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26th August | Current Affairs | MB Books


1. WHO ने अफ्रीका को पोलियो मुक्त घोषित किया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया है कि अफ्रीका के अंतिम देश नाइजीरिया के पोलियो मुक्त देश घोषित होने के बाद 25 अगस्त 2020 को पूरा अफ्रीका महाद्वीप वाइल्ड पोलियो से मुक्त हो गया। अफ्रीकी देश नाइजीरिया में ही पोलियो वायरस बचा था। पिछले चार सालों से यहां पोलियो का एक भी मामला नहीं आया है।

डब्ल्यूएचओ के अफ्रीका रीजन के कार्यालय ने अफ्रीका महाद्वीप को पोलियो मुक्त घोषित किया। डब्ल्यूएचओ ने साल 1988 में वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल (जीपीईआई) शुरू की थी। तब से लेकर अब तक लगभग पूरी दुनिया से पोलियो को खत्म किया जा चुका है। अफ्रीका में आखिरी बार पोलियो का मामला साल 2016 में नाइजीरिया में आया था।

पोलियो अब केवल दो देशों में बचा

अफ्रीका को पोलियो वायरस से मुक्त घोषित किए जाने के बाद केवल पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही ऐसे देश होंगे जहां पर पोलियो वायरस सक्रिय है और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले और असुरक्षा की वजह से पोलियो की बीमारी और जटिल हो गई है। अर्थात दुनिया में अब पोलियो केवल दो देशों (पाकिस्तान और अफगानिस्तान) में बचा है।

दूसरी बार अफ्रीका में किसी वायरस को खत्म किया

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि यह दूसरी बार है जब अफ्रीका में किसी वायरस को खत्म किया गया है। चार दशक पहले अफ्रीका में चेचक को पूरी तरह से खत्म किया गया था। हालांकि,विशाल अफ्रीका महाद्वीप जहां पर 130 करोड़ लोग रहते हैं शिथिल निगरानी प्रणाली से पोलियो वायरस के छिटपुट मामले आने की आशंका बनी हुई है, जिसका पता नहीं लग पाया है।

किसी देश को पोलियो मुक्त कैसे माना जाता है?

जब किसी देश में चार साल तक पोलियो का कोई नया मामला नहीं सामने आता तो उसे पोलियो मुक्त मान लिया जाता है। अफ्रीका में केवल नाइजीरिया में ही पोलियो वायरस था। यहां साल 2016 से कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। साल 1996 में पूरे अफ्रीका में लगभग 75 हजार बच्चे पोलियो का शिकार हुए थे। इस दौरान अफ्रीका का प्रत्येक एक देश प्रभावित था।

भारत कब पोलियो मुक्त हुआ था

डब्लूएचओ ने 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था। इस दिन दिल्ली स्थित डब्लूएचओ के कार्यालय में आयोजित समारोह में दक्षिण-पूर्व एशिया को पोलियो मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया। इसी के तहत भारत भी पोलियो मुक्त घोषित हो गया था।

पोलियो क्या है?

पोलियो एक विषाणुजन्य रोग है, जो अधिकांशत: बच्चों को होता है। यद्यपि यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, फिर भी बच्चे ही इसका शिकार ज़्यादा होते हैं। पोलियो का वायरस संक्रमण से फैलता है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फेको-मौखिक मार्ग के द्वारा होता है। यह पानी या मल पदार्थ, अस्वच्छ भोजन के साथ, जल के संक्रमण से हो सकता है। यह एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जिससे शरीर के अंगों में विकलांगता आ सकती है। पोलियो लाईलाज है, क्‍योंकि इसका लकवापन ठीक नहीं हो सकता है। बचाव ही इस बीमारी का एक मात्र उपाय है।

2. अमेरिका ने अपने नागरिकों को दी भारत न जाने की सलाह

भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप से बेहतर संबंध हो लेकिन अमेरिका ने अपने नागरिकों को भारत की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। इसकी वजह भारत में कोरोना संकट, अपराध और आतंकवाद को बताया है।

