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22nd July | Current Affairs | MB Books


1. सिंगापुर में भारतीय मूल की नर्स को COVID सेवाओं के लिए 'राष्ट्रपति अवॉर्ड'

सिंगापुर में रहने वाली 59 वर्षीय एक भारतीय मूल की नर्स को ''नर्सों के लिए राष्ट्रपति अवॉर्ड'' से सम्मानित किया गया है। कोविड-19 (COVID-19) के दौरान भारतीय मूल की इस नर्स द्वारा, जिस तरह से मरीजों की देखभाल की गई, उसे देखते हुए उन्हें ''नर्सों के लिए राष्ट्रपति अवॉर्ड'' से सम्मानित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को घोषणा करते हुए बताया कि कला नारायणसामी भी उन पांच नर्सों में शामिल हैं, जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

प्रत्येक नर्स को ट्रॉफी से सम्मानित किया गया और साथ ही राष्ट्रपति हलीम याकूब द्वारा साइन किया गया एक सर्टिफिकेट और SGD 10,000 (7,228 डॉलर) दिए गए हैं। कला नारायणसामी, वुडलैंड्स हेल्थ कैंपस में नर्सिंग की उप निदेशक हैं। उन्हें संक्रमण नियंत्रण प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करने के लिए सम्मानित किया गया है। कला नारायणसामी ने साल 2003 में सार्स (SARS) के दौरान संक्रमण नियंत्रण प्रक्रियाओं के बारे में सीखा था।

कला नारायणसामी ने कोविड-19 के वक्त में सार्स के अनुभवों का इस्तेमाल करते हुए यिशुम सामुदायिक अस्पताल में वार्डों को परिवर्तित किया और कोविड-19 रोगियों का इलाज करने के लिए वर्कफ्लो और मानक संचालन प्रक्रियाओं की शुरुआत की।

वह सिंगापुर में नर्सिंग के आधुनिकीकरण के साथ जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपनी पिछली परियोजनाओं में से एक में आइटमों के उपयोग को ट्रैक करने के लिए एक स्व-चेकआउट इन्वेंट्री प्रबंधन वेंडिंग मशीन का कार्यान्वयन भी किया था। कला नारायणसामी वर्तमान में वुडलैंड्स हेल्थ कैंपस के नियोजन में शामिल हैं। इसे 2022 में खोलने के लिए निर्धारित किया गया है। अपने 40 वर्षों के अनुभवों के आधार पर कला नारायणसामी यहां नर्सिंग सेवाओं के विकास का नेतृत्व कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ''मैं हमेशा नई नर्सों को यही कहती हूं कि नर्सिंग तुम्हें आने वाले वक्त में कभी निराश नहीं करेगी और हमेशा तुम्हें तुम्हारे काम के लिए रिवॉर्ड मिलेगा।'' नर्सों के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार उन नर्सों को दिया जाता है, जिन्होंने निरंतर अपने प्रदर्शन और रोगी देखभाल वितरण में योगदान दिखाया है। वर्ष 2000 में इसकी शुरुआत की गई थी और 20 सालों में इस अवॉर्ड से 77,000 नर्सों को सम्मानित किया जा चुका है।

2. अमेरिका ने ह्यूस्टन के चीनी वाणिज्य दूतावास को 72 घंटों में बंद करने का आदेश दिया

अमेरिका और चीन के संबंधों में लगातार तनाव बढ़ता ही जा रहा है। खबर है कि अमेरिका ने चीन से ह्यूस्टन स्थित उसके वाणिज्य दूतावास को 72 घंटों में बंद करने को कहा है। चीन ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। दरअसल, खबर आई थी कि चीनी वाणिज्य-दूतावास में अंधेरे में दस्तावेज़ जलाए जा रहे थे। फिर पानी डालकर उन्हें बुझाया जा रहा था। स्थानीय पुलिस की जानकारी में जब ये बात आई तो वह वाणिज्य-दूतावास पहुंची लेकिन उसे बिल्डिंग के अंदर नहीं घुसने दिया गया। इस बात पर ज़बरदस्त नाराज़गी देखने को मिल रही है। ह्यूस्टन पुलिस की ओर से ट्विटर बताया गया है कि उन्होंने बिल्डिंग से धुआं निकलते हुए देखा था, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली थी।

बुधवार को चीन की ओर से बयान जारी कर बताया गया कि अमेरिका ने ह्यूस्टन के चीनी वाणिज्य-दूतावास को बंद करने का आदेश दिया है। चीन की ओर से इसे राजनीतिक रूप से भड़काऊ कदम बताते हुए कहा गया है कि इससे दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्ते खराब होंगे। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेन्बिन ने कहा कि उन्हें मंगलवार को जानकारी दी गई कि उन्हें वाणिज्य-दूतावास बंद करना होगा। वेन्बिन ने कहा, 'चीन अमेरिका से अपना गलत फैसला तुरंत वापस लेने का आग्रह करता है, वर्ना चीन इसके खिलाफ जरूरी और उचित कदम उठाएगा।'

