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4th February | Current Affairs | MB Books


1. 4 फरवरी : विश्व कैंसर दिवस

प्रतिवर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य शिक्षा तथा जागरूकता द्वारा लोगों के जीवन की रक्षा के लिए कार्य करना है।

विश्व में कैंसर का प्रभाव : 2018 में कैंसर के मामले बढ़कर 18.1 मिलियन तक पहुँच गये हैं, जबकि कैंसर से मरने वाले लोगों की संख्या 9.6 मिलियन तक पहुँच गयी है। जीवन में औसतन पांच में से एक पुरुष को तथा 6 में से एक महिला को कैंसर होता है। कैंसर के कारण 8 में से एक पुरुष की मृत्यु तथा 11 में से एक महिला की मृत्यु कैंसर से होती है।

भारत में कैंसर से पीड़ित लोगों की संख्या लगभग 2.25 मिलियन है, भारत में हर वर्ष लगभग 1 लाख कैंसर के नए मामले आते हैं। 2018 में कैंसर के कारण लगभग 7 लाख लोगों की मृत्यु हुई। भारतीय मेडिकल अनुसन्धान परिषद् का अनुमान है कि 2020 तक भारत में कैंसर के 17 लाख नए मामले पंजीकृत किया जायेंगे तथा कैंसर से मरने वालों की संख्या 8 लाख होगी।

यदि कैंसर से लड़ने के लिए उचित कदम नहीं उठाये गये तो कैंसर से प्रभावित लोगों की संख्या 2040 तक 30 मिलियन तक पहुँच सकती है।


2. अमेरिका-रूस परमाणु हथियारों को सीमित करने पर सहमत हुए

अमेरिका ने हाल ही में परमाणु हथियारों के भंडार को सीमित करने को लेकर रूस के साथ किये गये परमाणु आयुध समझौते की अवधि पांच साल के लिए बढ़ा दी है। अमेरिका ने कहा कि यह कदम 21वीं सदी की सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने हेतु बाइडन प्रशासन के प्रयासों की शुरुआत है।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने समझौते की अवधि समाप्त होने से एक दिन पहले कहा कि अमेरिका इसका विस्तार कर रहा है। ब्लिंकेन ने एक बयान में कहा कि आज, अमेरिका ने उस संकल्प को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम उठाया और रूसी परिसंघ के साथ किये गये समझौते को पांच साल के लिए बढ़ा दिया।

उद्देश्य : इस संधि का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियारों की होड़ में रोक लगाना था। रूस की संसद के दोनों सदनों ने पांच साल के लिए ‘न्यू स्टार्ट संधि’ के विस्तार के लिए मंजूरी दे दी है। हालांकि विस्तार के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत नहीं है। दोनों देशों की तरफ से संधि का विस्तार करने से दुनिया में परमाणु हथियारों को सीमित रखने के द्विदलीय प्रयास से अन्य देश भी प्रभावित होंगे।

इस संधि से चीन पूरी तरह से बाहर : अमेरिका और रूस न्यू स्टार्ट संधि के लिए राजी हो गए हैं। इस संधि के तहत दोनों देश साल 2026 तक न केवल अपने परमाणु हथियारों के विस्‍तार बल्कि हथियारों की होड़ को भी प्रतिबंधित करेंगे। इस संधि से चीन पूरी तरह से बाहर है। इस संधि उसके सैन्‍य और परमाणु क्षमता के विकास पर कोई असर नहीं होगा।

न्यू स्टार्ट संधि के बारे में : नई सामरिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि (Strategic Arms Reduction Treaty) संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के बीच सामरिक हथियारों में कमी लाने तथा उन्हें सीमित करने संबंधी एक संधि है। यह संधि 05 फरवरी 2011 को लागू हुई थी। यह नई स्टार्ट संधि शीत युद्ध के अंत में वर्ष 1991 में हुई स्टार्ट संधि की अनुवर्ती है। साल 1991 की संधि दोनों पक्षों के लिये रणनीतिक परमाणु वितरण वाहनों की संख्या को 1,600 और वारहेड्स की संख्या को 6,000 तक सीमित करती है।


