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29th December | Current Affairs | MB Books

Updated: Dec 30, 2020


1. 2021 में भारत में कार्य शुरू कर सकती है टेस्ला

केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने पुष्टि की है कि विश्व की अग्रणी विद्युत् वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला अगले वर्ष से भारत में कार्य शुरू कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मांग को देखते हुए टेस्ला भारत में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की स्थापना कर सकती है। इससे पहले टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क ने भी भारत में टेस्ला का कारोबार शुरू करने पर अपने विचार व्यक्त किये थे।

टेस्ला

टेस्ला अमेरिका की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी है। इसकी स्थापना 1 जुलाई, 2003 को की गयी थी। यह विश्व की अग्रणी विद्युत् वाहन कंपनियों में से एक है। वर्ष 2019 में टेस्ला का राजस्व 24.578 अरब डॉलर था। टेस्ला की गाड़ियों को ऑटोपायलट फीचर के लिए भी जाना जाता है, इसकी गाड़ियाँ उचित परिस्थितियों को काफी हद तक अपने आप काम कर सकती हैं। टेस्ला के मॉडल हैं : मॉडल एस, मॉडल 3. मॉडल एक्स और मॉडल Y।

FAME II

कैबिनेट मामलों की आर्थिक समिति ने FAME (Faster Adoption & Manufacturing of Electric (and hybrid) Vehicles) योजना के दूसरे संस्करण को मंज़ूरी दी है। इसके लिए 2022 तक के लिए 10,000 करोड़ रुपये मंज़ूर किये गये हैं।

मुख्य बिंदु

इसका उद्देश्य देश में विद्युत् तथा हाइब्रिड वाहनों के निर्माण व उपयोग को बढ़ावा देना है, इसके लिए देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये जायेंगे।

FAME II योजना के द्वारा सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण पर बल दिया जायेगा।

इस योजना के तहत बिजली से चलनी वाली बसों के चलन को बढ़ावा दिया जायेगा।

3 व्हीलर तथा 4 व्हीलर सेगमेंट में सार्वजनिक परिवहन के लिए उपयोग तथा वाणिज्यिक उपयोग के लिए किये जाने वाले वाहनों को इंसेंटिव दिया जायेगा।

जबकि 2-व्हीलर सेगमेंट में निजी वाहनों पर फोकस किया जायेगा।

इस योजना के तहत 10 लाख इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन, 5 लाख तिपहिया वाहन, 5500 4 व्हीलर तथा 7000 बसों के लिए सहायता प्रदान की जायेगी।

इस योजना के लाभ केवल उन वाहनों को मिलेंगे जिनमे एडवांस्ड बट्टर जैसे लिथियम आयन बैटरी तथा अन्य नवीन तकनीक वाली बैटरी लगी होगी।

इस योजना के तहत देश में 2700 चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की जायेगी। योजना के अनुसार प्रत्येक 3 किलोमीटर x 3 किलोमीटर के ग्रिड में कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन होना चाहिए।

FAME II योजना FAME India I का विस्तृत स्वरुप है, इस योजना को पहली बार 1 अप्रैल, 2015 को लांच किया गया था।

राष्ट्रीय विद्युत गतिशीलता मिशन योजना, 2020

इसे 2020 तक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की 6 से 7 मिलियन बिक्री का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 2013 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को वाहन खरीदते समय नागरिकों की पहली पसंद बनाना है।


2. अमित शाह ने गुवाहाटी में रखी न्यू मेडिकल कॉलेज की आधारशिला

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने असम में अनेक विकास परियोजनाओं की शुरूआत की। श्री अमित शाह ने गुवाहाटी में न्यू मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी।

करीब 850 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह गुवाहाटी शहर का दूसरा मेडिकल कॉलेज होगा।

श्री शाह ने असम के अलग अलग हिस्‍सों में बनने वाले नौ विधि कॉलेजों की आधारशिला भी रखी।

साथ ही उन्होने अहुम दर्शन योजना के अंतर्गत 8000 नामघरों को (असम की पारंपरिक वैष्णवी मठ के तहत) वित्तीय अनुदान भी वितरित किया।

इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी भी उपस्थित थे।


3. जीएसटी क्षतिपूर्ति कमी को पूरा करने के लिए नौवीं किस्त जारी की गयी

हाल ही में केंद्र सरकार ने राज्यों को जीएसटी मुआवजा भुगतान की 9वीं किस्त जारी की है। यह किस्त 6,000 करोड़ रुपये की है।

मुख्य बिंदु

अब तक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 1.1 लाख करोड़ रुपये में से 54,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इस वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार 1.1 लाख करोड़ रुपये वितरित करेगी। जीएसटी की कमी के लिए उधार लेने के विकल्प 1 के तहत, केंद्र सरकार एक विशेष विंडो के तहत धनराशि उधार लेती है और फिर इसे राज्यों को प्रदान करती है।

इस हालिया ऋण किश्त के लिए ब्याज दर 5.15% है। अब तक, पूरे उधार के लिए औसत ब्याज़ दर 4.74% है। साप्ताहिक किस्त के इस राउंड में, तीन राज्यों को 5,516.6 करोड़ रुपये प्रदान किए गए, जबकि दिल्ली, पुदुचेरी और जम्मू-कश्मीर को 483.4 करोड़ रुपये प्रदान किये गये। 5 राज्यों – नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और सिक्किम में जीएसटी लागू होने के बाद राजस्व में अंतर नहीं आया है।

पृष्ठभूमि

केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2020 में जीएसटी की कमी के लिए उधार योजना की घोषणा की थी। इसके तहत केंद्र सरकार ने यह जीएसटी की कमी को पूरा करने के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये का उधार लेने का निर्णय लिया था। इससे पहले, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दो विकल्प दिए गए थे, जिनमें से अधिकांश राज्यों ने विकल्प 1 चुना था। वर्तमान में, सभी राज्यों ने उधार योजना के लिए विकल्प 1 चुना है। सरकार ने विकल्प 1 चुनने वाले राज्यों को सकल राज्यों के घरेलू उत्पाद (GSDP) का 0.50% अतिरिक्त उधार लेने की अनुमति दी है।


4. केंद्रीय गृह मंत्री ने मणिपुर में किया विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मणिपुर में अनेक विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

श्री अमित शाह ने इंफाल में वर्चुअल माध्यम से ई ऑफ़िस और थुबल बहुद्देशीय परियोजना (Thoubal Dam) का उद्घाटन किया।

साथ ही उन्होंने चूड़ाचांदपुर मेडिकल कॉलेज, मंत्रीपुखरी में आईटी-एसईजेड, नई दिल्ली के द्वारका में मणिपुर भवन और इंफाल में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर समेत सात प्रमुख विकास परियोजनाओं की वर्चुअल तरीके से आधारशिला रखी।

इस अवसर पर उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन बीरेन सिंह,,विधानसभा अध्यक्ष और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।


5. पीएम मोदी ने लांच किया नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड

28 दिसंबर, 2020 को पीएम मोदी ने नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड लॉन्च किया। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड रुपे डेबिट कार्ड वाले यात्रियों को मेट्रो यात्रा के लिए स्वाइप करने की अनुमति देगा।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की मुख्य विशेषताएं

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड का उपयोग सभी पारगमन स्थानों (transit location) पर किया जा सकता है।यह कार्ड सभी नए मेट्रो और ट्रांजिट भुगतान को एक ही कार्ड के साथ इंटरऑपरेबल बनाता है।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यात्रियों को रुपे डेबिट कार्ड के साथ 23 बैंकों से हासिल किया जा सकता है।इसमें यूको, एसबीआई, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक इत्यादि शामिल हैं।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की सुविधा 2022 तक सभी मेट्रो में उपलब्ध होगी।

यह एक प्रकार की स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली (automatic fare collection system) है। यह सिस्टम स्मार्टफोन को एक इंटरऑपरेबल कार्ड में बदल देगा, यात्री इस कार्ड का उपयोग बस, मेट्रो और रेलवे सेवाओं के भुगतान के लिए कर सकते हैं।