अमेरिका ने भारत की यात्रा के लिए रेटिंग 4 निर्धारित की है जिसे सबसे खराब माना जाता है। इस श्रेणी भारत के अलावा सीरिया, पाकिस्‍तान, ईरान, इराक और यमन जैसे देश शामिल हैं।

अमेरिका ने कहा है कि भारत में कोरोना संकट है। इसके अलावा देश में अपराध और आतंकवाद में तेजी आई है, इसलिए अमेरिकी नागरिक भारत की यात्रा न करें। अमेरिका ने अपने अडवाइजरी की कुछ अन्‍य वजहों में महिलाओं के खिलाफ अपराध और उग्रवाद को भी कारण बताया है।

हालांकि इंडियन टूरिज्‍म एंड हॉस्पिटलटी संघ (FAITH) ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि वे अमेरिका सरकार से ट्रेवल एडवाइजरी को बदलने के लिए दबाव डाले।

फेथ ने कहा कि अमेरिका ने 23 अगस्त, 2020 तक जिन अन्य देशों को इस श्रेणी में रखा है, उनमें सीरिया, ईरान, पाकिस्तान, इराक और यमन शामिल हैं। यह भारत के साथ नाइंसाफी है। यहां सीरिया, पाकिस्तान और इराक जैसे हालात बिल्कुल नहीं हैं।

फेथ ने कहा कि अमेरिका भारतीय पर्यटन क्षेत्र की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। अमेरिका से आने वाले टूरिस्ट भारत में सबसे अधिक औसतन 29 दिन रुकते हैं। वहीं अन्य बाजारों के लिए यह औसत 22 दिन का है। ऐसे में अमेरिका द्वारा इस निगेटिव रेटिंग से भारत के टूरिज्म कारोबार पर असर पड़ेगा।

3. सकल घरेलू उत्पाद के मामले में भारत ने ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ा

अमेरिका के एक शीर्ष सांसद ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में सकल घरेलू उत्पाद के मामले में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ चुका भारत, आर्थिक स्वतंत्रता की सफलता का साक्षी है। सांसद जो विल्सन ने भारत को 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बधाई देते हुए प्रतिनिधिसभा में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सकल घरेलू उत्पाद के मामले में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया, लेकिन वुहान वायरस ने इन आर्थिक उपलब्धियों को बाधित कर दिया कोरोनावायरस संक्रमण की वैश्विक महामारी पिछले साल चीन के वुहान शहर से शुरू हुई थी।

विल्सन ने शुक्रवार को कहा कि गरीबी में कमी लाते हुए समाजवाद से मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था तक भारत का विकास आर्थिक स्वतंत्रता की सफलता का साक्षी है।

अमेरिका के थिंक टैंक ‘वर्ल्ड पॉपुलेशन’ की फरवरी की समीक्षा के मुताबिक भारत 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस को पछाड़कर विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।

विल्सन ने कहा कि भारत और अमेरिका का गठबंधन पिछले साल ह्यूस्टन में 22 सितंबर को व्यापक रूप से तब रेखांकित हुआ था जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी का 50,000 भारतीय-अमेरिकी दर्शकों के साथ अमेरिका में स्वागत किया था, जो अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्वागत कार्यक्रम था।

इस महीने की शुरुआत में, विल्सन ने कहा था कि वे अटलांटा में भारतीय वाणिज्य दूतावास में भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण समारोह के विशिष्ट अतिथि रहे। समारोह का आयोजन महावाणिज्य दूत डॉ. स्वाति कुलकर्णी ने किया था।

4. पिछले 24 घंटे में कोरोनावायरस से 1,059 की मौत, 67,151 नए COVID-19 केस आए सामने