3. राजस्थान में किया जायेगा भारत-अमेरिका के बीच ‘युद्ध अभ्यास’ का आयोजन

भारत-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ का 16वां संस्करण राजस्थान में 8 फरवरी से शुरू होगा और इसका समापन 21 फरवरी, 2021 को होगा।

मुख्य बिंदु :

  • यह अभ्यास भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जाएगा।

  • यह भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच सहयोग और इंटरओपेराबिलिटी को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा।

  • यह अभ्यास आतंकवाद-निरोधी कार्रवाई पर भी केंद्रित होगा।

  • इससे पहले जनवरी 2021 में राजस्थान में भारत और फ्रांस की वायु सेनाओं के बीच पाँच दिनों का अभ्यास भी आयोजित किया गया था।

  • दोनों सेनाओं का द्विपक्षीय प्रशिक्षण अभ्यास महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया जाएगा।

  • भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व जम्मू और कश्मीर राइफल्स की 11वीं बटालियन द्वारा किया जाएगा जो दक्षिण पश्चिमी कमान का हिस्सा है।

  • अमेरिकी सेना का प्रतिनिधित्व द्वितीय बटालियन, तृतीय इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिकों द्वारा किया जाएगा।ये सैनिक 1-2 स्ट्राइकर ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के हैं।

युद्ध अभ्यास : दोनों देशों की सेनाओं के बीच 2004 से ‘युद्ध अभ्यास’ आयोजित किया जा रहा है। दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इस अभ्यास की रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें दोनों पक्ष अपनी प्रशिक्षण तकनीकों, अपनी संस्कृति को साझा करते हैं।

अभ्यास का महत्व : यह अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग के स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा। यह बदले में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को भी बढ़ावा देगा। यह अभ्यास भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत की प्रमुख भूमिका को भी दर्शाता है। चीन के साथ उत्तरी सीमा पर हालिया घटनाओं के संबंध में भी यह अभ्यास भी महत्वपूर्ण है।


4. HAL में नए उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन किया गया

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के उत्पादन के लिए एक नए प्लांट का उद्घाटन किया है। इस प्लांट का उद्घाटन बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में किया गया था। यह संयंत्र भारत के स्वदेशी फाइटर जेट LCA तेजस के उत्पादन को दोगुना करेगा।

मुख्य बिंदु :

  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को सशस्त्र बलों से 48,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है।

  • यह सबसे बड़ी स्वदेशी रक्षा खरीद होने जा रही है जो भारतीय एयरोस्पेस क्षेत्र को बढ़ावा देगी।

  • रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि भारत रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में अपने लक्ष्य 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

एलएसी तेजस प्लांट :

  • नवनिर्मित एलसीए तेजस उत्पादन संयंत्र 35 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है।

  • यह प्लांट 83 विमानों के वायु सेना के आर्डर को पूरा करने के लिए प्रति वर्ष एलसीए तेजस के उत्पादन को दोगुना करने में मदद करेगा।

  • 83 जेट के आर्डर को पूरा करने की परियोजना में कई सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के भागीदार शामिल होंगे।

  • यह परियोजना निजी क्षेत्र में 5,000 नौकरियों का सृजन करेगी।

  • HAL की उत्पादन इकाई भी 500-600 लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगी।

HAL तेजस : यह भारत के स्वदेशी सिंगल इंजन चौथी पीढ़ी का मल्टीरोल लाइट फाइटर एयरक्राफ्ट है। इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के एयरक्राफ्ट रिसर्च एंड डिज़ाइन सेंटर (ARDC) द्वारा डिज़ाइन किया गया है। इसे भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के लिए डिज़ाइन किया गया है। LCA को आधिकारिक तौर पर 2003 में “तेजस” नाम दिया गया था।

तेजस की विशेषताएं : इसमें एक डेल्टा-विंग कॉन्फ़िगरेशन है जिसमें सिंगल वर्टीकल स्टेबलाइज़र होता है। इसमें रिलैक्स्ड स्टेटिक, मल्टी-मोड रडार, फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और इंटीग्रेटेड डिजिटल एवियोनिक्स सिस्टम जैसी तकनीकें हैं। यह अपनी श्रेणी में सबसे छोटा और हल्का है। तेजस अपने विदेशी समकक्ष से बेहतर है। यह अपने विदेशी वेरिएंट की तुलना में काफी सस्ता भी है।


5. कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय ने छोटी कंपनियों की परिभाषा में संशोधन किया

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने कंपनी नियमों में संशोधन करके छोटी कंपनियों की परिभाषा में संशोधन किया है। नया संशोधन अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को भारत में एकल व्यक्ति कंपनियों (ओपीसी) को खोलने की अनुमति देता है।

मुख्य बिंदु : इन बदलावों की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट के दौरान की। ये बदलाव 1 अप्रैल से लागू होंगे। अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि छोटी कंपनी की पेड-अप कैपिटल और टर्नओवर क्रमशः दो करोड़ रुपये और बीस करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। पहले कंपनी अधिनियम में अधिकतम 50 लाख रुपये की पूंजी और 2 करोड़ रुपये के कारोबार का उल्लेख किया गया था।

2018 का संशोधन : वर्ष 2018 में, कंपनी अधिनियम में संशोधन किया गया था। इसमें छोटी कंपनियों के लिए पेड-अप कैपिटल और टर्नओवर के लिए क्रमशः 10 करोड़ रुपये और 100 करोड़ रुपये का प्रावधान था।

महत्व : वित्त मंत्री कहा है कि सीमा में बदलाव से लगभग 2,00,000 कंपनियों का अनुपालन बोझ हल्का होगा।

ओपीसी के संबंध में संशोधन : इस अधिसूचना में ओपीसी (One Person Companies) के संबंध में कई संशोधन शामिल हैं। इसने खंड में “भारत के निवासी या अन्यथा” शब्दों को प्रतिस्थापित किया है। इस नियम में पहले प्रावधान था कि केवल एक भारतीय निवासी ही ओपीसी का गठन कर सकता है। इसके अलावा, मंत्रालय ने एक निजी या सार्वजनिक कंपनी को OPCs के स्वैच्छिक रूपांतरण की भी अनुमति दी है। हालांकि, यह कंपनी अधिनियम के अनुसार बोर्ड के सदस्यों और भुगतान की गई पूंजी की न्यूनतम आवश्यकताओं के अधीन है।


6. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कोरोना से मुक्त होने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश

हाल ही में अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कोविड मरीजों की संख्‍या शून्‍य होने के साथ ही देश का पहला कोरोना मुफ्त केन्‍द्र शासित प्रदेश बन गया है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की वेबसाइट में बताया गया है कि द्वीप समूह में चारों रोगी ठीक हो गये हैं। यह परिणाम कडी सतर्कता और निगरानी के कारण आया है।

केन्‍द्र शासित प्रदेश में संक्रमण के कुल चार हजार नौ सौ 32 मामलें आये थे। इसमें से 62 लोगों की मौत हो गई थी। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में पिछले छह दिन में कोविड-19 (Corona in Andaman Nicobar) का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने 01 फरवरी 2021 को दी।

वहीं पिछले 24 घंटे में संक्रमण से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है और मृतकों की संख्या 62 बनी हुई है। हालांकि प्रोटोकॉल के अनुसार कोविड जांच जारी रहेगी। द्वीप समूह के मुख्‍य सचिव चेतन बी. संघी ने अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की प्रशंसा की है और लोगों से निरन्‍तर सहयोग देने की अपील की है।

संक्रमण का पहला मामला : यह द्वीप समूह अपनी प्राकृतिक संदुरता के लिए मशहूर है और संक्रमण का पहला मामला यहां 10 जून 2020 को सामने आया। वहीं 27 जुलाई को एक मरीज की मौत हो गई, जो संक्रमण से मौत का यहां का पहला मामला था।

पर्यटन उद्योग खासा प्रभावित हुआ : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोलकाता या चेन्नई से विमान या जहाज के जरिए यहां पहुंचने वाले किसी भी व्यक्ति को संक्रमण मुक्त होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलता है। कोविड-19 की वजह से यहां का पर्यटन उद्योग खासा प्रभावित हुआ लेकिन अब बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं और सभी मुख्य पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं।

