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24th & 25th August | Current Affairs | MB Books


1. अमेरिका ने कोविड-19 के मरीजों के लिए प्लाज्मा उपचार को मंजूरी दी, डब्ल्यूएचओ ने सावधानी बरतने को कहा

अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक ने कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए रक्त प्लाज्मा के उपयोग के लिए आपात मंजूरी दी है और कहा कि इस उपचार के फायदे किसी भी संभावित जोखिम से अधिक हैं। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने रविवार को कहा कि देश में कोन्वलसेंट प्लाज्मा से 70,000 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया और यह प्लाज्मा कोरोना वायरस संक्रमण से उबर चुके लोगों के रक्त से लिया जाता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार दिवसीय रिपब्लिकन राष्ट्रीय सम्मेलन की पूर्व संध्या पर एफडीए के इस कदम का स्वागत किया। इस सम्मेलन में राष्ट्रपति पद के लिए तीन नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए ट्रंप को फिर रिपब्लिकन उम्मीदवार नामित किया जाएगा। ट्रंप ने व्हाइट हाऊस की ब्रीफिंग में कोरोना वायरस का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आज मैं चाइना वायरस के खिलााफ अपनी लड़ाई में एक वाकई ऐतिहासिक घोषणा करने के लिए खुश हूं क्योंकि यह अनगिनत जिंदगियां बचाएगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘ आज के इस कदम से इस उपचार तक पहुंच बढ़ जाएगी। '' जिनेवा में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को कहा कि कोन्वलसेंट प्लाज्मा का इस्तेमाल अब भी प्रायोगिक उपचार है। डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि कोन्वलसेंट प्लाज्मा के संदर्भ में दुनियाभर में अभी कई क्लीनिकल परीक्षण चल रहे हैं। भारत की बालचिकित्सक और तपेदिक एवं एचआईवी पर शीर्ष शोधकर्ता स्वामीनाथन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ असल में, उनमें से महज कुछ के अंतरिम परिणाम ही आये हैं... और फिलहाल, इसका साक्ष्य बहुत कम गुणवत्ता वाला है।'' उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ अब भी मानता है कि प्लाज्मा थेरेपी प्रायोगिक दौर में है और उसका मूल्यांकन जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस उपचार को मानक रूप देना मुश्किल है क्योंकि लोगों में अलग अलग स्तर पर एंटीबॉडीज बनता है और प्लाज्मा का संग्रहण उबर चुके मरीजों से व्यक्तिगत रूप से होना चाहिए। प्लाज्मा उपचार पर अपनी घोषणा से एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने एफडीए पर इस बीमारी के लिए टीके और उपचार में राजनीतिक वजह से बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया था। ट्रंप ने ट्वीट किया था, ‘‘ एफडीए में निहित स्वार्थी तत्व या जो भी है, वह दवा कंपनियों के लिए लोगों पर टीके या उपचार के परीक्षण में बाधा खड़ी कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ स्पष्टत: वे (अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के पूरा हो जाने तक) देरी की आस कर रहे है।'' एफडीए ने विज्ञप्ति में कहा कि कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष में अपने प्रयास के तहत उसने अस्पताल में भर्ती कोविड-19 मरीजों पर प्लाज्मा के जांच संबंधी उद्देश्य के लिए उसके आपात उपयोग की मंजूरी दी है। उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर एफडीए इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि यह उत्पाद कोविड-19 के उपचार में प्रभावी हो सकता है और ‘‘उसके ज्ञात और संभावित फायदे उसके ज्ञात और संभावित जोखिम से अधिक हैं।'' जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार अमेरिका में कोरोना वायरस से 1,76,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है तथा देश में अब तक 57 लाख लोग उससे संक्रमित हुए हैं। अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री एलेक्स एजार ने कहा ‘‘कोन्वलसेंट प्लाज्मा के लिए एफडीए की आपात मंजूरी कोविड-19 से जिंदगियां बचाने के राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयास में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।'' हालांकि कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अब तक के प्लाज्मा अध्ययनों की मजबूती के बारे में अपनी आपत्ति प्रकट की है जिनमें कोरोना वायरस पर व्हाइट हाउस के कार्यबल के सदस्य एंटनी फॉसी भी हैं। जार्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर (मेडिसीन) डॉ. जोनाथन रीनर ने कहा, ‘‘ समस्या यह है कि हमारे पास इस बात के पर्याप्त आंकड़े नहीं है कि कोन्वलसेंट प्लाज्मा कितना प्रभावी है।''

