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24th July | Current Affairs | MB Books


1. चीन ने अमेरिका को चेंगदू का वाणिज्य दूतावास बंद करने को कहा

चीन और अमेरिका (US-China Ties) लगातार प्रत्यक्ष रूप से नहीं तो कूटनीतिक तरीके से एक दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। चीन ने शुक्रवार को अमेरिका से चेंगदू में उसके वाणिज्य दूतावास (US Chengdu Consulate) को बंद करने को कहा है। चीन की इस कार्रवाई को अमेरिका के उस आदेश के खिलाफ बदले के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत उसने चीन से अपने टेक्सास राज्य के शहर ह्यूस्टन में वाणिज्य-दूतावास (Chinese Houston Consulate) बंद करने को कहा था। अमेरिका के आदेश के बाद चीन ने इसपर तीखी प्रतिक्रिया दी थी।

चीन ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि 'चीनी विदेश मंत्रालय ने चेंगदू में अमेरिकी वाणिज्य-दूतावास के ऑपरेशन को बंद करने को कहा है। मंत्रालय ने कॉन्सुलेट जनरल की ओर से चलाए जा रहे काम-काज और किए जा रहे कार्यक्रमों पर रोक लगाने को लेकर कुछ खास नियमों की जानकारी भी दी है। '

इस बयान नें कहा गया है, '21 जुलाई को अमेरिका ने चीन के खिलाफ एकतरफा विरोधी कदम उठाते हुए अचानक से कहा कि हमें ह्यूस्टन का अपना वाणिज्य-दूतावास बंद करना होगा। अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सामान्य नियम और चीनी-अमेरिकी वाणिज्य समझौते का उल्लंघन करता है। इससे चीनी-अमेरिकी संबंधों पर गंभीर असर पड़ा है। चीन की ओर से उठाया गया यह कदम अमेरिका के अनुचित कदम के खिलाफ उचित और ज़रूरी प्रतिक्रिया है। '

चीन ने बयान में आगे कहा है, 'वर्तमान में चीनी अमेरिकी संबंध जैसे हैं, हम वैसा नहीं देखना चाहते और इसके लिए अमेरिका जिम्मेदार है। हम एक बार फिर अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वो तुरंत अपना यह गलत फैसला वापस ले और दोनों देशों के संबंधों को सामान्य करने के लिए जरूरी स्थिति पैदा करे। '

बता दें कि अमेरिका ने 21 जुलाई को चीन से ह्यूस्टन स्थित उसके वाणिज्य दूतावास को 72 घंटों में बंद करने को कहा था। दरअसल, खबर आई थी कि चीनी वाणिज्य-दूतावास में अंधेरे में दस्तावेज़ जलाए जा रहे थे। फिर पानी डालकर उन्हें बुझाया जा रहा था। स्थानीय पुलिस की जानकारी में जब ये बात आई तो वह वाणिज्य-दूतावास पहुंची लेकिन उसे बिल्डिंग के अंदर नहीं घुसने दिया गया था, जिसपर नाराजगी जताई गई थी।


2. ANASIS II: दक्षिण कोरिया का पहला सैन्य उपग्रह

दक्षिण कोरिया ने हाल ही में परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया के खिलाफ अपना बचाव करने के लिए अपना पहला सैन्य उपग्रह लॉन्च किया। उपग्रह को “ANASIS II” नाम दिया गया है।

मुख्य बिंदु

दक्षिण कोरिया के ANASIS II को फाल्कन 9 रॉकेट में अमेरिका के फ्लोरिडा में केप कैनावेरल एयर फोर्स स्टेशन से लॉन्च किया गया था। उपग्रह को 36,000 किमी की कक्षा में स्थापित किया जायेगा। रॉकेट को कक्षा में पहुंचने में दो सप्ताह का समय लगेगा।

महत्व

ANASIS II के प्रक्षेपण ने दक्षिण कोरिया को अपना सैन्य संचार उपग्रह बनाने वाला दुनिया का 10 देश बना दिया है। यह उपग्रह दक्षिण कोरियाई सैन्य स्वतंत्र परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा।

