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27th October | Current Affairs | MB Books


1. भारतीय मूल के वेवल रामकलवान सेशेल्स के राष्ट्रपति बने

भारतीय मूल के वेवल रामकलवान को सेशेल्स के राष्ट्रपति के रूप में चुना गया। यह पहली बार है, जब विपक्ष के उम्मीदवार ने 1977 के बाद सेशेल्स में चुनाव जीता है।

पृष्ठभूमि

सेशेल्स हिंद महासागर में एक द्वीपसमूह है। यह 1976 तक एक ब्रिटिश उपनिवेश था। इसकी स्वतंत्रता के एक साल बाद, 1977 में फॉरे ने एक तख्तापलट में सत्ता हासिल कर ली और चुनावों में राष्ट्रपति पद को बनाए रखा। वह 1993 में देश में बहुदलीय लोकतंत्र बहाल होने तक सत्ता में थे।

वेवल रामकलवान

वेवल रामकलवान का जन्म माहे, सेशेल्स में हुआ था। उनके दादा बिहार, भारत से थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और कॉलेज की पढाई सेशेल्स में ही की। वह मॉरीशस में धार्मिक अध्ययन के बाद एक पुजारी बने थे।

राजनीति में रामकलावन की भूमिका

बहुदलीय लोकतंत्र 1992 में शुरू किया गया था। बाद में, उन्होंने 1998, 2001, 2006 के चुनावों में अपनी पार्टी का नेतृत्व किया। इन सभी चुनावों में वह केवल एक विपक्ष में रहे। 2020 के चुनाव में उन्होंने 54.9% वोट हासिल किए।

भारत पर प्रभाव

रामकलवान भारत को सेशेल्स का प्रमुख भागीदार मानते हैं। उनके अनुसार, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती के खतरे, ड्रग्स और अवैध शिकार मुख्य सुरक्षा चिंताएं हैं। वर्तमान में, भारत हिंद महासागर क्षेत्र में इन तीनों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। हालांकि, उन्होंने घोषणा की कि सेशेल्स अमेरिका या भारत के नौसैनिक अड्डों के निर्माण के लिए कभी सहमत नहीं होगा। 2018 में, भारत और सेशेल्स ऐज़मप्शन आइलैंड के एक हिस्से पर एक संयुक्त सैन्य सुविधा बनाने के लिए सहमत हुए। सेशेल्स में इस सुविधा को लेकर सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं कि सेशेल्स को भारत-चीन के क्षेत्रीय संघर्षों से बाहर रहना चाहिए।

भारत-सेशेल्स

भारत ने सेशल्स को हाइड्रोलॉजिकल मैप बनाने में मदद की। भारत सेशेल्स में डोर्नियर डीओ-228 विमान देने के लिए सहमत हुआ। भारत और सेशेल्स 2001 से सैन्य अभ्यास “लैमिटी” में हिस्सा ले रहे हैं।

सेशेल्स

यह 115 द्वीपों का एक द्वीपसमूह है। इसके अलावा, यहाँ प्रवाल भित्तियां, समुद्र तट इत्यादि है। हरा कछुआ, एक लुप्तप्राय प्रजाति इस देश में पाई जाती है।


2. भारत, अमेरिका में BECA समझौता, शेयर करेंगे सैटेलाइट का गोपनीय डाटा

भारत और अमेरिका ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया जिससे अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, उपग्रह के गोपनीय डाटा और दोनों देशों के बीच अहम सूचना साझा करने की अनुमति होगी।

‘टू प्लस टू’ वार्ता के तीसरे चरण के दौरान ‘बेसिक एक्सचेंज एंड को-ऑपरेशन एग्रीमेंट’(बीईसीए) पर दोनों रणनीतिक भागीदारों के बीच दस्तखत ने द्विपक्षीय रक्षा और सैन्य संबंधों को आगे और प्रगाढ़ करने का संकेत दिया है। यह समझौता ऐसे वक्त हुआ है जब पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ भारत का गतिरोध चल रहा है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर के साथ वार्ता की। दोनों पक्षों के शीर्ष सैन्य और रक्षा अधिकारियों ने इसमें सहयोग दिया।

‘टू प्लस टू’ वार्ता में दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच पहले से कायम करीबी संबंधों को आगे और घनिष्ठ करने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपसी हितों के व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