2. फिलीपींस में दोहरे बम विस्‍फोट में 10 की मौत, दर्जनों घायल

दक्षिण फिलीपींस (Philippine) में सोमवार को हुए दोहरे बम ब्‍लास्‍ट (twin bombing)में 10 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, मारे गए लोगों में ज्‍यादातर सैनिक और पुलिसवाले हैं। ब्‍लास्‍ट मुस्लिम बहुल सुलू प्रांत के जोलो में हुए जहां सरकार समर्थित सुरक्षा बलों ने लंबे समय से अबू सायद ग्रुप के खिलाफ जोरदार अभियान छेड़ रखा है। लेफ्टिनेंट जनरल कार्लेटो विनलुआन ने संवाददाताओं को बताया कि मृतकों में पांच और घायलों में 16 सैनिक शामिल हैं।

3. नेपाल ने 7 सीमावर्ती जिलों में चीन के जमीन अतिक्रमण करने की रिपोर्ट को खारिज किया

नेपाल ने उन मीडिया रिपोर्टों का दृढ़ता से खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि चीन प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की सरकार के समर्थन में कई स्थानों पर कब्जा कर रहा है। समाचार एजेंसी ANI ने नेपाल के कृषि मंत्रालय के सर्वेक्षण विभाग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि सात सीमावर्ती जिलों में फैले कई स्थानों पर नेपाल की भूमि पर चीन ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।

नेपाली सरकार के सूत्रों ने रिपोर्ट का दृढ़ता से खंडन किया है, जिसमें कहा गया है कि जून में नेपाल में एक प्रमुख मीडिया आउटलेट द्वारा पहले किए गए इस दावे से भी इनकार किया गया था अखबार ने रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए माफी भी जारी की थी

एक बयान में, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा था, "कृषि और पशुधन विकास मंत्रालय की 'रिपोर्ट' पर आधारित खबर जिसे मंत्रालय ने पहले ही नकार दिया है और स्पष्ट किया है कि ऐसी 'रिपोर्ट' मौजूद नहीं है और विषय वस्तु इसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है "

" 5 अक्टूबर 1961 की सीमा संधि के आधार पर नेपाल और चीन के बीच सीमा का परिसीमन और सीमांकन किया गया था और बाद में दोनों देशों के बीच प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए थे" विदेश मंत्रालय ने कहा, "सीमा संख्या 37 और 38 को मीडिया रिपोर्टों में गायब बताया गया है क्योंकि दोनों देशों के बीच प्राकृतिक स्थितियों के कारण सहमति नहीं बन पाई है"

"नेपाल सरकार किसी भी मुद्दे के उत्पन्न होने की स्थिति में दोनों देशों के संबंधित अधिकारियों के बीच आपसी परामर्श के माध्यम से हल करेगी मंत्रालय ऐसे संवेदनशील मामलों पर टिप्पणी करने से पहले संबंधित अधिकारियों से जानकारी को सत्यापित करने के लिए मीडिया से अनुरोध करता है, जो दो अनुकूल पड़ोसियों के बीच संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है "

4. अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच अश्वेत पर फायरिंग, कई जगह हिंसक प्रदर्शन

अमेरिका में एक श्वेत अधिकारी द्वारा अश्वेत व्यक्ति को गोली मारने की घटना पर एक बार फिर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन में विस्कॉन्सिन के केनोशा शहर में नस्लीय न्याय की मांग के दौरान प्रदर्शनकारी काफी हिंसक हो गए, जिन्हें काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. दरअसल, 29 वर्षीय जैकब ब्लेक (Jacob Blake) को पुलिस द्वारा गोली मारने और घायल करने का वीडियो वायरल होते ही केनोशा शहर में प्रदर्शनकारियों में नस्लीय न्याय की मांग का आक्रोश दिखा।