Coronavirus in India: भारत में कोरोनावायरस का प्रकोप थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कुल संक्रमितों की संख्या 32 लाख के आंकड़े को पार कर चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बुधवार सुबह तक कुल संक्रमितों की संख्या 32,34,474 पहुंच चुकी है। वहीं पिछले 24 घंटों में (मंगलवार सुबह 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक) 67,151 नए मामले सामने आए हैं, इस दौरान 1059 लोगों की मौत हुई है। जिसके बाद कुल मृतकों की संख्या 59,449 पहुंच गई है। वहीं बात करें इस वायरस को मात देकर ठीक होने वालों की तो आपको बता दें कि अब तक 2467758 लोग इस वायरस को हराकर ठीक हो चुके हैं, रिकवरी रेट बढ़कर 76.29 फीसदी हो गया है।

देश में कुल संक्रमितों की संख्या 32 लाख पहुंचने में 209 दिनों का वक्त लगा है, जबकि पहले एक लाख होने में 110 दिनों का समय लगा थायानि कि पिछले 99 दिनों में 31 लाख लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं

पिछले कई महीनों से दुनियाभर में आतंक मचा रहे कोरोनावायरस और उससे फैलने वाली महामारी, यानी COVID-19 के पहले 1,00,000 पुष्ट मामले भारत में 110 दिन में सामने आए थे, लेकिन फिर रफ्तार बढ़ती गई, और अब देश में एक लाख केस सिर्फ एक-दो दिन में जुड़ते जा रहे हैं... भारत को 32 लाख पुष्ट मामलों का आंकड़ा पार करने में कुल 209 दिन लगे हैं...

तिथि कुल मामले समय लगा

19 मई 1,01,139 110 दिन

3 जून 2,07,615 15 दिन

13 जून 3,08,993 10 दिन

21 जून 4,10,461 8 दिन

27 जून 5,08,953 6 दिन

2 जुलाई 6,04,641 5 दिन

7 जुलाई 7,19,665 5 दिन

11 जुलाई 8,20,916 4 दिन

14 जुलाई 9,06,752 3 दिन

17 जुलाई 10,03,832 3 दिन

20 जुलाई 11,18,043 3 दिन

23 जुलाई 12,38,635 3 दिन

25 जुलाई 13,36,861 2 दिन

27 जुलाई 14,35,453 2 दिन

29 जुलाई 15,31,669 2 दिन

31 जुलाई 16,38,870 2 दिन

2 अगस्त 17,50,723 2 दिन

3 अगस्त 18,03,695 1 दिन

5 अगस्त 19,08,254 2 दिन

7 अगस्त 20,27,074 2 दिन

9 अगस्त 21,53,010 2 दिन

10 अगस्त22,15,074 1 दिन

12 अगस्त23,29,638 2 दिन

14 अगस्त24,61,190 2 दिन

15 अगस्त25,26,192 1 दिन

17 अगस्त26,47,663 2 दिन

18 अगस्त27,02,742 1 दिन

20 अगस्त28,36,925 2 दिन

21 अगस्त29,05,823 1 दिन

23 अगस्त30,44,940 2 दिन

24 अगस्त31,06,348 1 दिन

26 अगस्त32,34,474 2 दिन

ICMR के आंकड़ों के अनुसार 25 अगस्त मंगलवार को देश में 8,23,992 लोगों की कोरोना जांच हुई है, वहीं अब तक कुल 8,23,992 लोगों की जांच हो चुकी है।

5. Kavkaz 2020: सीमा तनाव के बीच रूस में चीन और पाकिस्तान के साथ सैन्याभ्यास करेगा भारत

लद्दाख में जारी तनाव के बीच भारत चीन के साथ रूस में होने वाले मल्टीलेटरल सैन्य युद्ध अभ्यास 'Kavkaz- 2020' में हिस्सा लेने जा रहा है। इस युद्धाभ्यास में चीन और पाकिस्तान की सेना भी हिस्सा लेगी। Kavkaz- 2020 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देश हिस्सा लेंगे, जिसके सदस्य भारत के अलावा चीन और पाकिस्तान भी हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में कुल 20 देश भाग लेंगे, जिसमे तुर्की और ईरान भी शामिल हैं।