रणनीतिक संबंधों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण ‘बीईसीए’ पर दस्तखत के साथ दोनों देशों के बीच चार महत्वपूर्ण करार को अंतिम रूप दे दिया गया। दोनों देशों ने जनरल सिक्युरिटी ऑफ मिलिट्री इनफॉर्मेशन एग्रीमेंट (जीएसओएमआईए)पर 2002 में दस्तखत किए थे।

रक्षा समझौता और प्रौद्योगिकी साझा करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत अमेरिका ने 2016 में भारत को ‘प्रमुख रक्षा सहयोगी’ का दर्जा दिया था। दोनों देशों ने 2016 में ‘लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ किया था।

भारत और अमेरिका ने 2018 में एक और महत्वपूर्ण करार किया था जिसे ‘कोमकासा’ कहा जाता है।

बीईसीए के बारे में अधिकारियों ने कहा कि समझौते से भारत की गोपनीय भूस्थैतिक डाटा के साथ ही अन्य सैन्य अनुप्रयोगों के संबंध में सूचनाओं तक पहुंच होगी।


3. भारत-तिब्बत सीमा बल 47 नई चौकियां स्थापित करेगा

वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ चीन में तनाव बढ़ने के साथ भारत सरकार ने 47 बॉर्डर आउटपोस्ट (BoPs) स्थापित करने की मंज़ूरी दी है। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) इन बॉर्डर आउटपोस्ट को लॉन्च करेगी और इनकी देखरेख करेगी।

आवंटित बजट 7,223 करोड़ रुपये है।

यह आईटीबीपी के 59वें स्थापना दिवस समारोह में स्थापित की गयी थी।

24 अक्टूबर, 2020 को ITBP का 59वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। यह 24 अक्टूबर को चिह्नित किया गया है, क्योंकि उस दिन आईटीबीपी का गठन किया गया था।

भारत के सात सशस्त्र बल कौन-कौन से हैं?

भारत के सात सशस्त्र बल इस प्रकार हैं : सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बॉर्डर सिक्यूरिटी फ़ोर्स (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और असम राइफल्स।

ITBP को किस कानून के तहत बनाया गया था?

आईटीबीपी को 1962 के चीन-भारतीय युद्ध के मद्देनजर सीआरपीएफ अधिनियम के तहत बनाया गया था।

वे कौन से डोमेन हैं जिनमें ITBP को प्रशिक्षित किया जाता है?

ITBP को आपदा प्रबंधन, सिविल मेडिकल कैंप और परमाणु, जैविक और रासायनिक आपदाओं के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाता है।

वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा मिशन के तहत आईटीबीपी को कहां तैनात किया गया है?

बोस्निया और हर्जेगोविना, सिएरा लियोन, कोसोवो, हैती, सूडान, पश्चिमी सहारा, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में आईटीबीपी को नियुक्त किया गया है। ITBP की दो बटालियन को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल में नियुक्त किया गया है।

ITBP की भूमिकाएँ क्या हैं?

ITBP की पांच प्रमुख भूमिकाएँ हैं:

  • उत्तरी सीमाओं पर पहरेदारी, सीमा उल्लंघन का अवलोकन और सुरक्षा, और स्थानीय आबादी के बीच सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देना।

  • अवैध आव्रजन और क्रॉस-फ्रंटियर तस्करी की जाँच।

  • प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करना।

  • तनाव की स्थिति में किसी क्षेत्र में आदेश को बहाल करना।

  • शांति और सद्भाव बनाए रखना।

भारत में ITBP कहाँ तैनात हैं?

आईटीबीपी को लद्दाख के काराकोरम दर्रे से लेकर अरुणाचल प्रदेश में दीफू ला तक, भारत-चीन सीमा पर 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा पर तैनात किया गया है।


4. एमी कोनी बैरेट सुप्रीम कोर्ट जज नियुक्त

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Election) से पहले डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को एक बड़ी सफलता मिली है। एमी कोनी बैरेट (Amy Coney Barrett) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की जज के रूप में शपथ ले ली है। ट्रंप ने ही बैरेट का नाम घोषित किया था, जिसे लेकर काफी बवाल भी हुआ था। विपक्ष के साथ ही अपनी पार्टी में भी ट्रंप को विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप बैरेट को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करवाने में सफल रहे।