दिल्ली मेट्रो परियोजना के चरण IV में राष्ट्रीय सामान्य गतिशीलता कार्ड प्रणाली को अपनाया जाना है।

इस कार्ड के काम करने के लिए मेट्रो स्टेशनों और ट्रांजिट सिस्टम में स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली स्थापित करनी पड़ेगी।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड को ‘वन नेशन वन कार्ड’ पहल के तहत लॉन्च किया गया था।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड का विचार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा स्थापित नंदन नीलेकणी समिति द्वारा प्रस्तावित किया गया था।

नंदन नीलेकणी समिति

इस समिति ने देश में नकद लेनदेन की संख्या को कम करने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना का प्रस्ताव दिया था। इस समिति ने सुझाव दिया था कि नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड में दो उपकरण होने चाहिए, एक आम डेबिट कार्ड जो एटीएम में इस्तेमाल किया जा सकता है और एक लोकल वॉलेट जिसके उपयोग कांटेक्टलेस भुगतान के लिए किया जा सकता है।


6. केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाइक ने “Sutranivednachi sutra- ek anbav" पुस्तक का किया विमोचन

केंद्रीय आयुष और रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने 26 दिसंबर, 2020 को डॉ. रूपा चारी लिखित द्वारा एक कोंकणी पुस्तक “Sutranivednachi sutra- ek anbav" का विमोचन किया।

यह बुक संजना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है। डॉ. रूपा चारी गोवा में कॉम्परिंग के क्षेत्र में एक जानी-मानी हस्ती हैं।


7. स्काईरूट एयरोस्पेस बनी फुल सॉलिड प्रोपल्शन रॉकेट स्टेज का परीक्षण करने वाली पहली भारतीय निजी अन्तरिक्ष कंपनी

भारत की निजी अन्तरिक्ष कंपनी स्काईरूट ने हाल ही में एक और सफलता हासिल कर ली है स्काईरूट एयरोस्पेस फुल सॉलिड प्रोपल्शन रॉकेट स्टेज का परीक्षण करने वाली भारत की पहली निजी अन्तरिक्ष कंपनी बन गई है। स्काईरूट एयरोस्पेस ने सॉलिड प्रोपल्शन रॉकेट स्टेज ‘कलाम -5’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

मुख्य बिंदु

इस प्रोपल्शन स्टेज रॉकेट को कंपनी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। कलाम-5 का निर्माण एडवांस्ड कार्बन कम्पोजिट स्ट्रक्चर से पूरी तरह से स्वचालित प्रक्रिया के द्वारा किया गया है।

इस सॉलिड प्रोपल्शन रॉकेट स्टेज में 9 विभिन्न विनिर्माण प्रक्रियाओं का उपयोग किया गया है। इसमें 15 विभिन्न उन्नत सामग्रियों का उपयोग किया गया है। कलाम-5 के सफल परीक्षण से कंपनी को अपने विक्रम-1 व्हीकल के निर्माण में सहायता मिलेगी।

विक्रम-1 लॉन्च व्हीकल के तीसरे चरण (कलाम-100) का परीक्षण कुछ महीनों बाद इसरो की फैसिलिटी में किया जायेगा। ‘विक्रम-I’ एक निर्माणाधीन राकेट है, यह स्काईरूट कंपनी का पहला लॉन्च व्हीकल है। स्काईरूट ने इसरो की मदद से दिसंबर 2021 तक इसे लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है।

कलाम-5 एक डेमोंस्ट्रेशन सॉलिड रॉकेट प्रोपल्शन स्टेज है जिसमें विक्रम-1 प्रक्षेपण यान के तीन सॉलिड स्टेज की तरह सामग्री, प्रणोदक और इंटरफेस है।

स्काईरूट एयरोस्पेस

यह भारत की एक निजी एयरोस्पेस कंपनी है और हैदराबाद में बेस्ड है। इस कंपनी की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी और इसने पहली बार अगस्त, 2020 में एक ऊपरी चरण के रॉकेट इंजन ‘रमन’ का परीक्षण किया था। यह कंपनी विक्रम स्मॉल लिफ्ट लॉन्च वाहनों की अपनी लांच करने की योजना बना रही है।


