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29th December | Current Affairs | MB Books

Updated: Dec 30, 2020


1. 2021 में भारत में कार्य शुरू कर सकती है टेस्ला

केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने पुष्टि की है कि विश्व की अग्रणी विद्युत् वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला अगले वर्ष से भारत में कार्य शुरू कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मांग को देखते हुए टेस्ला भारत में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की स्थापना कर सकती है। इससे पहले टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क ने भी भारत में टेस्ला का कारोबार शुरू करने पर अपने विचार व्यक्त किये थे।

टेस्ला

टेस्ला अमेरिका की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी है। इसकी स्थापना 1 जुलाई, 2003 को की गयी थी। यह विश्व की अग्रणी विद्युत् वाहन कंपनियों में से एक है। वर्ष 2019 में टेस्ला का राजस्व 24.578 अरब डॉलर था। टेस्ला की गाड़ियों को ऑटोपायलट फीचर के लिए भी जाना जाता है, इसकी गाड़ियाँ उचित परिस्थितियों को काफी हद तक अपने आप काम कर सकती हैं। टेस्ला के मॉडल हैं : मॉडल एस, मॉडल 3. मॉडल एक्स और मॉडल Y।

FAME II

कैबिनेट मामलों की आर्थिक समिति ने FAME (Faster Adoption & Manufacturing of Electric (and hybrid) Vehicles) योजना के दूसरे संस्करण को मंज़ूरी दी है। इसके लिए 2022 तक के लिए 10,000 करोड़ रुपये मंज़ूर किये गये हैं।

मुख्य बिंदु

इसका उद्देश्य देश में विद्युत् तथा हाइब्रिड वाहनों के निर्माण व उपयोग को बढ़ावा देना है, इसके लिए देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये जायेंगे।

FAME II योजना के द्वारा सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण पर बल दिया जायेगा।

इस योजना के तहत बिजली से चलनी वाली बसों के चलन को बढ़ावा दिया जायेगा।

3 व्हीलर तथा 4 व्हीलर सेगमेंट में सार्वजनिक परिवहन के लिए उपयोग तथा वाणिज्यिक उपयोग के लिए किये जाने वाले वाहनों को इंसेंटिव दिया जायेगा।

जबकि 2-व्हीलर सेगमेंट में निजी वाहनों पर फोकस किया जायेगा।

इस योजना के तहत 10 लाख इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन, 5 लाख तिपहिया वाहन, 5500 4 व्हीलर तथा 7000 बसों के लिए सहायता प्रदान की जायेगी।

इस योजना के लाभ केवल उन वाहनों को मिलेंगे जिनमे एडवांस्ड बट्टर जैसे लिथियम आयन बैटरी तथा अन्य नवीन तकनीक वाली बैटरी लगी होगी।

इस योजना के तहत देश में 2700 चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की जायेगी। योजना के अनुसार प्रत्येक 3 किलोमीटर x 3 किलोमीटर के ग्रिड में कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन होना चाहिए।

FAME II योजना FAME India I का विस्तृत स्वरुप है, इस योजना को पहली बार 1 अप्रैल, 2015 को लांच किया गया था।

राष्ट्रीय विद्युत गतिशीलता मिशन योजना, 2020

इसे 2020 तक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की 6 से 7 मिलियन बिक्री का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 2013 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को वाहन खरीदते समय नागरिकों की पहली पसंद बनाना है।


2. अमित शाह ने गुवाहाटी में रखी न्यू मेडिकल कॉलेज की आधारशिला

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने असम में अनेक विकास परियोजनाओं की शुरूआत की। श्री अमित शाह ने गुवाहाटी में न्यू मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी।

करीब 850 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह गुवाहाटी शहर का दूसरा मेडिकल कॉलेज होगा।

श्री शाह ने असम के अलग अलग हिस्‍सों में बनने वाले नौ विधि कॉलेजों की आधारशिला भी रखी।

साथ ही उन्होने अहुम दर्शन योजना के अंतर्गत 8000 नामघरों को (असम की पारंपरिक वैष्णवी मठ के तहत) वित्तीय अनुदान भी वितरित किया।

इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी भी उपस्थित थे।


3. जीएसटी क्षतिपूर्ति कमी को पूरा करने के लिए नौवीं किस्त जारी की गयी

हाल ही में केंद्र सरकार ने राज्यों को जीएसटी मुआवजा भुगतान की 9वीं किस्त जारी की है। यह किस्त 6,000 करोड़ रुपये की है।

मुख्य बिंदु

अब तक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 1.1 लाख करोड़ रुपये में से 54,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इस वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार 1.1 लाख करोड़ रुपये वितरित करेगी। जीएसटी की कमी के लिए उधार लेने के विकल्प 1 के तहत, केंद्र सरकार एक विशेष विंडो के तहत धनराशि उधार लेती है और फिर इसे राज्यों को प्रदान करती है।

इस हालिया ऋण किश्त के लिए ब्याज दर 5.15% है। अब तक, पूरे उधार के लिए औसत ब्याज़ दर 4.74% है। साप्ताहिक किस्त के इस राउंड में, तीन राज्यों को 5,516.6 करोड़ रुपये प्रदान किए गए, जबकि दिल्ली, पुदुचेरी और जम्मू-कश्मीर को 483.4 करोड़ रुपये प्रदान किये गये। 5 राज्यों – नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और सिक्किम में जीएसटी लागू होने के बाद राजस्व में अंतर नहीं आया है।

पृष्ठभूमि

केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2020 में जीएसटी की कमी के लिए उधार योजना की घोषणा की थी। इसके तहत केंद्र सरकार ने यह जीएसटी की कमी को पूरा करने के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये का उधार लेने का निर्णय लिया था। इससे पहले, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दो विकल्प दिए गए थे, जिनमें से अधिकांश राज्यों ने विकल्प 1 चुना था। वर्तमान में, सभी राज्यों ने उधार योजना के लिए विकल्प 1 चुना है। सरकार ने विकल्प 1 चुनने वाले राज्यों को सकल राज्यों के घरेलू उत्पाद (GSDP) का 0.50% अतिरिक्त उधार लेने की अनुमति दी है।


4. केंद्रीय गृह मंत्री ने मणिपुर में किया विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मणिपुर में अनेक विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

श्री अमित शाह ने इंफाल में वर्चुअल माध्यम से ई ऑफ़िस और थुबल बहुद्देशीय परियोजना (Thoubal Dam) का उद्घाटन किया।

साथ ही उन्होंने चूड़ाचांदपुर मेडिकल कॉलेज, मंत्रीपुखरी में आईटी-एसईजेड, नई दिल्ली के द्वारका में मणिपुर भवन और इंफाल में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर समेत सात प्रमुख विकास परियोजनाओं की वर्चुअल तरीके से आधारशिला रखी।

इस अवसर पर उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन बीरेन सिंह,,विधानसभा अध्यक्ष और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।


5. पीएम मोदी ने लांच किया नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड

28 दिसंबर, 2020 को पीएम मोदी ने नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड लॉन्च किया। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड रुपे डेबिट कार्ड वाले यात्रियों को मेट्रो यात्रा के लिए स्वाइप करने की अनुमति देगा।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की मुख्य विशेषताएं

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड का उपयोग सभी पारगमन स्थानों (transit location) पर किया जा सकता है।यह कार्ड सभी नए मेट्रो और ट्रांजिट भुगतान को एक ही कार्ड के साथ इंटरऑपरेबल बनाता है।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यात्रियों को रुपे डेबिट कार्ड के साथ 23 बैंकों से हासिल किया जा सकता है।इसमें यूको, एसबीआई, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक इत्यादि शामिल हैं।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की सुविधा 2022 तक सभी मेट्रो में उपलब्ध होगी।

यह एक प्रकार की स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली (automatic fare collection system) है। यह सिस्टम स्मार्टफोन को एक इंटरऑपरेबल कार्ड में बदल देगा, यात्री इस कार्ड का उपयोग बस, मेट्रो और रेलवे सेवाओं के भुगतान के लिए कर सकते हैं।