रात को ली शपथ

सोमवार रात को व्हाइट हाउस में एक समारोह में एमी कोनी बैरेट ने पद की शपथ ली। इस मौके पर डोनाल्ड ट्रंप ने बैरेट को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुझे पता है कि आप हम सभी को बहुत गौरवान्वित महसूस कराएंगी’। इससे पहले अमेरिकी सीनेट ने बैरेट की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव को पारित किया।


5. 18 जुलाई के बाद सबसे कम COVID-19 केस आए सामने, पिछले 24 घंटे में दर्ज हुए 36,470 मामले

देश में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मामलों में कमी देखने को मिल रही है। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले घंटों (सोमवार सुबह 8 बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे तक) में 36,470 नए मामले सामने आए हैं। यह 18 जुलाई के बाद सबसे कम नए मामले हैं। बता दें कि 18 जुलाई को 34,884 नए मामले सामने आए थे। देश में कुल संक्रमितों की संख्या 79,46,429 पहुंच चुकी है। वहीं बात करें मृतकों की, तो आपकी आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 24 घंटों में कोविड-19 की वजह से 488 लोगों की मौत हुई है और कुल मृतकों की संख्या 1,19,502 हो चुकी है।

Covid-19 जैसे खतरनाक वायरस को मात देकर ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिल रहा है स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बीते 24 घंटों में 63,842 मरीज़ ठीक हुए हैं और अब तक 72 लाख से ज्यादा (72,01,070) लोग संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं एक्टिव मामले भी 8 अगस्त के बाद सबसे कम हैं देश में इस वक्त 6,25,857 मामले एक्टिव स्टेज में हैं, यानी कि इनका इलाज या तो अस्पताल में चल रहा है या फिर यह डॉक्टरों के दिशा-निर्देशों पर होमआइसोलेशन में हैं

पॉजिटिविटी रेट 4 प्रतिशत के नीचे (3.80%) आ गया है, रिकवरी रेट सुधार के साथ 90 प्रतिशत को पार (90.62%) कर गया है मृत्यु दर 1.5 प्रतिशत पर है तो वहीं एक्टिव मामले 8 प्रतिशत से नीचे (7.87) दर्ज किए गए हैं ICMR के अनुसार देश में अब तक 10.44 करोड़ (10,44,20,894) लोगों की कोरोना की जांच हो चुकी है पिछले घंटों में 9,58,116 लोगों के सैंपल जुटाए गए हैं


6. भारत सरकार जनजातीय कल्याण के लिए दो उत्कृष्टता केंद्र लांच करेगी

केंद्रीय जनजातीय मामले मंत्रालय जनजातीय कल्याण के लिए उत्कृष्टता के दो केंद्र शुरू करेगी। आर्ट ऑफ लिविंग और जनजातीय मामलों के मंत्रालय के बीच सहयोग से इन केंद्रों को लांच किया जायेगा।

मुख्य बिंदु

इन केंद्रों का उद्देश्य पंचायती राज संस्थानों को मजबूत करना और आदिवासी किसानों को प्रशिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करना है। प्रत्येक केंद्र को एक लक्ष्य निर्धारित करेगा और उस पर विशेष रूप से काम करेगा।

पंचायती राज संस्थानों को मजबूत करना

यह जनजातीय अधिनियमों और नियमों के बारे में जागरूकता पैदा करेगा। साथ ही, इस पहल के माध्यम से उत्कृष्टता केंद्र आदिवासी आबादी को कल्याणकारी योजनाएं उपलब्ध कराएगा।

इससे, अनपढ़ आदिवासी को भी भारत सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच प्राप्त होगी। साथ ही, इस पहल के तहत स्थापित होने वाले उत्कृष्टता केंद्र उन युवा स्वयंसेवकों की पहचान करेंगे जिनके लिए व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। साथ ही, उन आदिवासी नेताओं को बनाने की पहल की जाएगी जो अपने समुदाय के लिए काम करने के लिए तैयार होंगे। यह पहल युवाओं में जिम्मेदारी की भावना पैदा करेगी।

जनजातीय किसानों को प्रशिक्षण

अन्य उत्कृष्टता केंद्र ‘Training to Tribal Farmers’ पहल को लागू करेगा। यह पहल महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में 10,000 आदिवासी किसानों को प्रशिक्षित करेगी। यह सतत प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण प्रदान करेगी। प्रशिक्षण “गो-आधारित” खेती तकनीकों के आधार पर प्रदान किया जायेगा। इस तकनीक से किसानों को जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