15 से 27 सितंबर तक दक्षिणी रूस के अस्त्राखन में ये सैन्याभ्यास होगाइस युद्धाभ्यास का मकसद अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए रियल टाइम ट्रेनिंग करना हैइस युद्धाभ्यास में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों के खिलाफ आक्रमण और रक्षात्मक दोनों तरह के ऑपेरशन होंगे

बता दें कि Kavkaz युद्धाभ्यास हर चार साल के बाद आयोजित किया जाता हैइससे पहले यह 2012 और 2016 में आयोजित किया गया थाइस बार इस अभ्यास में भारतीय सेना के करीब 180 जवान हिस्सा लेंगेइसके अलावा भारतीय वायुसेना के 45 कर्मी और कई नौसैनिक अधिकारी भी भाग लेंगेकुल 13,000 जवान इस मल्टीलेटरल युद्धाभ्यास में हिस्सा लेंगेजानकारी है कि चीन के कई युद्धपोत भी इस युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं

रूस में होने वाला यह युद्धाभ्यास ऐसे समय पर हो रहा है, जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति है

6. कंगना रनौत के खिलाफ देशद्रोह की शिकायत, संविधान का अपमान करने का आरोप

अपनी बेबाक टिप्पणी और शानदार अभिनय के लिए मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) मुश्किल में पड़ सकती हैं। एक्ट्रेस के खिलाफ गुरुग्राम में देशद्रोह की शिकायत दर्ज कराई गई है। गुरुग्राम सेक्टर 37 थाने में यह शिकायत भीमसेना के प्रमुख नवाब सतपाल तंवर द्वारा की गई है। उनके अनुसार कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने ट्वीट करके संविधान का अपमान किया है। लाखों ट्वीट्स के साथ ट्विटर पर कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ट्रेंड चल रहा है। इस मामले में कंगना के खिलाफ देशद्रोह के गंभीर अपराध में FIR दर्ज हो सकती है।

7. कोविड-19 के बीच बाटा ने चालू वित्त वर्ष में 100 नए स्टोर खोलने की योजना बनाई

प्रमुख फुटवेयर कंपनी बाटा इंडिया ने कोविड-19 महामारी के बीच वित्त वर्ष 2020-21 में करीब 100 नए स्टोर खोलने की योजना बनाई है। बाटा इंडिया के चेयरमैन अश्विनी विंडलास ने पीटीआई-भाषा को फोन पर बताया, ‘हम इस साल करीब 100 नए स्टोर खोलेंगे और इनमें से 80 प्रतिशत स्टोर टियर-2 और टियर-3 शहरों में फ्रैंचाइज मॉडल के जरिए खोले जाएंगे।'

उन्होंने बताया कि कंपनी के इस समय देश भर में करीब 1,500 स्टोर हैं और उसकी योजना 2023 तक 500 नए स्टोर खोलकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की है। कंपनी एक अन्य अधिकारी ने कहा कि नेटवर्क विस्तार आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाएगा, जहां मौजूदा कोविड-19 संकट के दौरान शहरों के मुकाबले आर्थिक गतिविधियां बेहतर रही हैं।

फुटवियर कंपनी ने शहरी क्षेत्रों में कारोबार बढ़ाने के लिए - ‘बाटा स्टोर ऑन व्हील्स' नाम से एक नई पहल की है। बाटा इंडिया के सीईओ संदीप कटारिया ने कहा कि इस पहल के जरिए ग्राहक अपने दरवाजे पर खरीदारी कर सकेंगे। इसके अलावा कंपनी ऑनलाइन शॉपिंग और व्हाट्सऐप चैट के जरिए बिक्री बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।

8. मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट - III: AIIB और भारत द्वारा 500 मिलियन अमेरिकी डालर के समझौते पर हस्ताक्षर

भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और मुंबई रेलवे विकास निगम ने मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट - III के लिए एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के साथ 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस परियोजना का उद्देश्य मुंबई में उपनगरीय रेलवे प्रणाली की सेवा गुणवत्ता, नेटवर्क क्षमता और सुरक्षा में सुधार करना है। इससे घातक दुर्घटनाओं और यात्रियों की यात्रा-अवधि में कमी के साथ नेटवर्क क्षमता में वृद्धि होने की भी उम्मीद है।

