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30th April | Current Affairs | MB Books


1. रूस ने यूरोपीय राजनयिकों को निष्कासित किया

रूस ने हाल ही में लातविया, स्लोवाकिया, एस्टोनिया, लिथुआनिया, रोमानिया, चेक राजनयिकों के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। इन देशों द्वारा रूसी राजनयिकों को निष्कासित करने के बाद रूस ने यह निर्णय लिया है।

पृष्ठभूमि : चेक गणराज्य ने रूसी कर्मचारियों को दूतावास छोड़ने का आदेश दिया था। यह आदेश 2014 के विस्फोट के पीछे रूसी खुफिया अधिकारियों की भूमिका के आरोपों के आधार पर जारी किया गया था।

2014 के विस्फोट : 2014 में, चेक गणराज्य में एक गोला बारूद डिपो में दो विस्फोट हुए थे।

रूस और चेक गणराज्य : चेक गणराज्य नाटो, यूरोपीय संघ और ओईसीडी का सदस्य है। 2014 में क्रीमिया के अधिग्रहण के बाद रूस के साथ चेक गणराज्य के संबंध ख़राब हो गये थे।

क्रीमिया का अधिग्रहण (Annexation of Crimea) : क्रीमिया की राजनीतिक स्थिति रूस और यूक्रेन के बीच विवादित है। इसे क्रीमियन मुद्दा कहा जाता है। 2014 में, रूस ने क्रीमिया को यूक्रेन से अपने कब्ज़े में ले लिया था।

बाल्टिक देश (Baltic Countries) : लातविया, एस्टोनिया और लिथुआनिया को बाल्टिक देश कहा जाता है। इस क्षेत्र का नाम बाल्टिक समुद्र पर रखा गया है जो इस क्षेत्र को घेरता है। इन देशों ने 1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता की घोषणा की थी।

भारत-बाल्टिक देश : संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता के लिए लातविया और लिथुआनिया भारत का समर्थन करते हैं। 2019 में, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इन देशों का दौरा किया था। उन्होंने पहले भारत-लातवि