प्रवक्ता ने कहा, 'यह अमेरिका की ओर से एकतरफा राजनीतिक भड़काऊ कदम उठाया जा रहा है, जो गंभीर तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानून और दोनों देशों के बीच में द्विपक्षीय कांसुलर समझौते का उल्लंघन करता है।' उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना करता है क्योंकि यह एक अनुचित कदम है, जिससे दोनों देशों के संबंध खराब होंगे।


3. भारत-मालदीव ने माले में “आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं” स्थापित करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये

22 जुलाई, 2020 को भारत और मालदीव ने माले में “आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं” स्थापित करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य बिंदु

आपातकालीन चिकित्सा सेवा भारत द्वारा पड़ोसी देशों के लिए 20 मिलियन अमरीकी डालर की अनुदान सहायता के तहत वित्तपोषित है। इससे देशों के बीच सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी, विशेष रूप से स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के क्षेत्रों में, महत्वपूर्ण समय के दौरान आपदा प्रतिक्रियाएं आदि।

COVID-19 के दौरान पड़ोसियों के प्रति भारत की भूमिका

भारत ने सार्क डिजिटल सम्मेलन की शुरुआत की। SAARC के तहत, भारत ने COVID-19 इमरजेंसी फंड बनाया और 10 मिलियन अमरीकी डालर की प्रारंभिक राशि दान की।

अप्रैल 2020 में, भारत ने विदेशी मुद्रा स्वैप समर्थन के तहत मालदीव में 150 मिलियन अमरीकी डालर मुहैया करवाए थे। भारत ने मई 2020 में बांग्लादेश को 30,000 COVID-19 परीक्षण किट दान किए थे। इसके अलावा, भारत बांग्लादेश को COVID-19 प्रबंधन पाठ्यक्रम प्रदान करता है। इस व्यवस्था के तहत 347 से अधिक बांग्लादेश के पेशेवरों को प्रशिक्षित किया गया था।

भारत ने सेशेल्स, मॉरीशस, मालदीव, कोमोरोस और मेडागास्कर को चिकित्सा आपूर्ति, खाद्य पदार्थ, आयुर्वेदिक दवाएं प्रदान करने के लिए ऑपरेशन SAGAR शुरू किया था।

ऑपरेशन समुद्र सेतु

भारत ने मालदीव में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन समुंद्र सेतु लॉन्च किया।


4. भारतीय युवाओं में स्वयंसेवा को बढ़ावा देने हेतु यूनिसेफ के साथ खेल मंत्रालय की भागीदारी

भारतीय युवाओं के बीच स्वयंसेवा को बढ़ावा देने के लिए युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) ने, यूनिसेफ द्वारा गठित एक बहु-हितधारक मंच, यूवाह (YuWaah) के साथ इस साझेदारी के तहत काम करने के लिए एक ‘इरादे का बयान’ पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य भारतीय युवाओं को उत्पादक कार्यों के शिक्षण और प्रशिक्षण के साथ उनका कौशल बढ़ाकर उन्हें एक सक्रिय नागरिक बनाना है। इस कदम से किरेन रिजिजू के भारत में एक करोड़ युवा स्वयंसेवकों को जुटाने और पीएम मोदी के आत्मानिर्भर भारत के आह्वान में योगदान करने में मदद मिलेगी।

भारत और यूनिसेफ के बीच इस साझेदारी का शुभारंभ युवा मामले और खेल मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में सचिव, युवा मामले, उषा शर्मा और भारत में यूनिसेफ के प्रतिनिधि यास्मीन अली हक ने किया।

भारतीय युवाओं का प्रोत्साहन

इस आयोजन में, उषा शर्मा ने कहा कि युवा मामले और खेल मंत्रालय में YuWaah को एक अनोखे अवसर के रूप में देखा जाता है, जो युवाओं के लिए और युवाओं के साथ युवाओं के सपनों और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक मंच प्रदान कर सकता है।

उन्होंने कहा कि यह साझेदारी NSS, NYKS स्वयंसेवकों को एक बड़ा मंच देती है क्योंकि उन्हें वैश्विक प्रयासों के साथ मिलकर काम करने का मौका मिलता है।