8. असम सरकार ने सभी सरकारी मदरसों को बंद करने वाला विधेयक किया पेश

असम सरकार ने अगले साल 1 अप्रैल 2021 से राज्य में सभी सरकारी मदरसों को बंद करने और उन्हें स्कूलों में बदलने संबंधी एक विधेयक सोमवार को विधानसभा में पेश किया। विपक्ष की आपत्ति के बावजूद शिक्षामंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने विधानसभा के 3 दिवसीय शीतकालीन सत्र के पहले दिन असम निरसन विधेयक, 2020 को पेश किया।

विधेयक में 2 मौजूदों कानूनों असम मदरसा शिक्षा (प्रांतीयकरण) कानून, 1995 और असम मदरसा शिक्षा (कर्मचारियों की सेवा का प्रांतीयकरण और मदरसा शिक्षण संस्थानों का पुनर्गठन) कानून, 2018 को निरस्त करने का प्रस्ताव दिया गया है। शर्मा ने कहा कि विधेयक निजी मदरसे पर नियंत्रण और उनको बंद करने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि विधेयक के लक्ष्यों और उद्देश्यों के बयान में 'निजी' शब्द गलती से शामिल हो गया।

असम मंत्रिमंडल ने 13 दिसंबर को सभी मदरसे और संस्कृत स्कूलों को बंद करने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। विधानसभा में लाए गए विधेयक में संस्कृत स्कूलों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है और शिक्षामंत्री ने भी इस बारे में उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि सभी मदरसे उच्च प्राथमिक, उच्च और माध्यमिक स्कूलों में बदले जाएंगे और शिक्षक तथा गैर शिक्षण कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं होगा।

मंत्री ने पूर्व में कहा था कि असम में सरकार संचालित 610 मदरसे हैं और सरकार हर साल उन पर 260 करोड़ रुपए खर्च करती है। अप्रैल 2018 में शिक्षामंत्री ने असम मदरसा शिक्षा (कर्मचारियों की सेवा का प्रांतीयकरण और मदरसा शिक्षण संस्थानों का पुनर्गठन) कानून, 2018 लागू कर कई निजी मदरसे को सरकार के दायरे में लाया था।

शर्मा ने जैसे ही विधेयक लाने की अनुमति मांगी कांग्रेस और एआईयूडीएफ सदस्यों ने प्रस्तावित कानून पर आपत्ति जताई। कांग्रेस के विधायक नुरुल हुदा ने कहा कि मदरसा में अरबी भाषा के अलावा अन्य विषयों की शिक्षा दी जाती है और किसी भाषा की पढ़ाई करने को सांप्रदायिक नहीं बताया जा सकता।

कांग्रेस के एक और सदस्य कमालख्या डे पुरकायस्थ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मदरसों के आधुनिकीकरण का सुझाव दिया था,इसे बंद करने के लिए नहीं कहा था। सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए शिक्षामंत्री ने कहा कि वे कुरान, गीता, बाइबिल जैसी आध्यात्मिक शिक्षा में विश्वास रखते हैं लेकिन प्रस्तावित विधेयक ऐसी शिक्षा को रोकने से संबंधित नहीं है।

उन्होंने कहा कि मदरसा में दर्शन को एक विषय के तौर पर पढ़ाया जाता है। अगर अरबी की ही पढ़ाई हो तो कोई मुद्दा नहीं है। लेकिन सरकार के नाते हम सार्वजनिक धन पर कुरान की पढ़ाई की अनुमति नहीं दे सकते। कल हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन और अन्य लोग अपनी धार्मिक किताबों की पढ़ाई के लिए आ जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कई इस्लामी विद्वानों ने कुरान की पढ़ाई के लिए सरकारी समर्थन का विरोध किया है। यह गलत परंपरा थी और हम इसे खत्म करना चाहते थे। विधानसभा अध्यक्ष हितेंद्रनाथ गोस्वामी ने विधेयक पेश करने की अनुमति दी तो विपक्ष ने हंगामा किया और सदन के भीतर नारेबाजी की। हालांकि अध्यक्ष ने उनसे बुधवार को विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेने को कहा जिसके बाद कांग्रेस और एआईयूडीएफ सदस्य शांत हो गए।