दक्षिण कोरिया ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक गहरा सुरक्षा संबंध साझा किया है। देश में 28,500 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को तैनात किया गया है।

SpaceX की भूमिका

इस रॉकेट को अमेरिका के स्पेसएक्स ने लॉन्च किया था। यह 2020 में SpaceX का बारहवाँ प्रक्षेपण है।

पृष्ठभूमि

कोरियाई संघर्ष, उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच द्वितीय विश्व युद्ध से चला हुआ है। द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में, कोरिया विश्व शक्तियों द्वारा विभाजित किया गया था।


3. भारत और इजराइल मिलकर बना रहे हैं कोरोना टेस्ट किट, 30 सेकेंड में होगी कोरोना की जांच

कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामले भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार का जोर टेस्टिंग को बढ़ाने पर है। देश में 30 सेकंड में परिणाम देने वाले रैपिड टेस्टिंग किट पर काम हो रहा है। इसमें इजरायल की भी एक टीम सहयोग कर रही है। ये इजरायल की टीम अब भारत आ रही है। इजरायली दूतावास ने 23 जुलाई 2020 को इसकी जानकारी दी।

इजरायली दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आने वाले हफ्तों में इजरायल के विदेश, रक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालयों के नेतृत्व में भारत-इजरायल एंटी-कोविड-19 को-ऑपरेशन चलया जाएगा। इजरायली रक्षा मंत्रालय का उच्च श्रेणी का अनुसंधान एवं विकास दल तेल अवीव से स्पेशल फ्लाइट के जरिए नई दिल्ली पहुंचेगा।

कोविड-19 महामारी की रोकथाम

कोविड-19 महामारी की रोकथाम हेतु दुनिया के सभी देश वैक्सीन तैयार करने में जुटे हुए हैं। जांच के लिए आए दिन नई-नई तकनीकों का विकास हो रहा है। इस कड़ी में भारत के वैज्ञानिक एक ऐसी किट प्रयोग करने में लगे हुए हैं जो महज 30 सेंकेड में कोरोना की जांच कर सकेगी और यह किट अब तक की सभी किटों के मुकाबले बहुत सस्ती होगी।

तीसरे देश को भी बेचा जायेगा

भारत के बाजार में इस किट के विकास और उत्पादन से इन इजराइली प्रौद्योगिकी का कम लागत पर बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा तथा जिसे तीसरे देश को भी बेचा जा सकेगा।

कोविड-19 का केस

एक बयान के अनुसार, भारत अभी 10 लाख से अधिक कोविड-19 के मामलों का सामना कर रहा है और भारत अपने अस्पतालों में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी उपलब्ध करना चाहता है, ताकि वे देश की विशाल आबादी में बड़े पैमाने पर फैल सकने वाले संक्रमण से निपटने हेतु तैयार हो सकें।

30 सेकेंड के अंदर कोविड-19 का जांच

बयान में कहा गया है कि इस्रायली रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तर की अनुसंधान एवं विकास टीम नई दिल्ली आएगी। यह टीम 30 सेकेंड के अंदर कोविड-19 का पता लगाने वाली जांच किट विकिसित करने के लिए भारत के मुख्य वैज्ञानिक के. विजय राघवन और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ काम रही है।

इजराइली वैज्ञानिक चार तकनीकें लेकर आ रहे हैं

इजराइल के ये वैज्ञानिक अपने साथ चार तकनीकें भी लेकर आ रहे हैं। इनमें से दो कोविड-19 जांच के लिए हैं। एक तकनीक किसी व्यक्ति की आवाज सुनकर बता सकती है कि वह कोरोना संक्रमित है या नहीं। वहीं चौथी तकनीक एक वायरस डिटेक्टर है जो सांस के नमूने पर रेडियो तरंगों का प्रयोग करता है।


4. हरिद्वार में आयोजित होगा कुंभ मेला 2021

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह घोषणा की है कि, कुंभ मेला 2021 अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही हरिद्वार में आयोजित किया जाएगा।