सात दिनों से संक्रमण का कोई मामला नहीं : द्वीप समूह में पिछले सात दिनों से संक्रमण का कोई मामला नहीं आया है। संक्रमण की दर दो दशमलव दो-दो प्रतिशत है और जांच दर पांच लाख 62 हजार 130 प्रति दस लाख है। अब तक दो लाख 24 हजार नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।


7. ‘गोबरधन’ योजना की प्रगति की मॉनिटरिंग के लिए एकीकृत वेब पोर्टल लॉन्च किया गया

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जल राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने संयुक्त रूप से एक एकीकृत वेब पोर्टल लॉन्च किया है। इस वेब पोर्टल का उपयोग भारत में ‘गोबरध’न गतिविधियों की प्रगति की निगरानी के लिए किया जाएगा।

मुख्य बिंदु :

  • यह स्वच्छ भारत मिशन चरण-2 का एक महत्वपूर्ण घटक है।

  • इस मिशन का उपयोग कार्बनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किया जा रहा है।

  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के चरण 2 में उल्लिखित खुले में शौच मुक्त प्लस लक्ष्य गोबर्धन योजना के प्रदर्शन पर निर्भर है।

  • यह पहल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन चुनौती को संबोधित करेगी और आजीविका के अवसरों को भी बढ़ाएगी।

  • इसके अलावा, यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और किसानों की घरेलू आय में वृद्धि करेगी।

  • यह पहल मवेशियों के गोबर और अन्य जैविक कचरे के प्रबंधन के लिए प्रभावी रूप से गांवों का समर्थन करेगी।

गोबरधन योजना : यह योजना पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी। यह योजना स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का हिस्सा है। इस योजना का फोकस गाँवों को स्वच्छ रखने, ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर है। यह मवेशियों के कचरे से ऊर्जा उत्पन्न करने पर केन्द्रित है।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) : इस मिशन में स्वच्छ गाँव बनाने के लिए दो मुख्य घटक शामिल हैं। इन दो घटकों में शामिल हैं- खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) गांवों का निर्माण करना और गांवों में ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन करना। इस योजना के तहत, देश के 3.5 लाख गांवों, 374 जिलों और 16 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक ओडीएफ घोषित किया गया है। इस प्रकार, ओडीएफ-प्लस गतिविधियों को स्थापित करने का समय आ गया है। ODF-plus में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) को बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। गोबरधन योजना भी ओडीएफ-प्लस रणनीति के तहत एक तत्व है।


8. चेन्नई में आर्द्र्भूमि संरक्षण और प्रबंधन के लिए भारत का पहला केंद्र शुरू किया जायेगा

केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि वह जल्द ही चेन्नई में आर्द्र्भूमि संरक्षण और प्रबंधन के लिए केंद्र (Centre for Wetland Conservation and Management) स्थापित करेगी।

मुख्य बिंदु : आर्द्र्भूमि संरक्षण और प्रबंधन के लिए केंद्र की स्थापना आर्द्र्भूमि संरक्षण और प्रबंधन के लिए ज्ञान अंतराल और विशिष्ट अनुसंधान आवश्यकताओं को संबोधित करने के लिए की जाएगी।

आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन के लिए केंद्र : केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु के चेन्नई में आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन केंद्र (CWCM) की स्थापना की जाएगी।

यह संरक्षण केंद्र सतत तटीय प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय केंद्र का एक हिस्सा होगा। यह राष्ट्रीय केंद्र पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक संस्था है।

आर्द्रभूमि संरक्षण व प्रबंधन केंद्र नियामक ढांचे और नीतियों को डिजाइन और कार्यान्वित करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।यह आर्द्रभूमि के संरक्षण के लिए निगरानी, ​​प्रबंधन योजना और अनुसंधान में भी मदद करेगा।

यह संरक्षण केंद्र एक ज्ञान केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा।

यह राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों, प्रबंधकों, आर्द्र्भूमि शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, नीति-निर्माताओं के बीच विनिमय को सक्षम करेगा।

केंद्र प्रासंगिक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ नेटवर्क और साझेदारी बनाने में आगे मदद करेगा।

