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5th October | Current Affairs | MB Books


1. 5 अक्टूबर : विश्व अध्यापक दिवस

प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को विश्व अध्यापक दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के द्वारा अध्यापन के पेशे में मौजूद चुनौतियों पर फोकस किया जाता है। इस दिवस की स्थापना वर्ष 1994 में की गयी थी। इस दिवस का उद्देश्य अध्यापकों की भूमिका पर प्रकाश डालना है।

21वीं सदी में अध्यापकों का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है। गौरतलब है कि युवा पीढ़ी अध्यापन के व्यवसाय को लेकर अधिक उत्साहित नहीं है। सतत विकास लक्ष्य 4 के शिक्षा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विश्व भर में लगभग 69 मिलियन अध्यापकों की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के अनुसार विकासशील देशों में लगभग 57 मिलियन बच्चे स्कूली शिक्षा से महरूम है। उप-सहारा अफ्रीका में आधे से अधिक बच्चे प्राथमिक शिक्षा के लिए एनरोल नही किये गये हैं। विकासशील देशों में 103 युवाओं में मौलिक साक्षरता कौशल नहीं है।

भारत में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस

प्रतिवर्ष 5 सितम्बर को देश भर में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस भारत के पहले उपराष्ट्रपति तथा दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जन्म वर्षगाँठ की स्मृति में मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर देश भर के स्कूलों तथा कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। इस दिवस के द्वारा शिक्षकों को छात्रों के उज्जवल भविष्य में योगदान देने के लिए सम्मानित किया जाता है।

2. आज मनाया जा रहा है विश्व आवास दिवस

अक्टूबर के पहले सोमवार को विश्व भर में विश्व आवास दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व आवास दिवस 5 अक्टूबर, 2020 को मनाया जा रहा है, इसकी थीम “Housing for All-A better Urban Future” है।

इस थीम का उद्देश्य सतत कचरा प्रबंधन में ‘फ्रंटियर टेक्नोलॉजी’ के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके द्वारा सतत विकास लक्ष्य 11 को प्राप्त करने का प्रयास किया जायेया, सतत विकास लक्ष्य समावेशी, सुरक्षित तथा सतत शहरों के निर्माण से सम्बंधित है।

पृष्ठभूमि

संयुक्त राष्ट्र ने अक्टूबर के पहले सोमवार को विश्व आवास दिवस निश्चित किया है। इस दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 40/202 द्वारा 1985 में की थी। पहली बार विश्व आवास दिवस को 1986 में मनाया गया था। तत्पश्चात इस दिवस को प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इसका उद्देश्य सभी के लिए आवश्यक आवास की सुविधा प्रदान करना है।

महत्व

वर्तमान में, दुनिया की लगभग 55% आबादी शहरों में रह रही है और यह संख्या हर दिन बढ़ रही है।

सतत विकास लक्ष्य

सतत विकास लक्ष्य 11 का उद्देश्य “शहरों को समावेशी, लचीला, सुरक्षित और टिकाऊ बनाना” है। यह स्थायी शहरीकरण को वैश्विक एजेंडे के केंद्र में रखता है। इस लक्ष्य में शहरों को सुरक्षित बनाना और लचीली अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण करना शामिल है। इसमें हरित सार्वजनिक स्थान बनाना, सार्वजनिक परिवहन में निवेश, सहभागिता और समावेशी तरीकों से प्रबंधन और शहरी नियोजन में सुधार करना शामिल है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावास COVID-19 प्रतिक्रिया योजना

इसका लक्ष्य निम्नलिखित को प्राप्त करना है :

समुदाय-संचालित समाधानों और स्थानीय सरकारों का समर्थन करना

साक्ष्य-आधारित मानचित्रण प्रदान करना और सूचित निर्णय के लिए शहरी डेटा और ज्ञान प्रदान करना

आर्थिक प्रभाव को कम करना।

ऐसा इसलिए है, क्योंकि युद्ध क्षेत्र, शरणार्थी शिविरों, झुग्गियों में रहने वाले लोग महामारी के कारण सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। अफ्रीका के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक आयोग ने शहरी सरकारों को COVID -19 के आर्थिक प्रभावों का मुकाबला करने के लिए समर्थन का प्रस्ताव दिया है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अफ्रीका के शहर इस क्षेत्र की जीडीपी के 50% से अधिक में योगदान करते हैं।


