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27 June 2020 Hindi Current Affairs


म्यांमार में दुनिया के सबसे लम्बे इंटरनेट शटडाउन का दूसरा वर्ष शुरू हुआ

21 जून, 2019 को संघर्ष प्रभावित राखीन राज्य के आठ टाउनशिप में और चिन राज्य की एक बस्ती में म्यांमार सरकार द्वारा मोबाइल इंटरनेट सेवाओं बंद कर दिया गया था। सितंबर 2019 से फरवरी 2020 के बीच 5 राज्यों में प्रतिबंध हटा दिए गए लेकिन बाद में फिर से प्रतिबन्ध लागू कर दिए गए। राखीन राज्य की मॉंगडा बस्ती में प्रतिबंध 2 मई, 2020 को  हटा दिया गया था। शेष टाउनशिप में  1 अगस्त, 2020 तक इन्टरनेट बंद रहेगा।

जनवरी, 2019 से म्यांमार सरकार अराकान सेना (राखीन सशस्त्र समूह) के साथ लड़ाई में संलग्न है।

म्यांमार सरकार की  आलोचना

सूचना के अभाव में भोजन, पानी से लेकर चिकित्सा सहायता आदि जैसी आवश्यक सेवाओं की कमी हो जाती है, एक वैश्विक महामारी के समय, इंटरनेट सेवाओं का निलंबन भी इन टाउनशिप में रहने वाले लोगों के लिए और मुश्किलें खड़ी कर देता है।

म्यांमार सरकार के इस कदम से सरकार को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। म्यांमार के दूरसंचार कानून के अनुच्छेद 77 के अनुसार, सरकार आपातकालीन स्थिति के दौरान सेवा को निलंबित कर सकती है। विभिन्न मानवाधिकार संगठन अब अनुच्छेद के संशोधन पर बल दे रहे हैं क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है।


भारत के बाहर विश्व का पहला योग विश्वविद्यालय लॉस एंजिल्स में शुरू हुआ

भारत के बाहर दुनिया का पहला योग विश्वविद्यालय 23 जून, 2020 को  अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर में शुरू किया गया। इस योग विश्वविद्यालय का नाम स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखा गया है। इस  विश्वविद्यालय का नाम ‘विवेकानंद योग विश्वविद्यालय’ रखा गया है। इस विश्वविद्यालय को 6वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के स्मरणोत्सव के एक भाग के रूप में लांच किया गया।

मुख्य बिंदु

वर्चुअल लॉन्च इवेंट का आयोजन न्यूयॉर्क सिटी के कॉन्सुलेट जनरल ऑफ़ इंडिया में किया गया था। वी. मुरलीधरन (केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री) और पी.पी. चौधरी (विदेश मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष) ने संयुक्त रूप से वर्चुअल इवेंट के दौरान विवेकानंद योग विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया।

योग के प्राचीन पारंपरिक भारतीय अभ्यास पर आधारित कार्यक्रम वैज्ञानिक सिद्धांतों और आधुनिक अनुसंधान दृष्टिकोणों के संयोजन के साथ इस विश्वविद्यालय में पेश किए जाएंगे। योग-आधारित उच्च शिक्षा कार्यक्रमों की पेशकश के लिए, विश्वविद्यालय के लांच के लिए आधिकारिक मान्यता नवंबर 2019 में कैलिफोर्निया के ब्यूरो ऑफ प्राइवेट पोस्ट-सेकेंडरी एजुकेशन से प्राप्त हुई थी।

SVYASA स्वामी विवेकानंद योग अनुसन्धान संस्थान (योग के अध्ययन के लिए बेंगलुरु में डीम्ड विश्वविद्यालय) के कुलपति डॉ. एच.आर. नागेंद्र विवेकानंद योग विश्वविद्यालय के पहले अध्यक्ष होंगे। SVYASA की स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी, यह भारत और विश्व का पहला योग विश्वविद्यालय है।


नीति आयोग द्वारा शुरू किया गया व्यवहार परिवर्तन अभियान

नीति आयोग ने एक व्यवहार परिवर्तन अभियान ‘नेविगेट द न्यू नोर्मल’ लांच किया।  बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन इस व्यवहार परिवर्तन अभियान के लिए एक भागीदार है।

अभियान का उद्देश्य

जैसा कि देश अब अनलॉक चरण में है, इसका उद्देश्य देश में एक उपयुक्त COVID सुरक्षित व्यवहार विकसित करना है, जैसे कि लोगों को अपनी दिनचर्या के हिस्से के रूप में मास्क पहनने के लिए अनुकूल बनाना। जब तक एक वैक्सीन विकसित नहीं हो जाती, तब तक देश के नागरिकों के लिए यह आवश्यक है कि वे हाथ की सफाई, मास्क पहनने आदि का अभ्यास करके अपने दैनिक जीवन में कुछ व्यवहारगत बदलावों को अपनाएं।

अभियान के बारे में

व्यवहार परिवर्तन अभियान एम्पावर्ड ग्रुप 6 के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। व्यवहार परिवर्तन अभियान के दो भाग हैं:

  • वेब पोर्टल ( http://www.covidthenewnormal.com/): इसमें COVID से सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक व्यवहार मानदंड शामिल हैं।

  • मीडिया अभियान: जैसा कि महामारी ने देश भर में लोगों के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया है, लोग टेलीविजन या इंटरनेट पर अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं। व्यवहार परिवर्तन अभियान का उद्देश्य विज्ञापन, बच्चों के लिए एनीमेशन, सोशल नेटवर्किंग साइटों पर आभासी जागरूकता अभियानों आदि के माध्यम से देश भर में लाखों लोगों तक पहुंच बनाना है।