राज्य के मुख्यमंत्री ने बताया कि हरिद्वार में कुंभ मेला वर्ष 2021 में पूर्व-निर्धारित समय पर आयोजित किया जाएगा। हालांकि, इस कार्यक्रम का स्वरूप और इसे कैसे आयोजित किया जाएगा, यह उस समय की स्थितियों के अनुसार ही तय किया जाएगा।

इस 22 जुलाई को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को पूरा करने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख, नरेंद्र गिरि कैबिनेट मंत्री, मदन कौशिक और अखाडा के अन्य प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की थी।

इस बैठक की मुख्य विशेषताएं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने अखाडा प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपनी समस्याओं के बारे में शहरी विकास मंत्री कौशिक से सीधे संपर्क करें ताकि उन समस्याओं को जल्द से जल्द हल किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने उन विशेष मुद्दों पर फ़ोकस रखने के बारे में भी कहा कि, जो अखाड़ों की ओर जाने वाली सड़कों के पुनर्निर्माण पर विशेष ध्यान देंगे। उन्होंने स्वच्छता सुनिश्चित करने और अतिक्रमण हटाने जैसे विभिन्न मुद्दों पर भी बल दिया।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (ABAP) के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से 13 अखाड़ों के संरक्षक कुलदेवता के नाम पर कुंभ मेला 2021 के विभिन्न घाटों का नामकरण करने का आग्रह किया है।

ABAP के अध्यक्ष ने अन्य कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री से बिजली कनेक्शन, पानी की आपूर्ति और शौचालयों की मरम्मत के काम को भी समय से पहले ही पूरा करवाने का अनुरोध किया है।

'कुंभ मेला' व्यवस्थाओं के लिए वित्तीय सहायता

वित्त के बारे में बात करते हुए, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने यह बताया है कि, राज्य सरकार आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए अपने स्तर पर आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने के लिए सभी 13 अखाड़ों को वित्तीय सहायता देने पर विचार कर रही है।


5. भारत में कोरोनावायरस संक्रमण के मामले 13 लाख के पार

Coronavirus Update: भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) का संक्रमण विकराल रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार की शाम को देश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 13 लाख के पार हो गया। शुक्रवार को यहां कोरोना से मरनेवालों की संख्या 30000 के पार हो गई जिसके बाद ने भारत ने इस मामले में फ्रांस को भी पीछे छोड़ दिया। अब कोरोना से मौतों के मामले में भारत दुनिया में छठे स्थान पर पहुंच गया है। अब केवल अमेरिका, ब्राजिल, ब्रिटेन, मेक्स‍िको और इटली ही भारत से आगे हैं। भारत में अब तक 13,06,002 मामले सामने आ चुके हैं। महाराष्ट्र इस जानलेवा वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है और यहां 3,47,502 मामले आ चुके हैं जबकि दूसरस स्थान तमिलनाडु का है जहां 1,99,749 लोग संक्रमित हो चुके हैं। दिल्ली में भी 1,27,364 संक्रमित मिल चुके हैं।

भारत में कोरोना के मामले करीब 3 हफ्ते में दोगुने हो गए हैं। 2 जुलाई को जहां कुल 6 लाख मामले थे वहीं 24 जुलाई को 13 लाख से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। पिछले शुक्रवार को ही देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंचा था। तब से लेकर अब तक करीब 3 लाख संक्रमित सामने आ चुके हैं।

तेलंगाना में एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अध‍िकारी ने कम्यूनिटी ट्रांसमिशन की ओर इशारा किया है। राज्य के जन स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर जी श्रीनिवास राव ने कहा, 'अगले 4-5 हफ्ते बेहद महत्वूर्ण होने वाले हैं और लोग बहुत सावधान रहें और किसी भी तरह के लक्षणों को हल्के में न लें।' हालांकि तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ने इसे नकार दिया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा, 'प्रति एक 10 लाख लोगों पर 864 मरीज और 21 मौतों के साथ भारत दुनिया में कोरोना से संक्रमित होने और इससे जुड़ी मौतों के मामले में काफी निचले पायदान पर है।' उन्होंने कहा कि देश में कोरोना से ठीक होने वालों का रिकवरी रेट 63.45 फीसदी है जबकि मृत्यु दर 2.3 फीसदी है।