AIIB और भारत सरकार के बीच इस ऋण समझौते पर भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के अतिरिक्त सचिव, समीर कुमार खरे ने हस्ताक्षर किए थे।

मुख्य विशेषतायें

• मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट - III के प्राथमिक लाभार्थियों में, 22% महिला यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता से लाभान्वित किया जाएगा।

• यह परियोजना मुंबई की उप-शहरी रेलवे प्रणाली के यात्रियों की सेवा गुणवत्ता, गतिशीलता और सुरक्षा में सुधार करने में सहायता करेगी।

• यह परियोजना सड़क-आधारित परिवहन की तुलना में इन परिवहन सेवाओं को अधिक विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता प्रदान करेगी।

• इस परियोजना के तहत, अतिचार नियंत्रण उपायों की शुरूआत के माध्यम से जनता और यात्रियों को प्रत्यक्ष सुरक्षा लाभ भी होंगे।

MMR में बुनियादी सुविधा योजना की आवश्यकता

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) 22.8 मिलियन (वर्ष 2011) की आबादी के साथ भारत में सबसे अधिक आबादी वाला महानगरीय क्षेत्र है। इसके वर्ष 2031 तक 29.3 मिलियन और वर्ष 2041 तक 32.1 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।

तीव्र जनसंख्या वृद्धि मुंबई के शहरी विस्तार के लिए मूल प्रेरक कारक है, जो महाराष्ट्र सरकार को मजबूत अवसंरचना और शहरी नियोजन को प्राथमिकता देने के लिए मजबूर करती है ताकि सामाजिक और पर्यावरणीय परिणामों के अनुकूलन के साथ-साथ गतिशीलता और आर्थिक गतिविधियों में संतुलन कायम होगा।

9. भारत में जल्द ही वैक्सीन के लिए एक पोर्टल होगा: ICMR

देश के शीर्ष चिकित्सा अनुसंधान निकाय - इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने यह घोषणा की है कि, भारत में जल्द ही अपना एक समर्पित वैक्सीन पोर्टल होगा।

वर्तमान में, ICMR भारत के पहले वैक्सीन पोर्टल को विकसित करने के लिए काम कर रहा है जो भारत में वैक्सीन विकास से संबंधित सभी जानकारियों के लिए एक डाटा संग्रह कोष के तौर पर काम करेगा। ICMR द्वारा इस वैक्सीन पोर्टल को कथित तौर पर अगले सप्ताह तक सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

ICMR वैक्सीन पोर्टल: आपके जानने लायक जरुरी जानकारी!

• ICMR वैक्सीन पोर्टल पहले चरण में कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित सभी सूचनाओं को प्रदर्शित करेगा।

• इसके बाद, विभिन्न बीमारियों को रोकने के लिए उपयोग किए जाने वाले सभी टीकों से संबंधित डाटा उपलब्ध करवा कर इस वेब पोर्टल को और मजबूत तथा उपयोगी बनाया जाएगा।

• लोगों को एक प्लेटफॉर्म के तहत भारत में वैक्सीन के बारे में सभी अपडेट मिलेंगे। वर्तमान में, सारी जानकारी बिखरी हुई है। इसलिए, ICMR इस पोर्टल को विकसित करने के लिए काम कर रहा है, क्योंकि यह जैव चिकित्सा अनुसंधान का एक संस्थान है।

• प्रारंभ में, ICMR वैक्सीन पोर्टल केवल कोविड-19 वैक्सीन के लिए डाटा प्रदर्शित करेगा। इसे बाद में अन्य टीकों के बारे में भी जानकारी दर्शाने के साथ अद्यतन किया जाएगा।

• वैज्ञानिकों के अनुसार, इस ICMR वैक्सीन पोर्टल में आम जनता के लिए विभिन्न खंड जैसेकि, कोविड-19 वैक्सीन, भारत की पहल, अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न शामिल होंगे।