जैकब ब्लेक की हत्या के खिलाफ न्यूयॉर्क सिटी में भी सोमवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मार्च किया। डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, "जैकब ब्लेक की कमर में पुलिस ने सात बार गोली मारी। उनके बच्चे कार से देख रहे थे। आज, हम फिर से शोक करने के लिए जाग गए हैं। हमें एक पूर्ण और पारदर्शी जांच की आवश्यकता है। "

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने केनोशा काउंटी शेरिफ के अधिकारियों पर पानी की बोतलें फेंकने के बाद गोलीबारी भी की। कुछ प्रदर्शनकारियों को एक अमेरिकी झंडा जलाते देखा गया। इसके बाद केनोशा काउंटी में कर्फ्यू लगाया गया और इसके कुछ ही देर बाद रात 8:00 बजे लोकल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस का इस्तेमाल करते हुए स्थिति को कंट्रोल किया और उन्हें बाहर निकाला।

बता दें कि काउंटी में सोमवार रात 8:00 बजे से मंगलवार की सुबह 7:00 बजे तक कर्फ्यू का ऐलान किया गया। काउंटी शेरिफ विभान ने एक बयान में कहा, "जनता को अपनी सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरने की जरूरत है।"

5. सीरिया में विस्फोट की जद में गैस पाइपलाइन आने से पूरे देश की बिजली गुल

सीरिया की राजधानी दमिश्क के उप नगरीय इलाके में सोमवार की सुबह हुए जबरदस्त विस्फोट की जद में गैस पाइपलाइन के आने के बाद भीषण आग लग गई, जिससे पूरे देश में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है। देश के बिजली एवं तेल मंत्री के हवाले से सरकारी मीडिया ने खबर दी है। तेल मंत्री अली घनेम ने इस विस्फोट को एक 'कायराना आतंकवादी हमला' करार दिया। उन्होंने बताया कि इस विस्फोट की जद में दक्षिण सीरिया के तीन बिजली केंद्रों को ईंधन मुहैया कराने वाला पाइपलाइन आ गया। घनेम राजधानी के उप नगर डुमैर स्थित विस्फोट स्थल पर बातचीत कर रहे थे। सीरिया के तेल एवं गैस आधारभूत संरचना को तोड़-फोड़ वाली गतिविधियों के जरिए पिछले कुछ वर्षों से निशाना बनाया जाता रहा है, लेकिन किसी ने भी अब तक ऐसे हमलों की जिम्मेदारी ली है। नौ साल के गृह युद्ध में तेल एवं गैस फील्ड बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इनमें से कई सरकारी नियंत्रण से बाहर हैं। इस गृह युद्ध में 400,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। सरकारी समाचार एजेंसी सना ने बिजली मंत्री जुहैर खारबोतली के हवाले से कहा है कि यह विस्फोट रविवार की मध्यरात्रि के बाद अरब गैस पाइपलाइन में हुआ। यह राजधानी दमिश्क के उप नगर आद्रा एवं डुमैर के बीच स्थित है। उन्होंने कहा कि छठी बार पाइपलाइन को निशाना बनाया गया है। समस्या का समाधान करने के लिये तकनीशियन काम कर रहे हैं और अगले कुछ घंटों में बिजली बहाल हो जाएगी। घनेम ने बताया कि हाल के वर्षों में यह छठा मौका है जब पाइपलाइन पर हमला किया गया है।

उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से 70 लाख घनमीटर गैस बिजली केंद्रों को मुहैया कराया जाता है, जहां से सीरिया को बिजली की आपूर्ति होती है। सीरिया में अमेरिका के राजदूत जेम्स जेफरी ने कहा कि इस हमले को निश्चित रूप से इस्लामिक स्टेट समूह ने अंजाम दिया है।