जनजातीय कल्याण योजनायें

भारत सरकार ने निम्नलिखित जनजातीय कल्याण योजनायें शुरू की हैं :

  • प्रधानमंत्री वन धन योजना

  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय

  • जनजातीय क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए योजना

  • विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों का विकास

  • जनजातीय अनुसंधान संस्थान के माध्यम से समर्थन

  • आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना

  • आदिवासी शिक्षा ऋण योजना

भारत में जनजातीय संरक्षण कानून निम्नलिखित हैं :

  • PESA अधिनियम को 1996 में अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तारित किया गया था

  • अजा / अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम

  • वन अधिकार अधिनियम निगरानी प्रणाली

  • एसटी और पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006

7. सर्वाधिक सकारात्मक शिक्षकों के सर्वेक्षण में 35 देशों में भारत को छठा स्थान

जब देश के शिक्षकों के मूल्यांकन की बात आती है तो भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में आता है, यह बात 35 देशों के वैश्विक सर्वेक्षण पर आधारित रिपोर्ट में सामने आई है। ब्रिटेन स्थिति वार्के फाउंडेशन द्वारा पिछले हफ्ते जारी रिपोर्ट ‘रीडिंग बिट्वीन द लाइंस: वाट द वर्ल्ड रियली थिंक्स ऑफ टीचर्स' में पाया गया कि जब देश में शिक्षकों की स्थिति पर लोगों के अंतर्निहित, अचेतन व स्वचालित विचारों की बात आती है तो भारत का स्थान छठा है।

अंतर्निहित शिक्षक स्थिति विश्लेषण में शिक्षकों को लेकर प्रतिभागियों के स्वत: धारणा पर देशों का क्रम तय किया जाता है वह भी तब जब उनसे कहा गया कि वे तेजी से बताएं कि शिक्षक विश्वसनीय है या अविश्वसनीय, प्रेरणा देने वाला है या नहीं, ध्यान रखने वाला है या नहीं, मेधावी है या नहीं

इस मानक पर भारतीय शिक्षकों से आगे चीन, घाना, सिंगापुर, कनाडा और मलेशिया के ही शिक्षक हैं वार्के फाउंडेशन और ग्लोबल टीचर प्राइज के संस्थापक सन्नी वार्के ने कहा, “यह रिपोर्ट साबित करती है कि शिक्षकों का सम्मान न सिर्फ महत्वपूर्ण नैतिक दायित्व है-यह देश के शैक्षणिक नतीजों के लिये अनिवार्य है

उन्होंने कहा, “कोरोनावायरस महामारी के सामने आने के बाद से विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के बंद होने से करीब 1.5 अरब विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं ऐसे अभूतपूर्व समय में अब यह पहले से भी कहीं ज्यादा जरूरी है कि हम अच्छे शिक्षकों की पहुंच छात्रों तक सुनिश्चित करने के लिये जो भी जरूरी हो सके करें

ग्लोबल टीचर स्टेटस इंडेक्स (जीटीएसआई) 2018 से एकत्र आंकड़ों के आधार पर बनाई गई रिपोर्ट में शिक्षकों की स्थिति और छात्रों के फायदे के बीच संबंध की पुष्टि की गई है जीटीएसआई के तहत 35 देशों का सर्वेक्षण किया गया था और प्रत्येक देश में 1000 प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था

इस नई रिपोर्ट में पहली बार यह बताने की कोशिश की गई है कि क्यों “अंतर्निहित शिक्षक दर्जा” अलग-अलग देशों में भिन्न है इसमें पाया गया कि अमीर देशों में शिक्षकों का दर्जा कहीं बेहतर है जो ज्यादा सार्वजनिक धन को शिक्षा के क्षेत्र में आवंटित करते हैं उदाहरण के लिये भारत में शिक्षा पर सरकारी खर्च 14 फीसदी है इस सर्वेक्षण में 24वें स्थान पर आने वाले इटली में यह प्रतिशत 8.1 है दूसरे स्थान पर आने वाला घाना 22.1 प्रतिशत सरकारी खर्च शिक्षा पर होता है

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