• यह वैक्सीन पोर्टल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वेबसाइट पर उपलब्ध कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित जानकारी और सूचना हासिल करेगा।

भारत में कोविड वैक्सीन के प्रतिद्वंद्वी

वर्तमान में, भारत में तीन कोविड वैक्सीन प्रतिद्वंद्वी हैं और ये सभी नैदानिक परीक्षणों के विभिन्न चरणों में हैं।

1. COVAXIN: यह पहला वैक्सीन एक निष्क्रिय वायरस वैक्सीन है, जिसे भारत बायोटेक द्वारा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।

2. ZyCOV-D: यह दूसरा वैक्सीन फार्मा वैक्सीन Zydus Cadila द्वारा तैयार किया गया ‘DNA वैक्सीन’ है।

3. ऑक्सफोर्ड वैक्सीन: यह तीसरा वैक्सीन एक ‘रिकॉम्बिनेंट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी वैक्सीन’ है, जिसे यूके की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने विकसित किया है। इस वैक्सीन प्रतिद्वंद्वी का विनिर्माण पार्टनर भारत का सीरम संस्थान है, जिसे ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से भारत में वैक्सीन के चरण 2 और चरण 3 के नैदानिक परीक्षणों का संचालन करने के लिए अनुमति मिली थी।

पृष्ठभूमि

भारत में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार ICMR के साथ मिलकर अथक प्रयास कर रही है। जहां एक तरफ़, भारत में मास्क पहनने, हाथ की स्वच्छता और सामाजिक दूरी सहित सभी निवारक उपायों को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं वहीं, कोविड वैक्सीन का विकास करना कोरोना वायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

10. हनी मिशन कार्यक्रम के तहत प्रवासी श्रमिकों को मिल रहा रोजगार

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने अपने हनी मिशन कार्यक्रम के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों के लिए स्थानीय और स्व-रोजगार का निर्माण करके 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक बड़ा प्रयास किया है।

इस मिशन के तहत आजीविका का अवसर प्रदान करने के लिए, MSME राज्य मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने 25 अगस्त, 2020 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और सहारनपुर जिलों के 70 प्रवासी श्रमिकों को 700 मधुमक्खी बक्से वितरित किए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान को बढ़ावा देते हुए, KVIC ने इन श्रमिकों की पहचान की थी और इन्हें मधुमक्खी पालन के लिए 5-दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया था और फिर, मधुमक्खी पालन गतिविधियों को संचालित करने के लिए उन्हें आवश्यक उपकरण-किट और मधुमक्खी-बक्से भी प्रदान किए थे।

मधुमक्खी पालन कैसे रोजगार सृजन में मदद करता है?

KVIC के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने यह बताया कि, मधुमक्खी पालन से न केवल भारत का शहद उत्पादन बढ़ेगा बल्कि इससे मधुमक्खी पालकों की आय भी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि पराग, मधुमक्खी के मोम, शाही जेली, प्रोपोलिस और मधुमक्खी के जहर जैसे उत्पाद भी बिक्री के योग्य उत्पाद हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए एक लाभदायक प्रस्ताव होगा। पंजोकेरा में KVIC के प्रशिक्षण केंद्र में मधुमक्खी के बक्से वितरित किए गए।

प्रवासियों के लिए स्वरोजगार के अवसर

70 प्रवासी कामगार - सहारनपुर से 40 और बुलंदशहर से 30 कामगार - जिन्हें मधुमक्खी पालन के बक्से दिए गए थे, वे महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक जैसे राज्यों से अपने गृहनगर लौट आए थे। ये राज्य कोविड -19 के दौरान वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं।

जिन प्रवासी श्रमिकों को मधुमक्खी पालन के लिए बक्से प्रदान किए गए थे, उन्होंने सरकारी समर्थन के प्रति अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है और यह कहा है कि, उन्हें अब अन्य राज्यों में नौकरियों की तलाश में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