6. जो बिडेन और कमला हैरिस की अब नियमित रूप से होगी Covid 19 की जांच

अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन और उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस की कोविड-19 संबंधी जांच नियमित रूप से होगी।

बिडेन के प्रवक्ता ऐंड्रयू बेट्स ने कहा कि यह कदम 100 वर्षों के सबसे भयावह जन स्वास्थ्य संकट के दौरान ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति) के बेहद खराब कुप्रबंधन को बदलने की जो बिडेन और कमला हैरिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बेट्स ने सोमवार को इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि अभी तक बिडेन की कोई जांच हुई है या नहीं? हालांकि प्रचार अभियान की उपप्रबंधक केट बेडिंगफिल्ड ने रविवार को कहा था कि उनकी (बिडेन) जांच नहीं हुई है।

अन्य एक सदस्य ने बताया कि प्रचार अभियान से जुड़े चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर नियमित जांच का यह फैसला लिया गया है। अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं।

7. UN ने कहा, इराक व सीरिया में आईएस के अभी भी 10 हजार से अधिक आतंकी सक्रिय

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद विरोधी प्रमुख ने कहा कि आतंकवादी समूह आईएसआईएस को मात देने के 2 साल बाद भी उसके करीब 10,000 से अधिक आतंकी इराक और सीरिया में अब भी सक्रिय हैं और इस साल उनके हमले भी बढ़े हैं।

व्लादिमीर वोरोनकोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि इस्लामिक स्टेट के आतंकी 2 देशों के बीच छोटी शाखाओं में आसानी से आवाजाही करते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवादी समूह (जो आईएस, आईएसआईएल और आईएसआईएस के नाम से भी पहचाना जाता है) फिर से एकजुट हुआ है और इराक तथा सीरिया जैसे संघर्षरत क्षेत्रों के अलावा कुछ क्षेत्रीय स्थानों पर भी उसकी गतिविधियां बढ़ गई हैं।

वोरोनकोव ने कहा कि हालांकि ऐसा प्रतीत होता है कि गैरसंघर्ष क्षेत्रों में खतरा कम हुआ है। कोविड-19 से निपटने के लिए लगे लॉकडाउन तथा आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों जैसे कदमों से कई देशों में आतंकवादी समूहों के हमलों का खतरा कम हुआ है।

अफ्रीका के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम अफ्रीका प्रांत में इस्लामिक स्टेट आईएसआईएल के वैश्विक दुष्प्रचार का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है और यहां इसके करीब 3,500 सदस्य हैं। फ्रांस में आईएसआईएल से प्रेरित 3 हमलों और ब्रिटेन में 2 हमलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यूरोप में मुख्य खतरा इंटरनेट से प्रेरित, घरेलू आतंकियों को कट्टर बनाए जाने से बढ़ा है।

अफगानिस्तान के बारे में वोरोनकोव ने कहा कि आईएसआईएल के सहयोगी ने काबुल सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कई बड़े हमले किए हैं और वे पूरे क्षेत्र में अपने प्रभाव को फैलाने के लिए अफगान क्षेत्र का उपयोग करना चाहते हैं। उन लोगों को भी अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं, जो अमेरिकी और तालिबान के बीच हाल ही में शांति समझौते का विरोध करते हैं।

वोरोनकोव ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के उस आह्वान को भी दोहराया जिसमें उन्होंने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून लागू करने और जगह-जगह फंसे हुए सभी बच्चों, महिलाओं व पुरुषों को घर वापस लाने की बात की है।

8. सोनिया गांधी का अध्यक्ष पद छोड़ने का ऐलान, मनमोहन सिंह ने की अपील

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक शुरू होते ही सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नहीं रहना चाहती हैं और नया अंतरिम अध्यक्ष चुनने के लिए प्रक्रिया शुरू किया जाए। अपने भाषण में सोनिया गांधी ने कहा कि चीन के साथ यथास्थिति बदल रही है लेकिन पीएम मोदी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने सोनिया गांधी से अपील की कि वह अभी इस कांग्रेस वर्किंग कमेटी के पूरे सेशन तक के लिए उनको जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। पूर्व पीएम ने इसके साथ ही उन नेताओं की आलोचना की है जिन्होंने चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा कि यह पत्र दुर्भाग्यपूर्ण है। खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा, आलाकमान को करना, एक तरह से कांग्रेस को कमजोर करना है'। मनमोहन सिंह के बाद अब पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने भी अपनी राय रखी है।

