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5 June 2020 Hindi Current Affairs


विश्व पर्यावरण दिवस : 5 जून

प्रत्येक वर्ष 5 जून को वैश्विक स्तर पर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। लोगों को पर्यावरण की सुरक्षा हेतु जागरुक बनाना इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है। विश्व पर्यावरण दिवस 2020 का विषय ‘Celebrate Biodiversity’ है।

मुख्य बिन्दु

वर्ष 1974 से इस दिन को दुनिया भर में मनाने की शुरुआत की गयी थी। इसके द्वारा विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों जैसे समुद्री प्रदूषण, जनसँख्या विस्फोट, ग्लोबल वार्मिंग, सतत उपभोग तथा वन्यजीव अपराधों के बारे में जागरूकता फ़ैलाने का कार्य किया जाता है। इस दिवस को विश्वभर में 143 देशों द्वारा प्रतिवर्ष मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गयी थी। इसकी स्थापना मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोल्म सम्मेलन के पहले दिन पर की गयी थी।


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फार्माकोपिया आयोग की फिर से स्थापना को मंजूरी दी

4 जून, 2020 को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फार्माकोपिया आयोग को मंजूरी दी। कैबिनेट ने आयुष मंत्रालय के तहत भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी के लिए आयोग को फिर से स्थापित करने की मंजूरी दी है।

मुख्य बिंदु

फार्माकोपिया लेबोरेटरी फॉर इंडियन मेडिसिन और होम्योपैथिक फार्माकोपिया लेबोरेटरी का विलय कर इस आयोग का गठन किया गया है। यह दो केंद्रीय प्रयोगशालाएं 1975 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थापित की गईं। यह आयोग एक स्वायत्त निकाय है जो आयुष मंत्रालय के तहत संचालित होता है। यह 2010 से परिचालन में है।

महत्व

फार्माकोपिया का अर्थ होता है दवा बनाना। भारत सरकार ने भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी के फार्माकोपिया आयोग को फिर से स्थापित किया है। यह आयोग तकनीकी जनशक्ति, अवसंरचनात्मक सुविधाओं, वित्तीय संसाधनों का अनुकूलन करने में मदद करेगा।


विश्व बैंक ने वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट, 2020 जारी की

विश्व बैंक ने हाल ही में ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स रिपोर्ट, 2020 जारी की। इस रिपोर्ट में देशों पर COVID-19 के प्रभाव पर प्रकाश डाला गया।

मुख्य बिंदु

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उभरते हुए बाज़ार और विकासशील अर्थव्यवस्थाएं अत्यधिक असुरक्षित हैं। वे स्वास्थ्य संकट, प्रतिबंध, पर्यटन, गिरते व्यापार, पूंजी के बहिर्वाह और कमोडिटी की कीमतों का सामना कर रहे हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार इन देशों में 3% से 8% उत्पादन में नुकसान होने की उम्मीद है।

इस वर्ष COVID-19 के कारण लगभग 60 मिलियन लोगों को अत्यधिक गरीबी की ओर धकेला जा सकता है। मंदी के कारण वित्तीय संकट संभावित उत्पादन को लगभग 8% कम कर देगा।


कोहाला हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के क्षेत्र में कोहाला पनबिजली परियोजना को लागू करने के लिए चीन और पाकिस्तान के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह परियोजना चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के तहत कार्यान्वित की जा रही है।

मुख्य बिंदु

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के तहत चीन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कोहाला पनबिजली परियोजना स्थापित कर रहा है। इस परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए ट्राइपार्टाइट गोर्जेस कॉरपोरेशन, प्राइवेट पावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर बोर्ड और पाक-अधिकृत कश्मीर के प्राधिकरणों के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

परियोजना के बारे में

यह परियोजना झेलम नदी पर निर्मित की जायेगी। इसका उद्देश्य पाकिस्तान को 5 बिलियन यूनिट स्वच्छ हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रदान करना है। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा के लिए जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क सम्मेलन से कार्बन क्रेडिट अर्जित करेगी।

भारत का रुख

भारत ने पहले गिलगित-बाल्टिस्तान में बांध बनाने की पाकिस्तान की योजना का विरोध किया था। साथ ही, भारत का कहना है कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में परियोजनाएं उचित नहीं हैं।


TULIP इंटर्नशिप कार्यक्रम

4 जून, 2020 को आवास और शहरी विकास मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने “TULIP” नामक एक इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया।

प्रमुख विशेषताऐं

इस कार्यक्रम को नए इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए लॉन्च किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत, उन्हें भारत में 4,400 शहरी स्थानीय निकायों और 100 स्मार्ट शहरों के साथ काम करने के अवसर मिलेंगे। इंटर्नशिप एक वर्ष के लिए आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में शामिल हितों के क्षेत्र वित्तपोषण, शहरी नियोजन, पर्यावरण नियोजन, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे, पर्यावरण इंजीनियरिंग हैं।

पोर्टल

इस पोर्टल के साथ TULIP का एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया गया था। इच्छुक स्नातक इस पोर्टल के माध्यम से इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकेंगे।

महत्व

शहरी स्थानीय निकाय और स्मार्ट सिटी देश के नागरिकों के लिए अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए युवाओं का उपयोग करेंगे। इस कार्यक्रम ने 25,000 नए इंजीनियरिंग स्नातकों का लक्ष्य रखा है।

यह कार्यक्रम भारत को कई सरकारी योजनाओं को लागू करने में अपनी जनशक्ति की कमी की समस्या को हल करने में मदद करेगा।


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