शुक्रवार को ही भारत में सबसे ज्यादा मामले सामने आने का नया रिकॉर्ड बन गया। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे के भीतर सबसे अधिक 49 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। यह आंकड़ा अब तक का सर्वाधिक है। 24 जुलाई की सुबह तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस संक्रमण के 49,310 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही अब देश में कुल दर्ज मरीज़ों की संख्या 12.87 लाख के पार हो गई है। इतना ही नहीं, पिछले 24 घंटों में 740 लोगों की मौत भी हुई। इसी के साथ अब तक हुई कुल मौतों का आंकड़ा 30 हजार के पार पहुंच गया। अभी तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 30,601 हो गई है।

6. एयर मार्शल विवेक राम चौधरी नए पश्चिमी वायु कमान प्रमुख नियुक्त किए गए

एयर मार्शल विवेक राम चौधरी नए पश्चिमी वायु कमान प्रमुख के रूप में नियुक्त किए गए हैं। वह एक अगस्त को पदभार ग्रहण करेंगे। बता दें कि विंग कमांडर विवेक राम चौधरी फ्लाइंग पायलट को 29 दिसंबर 1982 को फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में जुड़े थे। वह एक क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं।

7. बजाज फाइनेंस के अध्यक्ष राहुल बजाज ने दिया इस्तीफा

  • बजाज फाइनेंस के वर्तमान गैर-कार्यकारी अध्यक्ष, राहुल बजाज ने 31 जुलाई, 2020 को अपने पद से हटने का निर्णय किया है। उनकी जगह उनके बेटे संजीव बजाज (कंपनी के वर्तमान उपाध्यक्ष) लेंगे।

  • हालाँकि राहुल बजाज कंपनी में गैर-कार्यकारी गैर-स्वतंत्र निदेशक के रूप में काम जारी रखेंगे।

  • बजाज फिनसर्व मुख्यालय: पुणे, महाराष्ट्र

  • बजाज फिनसर्व की स्थापना: 2007

8. अरुण कुमार को UIC का उपाध्यक्ष नॉमिनेटेड किया गया

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक अरुण कुमार को जुलाई 2020 से जुलाई 2022 तक की अवधि के लिए (Union Internationale Des Chemins/International Union of Railways), सुरक्षा प्लेटफॉर्म का उपाध्यक्ष नामित किया गया है।

वह जुलाई 2022 से जुलाई 2024 तक सुरक्षा प्लेटफॉर्म के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। अरुण कुमार को नामित करने का निर्णय 96 वीं यूआईसी महासभा के दौरान लिया गया था।

  • रेलवे के अंतर्राष्ट्रीय संघ का मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस

  • रेलवे के अंतर्राष्ट्रीय संघ के महानिदेशक: फ्रेंकोइस डेवेने

9. पीसी कांडपाल को बनाया गया एसबीआई जनरल इंश्योरेंस का MD एवं CEO

  • प्रकाश चंद्र कांडपाल को गैर-जीवन बीमा कंपनी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस का प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (managing director & Chief Executive Officer) नियुक्त किया गया है।

  • वह जून 2019 से एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के डिप्टी सीईओ के रूप में सेवारत हैं।

  • वह पूषण महापात्रा की जगह लेंगे जिन्हें अब निदेशक (रणनीतिक निवेश और डिजिटल पहल) के पद नियुक्त किया गया है।

10. सुमित देब होंगे NMDC के नए अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD)

  • सुमित देब को राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (National Mineral Development Corporation-NMDC) का अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) नियुक्त किया गया है।

  • देब वर्तमान में NMDC के निदेशक (कार्मिक) पद पर कार्यरत हैं। NMDC के सीएमडी के रूप में उनका कार्यकाल 28 फरवरी, 2023 तक का रहेगा।

  • वे NMDC के सीएमडी के रूप में एन बैजेंद्र कुमार को स्थान लेंगे, जो 31 जुलाई 2020 को सीएमडी के पद सेवानिवृत्त होंगे।