3. नीति आयोग द्वारा डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स जारी किया गया

नीति आयोग और विकास निगरानी व मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) ने हाल ही में डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स सर्वे किया। इस सर्वेक्षण के अनुसार रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत काम करने वाले उर्वरक विभाग को तीसरा स्थान दिया गया। डेटा क्वालिटी इंडेक्स पर विभाग ने 5 में से 4.11 स्कोर हासिल किया। लगभग 65 विभागों और मंत्रालयों का सर्वेक्षण किया गया।

मुख्य बिंदु

इस सूचकांक का मुख्य उद्देश्य मंत्रालयों और विभागों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा लाना है। यह सीखने और एक-दूसरे से सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की आदत को बढ़ावा देने का भी इरादा रखता है। इस प्रकार, यह सूचकांक सरकारी योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करने में प्रभावकारिता में सुधार करने में मदद करेगा।

सूचकांक के विषय इस प्रकार हैं :

  • प्रौद्योगिकी का उपयोग

  • आँकड़े की गुणवत्ता

  • डेटा जनरेशन

  • डेटा विश्लेषण, उपयोग और प्रसार

  • डाटा सुरक्षा

  • मानव संसाधन क्षमता और मामलों का अध्ययन

  • इस सूचकांक ने मंत्रालयों को छह श्रेणियों में वर्गीकृत किया जैसे कि रणनीतिक, प्रशासनिक, बुनियादी ढाँचा, आर्थिक, सामाजिक और वैज्ञानिक।

DMEO (Development Monitoring and Evaluation Office)

इस कार्यालय का गठन 2015 में किया गया था। इसका गठन स्वतंत्र मूल्यांकन कार्यालय और कार्यक्रम मूल्यांकन कार्यालय को मिलाकर किया गया था। यह कार्यालय नीति आयोग से जुड़ा हुआ है। यह नीति आयोग के निगरानी और मूल्यांकन के कार्य को पूरा करने के लिए काम करता है।

DMEO आउटपुट-आउटकम फ्रेमवर्क के माध्यम से निगरानी करता है। केंद्रीय बजट 2019-20 के संबंध में, इस ढांचे की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इसने शासन-आधारित परिणामों के प्रति भौतिक और वित्तीय प्रगति को मापने के प्रतिमान को बदल दिया।

DMEO को देश की सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं का मूल्यांकन करने का कार्य सौंपा गया है। इससे योजनाओं को तर्कसंगत बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्र प्रायोजित योजनाएं

केंद्रीय योजनाओं को केंद्र प्रायोजित योजनाओं और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं में विभाजित किया गया है। केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्त पोषित होती हैं। वे ज्यादातर संघ सूची से तैयार की गयी हैं।

दूसरी ओर केंद्र प्रायोजित योजनाएँ वे योजनायें हैं जहाँ वित्त के मामले में केंद्र और राज्यों दोनों की भागीदारी होती है। इन केंद्र प्रायोजित योजनाओं को कोर योजनाओं, वैकल्पिक योजनाओं और कोर योजनाओं में विभाजित किया गया है।

वर्तमान में, छह कोर योजनाएं हैं। वे राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, अनुसूचित जातियों के विकास के लिए अम्ब्रेला स्कीम, अन्य कमजोर समूहों के विकास के लिए अम्ब्रेला कार्यक्रम, अल्पसंख्यकों के विकास के लिए अम्ब्रेला कार्यक्रम और महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कार्यक्रम हैं।

वर्तमान में 22 कोर योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।

4. भारतीय तटरक्षक पोत वेसल कर्नाकलाता बरुआ को कोलकाता में किया गया कमीशन

भारतीय तटरक्षक पोत कर्नाकलाता बरुआ की तैनाती कोलकाता में की गई है।

यह गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) लिमिटेड द्वारा निर्मित फास्ट पैट्रोल वेसल (FPV) की श्रृंखला का पांचवां और अंतिम पोत है।

FPV इंसोर गश्ती पोतों का उन्नत संस्करण हैं जो पतवार के संशोधित रूप के साथ हैं, जो 34 क्नोट्स गति तक चल सकता हैं।

इन पोतों को जीआरएसई द्वारा भारतीय नौसेना को सौंपा गया है।

भारतीय तटरक्षक पोत वेसल कर्नाकलाता बरुआ का नाम एक युवा स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखा गया था, जिन्हें भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान असम में गोली मार दी गई थी।