दिल्ली मेट्रो परियोजना के चरण IV में राष्ट्रीय सामान्य गतिशीलता कार्ड प्रणाली को अपनाया जाना है।

इस कार्ड के काम करने के लिए मेट्रो स्टेशनों और ट्रांजिट सिस्टम में स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली स्थापित करनी पड़ेगी।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड को ‘वन नेशन वन कार्ड’ पहल के तहत लॉन्च किया गया था।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड का विचार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा स्थापित नंदन नीलेकणी समिति द्वारा प्रस्तावित किया गया था।

नंदन नीलेकणी समिति

इस समिति ने देश में नकद लेनदेन की संख्या को कम करने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना का प्रस्ताव दिया था। इस समिति ने सुझाव दिया था कि नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड में दो उपकरण होने चाहिए, एक आम डेबिट कार्ड जो एटीएम में इस्तेमाल किया जा सकता है और एक लोकल वॉलेट जिसके उपयोग कांटेक्टलेस भुगतान के लिए किया जा सकता है।


6. केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाइक ने “Sutranivednachi sutra- ek anbav" पुस्तक का किया विमोचन

केंद्रीय आयुष और रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने 26 दिसंबर, 2020 को डॉ. रूपा चारी लिखित द्वारा एक कोंकणी पुस्तक “Sutranivednachi sutra- ek anbav" का विमोचन किया।

यह बुक संजना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है। डॉ. रूपा चारी गोवा में कॉम्परिंग के क्षेत्र में एक जानी-मानी हस्ती हैं।


7. स्काईरूट एयरोस्पेस बनी फुल सॉलिड प्रोपल्शन रॉकेट स्टेज का परीक्षण करने वाली पहली भारतीय निजी अन्तरिक्ष कंपनी

भारत की निजी अन्तरिक्ष कंपनी स्काईरूट ने हाल ही में एक और सफलता हासिल कर ली है स्काईरूट एयरोस्पेस फुल सॉलिड प्रोपल्शन रॉकेट स्टेज का परीक्षण करने वाली भारत की पहली निजी अन्तरिक्ष कंपनी बन गई है। स्काईरूट एयरोस्पेस ने सॉलिड प्रोपल्शन रॉकेट स्टेज ‘कलाम -5’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

मुख्य बिंदु

इस प्रोपल्शन स्टेज रॉकेट को कंपनी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। कलाम-5 का निर्माण एडवांस्ड कार्बन कम्पोजिट स्ट्रक्चर से पूरी तरह से स्वचालित प्रक्रिया के द्वारा किया गया है।

इस सॉलिड प्रोपल्शन रॉकेट स्टेज में 9 विभिन्न विनिर्माण प्रक्रियाओं का उपयोग किया गया है। इसमें 15 विभिन्न उन्नत सामग्रियों का उपयोग किया गया है। कलाम-5 के सफल परीक्षण से कंपनी को अपने विक्रम-1 व्हीकल के निर्माण में सहायता मिलेगी।

विक्रम-1 लॉन्च व्हीकल के तीसरे चरण (कलाम-100) का परीक्षण कुछ महीनों बाद इसरो की फैसिलिटी में किया जायेगा। ‘विक्रम-I’ एक निर्माणाधीन राकेट है, यह स्काईरूट कंपनी का पहला लॉन्च व्हीकल है। स्काईरूट ने इसरो की मदद से दिसंबर 2021 तक इसे लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है।

कलाम-5 एक डेमोंस्ट्रेशन सॉलिड रॉकेट प्रोपल्शन स्टेज है जिसमें विक्रम-1 प्रक्षेपण यान के तीन सॉलिड स्टेज की तरह सामग्री, प्रणोदक और इंटरफेस है।

स्काईरूट एयरोस्पेस

यह भारत की एक निजी एयरोस्पेस कंपनी है और हैदराबाद में बेस्ड है। इस कंपनी की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी और इसने पहली बार अगस्त, 2020 में एक ऊपरी चरण के रॉकेट इंजन ‘रमन’ का परीक्षण किया था। यह कंपनी विक्रम स्मॉल लिफ्ट लॉन्च वाहनों की अपनी लांच करने की योजना बना रही है।