भारत में यूनिसेफ के प्रतिनिधि ने यह भी दावा किया है कि, भारत में संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों तथा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के बीच इस साझेदारी के माध्यम से YuWaah भारत के युवा लोगों को अपने एजेंडा का निर्माण और विकास का नेतृत्व करने के द्वारा अपना समर्थन देगा।

यूनिसेफ और MYAS के बीच भागीदारी

इस नई साझेदारी से संयुक्त राष्ट्र और खेल मंत्रालय को लाभ होगा कि वे युवाओं के साथ मिलकर काम करें और भारत में युवाओं के लिए शिक्षा तथा बेरोजगारी जैसी चुनौतियों से निपटने के साथ इन युवाओं को कुशल बनाने के लिए विभिन्न समाधानों को सह-निर्मित और लागू करें।

इस भागीदारी में भारतीय युवाओं को उद्यमिता में सहयोग देना, उनका कौशल बढ़ाना, आकांक्षात्मक सामाजिक-आर्थिक अवसरों के साथ संबंध बनाना, युवाओं को करियर मार्गदर्शन सहायता प्रदान करना, युवा लोगों के बीच नागरिक भागीदारी, नीति हितधारकों और युवा लोगों के बीच प्रतिक्रिया तंत्र की स्थापना, प्रत्यक्ष संवाद का समर्थन, और सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए NSS और NYKS कैडर और स्वयंसेवक बल की क्षमता का निर्माण करने के लिए सहयोग शामिल होगा।

किरन रिजिजू ने इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए यह कहा है कि, इस चुनौतीपूर्ण समय में यह बहुत उपयुक्त है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि, उन्हें भरोसा है कि यह हमारी मौजूदा नीतियों पर पूरा ध्यान देगा। भारत सरकार युवाओं की राय और विचारों को सुनने के लिए प्रतिबद्ध है और सोचने के ये नए तरीके ऐसे हैं जो भारत की आगामी चुनौतियों का समाधान करने में हमारी बहुत सहायता करेंगे।


5. काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र-3 सामान्य परिचालन स्थिति में पहुंचा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र-3 के सामान्य परिचालन स्थिति में आने (क्रिटिकल होने) पर बुधवार को परमाणु वैज्ञानिकों को बधाई दी और कहा कि यह स्वेदशी परमाणु संयंत्र मेक इन इंडिया अभियान का गौरवपूर्ण उदाहरण है।

गुजरात में स्थित 700 मेगावाट की क्षमता वाले इस ऊर्जा संयंत्र के सामान्य परिचालन स्थिति में आना इस बात का संकेत है कि यह संयंत्र ऊर्जा उत्पादन के लिए अब तैयार है।

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, 'काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र-3 के सामान्य परिचालन स्थिति में आने के लिए हमारे परमाणु वैज्ञानिकों को बधाई! स्वदेश में ही डिजाइन किया गया 700 एमडब्‍ल्‍यूई का केएपीपी-3 परमाणु संयंत्र ‘मेक इन इंडिया’ का एक गौरवपूर्ण उदाहरण है।'

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह इस तरह की अनगिनत भावी उपलब्धियों में निश्चित तौर पर अग्रणी है।

परमाणु इतिहास में बड़ा दिन : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि स्वदेश में ही डिजाइन किया गया 700 मेगावाट की क्षमता वाला गुजरात का काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र-3 का सामान्य परिचालन स्थिति में आना भारत के परमाणु इतिहास के लिए एक बड़ा दिन है।

इस ऊर्जा संयंत्र का सामान्य परिचालन स्थिति में आना इस बात का संकेत है कि यह संयंत्र ऊर्जा उत्पादन के लिए अब तैयार है।


6. अश्विनी कुमार तिवारी बनाए गए SBI कार्ड के नए एमडी और सीईओ

  • SBI कार्ड्स और पेमेंट सर्विसेज द्वारा अश्विनी कुमार तिवारी को अपना नया प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।

  • 1 अगस्त, 2020 से शुरू होने वाला उनका कार्यकाल दो साल की अवधि का होगा। उन्हें इस पद के लिए भारतीय स्टेट बैंक द्वारा नामित किया गया था।

  • भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष: रजनीश कुमार

  • मुख्यालय: मुंबई; स्थापित: 1 जुलाई 1955

7. इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा 45वें इंडिया आइडियाज समिट 2020 का आयोजन किया जाएगा

22 जुलाई, 2020 को इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा इंडिया आइडियाज समिट 2020 की मेजबानी करनी है। पीएम मोदी इस शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

मुख्य बिंदु

इस शिखर सम्मेलन में सरकारी नेता और व्यापार जगत के लोग व्यापार और निवेश, वैश्वीकरण और भविष्य के काम को आकार देने के लिए अमेरिका-भारत साझेदारी और प्रवृत्तियों के बारे में चर्चा करेंगे।