आर्द्रभूमि क्या हैं? : आर्द्र्भूमि एक विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र है जो पानी से भर जाता है। वे या तो स्थायी रूप से या मौसमी रूप से पानी से भर जाते हैं। ऐसे पारिस्थितिक तंत्रों में, ऑक्सीजन मुक्त प्रक्रियाएं प्रबल होती हैं। आर्द्र्भूमि जल शोधन, जल भंडारण, कार्बन के प्रसंस्करण और तटरेखा के स्थिरीकरण में मदद करती है। यह पौधों और जानवरों को भी सहायता प्रदान करती है।

भारत में आर्द्रभूमि : भारत में 42 रामसर स्थल हैं जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में नामित किया गया है।

विश्व आर्द्रभूमि दिवस : आर्द्रभूमि के संरक्षण के लिए 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2021 में इस दिन ने आर्द्र्भूमि पर रामसर कन्वेंशन के हस्ताक्षर की 50वीं वर्षगांठ को चिह्नित किया। इस कन्वेंशन को ईरान के रामसर में वर्ष 1971 में हस्ताक्षरित किया गया था।


9. प्रधानमंत्री मोदी ने चौरी-चौरा शताब्दी समारोह का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 04 फरवरी 2021 को चौरी-चौरा शताब्दी समारोह का ऑनलाइन उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने इस मौके पर डाक टिकट भी जारी किया।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चौरीचौरा शहीद स्थल पर मौजूद रहे. जबकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि महामारी की चुनौतियों के बीच भी हमारा कृषि क्षेत्र मजबूती से आगे बढ़ा और किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन करके दिखाया।

मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जाएगा : प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मंडियां किसानों के फायदे का बाजार बनें, इसके लिए 1,000 और मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अब देश का प्रयास है कि हर गांव, कस्बे में भी इलाज की ऐसी व्यवस्था हो कि हर छोटी मोटी बीमारी के लिए शहर की तरफ न भागना पड़े।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा? : प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि चौरी चौरा में जो हुआ वो सिर्फ एक थाने में आग लगाने की घटना नहीं थी, इससे एक बड़ा संदेश अंग्रेजी हुकूमत को दिया गया। चौरी चौरा में जो हुआ उसका संदेश बहुत बड़ा और व्यापक था।

डाक टिकट भी जारी : पीएम मोदी ने इस खास मौके पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया। यह समारोह साल भर चलेगा। सरकार ने चौरी चौरा कांड के शहीदों के स्मारक स्थल और संग्रहालय का पुनरूद्धार किया है। वहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

4 फरवरी 2022 को इसका समापन : उत्तर प्रदेश सरकार चौरी-चौरा की घटना के सौ साल पूरे होने पर इस शताब्दी समारोह का आयोजन कर रही है। इस मौके पर एक डाक टिकट का भी विमोचन किया जाएगा। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में आयोजित किया जाएगा। चौरी-चौरा घटना की याद में इस समारोह के अंतर्गत पूरे साल आयोजन होंगे और 4 फरवरी 2022 को इसका समापन होगा। इसके तहत विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी।

चौरी-चौरा कांड के बारे में : महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के दौरान 4 फरवरी 1922 को कुछ लोगों की गुस्साई भीड़ ने गोरखपुर के चौरी-चौरा के पुलिस थाने में आग लगा दी थी। इसमें 23 पुलिस वालों की मौत हो गई थी। इस घटना के दौरान तीन नागरिकों की भी मौत हो गई थी। इस हिंसा के बाद महात्मा गांधी ने 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन वापल ले लिया था।

चौरी-चौरा शहीद स्मारक : गोरखपुर ज़िले के लोगों ने 1971 में चौरी-चौरा शहीद स्मारक समिति का गठन किया। इस समिति ने साल 1973 में चौरी-चौरा में 12.2 मीटर ऊंचा एक मीनार बनाई। इसके दोनों तरफ एक शहीद को फांसी से लटकते हुए दिखाया गया था। इसे लोगों के चंदे के पैसे से बनाया गया।


10. महाराष्ट्र सरकार ने स्टार्ट-अप्स के लिए योजना लांच की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए एक योजना लांच की है।

मुख्य बिंदु : इसके अलावा, सरकार ने मुंबई में कौशल विकास के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मानक केंद्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा है।