11. Railway के टिकटिंग सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव, जारी होंगे QR Code वाले टिकट

भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए अपने समूचे यात्री टिकिटिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रही है। रेलवे की आरक्षण प्रणाली में आमूलचूल बदलाव करके आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस आधारित सिस्टम तैयार किया जा रहा है और स्पर्शरहित चेकिंग के लिए क्यूआर कोड आधारित टिकट प्रणाली लाई जा रही है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने आज यहां संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरक्षण की पीआरएस प्रणाली में आमूलचूल बदलाव किया जा रहा है। वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के आधार पर टिकट आरक्षण व्यवस्था होगी जिससे लोगों को अधिक से अधिक कन्फर्म टिकट मिल सकेंगे। आरक्षण की संभावना आदि के बारे में भी पता लग सकेगा।

रेलवे की कंपनी क्रिस पीआरएस सिस्टम एवं सॉफ्वेयर को आधुनिक बना रही है। बदलाव होने के बाद किस ट्रेन में कितनी वेटिंग है और किस ट्रेन में कौन-कौन से क्लास में आरक्षण उपलब्ध है, यात्री बड़े आसानी से देख सकेंगे। इसी तरह आईआरसीटीसी के जरिए बन रहे ऑनलाइन टिकिटिंग को भी और ज्यादा सरल बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें संबंधित स्टेशन का नाम डालते ही सभी गाडिय़ां और किस ट्रेन में सीट उपलब्ध है, उसका पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा। सरल होने के बाद यात्री आराम से टिकट बना सकेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि आरक्षित, अनारक्षित एवं प्लेटफार्म, हर प्रकार के टिकट क्यूआर कोड वाले जारी किए जाएंगे ताकि स्पर्शरहित (कांटेक्ट लेस) टिकट चेकिंग सिस्टम की शुरुआत की जा सके। इसमें टीटीई यात्री के टिकट को हाथ में लेकर चेक करने की बजाय अपने मोबाइल फोन अथवा हैंडहेल्ड मशीन से स्कैन करके क्यूआर कोड के जरिए यात्री का पूरा ब्योरा चेक कर सकेगा। ऑनलाइन टिकटों में क्यूआर कोड स्वत: सृजित होंगे और आरक्षण केंद्रों से टिकट बनवाने पर यात्रियों के मोबाइल पर एक लिंक आएगा, जिसे खोलने पर क्यूआर कोड नजर आएगा।

उन्होंने बताया कि रेलवे अब तक नौ क्षेत्रीय भाषाओं में टिकट जारी करना शुरू कर चुकी है। जल्द ही अन्य सभी भाषाओं में भी यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।

यादव ने बताया कि ट्रेन के चालकों को भी ऑटोमेटिक मोबाइल एप से जोड़ा जाएगा ताकि वे कांटेक्ट लेस ढंग से ड्यूटी ज्वाइन कर सकें और ड्यूटी से खाली हो सकें। इसके अलावा मोबाइल ऐप के माध्यम से वे किसी भी असामान्य तकनीकी अथवा मानवीय गतिविधि के बारे में सूचित कर सकें। इससे सुरक्षा और रेल संरक्षा को सही करने में मदद मिलेगी। इसके लिए नया सॉफ्टवेयर ईजाद किया गया है।

उन्होंने बताया कि रेलवे का परिचालन डेढ़ साल के भीतर उपग्रह की निगरानी एवं नियंत्रण में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे के इंजनों को उपग्रह से संपर्क वाली तकनीक से जोड़ना शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में करीब 2700 इलेक्ट्रिक लोको इंजन एवं 3800 डीजल लोको इंजन की निगरानी सेटेलाइट के जरिए की जा रही है। आने वाले दिनों में दिसंबर 2021 तक बाकी 6000 ट्रेन के इंजनों (इलेक्ट्रिक एवं डीजल) की निगरानी एवं परिचालन आधुनिक तकनीक के जरिए ही की जाएगी। इसके बाद समूचा रेल नेटवर्क उपग्रह के जरिए जुड़ जाएगा। फिर आसानी से ट्रेनों का पता लगाया जा सकेगा कि ट्रेन कहां पहुंची है और वर्तमान में क्या स्थिति होगी। इसके अलावा कोहरे के समय घंटों विलंब से चलने वाली ट्रेनों का भी खाका आसानी से तैयार किया जा सकेगा।