विश्व बैंक ने सड़क कनेक्टिविटी में सुधार के लिए बांग्लादेश को 500 मिलियन डालर की मंजूरी दी

विश्व बैंक ने 23 जून,  2020 को बांग्लादेश को 500 मिलियन डॉलर की ऋण राशि के लिए मंजूरी दी है। यह राशि  राशि जाशोर-जेनाइदाह गलियारे के लिए मंज़ूर की गयी है, इससे  बांग्लादेश के 4 पश्चिमी जिलों को लाभ होगा। यह बांग्लादेश में सड़क कनेक्टिविटी में सुधार के लिए विश्व बैंक की कुल 1.4 बिलियन डालर की बहु-चरण परियोजनाओं का चरण I होगा।

विश्व बैंक ने कहा कि बांग्लादेश के पश्चिमी जिले बहुत अधिक प्राकृतिक और कृषि उत्पादों से संपन्न हैं। इस परियोजना के पूरा हो जाने पर पूरे क्षेत्र में बड़ी आर्थिक सम्भावना का सृजन होगा।

परियोजना का चरण I

परियोजना का चरण I जिसके लिए 500 मिलियन डालर की मंजूरी दी गई है, को पश्चिमी आर्थिक गलियारा और क्षेत्रीय संवर्द्धन (WeCARE) के रूप में नामित किया गया है। इस चरण में, दो लेन राजमार्ग के मौजूदा 110 किलोमीटर को एक सुरक्षित और जलवायु-लचीला चार-लेन राजमार्ग में अपग्रेड किया जाएगा। यह 110 किलोमीटर की परियोजना बांग्लादेश सरकार के देश के पश्चिमी भाग में 260 किमी के आर्थिक गलियारे को विकसित करने की बड़ी योजना का हिस्सा होगी।

जेनाइदाह और जाशोर के बीच 48 किलोमीटर को चरण I के तहत N7 राजमार्ग पर भी अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा, 32 ग्रामीण बाजारों को जोड़ने वाली 600 किलोमीटर की ग्रामीण सड़कों को भी इस चरण के तहत बेहतर बनाया जाएगा।


कर्नाटक ने निवेश आकर्षित करने के लिए अपने उद्योग (सुविधा) अधिनियम में संशोधन किया

25 जून, 2020 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा की अध्यक्षता में कर्नाटक सरकार के राज्य मंत्रिमंडल में ‘कर्नाटक उद्योग (सुविधा) अधिनियम, 2002’ में संशोधन किया है। संशोधनों को अमल में लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जल्द ही एक अध्यादेश जारी किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

राज्य में एक निवेशक-अनुकूल वातावरण बनाने के उद्देश्य से संशोधन किया गया है। संशोधन ने नियमों को सरल बनाया है और प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को कम किया है। संशोधन से राज्य में व्यापार करने में आसानी होगी।

पहले तीन वर्षों के लिए लघु और मध्यम उद्योग वैधानिक मंजूरी के लिए इंतजार किए बिना विनिर्माण शुरू कर सकते हैं।

कर्नाटक सरकार द्वारा किया गया संशोधन राज्य के सभी छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए लागू होगा। गुजरात और राजस्थान ने भी अपने उद्योग अधिनियम में संशोधन किया है, लेकिन इन दोनों राज्यों में, संशोधन केवल छोटे उद्योगों के लिए किया गया था।

पृष्ठभूमि

COVID-19 महामारी के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन ने देश भर में आर्थिक गतिविधियों को रोक दिया है। रोजगार उत्पन्न करने में, कर्नाटक सरकार ने 22 मई, 2020 को कारखाना अधिनियम में संशोधन किया था जिसके तहत सभी कारखानों को 21 अगस्त, 2020 तक  दैनिक और साप्ताहिक निर्धारित घंटे के प्रावधानों से छूट दी गयी थी।


27 जून : सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग दिवस

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग दिवस (MSME) प्रत्येक वर्ष 27 जून को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। अप्रैल 2017 में इसकी स्थापना के बाद इस वर्ष इसका दूसरा संस्करण आयोजित किया गया। इस दिवस के बहुआयामी उड़ेश्यों में युवा रोजगार में एमएसएमई के महत्व का औचित्य रखना, उचित नौकरियों को हासिल करने के लिए युवाओं को उनमें होने वाले आवश्यक विभिन्न कौशलों के बारे में जागरूक करना और युवा उद्यमशीलता के बारे में जागरूकता बढ़ाना शामिल है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग का महत्व

MSME विकास के लिए प्रमुख रोजगार प्रदाता के रूप में मुख्य स्त्रोत का कार्य करता हैं। यह मुख्यत: सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को साकार करने पर ज़ोर देता है। यह सभी के लिए नवाचार, रचनात्मकता और उचित काम को प्रवर्तित करता है. उभरते व्यापारों में बनाए गए पांच नए औपचारिक रोजगारों में से चार एमएसएमई के बीच हैं। एमएसएमई श्रमिकों के कमजोर क्षेत्र जैसे महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के लोगों के बड़े हिस्से को रोजगार देता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एमएसएमई कभी-कभी रोजगार का एकमात्र स्रोत ही होता हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा संकल्प ए/आरईएस/71/279 के माध्यम से लघु व्यवसाय पहुंच में सुधार की आवश्यकता को पहचानने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग दिवस की स्थापना की गई. यह संकल्प अर्जेंटीना के प्रतिनिधिमंडल द्वारा पेश किया गया था तथा 54 सदस्य राज्यों द्वारा इसे सह-प्रायोजित भी किया गया था और इसे अप्रैल 2017 में 193 सदस्यीय यूएनजीए द्वारा मतदान के बिना अपनाया गया था।



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