गौरतलब है कि राजस्थान प्रकरण से पार्टी अभी उबरी ही थी कि 23 वरिष्ठ नेताओं ने बदलाव की मांग करते हुए अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिख दी हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस चिट्ठी पर सोनिया गांधी ने विचार करने का आश्वासन भी दिया था लेकिन इससे पहले ही इसे मीडिया में लीक कर दिया गया इस पूरे घटनाक्रम को एक तरह से 'तख्तापलट' की तौर भी देखा जा रहा है जिसको लेकर कई तरह के सवाल भी चर्चा में है

इसी बीच एक और जानकारी सामने आई कि इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस के ही दो नेताओं का हाथ है उनका राज्यसभा में कार्यकाल खत्म हो रहा था और उन्हें इस बात की चिंता थी कि हो सकता है दोबारा पार्टी उनके लिए राज्यसभा का रास्ता न खोले वैसे तो कांग्रेस के पास अब कोटा बचा भी नहीं है और इसे देखते हुए इन दोनों नेताओं ने महाराष्ट्र की एक पार्टी से भी बात कर ली थी और आलाकमान पर दबाव बनाने के लिए दोनों ने 'लेटर बम' का प्रकरण रचा है

9. Indian Railways ने 6.4 लाख से अधिक दिनों के बराबर काम दिया

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने 6 राज्यों यथा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ के तहत 6,40,000 से भी अधिक मानव कार्य दिवस सृजित किए हैं। इन राज्यों में लगभग 165 रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट चल रहे हैं जिनमें श्रमिकों को काम दिया जा रहा है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल की तरफ से इन प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट और प्रवासी श्रमिकों को दिए जाने वाले काम की निगरानी की जा रही है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना संकट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरीब कल्याण रोजगार योजना प्रवासी श्रमिकों हेतु एक वरदान बन कर आई है।

12,276 प्रवासी श्रमिक

21 अगस्त 2020 तक 12,276 प्रवासी श्रमिकों को ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ से जोड़ा गया है और रेलवे प्रोजेक्ट में काम कर रहे इन श्रमिकों को समय पर पैसे मिल सकें इसके लिए ठेकेदारों को 1,410.35 करोड़ रुपये की पेमेंट की गई है। भारतीय रेलवे ने हर जिले के साथ ही राज्यों में भी प्रमुख (नोडल) अधिकारी नियुक्त किए हैं, ताकि राज्य सरकार के साथ सही ढंग से कम्यूनिकेशन कर ज्यादा से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को काम दिया जा सके।

कुछ विशेष कामों की पहचान

भारतीय रेलवे ने कुछ विशेष कामों की पहचान की है जिनपर इस योजना के तहत काम चल रहा है। इन कामों में प्रमुख रूप से रेलवे के समतल क्रॉसिंग के लिए ओवर ब्रिज बनाने और रख-रखाव, रेलवे ट्रैक के किनारे जलमार्गों, खाइयों और नालों को बनाया जाना और उनकी साफ-सफाई, रेलवे स्टेशनों के लिए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाने और उसका रख-रखाव, पौधे लगाए जाने सहित कई अन्य काम शामिल हैं।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 जून 2020 को गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत बड़े पैमाने पर प्रवासी श्रमिकों को काम देने का घोषणा किया था। इसका मुख्य उद्देश्य अपने गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को उनके गांव के पास ही काम उपलब्ध कराना था। प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत टिकाऊ ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु 50,000 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के जरिए कोरोना वायरस महामारी के कारण लॉकडाउन के दौरान अपने राज्य लौटे लाखों प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर के तेलिहार गांव से की।