9. अमेरिका ने तैयार की चंद्रमा पर परमाणु रिएक्टर स्थापित करने की योजना

संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2026 के अंत तक चंद्रमा पर पहला परमाणु रिएक्टर स्थापित करने की योजना तैयार की है।

अमेरिकी ऊर्जा विभाग नासा के सहयोग से 2021 की शुरुआत में, इसके डिजाइन का प्रस्ताव रखेगा।

साथ ही यह हाल ही में व्हाइट हाउस के निर्देश के बाद और अधिक गति मिली है।

पद से हटने वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 16 दिसंबर को "अंतरिक्ष परमाणु ऊर्जा और संचालन की राष्ट्रीय रणनीति (National Strategy for Space Nuclear Power and Propulsion)" जारी की है

इसके पीछे नासा का उद्देश्य एक उड़ान हार्डवेयर प्रणाली स्थापित करना था जो 2026 के अंत तक चंद्र लैंडर के साथ एकीकरण के लिए तैयार है।

परमाणु रिएक्टर को फ्यूज़न पॉवर प्रणाली के रूप में जाना जाता है जो भविष्य के रोबोट और मानव अभियान मिशनों के साथ-साथ मंगल ग्रह को भी लाभान्वित करेगा।

सुरक्षित, कुशल और आसानी से उपलब्ध बिजली की उपलब्धता इन मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है और एक फिशन सतह शक्ति प्रणाली उन आवश्यकताओं को पूरा करती है।


10. निमोनिया के खिलाफ भारत का पहला स्वदेशी टीका लांच किया गया

हाल ही में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने निमोनिया के खिलाफ भारत का पहला स्वदेशी टीका लांच किया। इस टीके का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर किया है। इस टीके का नाम न्यूमोसिल है।

मुख्य बिंदु

भारत के पास निमोनिया के टीकों की पहुंच है। लेकिन नया स्थानीय रूप से विकसित नया वैक्सीन अन्य निमोनिया टीके जैसे Pfizer के NYSE: PFE, GlaxoSmithKline के LSE: GSK टीकों से काफी सस्ता है। इन दो टीकों का उपयोग वर्तमान में भारत में निमोनिया के खिलाफ टीकाकरण के लिए किया जाता है।

इस नए टीके का उपयोग “स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया” (Streptococcus Pneumonia) के कारण होने वाले निमोनिया के खिलाफ टीकाकरण के लिए किया जायेगा। इस वैक्सीन के नैदानिक ​​परीक्षण, सभी तीन चरणों, भारत और गाम्बिया (एक अफ्रीकी राष्ट्र) में आयोजित किए गए थे।

पृष्ठभूमि

यूनिसेफ के अनुसार, हर साल पांच साल से कम उम्र के एक लाख से अधिक बच्चे न्यूमोकोकल बीमारी के कारण मर जाते हैं।

न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (Pneumococcal Conjugate Vaccine)

न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन वर्तमान में भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत है। यह वैक्सीन काफी महंगा है। सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए आवंटित बजट का 50% केवल इस टीके पर ही खर्च होता है। इस कार्यक्रम में बारह अन्य बीमारियों के लिए टीकाकरण शामिल है। वे तपेदिक, टेटनस, रूबेला, जापानी एन्सेफलाइटिस, खसरा, हेपेटाइटिस आदि हैं।

भारत में निमोनिया

भारत में निमोनिया के शीर्ष पांच योगदानकर्ता उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश हैं।

निमोनिया एक संक्रमण है जो फेफड़ों की वायु थैली को फुला देता है। फेफड़ों का वायु प्रवाह द्रव या मवाद से भर सकता है। इससे सांस लेने में कठिनाई होती है। निमोनिया वायरस, बैक्टीरिया और कवक जैसे सूक्ष्म के कारण होता है।