12. यूएनईपी और आईईए रिपोर्ट: दुनिया को 2050 तक कम से कम 14 बिलियन शीतलन उपकरणों की आवश्यकता होगी

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने “शीतलन उत्सर्जन और नीति संश्लेषण” पर एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में शीतलन दक्षता और किगाली संशोधन रिपोर्ट के लाभों का हवाला दिया गया है।

मुख्य बिंदु

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2050 तक, दुनिया को कम से कम 14 बिलियन के शीतलन उपकरण की आवश्यकता होगी। वर्तमान में, विश्व स्तर पर उपयोग में 3.6 बिलियन उपकरण हैं। यह तापमान में वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

वृद्धि के कारण

शीतलन उपकरण में वृद्धि निम्न क्षेत्रों की मांग के कारण आएगी :

  • तापमान नियंत्रित आपूर्ति श्रृंखला

  • खाद्य सुरक्षा

  • घरेलू क्षेत्र में आराम और विलासिता

  • टीकों और दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला

  • उत्पादकता

  • चिंताएं

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर कंडीशनर हाइड्रोफ्लोरोकार्बन का उपयोग करते हैं जो ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करते हैं। सही नीतिगत हस्तक्षेप के बिना, एयर कंडीशनिंग और प्रशीतन से उत्सर्जन में 2050 में 2017 के स्तर की तुलना में 90% तक बढ़ोतरी हो सकती है।

उपाय

ऊर्जा कुशल एयर कंडीशनर 1,300 GW तक ऊर्जा की आवश्यकता को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह वर्ष 2018 में भारत और चीन में उत्पन्न संपूर्ण कोयला आधारित बिजली के बराबर है।

किगाली समझौता

यह मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में संशोधन है। इस पर 2016 में किगाली में हस्ताक्षर किये गए थे। हाइड्रोफ्लोरोकार्बन को बाहर करने के लिए 1985 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए थे। जुलाई 2020 तक, 99 सदस्यों और यूरोपीय संघ ने समझौते की पुष्टि की है।

भारत

रिपोर्ट में की गई सिफारिशें दिल्ली स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) के समान हैं।

ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार:

2010 के बाद से भारत में एयर कंडीशनर का उत्पादन 13% बढ़ा है

2017 और 2027 के बीच एयर कंडीशनर की मांग में 15% प्रति वर्ष की वृद्धि होने की उम्मीद है

भारत सरकार ने 24 ° C को AC के लिए डिफ़ॉल्ट तापमान के रूप में अनिवार्य किया है


13. भारत का पहला ऑर्बिट स्पेस मलबे की निगरानी और ट्रैकिंग सिस्टम

दिगंतरा नामक एक स्पेस स्टार्टअप ने भारत की पहली इन-ऑर्बिट स्पेस मलबा निगरानी और ट्रैकिंग प्रणाली विकसित की है। यह सिस्टम LIDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) तकनीक पर काम करता है।

मुख्य बिंदु

स्टार्ट अप द्वारा विकसित यह प्रणाली वैश्विक वास्तविक समय पृथ्वी निगरानी प्रदान करेगी। यह कार्य लो-अर्थ ऑर्बिट में लागत-कुशल नैनो उपग्रहों के एक नक्षत्र को तैनात करके प्राप्त किया जायेगा। एक लो अर्थ ऑर्बिट 1000 किमी से कम की ऊंचाई पर स्थित है।

यह सिस्टम अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों को अंतरिक्ष मलबे को ट्रैक और मैप करने में मदद करेगा। यह भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषण के प्रमुख खतरों को कम करने में सहायता करेगा।

योजना

यह स्टार्टअप छोटे सैटेलाइट विकसित करने के लिए एक छोटी सैटेलाइट असेंबली लाइन और प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने की योजना बना रहा है। यह एक उपग्रह तारामंडल बनाने के लिए किया जा रहा है जो बदले में भारत को स्वदेशी अंतरिक्ष निगरानी प्रणाली को प्राप्त करने में मदद करेगा।

इस तरह के उपायों से भारत को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।