यह अभियान आजीविका अवसरों के संवर्धन से संबंधित 25 सार्वजनिक अवसंरचना कार्यों के त्वरित कार्यान्वयन के लिए 12 विभिन्न मंत्रालयों/विभागों अर्थात - ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खनन, पीने का पानी एवं स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, बोर्डर रोड्स, दूरसंचार एवं कृषि के बीच सम्मिलित प्रयास है।

10. केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 40 लाख तक की सालाना आमदनी पर GST में छूट

केंद्र सरकार ने 24 अगस्त 2020 को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के मोर्चे पर करदाताओं को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्रालय ने व्यापारियों को दी जाने वाली जीएसटी छूट का दायरा दोगुना कर दिया है। अब 40 लाख रुपये तक की सालाना कमाई करने वाले कारोबारियों को जीएसटी से छूट मिलेगी। जबकि पहले यह सीमा 20 लाख रुपये थी।

केंद्र सरकार की तरफ से लॉकडाउन से प्रभावित कारोबारियों के लिए ये बड़ी सौगात है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि जीएसटी से रोल आउट होने के बाद करदाता आधार लगभग दोगुना हो गया है। इतना ही नहीं, जिन कारोबारियों का सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये तक है, वे कंपोजिशन योजना का विकल्प चुन सकते हैं. उन्हें केवल एक प्रतिशत की दर से टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा।

मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा है कि निर्माण क्षेत्र एवं खासकर आवासीय सेक्टर को बड़ी राहत दी गई है। इसे अब पांच प्रतिशत के टैक्स स्लैब के तहत रखा गया है। सस्ते मकानों पर जीएसटी की दर अब एक प्रतिशत रह गई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जीएसटी को लागू किए जाने के बाद से अधिकतर चीजों पर लगने वाले टैक्स रेट में कमी की गई है।

GST में सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से स्वचालित

वित्त मंत्रालय के अनुसार, जीएसटी लागू होने के बाद टैक्सपेयर बेस लगभग डबल हुआ है। जब जीएसटी लागू हुआ था, उस समय जीएसटी द्वारा कवर किए गए एसेसीज की संख्या लगभग 65 लाख थी, जो अब बढ़कर 1.24 करोड़ से ज्यादा हो गई है। साथ ही जीएसटी में सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से स्वचालित हैं।

अरुण जेटली की पहली पुण्यतिथि

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की पहली पुण्यतिथि पर वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी से पहले मूल्यवर्धित कर (वैट), उत्पाद शुल्क और बिक्री कर देना पड़ता था। सामूहिक रूप से इनकी वजह से कर की मानक दर 31 प्रतिशत तक पहुंच जाती थी। मंत्रालय ने कहा कि अब व्यापक रूप से सब मानने लगे हैं कि जीएसटी उपभोक्ताओं और करदाताओं दोनों के अनुकूल है।

जीएसटी एक नजर में

जीएसटी में 17 स्थानीय शुल्क समाहित हुए हैं। देश में जीएसटी को 01 जुलाई 2017 को लागू किया गया था। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अरुण जेटली वित्त मंत्री थे। मंत्रालय ने कहा कि लोग जिस दर पर कर चुकाते थे, जीएसटी व्यवस्था में उसमें कमी आई है। राजस्व तटस्थ दर (आरएनआर) समिति के मुताबिक राजस्व तटस्थ दर 15.3 प्रतिशत है। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक अभी जीएसटी की भारित दर सिर्फ 11.6 प्रतिशत है।

11. केंद्र सरकार ने योग्य दिव्यांग व्यक्तियों को ‘खाद्य सुरक्षा कानून’ में शामिल करने का राज्यों को निर्देश दिया

केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने 23 अगस्त 2020 को कहा कि उसने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे सभी योग्य दिव्यांग व्यक्तियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत सब्सिडी वाला खाद्यान्न मुहैया कराएं। केंद्र सरकार ने राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर सभी पात्र दिव्‍यांगजनों को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम - 2013 के तहत लाने को कहा है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राज्यों से कहा गया है कि एनएफएसए के तहत नहीं आने वाले योग्य दिव्यांग व्यक्तियों को नया राशन कार्ड जारी करें। उनसे कहा गया है कि जिन दिव्यांग व्यक्तियों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें आत्मनिर्भर भारत पैकेज योजना के तहत शामिल किया जाए।

81 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सब्सिडी

एनएफएसए के तहत केंद्र सरकार देश में 81 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अत्यधिक सब्सिडी वाला खाद्यान्न देती है। इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को एक रुपये से तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से पांच किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है।

अंत्योदय अन्न योजना

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की धारा 10 में अंत्योदय अन्न योजना के तहत व्यक्तियों की कवरेज का प्रावधान है जो उक्त योजना के लिए लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार हो और ऐसे दिशा-निर्देशों के अनुसार जो संबंधित राज्य की सरकार निर्दिष्ट करे उस प्रकार शेष घरों को प्राथमिकता वाले घरों के रूप में कवर किया जाए।

मुख्य बिंदु

• भारत सरकार का आत्म निर्भर भारत पैकेज उन व्यक्तियों के लिए है, जो एनएफएसए या किसी भी राज्य योजना पीडीएस कार्ड के अंतर्गत नहीं आते हैं। इसलिए दिव्यांग व्यक्ति बिना राशन कार्ड के भी आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत लाभ पाने के लिए पात्र हैं।

• चूंकि ये योजना 31 अगस्त 2020 को समाप्त हो जाएगी और इसमें अभी एक सप्ताह शेष है, इसलिए इस विभाग ने सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया है कि वे ऐसे दिव्यांग व्यक्तियों की पहचान करें जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं और उन्हें आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत लाभ प्रदान करें।

• इस पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह योजना मई 2020 में शुरू हुई थी और यह माना गया था कि दिव्यांगों समेत बगैर राशन कार्ड वाले सभी पात्र लाभार्थियों को कवर कर लिया गया होगा।

• ऐसा समझा गया है कि अभी तक जो राशन उठाया गया है उसका उपयोग राज्यों द्वारा दिव्यांगों सहित बिना राशन कार्ड वाले पात्र लाभार्थियों को वितरित करने के लिए किया गया है। राज्यों से इस संबंध में सक्रिय कदम उठाने का अनुरोध किया जाता है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना के बारे में

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान गरीब जनता को कोई समस्या ना आए इसको ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन की योजना को नवंबर तक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना के तहत परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया जाता है। एक किलो चने की दाल भी फ्री मिलती है। इसे प्रति माह हर परिवार को दिया जाता है।

12. चंद्रयान -2 ने चंद्रमा की कक्षा में अपना एक वर्ष पूरा किया

चंद्रयान -2 ऑर्बिटर ने इस 20 अगस्त, 2020 को चंद्रमा की कक्षा में अपना एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस ऑर्बिटर को 20 अगस्त, 2019 में चंद्र कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया था।

इसरो ने यह कहा है कि, चंद्रयान -2 ऑर्बिटर पर लगे सभी उपकरण वर्तमान में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और लगभग सात वर्षों तक इसे चालू रखने के लिए ऑर्बिटर पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है।

चंद्रयान -2 ऑर्बिटर: प्रमुख विशेषताएं

• चंद्रयान -2 ऑर्बिटर ने लॉन्च होने के बाद अपने पहले एक साल में चंद्रमा के चारों ओर 4,400 से अधिक परिक्रमाएं पूरी कर ली हैं और इसरो के अनुसार, इसके सभी उपकरण वर्तमान में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

• इसरो ने यह बताया कि, इस ऑर्बिटर को 100 किमी (+/- 25 किमी) ध्रुवीय कक्षा में आवधिक कक्षा रखरखाव (ओएम) कुशलता के साथ बनाए रखा जा रहा है।

• पिछली 24 सितंबर, 2019 को 100 किमी चंद्र कक्षा में स्थापित होने के बाद से अब तक, ऑर्बिटर में 17 ऑर्बिट रखरखाव कार्य किए जा चुके हैं।