11. एमएस धोनी ने जीता 'ICC स्पिरिट ऑफ द क्रिकेट अवार्ड ऑफ द डिकेड' खिताब

एम एस धोनी ने 2011 के नॉटिंघम टेस्ट में अजीब तरीके से रन आउट होने के बाद इंग्लैंड के बल्लेबाज इयान बेल को वापस बुलाने के अपने निर्णय के लिए आईसीसी स्प्रिट ऑफ द क्रिकेट अवार्ड जीता है।

साथ ही इस घटना ने 2011 का ICC स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवार्ड जीता।

साल 2011 में, इंग्लैंड के दौरे के दौरान, दूसरे टेस्ट में, बेल 137 रन बनाकर रन आउट हो गए थे, वह टी ब्रेक होने पर गेंद छोड़े जाने से पहले क्रीज छोड़ चुके थे।


12. पीएम मोदी ने पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर के न्यू भाऊपुर-न्यू खुर्जा खंड का उद्घाटन किया

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor-EDFC) के न्यू भाऊपुर-न्यू खुर्जा खंड का उद्घाटन किया।

मुख्य बिंदु

न्यू भाऊपुर-न्यू खुर्जा खंड की कुल लम्बाई 351 किलोमीटर है, यह उत्तर प्रदेश में स्थित है। इसका निर्माण 5,750 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह खंड कानपुर देहात जिले में एल्युमीनियम उद्योग, औरैया में डेयरी क्षेत्र, इटावा में कपड़ा उद्योग, फिरोजाबाद में कांच के सामान के उद्योग और अलीगढ़ जिले में ताले और हार्डवेयर जैसे स्थानीय उद्योगों के लिए नए अवसर खोलेगा।

यह खंड मौजूदा कानपुर-दिल्ली मुख्य लाइन पर होने वाली भीड़ को कम करेगा। इसके अलावा यह भारतीय रेलवे को तेज ट्रेनें चलाने में सक्षम करेगा।

इस इवेंट के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज में EDFC के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) का भी उद्घाटन किया। यह EDFC के पूरे रूट की लंबाई के लिए कमांड सेंटर के रूप में कार्य करेगा।

पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor-EDFC)

पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor-EDFC) का निर्माण भारतीय रेलवे में किया जा रहा है। यह कॉरिडोर पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल के कलकत्ता तो जायेगा। इसकी कुल लम्बाई 1,839 किलोमीटर होगी। यह पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखण्ड जैसे राज्यों से होकर गुजरेगा।


13. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दीव में कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्रशासित प्रदेश दीव की चार दिन की यात्रा के दूसरे दिन कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

इनमें आई. आई. आई. टी. वड़ोदरा अंतरराष्ट्रीय परिसर के पहले शैक्षिक सत्र और कमलेश्वर स्कूल घोघला का उद्घाटन शामिल है।

उन्होंने सौदवाड़ी में एक स्कूल के निर्माण की आधारशिला रखी, दीव सिटी वाल पर 1.3 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग के पुनरुद्धार कार्य का उद्घाटन किया, फोर्ट रोड पर फल और सब्जी बाजार के उन्न्यन कार्य और दीव जिले में एकीकृत नगर निगम ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने आईएनएस खुखरी स्मारक का भी उद्घाटन किया।


14. केरल की आर्या राजेंद्रन बनीं भारत की सबसे युवा मेयर

हाल ही में केरल की आर्या राजेंद्रन भारत की सबसे युवा मेयर बन गयीं हैं, वे मात्र 21 वर्ष की हैं। आर्या राजेंद्रन ने हाल ही में तिरुवनंतपुरम शहर की मेयर के रूप में शपथ ली।

मुख्य बिंदु

आर्या राजेंद्रन सीपीएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट से सम्बंधित हैं। उन्होंने तिरुवनंतपुरम शहर का मेयर बनने के लिए 100 सदस्यीय परिषद में कुल 98 मतों में से 54 वोट हासिल किये। आर्या राजेंद्रन ने मुडवानमुगल वार्ड से स्थानीय निकाय चुनाव नगर निगम से जीता है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 549 मतों से हराया था।