इस मधुमक्खी पालन की मदद से, प्रवासी श्रमिकों के लिए उनके दरवाजे पर रोजगार का सृजन किया जाएगा, जिससे वे प्रवासी श्रमिक आत्मनिर्भर बनेंगे।

हनी मिशन के बारे में

वर्ष 2017 में हनी मिशन KVIC द्वारा शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य भारत के शहद उत्पादन में वृद्धि करते हुए आदिवासियों, किसानों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को मधुमक्खी पालन में लगाकर करके रोजगार सृजन करना था।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश को शहद उत्पादन के लिए सबसे अनुकूल बाजारों में से एक के तौर पर चुना गया है क्योंकि इस पूरे क्षेत्र में वनस्पतियों की बहुतायत है और जिसमें विभिन्न प्रकार की फसलें भी शामिल हैं।

KVIC ने अब तक जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और असम में 1.35 लाख मधुमक्खी पालन के बक्से वितरित किए हैं। इस कदम से देश भर में 13,500 लोगों को लाभ हुआ है और लगभग 8500 मीट्रिक टन शहद का उभी त्पादन किया गया है।

11. आरबीआई ने 20,000 करोड़ रुपये के OMO की घोषणा की

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुक्त बाजार परिचालन (ओएमओ) के जरिए कुल 20,000 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी प्रतिभूतियों की साथ-साथ खरीद-बिक्री करेगा। इस ओएमओ का परिचालन दो चरण में किया जाएगा। आरबीआई ने कहा कि नीलामी 2 चरणों में 27 अगस्त और 3 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

आरबीआई ने कहा है कि बाजार में नकदी की मौजूदा और उभरती हुई परिस्थितियों को देखते हुए रिजर्व बैंक ने मुक्त बाजार परिचालन (OMO) के अंतर्गत 10,000 करोड़ रुपये के दो चरण में कुल 20,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की साथ-साथ खरीद-बिक्री का फैसला किया है।

दो चरण में खरीद-बिक्री का फैसला

आरबीआई 27 अगस्त को आयोजित किए जाने वाले ओएमओ के अंतर्गत साल 2024 से साल 2032 के बीच परिपक्व होने वाली लंबी अवधि की सरकारी प्रतिभूतियों को खरीदेगा। वहीं, केंद्रीय बैंक इस साल अक्टूबर और नवंबर में परिपक्व हो रही प्रतिभूतियों की बिक्री करेगा।

आरबीआई ने कहा है कि 03 सितंबर 2020 को दूसरे चरण के ओएमओ का आयोजन किया जाएगा और इसके लिए अलग से घोषणा की जाएगी।

वित्तीय बाजारों के सुचारू संचालन

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि वह तरलता और बाजार स्थितियों पर लगातार नजर बनाए रखेगा और पूंजी बाजार के व्‍यवस्थित कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाए भी करेगा। सरकारी प्रतिभूतियों की एक ही समय खरीद-बिक्री कार्यक्रम में लंबी परिपक्‍वता अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद और समान मूल्‍य वाली लघु-अवधि की प्रतिभूतियां शामिल होंगी।

आरबीआई ने यह भी कहा कि वह सरकारी प्रतिभूतियों को क्रमशः 04 नवंबर 2024, 15 फरवरी 2027, 11 मई 2030 और 28 अगस्त 2032 को परिपक्व होने वाली 6.18 प्रतिशत, 8.24 प्रतिशत, 5.79 प्रतिशत और 7.95 प्रतिशत सहित खरीदेगा। यह अक्टूबर 2020 और नवंबर 2020 के बीच परिपक्व होने वाली प्रतिभूतियों को बेचेगा। आरबीआई लगातार चालू और विकसित तरलता और बाजार की स्थितियों की समीक्षा कर रहा है।

12. नीति आयोग के निर्यात तत्परता सूचकांक में गुजरात शीर्ष पर

सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग की बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक आयोग के 'निर्यात तत्परता सूचकांक 2020' में गुजरात शीर्ष <