• इसरो ने यह आश्वासन दिया है कि, लगभग सात वर्षों तक चालू रहने के लिए ऑर्बिटर में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। चंद्रयान -2 ऑर्बिटर उपकरण

• चंद्रयान -2 ऑर्बिटर आठ वैज्ञानिक उपकरणों और पेलोड्स से लैस है जिसमें चंद्र सतह की मैपिंग के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरे शामिल हैं और जो चंद्रमा के एक्सोस्फीयर (बाहरी वातावरण) का अध्ययन करते हैं।

• इन पेलोड्स से प्राप्त कच्चा (रॉ) डाटा इस एक वर्ष के दौरान भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डाटा सेंटर (ISSDC) में डाउनलोड किया गया है।

• इसरो ने एक औपचारिक सहकर्मी समीक्षा द्वारा सत्यापन के बाद, वर्ष 2020 के अंत तक सार्वजनिक डाटा जारी करने की एक योजना बनाई है। प्रथम-वर्ष के अवलोकन के अनुसार, यह ऑर्बिटर चंद्र विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

• इस ऑर्बिटर की प्रत्याशित लंबी आयु के कारण चंद्रमा पर इसकी निरंतर उपस्थिति से वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के बीच वर्तमान रूचि को पुनः पैदा करने में बहुत योगदान मिलने की उम्मीद है।

चंद्रयान -2 मिशन का उद्देश्य

चन्द्रयान -2 मिशन को व्यापक तरीके से चंद्रमा की उत्पत्ति और विकास के तहत चंद्रमां की सतह पर स्थलाकृति, खनिज विज्ञान, भूतल रासायनिक संरचना, थर्मोफिजिकल विशेषताओं और वातावरण का विस्तृत अध्ययन करने के लिए लॉन्च किया गया था।

पृष्ठभूमि

भारत का दूसरा चंद्र अभियान, चंद्रयान -2 गत 22 जुलाई, 2019 को लॉन्च किया गया था और ठीक एक साल पहले 20 अगस्त को चंद्र की कक्षा में स्थापित किया गया था। यद्यपि इसरो ने चंद्र सतह पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास किया था, जो प्रज्ञान रोवर को अपने साथ लेकर गया था और दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, लेकिन आठ वैज्ञानिक उपकरणों से लैस चंद्रयान -2 ऑर्बिटर को सफलतापूर्वक चंद्र की कक्षा में स्थापित कर दिया गया था और यह उम्मीद के मुताबिक काम कर रहा है। चंद्रयान -2 मिशन चंद्र सतह के अज्ञात दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने का भारत का पहला प्रयास था। हालांकि, सितंबर 2019 में विक्रम लैंडर दुर्घटनाग्रस्त होकर चंद्रमा की सतह पर गिर गया था। चंद्रयान -1, भारत का पहला चंद्र मिशन वर्ष 2008 में लॉन्च किया गया था। इस मिशन ने चंद्र सतह पर सतही पानी की व्यापक उपस्थिति और उपसतही-ध्रुवीय जल-बर्फ जमा होने के लिए संकेत के स्पष्ट प्रमाण दिए थे।

13. राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया हरित पथ ऐप लॉन्च

राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हरित पथ ऐप लॉन्च किया है। यह भू-टैगिंग और वेब-आधारित जीआईएस-सक्षम निगरानी उपकरणों के माध्यम से राजमार्गों पर वृक्षारोपण की निगरानी में मदद करेगा।

राजमार्ग मंत्री ने ‘नई हरित राजमार्ग नीति’ की समीक्षा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए, सड़क निर्माण की लागत को 25% तक कम करने और आधुनिक और हरित प्रौद्योगिकियों की पहचान करने का आह्वान किया है, जो इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में योगदान करेंगे।

इस वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान नितिन गडकरी, जिनके पास एमएसएमई पोर्टफोलियो भी है, ने पूरे देश में सड़क निर्माण में हरित और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया है।