के लाभ

हुगली नदी गंगा नदी की एक सहायक नदी है। यह कोलकाता बंदरगाह को अपने बड़े खपत केंद्रों से अलग करती है। इसलिए, हुगली नदी पर जल मार्ग परिवहन को बढ़ाना आवश्यक है। वर्तमान में 80% से अधिक माल ढुलाई यातायात और यात्री नदी को पार करते हैं।


17. महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री विलास पाटिल अंदलकर का निधन

महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री और सात बार कांग्रेस से विधायक रहे विलास पाटिल अंदलकर का निधन।

अनुभवी कांग्रेसी अंदलकर को 'काका' के नाम से जाना जाता था, वह कराड-दक्षिण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से सात बार लगातार 35 साल तक, 1980 से 2014 के दौरान रिकॉर्ड विधायक रहे थे।