वे तिरुवनंतपुरम के ऑल सेंट्स कॉलेज में बीएससी मैथ्स द्वितीय वर्ष की छात्रा है। वह स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से जुड़ी हुई हैं और वे बालसंगम की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

बालसंगम

यह बच्चों का एक संगठन है जिसमें लगभग दस लाख सदस्य हैं। केरल राज्य में इसकी 20,000 इकाइयाँ हैं। इस संगठन ने अपना संचालन वर्ष 1983 में शुरू किया था।

सीपीआई (एम)

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) भारत की एक राजनीतिक पार्टी है। यह पार्टी वर्ष 1964 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से अलग होकर अस्तित्व में आई थी। वर्तमान में, केरल में CPI (M) की सरकार है। इस पार्टी की आंशिक उपस्थिति राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार, त्रिपुरा, महाराष्ट्र हिमाचल प्रदेश और ओडिशा की विधानसभाओं में है।


15. IIT-BHU में अंतरिक्ष के लिए क्षेत्रीय शैक्षणिक केंद्र स्थापित करेगा ISRO

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आभासी तौर पर उत्तर प्रदेश के IIT-BHU में क्षेत्रीय शैक्षणिक केंद्र (RAC-S) स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए यह समझौता भविष्य की तकनीक में उन्नत शोध का मार्ग प्रशस्त करेगा।

IIT-BHU के निदेशक, प्रो पी.के. जैन के अनुसार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश राज्यों में अंतरिक्ष के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह क्षेत्रीय शैक्षणिक केंद्र एक प्रमुख सुविधा केंद्र के तौर पर कार्य करेगा।

मुख्य विशेषताएं

इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से, IIT-BHU इसरो के अनुसंधान और विकास गतिविधियों के लिए जागरूकता सृजन, क्षमता निर्माण और एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा।

शैक्षिक केंद्र की सारी गतिविधियों का लक्ष्य इसरो और IIT-BHU में उपलब्ध अनुसंधान क्षमता, अवसंरचना और विशेषज्ञता के उपयोग को अधिकतम सीमा तक ले जाना होगा।

अंतरिक्ष के लिए IIT-BHU क्षेत्रीय शैक्षणिक केंद्र का नेता और इस परियोजना को मॉनिटर करने वाला होगा।

इसके केंद्र में तीन राज्यों के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उत्कृष्टता के संस्थान शामिल होंगे। इन संस्थानों को विभिन्न अनुसंधान और विकास गतिविधियों में भाग लेने के लिए एकजुट किया जाएगा।

IIT-BHU, इस केंद्र की मदद से, अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृषि, अंतरिक्ष अनुप्रयोग, दूरसंचार, जल संसाधन और मौसम विज्ञान में अनुसंधान का लाभ उठाकर प्रभावी प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए विकासात्मक मॉडल तैयार करेगा।

महत्व

अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए स्थापित होने वाले इस क्षेत्रीय शैक्षणिक केंद्र से देश के पूर्वांचल और मध्य क्षेत्रों को बहुत लाभ होने की उम्मीद है। यह केंद्र अनुसंधान और विकास की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक परियोजनाओं की सुविधा प्रदान करेगा।

इस क्रम में बी. टेक/ एम. टेक के लिए अल्पकालिक परियोजनाओं के लिए इस संस्थान या सहयोगी संस्थानों के टेक छात्रों को भी शामिल किया जाएगा।

केंद्र दीर्घकालिक अनुसंधान और विकास परियोजनाओं की भी पेशकश करेगा, जो पीएचडी कार्यक्रम तक होंगी।

इसके अलावा, इस क्षेत्र में ज्ञान के आधार को मजबूत करने के लिए विभिन्न क्षमता निर्माण कार्यक्रम जैसेकि, सम्मेलन, प्रदर्शनी और लघु पाठ्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।



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