अन्य चार ICGS प्रियदर्शिनी (इंदिरा गांधी के नाम पर), ICGS एनी बेसेंट, ICGS कमला देवी (कमला देवी चट्टोपाध्याय के नाम पर), और ICGS अमृत कौर हैं।

ये जहाज गश्त, समुद्री निगरानी, तस्करी-रोधी, अवैध शिकार-रोधी अभियानों और मत्स्य संरक्षण और बचाव तथा खोज अभियानों के लिए भी अनुकूल हैं।

5. भारत ने एंटी सबमरीन सुपरसोनिक मिसाइल 'SMART' का किया सफल परीक्षण, वॉरशिप पर होगी तैनात

भारत ने सोमवार को सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड रिलीज़ ऑफ टॉरपीडो (SMART) का सफलतापूर्वक फ्लाइट-टेस्ट किया। यह परीक्षण ओडिशा के तटीय इलाके में व्हीलर आईलैंड से किया गया है। परीक्षण के दौरान मिसाइल की रेंज, एल्टीट्यूड, नोज़ कोन के अलग होने की प्रक्रिया, टॉरपीडो को छोड़ने की क्षमता और VRM (Velocity Reduction Mechanism) पर स्थापित करने की प्रक्रिया सहित सभी पैमाने सही पाए गए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने Defence Research and Development Organisation (DRDO) को इस सफलता पर बधाई दी है उन्होंने एक ट्वीट कर लिखा, 'DRDO ने Supersonic Missile assisted release of Torpedo, SMART का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है यह एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में भारत की स्टैंड-ऑफ क्षमता बढ़ाने की दिशा में बहुत बड़ा तकनीकी कदम है मैं DRDO और दूसरे भागीदारों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं'

बता दें कि SMART एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW) में इस्तेमाल होने वाला टॉरपीडो सिस्टम का हल्का रूप है इसे टॉरपीडो की रेंज से ज्यादा रेंज वाले ऑपरेशन में इस्तेमाल किया जाएगा यह लॉन्च एंटी सबमरीन वॉरफेयर में बढ़ती क्षमता बढ़ाने के लिए अहम है

इसपर बोलते हुए DRDO के चेयरमैन डॉक्टर जी सतीश रेड्डी ने कहा, 'SMART, ASW के क्षेत्र में गेम-चेंजर है' इस इवेंट को तट से और डाउन रेंज के जहाजों सहित टेलीमेट्री स्टेशन और ट्रैकिंग स्टेशन (रडार, इलेक्ट्रो ऑप्टिकल सिस्टम) से मॉनिटर किया गयाSMART के लिए आवश्यक तकनीकियों को DRDO की लैब्स, जिसमें DRDL RCI हैदराबाद, ADRDE आगरा, NSTL विशाखापट्टनम शामिल हैं, ने मिलकर तैयार किया है

6. राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह, 2020

हर साल राष्ट्रीय वन्य जीव सप्ताह 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर के बीच भारत में मनाया जाता है। यह 1954 से मनाया जा रहा है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण कदम उठाकर भारतीय पशुओं के जीवन को बचाना है।

मुख्य बिंदु

हालांकि यह दिन पूरे भारत में कई संगठनों द्वारा मनाया जाता है, लेकिन यह उत्सव मुख्य रूप से राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा आयोजित किया जाता है।

वन विभाग आर्द्रभूमि में पक्षियों को देखने का आयोजन करते हैं, इसके अलावा सम्मेलन, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ, शिक्षा प्रशिक्षण और व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं।

उद्देश्य

निम्नलिखित उद्देश्यों के तहत देश में राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह मनाया जाता है:

वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना

वन्यजीवों को संरक्षित करने वाली सेवाओं को लागू करना

वन्यजीव संरक्षण से संबंधित मुद्दों की पहचान करना।

भारत में वन्य जीवन संरक्षण

भारत दुनिया की 17 मेगा विविधताओं में से एक है। इसलिए, भारत के लिए अपनी जैव विविधता का संरक्षण करना महत्वपूर्ण है। भारत सरकार ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। कुछ प्रमुख कार्यक्रम इस प्रकार हैं :

प्रोजेक्ट टाइगर: यह 1972 में लॉन्च किया गया था और यह भारत सरकार का सबसे सफल वन्यजीव कार्यक्रम है