इसके अलावा, आईटीआई में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पाठ्यक्रमों भी समयबद्ध तरीके से अपडेट किया जा रहा है।

हाल ही में, नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में महाराष्ट्र को दूसरा स्थान दिया गया था।

योजना के बारे में :

  • यह योजना आईटी पेटेंट के लिए फाइल करने के लिए स्टार्ट-अप को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लांच की गई है।

  • इस योजना के पहले चरण के तहत, लगभग 125-150 स्टार्ट-अप्स को 2 लाख रुपये से 10 लाख तक की वित्तीय मदद दी जाएगी।

  • स्टार्ट-अप के विचारों के लिए गुणवत्ता परीक्षण और प्रमाणन के लिए 2 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

  • यह योजना कौशल विकास और स्टार्ट-अप में राज्य को नंबर एक बनाने में मदद करेगी।

इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 : सरकार के थिंक-टैंक नीति आयोग ने हाल ही में इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 का दूसरा संस्करण जारी किया है। इसका पहला संस्करण 2019 में लॉन्च किया गया था। यह सूचकांक देश को नवाचार-चालित अर्थव्यवस्था में बदलने की सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। यह सूचकांक भारत में 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों में नवाचार माहौल के मूल्यांकन के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार करने का प्रयास करता है। कर्नाटक 42.5 के स्कोर के साथ इस सूचकांक में शीर्ष पर रहा। इस सूचकांक में, चार दक्षिणी राज्यों कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल ने सूचकांक में शीर्ष स्थान पर कब्जा कर लिया है, जबकि महाराष्ट्र राज्य को दूसरा स्थान दिया गया है।

सूचकांक का महत्व : यह सूचकांक भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन करने में मदद करता है। यह सूचकांक एक समग्र उपकरण बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है जिसे नीति निर्माताओं द्वारा उन चुनौतियों की पहचान करने के लिए उपयोग किया जा सकता है जिन्हें संबोधित करने की आवश्यकता है।


11. विराट कोहली लगातार चौथे साल सबसे मूल्यवान भारतीय सेलिब्रिटी

क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली 23.77 करोड़ अमेरिकी डॉलर के ब्रांड मूल्य के साथ लगातार चौथे साल 2020 में सबसे मूल्यवान भारतीय सेलिब्रिटी रहे। इस सूची में दूसरे और तीसरे स्थान पर हिंदी फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार तथा रणवीर सिंह का नाम है।

ब्रांड मूल्यांकन में महारत रखने वाली कंपनी डफ ऐंड फेल्प्स ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि 2020 के लिए शीर्ष 10 सर्वाधिक मूल्यवान सेलिब्रिटी की सूची में सिर्फ कोहली फिल्म उद्योग से बाहर के हैं और इस सूची में सिर्फ दो महिलाएं हैं।

बयान में कहा गया कि 2020 में कोहली का ब्रांड मूल्य यथावत बना रहा, जबकि शीर्ष 20 सेलिब्रिटी ने अपने कुल मूल्य का 5 प्रतिशत या करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर गंवा दिया।

कोहली लगातार चौथे साल सबसे मूल्यवान सेलिब्रिटी बने हुए हैं और कोविड-19 महामारी के बावजूद उसका ब्रांड मूल्य 23.77 करोड़ डॉलर पर स्थिर है। अक्षय कुमार का ब्रांड मूल्य 13.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11.89 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा और वह दूसरे स्थान पर हैं। रणवीर सिंह 10.29 करोड़ डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

डफ ऐंड फेल्प्स के सेलिब्रिटी ब्रांड मूल्यांकन अध्ययन के छठे संस्करण के मुताबिक 2020 में शीर्ष 20 हस्तियों का कुल ब्रांड मूल्य एक अरब अमरीकी डालर था, जो 2019 के मुकाबले पांच प्रतिशत कम है।

इस सूची में 5.11 करोड़ डॉलर के मूल्यांकन के साथ शाहरुख खान चौथे स्थान पर हैं, जबकि दीपिका पादुकोण 5.04 करोड़ डॉलर के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। आलिया भट्ट छठे स्थान पर रहीं।



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