प्रोजेक्ट एलीफैंट

मगरमच्छ संरक्षण परियोजना

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम सी टर्टल प्रोजेक्ट

संरक्षित क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 द्वारा बनाए गए थे

वेटलैंड (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2010 का मसौदा तैयार किया गया था

विधान

भारत की जैव विविधता को संरक्षित करने वाले कानून इस प्रकार हैं :

  • भारतीय वन अधिनियम, 1972

  • मत्स्य अधिनियम, 1897

  • पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960

  • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम

  • जैविक विविधता अधिनियम

  • वन संरक्षण अधिनियम

महा विविध देश (Mega Diverse Countries)

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने दुनिया में 17 मेगा-विविध देशों की पहचान की है। वे यह देश हैं : ऑस्ट्रेलिया, चीन, ब्राजील, कोलम्बिया, अमेरिका, इक्वाडोर, भारत, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मलेशिया, मेडागास्कर, पापुआ न्यू गिनी, मेक्सिको, पेरू, दक्षिण अफ्रीका, लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो और वेनेजुएला।

इनमें से 12 देशों ने 2002 में बैठक की और कैनकन घोषणा को अपनाया। भारत ने इस घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं।

एक महा-विविध देश के लिए मानदंड

एक देश को निम्नलिखित शर्तों के तहत एक महा-विविध देश कहा जाता है

देश में कम से कम 5,000 स्थानिक पौधे होने चाहिए

इसकी सीमाओं के भीतर समुद्री पारिस्थितिक तंत्र होना चाहिए

7. बंगाल की खाड़ी में आरंभ हुआ भारत-बांग्लादेश नौसेना द्विपक्षीय अभ्यास का दूसरा संस्करण

भारतीय नौसेना और बांग्लादेश की नौसेना के द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'बोंगोसागर' का दूसरा संस्करण बंगाल की उत्तरी खाड़ी में आरंभ हो गया है।

अभ्यास 'बोंगोसागर', का उद्देश्य समुद्री अभ्यास और संचालन के एक व्यापक स्पेक्ट्रम के माध्यम से जंगी कार्रवाई का अंतर और संयुक्त परिचालन कौशल विकसित करना है।

बोंगोसागर नौसैनिक अभ्यास के इस सत्र में दोनों नौसेनाओं के पोत इस दौरान सतह युद्ध अभ्यास, नाविक कला विकास और हेलीकॉप्टर संचालन का अभ्यास करेंगे।

इसके अलावा 4 से 5 अक्टूबर 2020 तक बंगाल की उत्तरी खाड़ी में भारत और बांग्लादेश की नौसेनाए संयुक्त गश्ती (कॉर्पेट) के तीसरे सत्र में भी हिस्सा लेगी, जिसमें दोनों नौसेना इकाइयां अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) के साथ संयुक्त रूप से गश्त करेंगी।

8. कोविड-19 की वैक्सीन Covaxin का इम्यून रिस्पॉन्स बढ़ाने के लिए Bharat Biotech ने ViroVax से मिलाया हाथ

देश में Covid-19 की वैक्सीन बना रही फार्मास्यूटिकल कंपनी Bharat Biotech ने घोषणा की है कि वो अपने वैक्सीन Covaxin के इम्यून रिस्पॉन्स को बढ़ाने और लंबे समय तक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए रखने के लिए अमेरिका के कैन्सस स्थित ViroVax LLC फर्म के साथ हुए एक लाइसेंस समझौते के तहत काम करेगी. कंपनी इसके लिए सहयोगी (adjuvant) Alhydroxiquim-II का इस्तेमाल करेगी।

भारत बायोटेक फिलहाल कोवैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल दूसरे चरण में कर रही है इसके लिए उसे Drug Controller General of India (DCGI) से अनुमति मिली थी कंपनी ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी के साथ इस वैक्सीन पर काम किया है

कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर कृष्णा एला ने कहा कि 'वैक्सीन एंटीजन के एंटीबॉडी रिस्पॉन्स को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए adjuvants के विकास और उपलब्धता को बढ़ाने की जरूरत है, इनसे पैथोजन्स के खिलाफ लंबे समय के लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती हैViroVax के साथ हमारी पार्टनरशिप एक सुरक्षित और लंबे समय तक के लिए प्रतिरोधक क्षमता देने वाली वैक्सीन विकसित करने के हमारे अथक प्रयासों की तरफ अगला कदम है'

ViroVax के डॉक्टर सुनील डेविड ने कहा कि 'ViroVax भारत बायोटेक के साथ समझौता करके काफी खुश हैयह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के सहयोग की वजह से ही हो पाया है' बता दें कि ViroVax को कोविड-19 की रोकथाम के लिए एक सबयूनिट वैक्सीन निर्माण के लिए और इसके उपचार के लिए थेरेप्यूटिक्स यानी इलाज के तरीके की खोज और विकास के लिए सप्लीमेंटल फंडिंग भी मिली थी

9. Coronavirus India Updates: देश मे कोरोना के कुल मामले 66 लाख पार

Coronavirus India Updates: देश में कोरोना संक्रमितों की कुल तादाद 66 लाख के पार पहुंच गई है। एक दिन में करीब 75000 नए मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में COVID-19 के 74,442 नए मामले सामने आए हैं। कुल संक्रमित मामलों की संख्या 66,23,815 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटे यानी एक दिन में 903 मरीजों की कोरोना की वजह से मौत हुई है। अब तक कुल 1,02,685 मौतें हो चुकी हैं।

प्रयागराज में कोरोना वायरस संक्रमण के 144 नए मामले , तीन व्यक्तियों की मृत्यु

प्रयागराज जिले में रविवार को 144 और लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई जिससे यहां संक्रमितों की संख्या 20,076 हो गई। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर जीएस बाजपेयी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को संक्रमण से तीन व्यक्तियों की मृत्यु हो गई जिससे यहां मरने वालों की संख्या 274 हो गई है।

झारखंड में संक्रमण से नौ और लोगों की मौत, मृतक संख्या 743 हुई

झारखंड में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण से नौ और लोगों की मौत हो गयी जिसे मिलाकर राज्य में संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 743 हो गयी। वहीं संक्रमण के 933 नये मामले सामने आये जिन्हें मिलाकर राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 87210 हो गयी।

गुजरात में कोविड-19 के 1,302 नए मामले सामने आए, नौ रोगियों की मौत

गुजरात में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 1,302 नए मामले सामने आने के बाद रविवार को संक्रमितों की कुल संख्या 1,42,700 हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानककारी दी है।

करीब 8 करोड़ लोगों की जांच

पिछले 24 घंटों में 9,89,860 लोगों के सैंपल लिए गए, अब तक हुए कुल 7,99,82,394 लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है।

कोरोना के एक्टिव मामले-9,34,427 रिकवरी रेट- 84.34%

एक्टिव मरीज़-14.1%

डेथ रेट- 1.55%

पॉजिटिविटी रेट- 7.52%

अबतक एक लाख से ज्यादा की मौत

कोरोना वायरस की वजह से पिछले 24 घंटे में 903 मरीजों की मौत हो गई, जिसके बाद कुल मृतकों की संख्या 1,02,685 पहुंच चुकी है।

55 लाख से ज्यादा मरीज हुए ठीक

पिछले 24 घंटे में ठीक हुए मरीजों की संख्या 76,737, अब तक कुल 55,86,703 कोरोना वायरस को मात देने में हुए कामयाब।

कुल मामले 66 लाख के पार

पिछले 24 घंटे में नए मामले-74,442 आए सामने। कुल मामलों की संख्या 66,23,815 हुई।

पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के 3,357 नए मामले

पश्चिम बंगाल में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3,357 नए मामले सामने आए जिसके बाद राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,70,331 हो गई।

झारखंड में संक्रमण से नौ और लोगों की मौत, मृतक संख्या 743 हुई

झारखंड में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण से नौ और लोगों की मौत हो गयी जिसे मिलाकर राज्य में संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 743 हो गयी। वहीं संक्रमण के 933 नये मामले सामने आये जिन्हें मिलाकर राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 87210 हो गयी।

गुजरात में कोविड-19 के 1,302 नए मामले गुजरात में रविवार को कोविड-19 के 1,302 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 1,42,700 हो गई।

कर्नाटक में कोविड-19 के 10,415 नये मरीज सामने आए कर्नाटक में रविवार को कोविड-19 के 10,415 नये मरीजों के सामने आने के साथ प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 6,40,661 हो गई है। सप्ताह में यह तीसरी बार है जब कोविड-19 के 10,000 से अधिक मामले सामने आए हैं।

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