फोकस: बेहतर भविष्य का निर्माण

यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल

इस परिषद का गठन 1975 में किया गया था। यह अमेरिका और भारत दोनों के निजी क्षेत्रों को अपने निवेश प्रवाह को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह सरकारी नेताओं और व्यापारियों के बीच सीधे संपर्क का काम करती है। इस परिषद के अंतर्गत 12 कार्यकारी समितियाँ कार्यरत हैं। वे एयरोस्पेस, डिजिटल अर्थव्यवस्था, खाद्य और कृषि, वित्तीय सेवाओं, अचल संपत्ति, कर, खुदरा व्यापार, जीवन विज्ञान, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, पर्यावरण और उद्यम, रियल एस्टेट, मीडिया और मनोरंजन जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों को कवर करती हैं। इसी तरह की एक व्यावसायिक परिषद है जो यूके और भारत के बीच संचालित होती है। यह यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल है। यूकेआईबीसी का कार्य यूएसआईबीसी के समान है।


8. एस हुसैन जैदी का नया उपन्यास "द एंडगेम" प्रकाशित

  • अपराध लेखक(Crime writer), एस हुसैन जैदी ने एक नया उपन्यास "द एंडगेम" लिखा है, जो राजनीति, विश्वासघात और अकल्पनीय आतंक पर आधारित है।

  • पुस्तक को हार्पर कॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित किया गया है।

  • "द एंडगेम" पाठकों को काम पर जटिल राजनीतिक मशीनरी का क्लोज-अप देता है, जिसमें राज्य सुरक्षा, रक्षा सेवाएं, और खुफिया एजेंसियां जैसे -एक्सप्लोसिव क्लाइमेक्स तक सभी शामिल हैं।

9. साहित्य अकादमी से पुरस्कृत बलदेव सिंह ने "सूरज कदे मरदा नही" नामक पुस्तक किया लेखन

  • साहित्य अकादमी से सम्मानित बलदेव सिंह सदाकर्णम द्वारा "सूरज कदे मरदा नही" नामक पुस्तक लिखी गई है। यह पुस्तक यूनिस्टार्क्स द्वारा प्रकाशित की गई है।

  • इसे उधम सिंह की 80 वीं पुण्यतिथि 31 जुलाई, 2020 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा।

  • पुस्तक में कर्नल रेजिनल डायर से संबंधित कुछ तथ्यों का वर्णन किया गया है, जिसे जलियांवाला बाग के नरसंघार के दोषी रूप में भी जाना जाता है।

  • इसके अलावा इसमें इस बात का भी वर्णन किया गया है कि कैसे उधम सिंह ने 13 मार्च, 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में पंजाब के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ 'ड्वायर की हत्या की थी, जिसके लिए उन्हें 31 जुलाई, 1940 को फाँसी दे दी गई थी ।

10. डाटा शेयरिंग पर CBDT और CBIC ने MoU पर हस्ताक्षर किए

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने एक दूसरे के साथ डेटा का आदान-प्रदान करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य बिंदु

इस समझौते से नियमित आधार पर बोर्डों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) लागू होने के बाद CBIC की स्थापना हुई।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड MSMEs के साथ डेटा साझा करेगा

धारा 138 आयकर अधिनियम के तहत, सीबीडीटी संयंत्र और मशीनरी की बिक्री के बारे में डेटा साझा करेगा। CBDT जल्द ही MSMEs मंत्रालय के साथ MSMEs की बिक्री, मूल्यह्रास, सकल कारोबार के बारे में डेटा साझा करना शुरू कर देगा।

यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत सरकार की उच्च प्राथमिकता सूची में MSMEs हैं। COVID-19 के कारण MSME बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसलिए, भारत सरकार अब आत्‍म निर्भर भारत अभियान के तहत इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है।


11. नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल द्वारा दिल्ली में सीरो-प्रचलन अध्ययन किया गया

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत काम करने वाले राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने नई दिल्ली में सीरो-निगरानी अध्ययन शुरू किया है।

मुख्य बिंदु

अध्ययन का आयोजन नेशनल सेंटर फॉर डिसीज़ कंट्रोल तथा दिल्ली सरकार के सहयोग से किया गया था। यह सर्वेक्षण दिल्ली के सभी जिलों में 27 जून, 2020 और 10 जुलाई, 2020 के बीच किया गया।

सीरो-प्रचलन अध्ययन

चयनित व्यक्तियों के सीरो को आईजीजी एंटीबॉडी के लिए परीक्षण किया गया था। एंटीबॉडी की पहचान COVID KAVACH ELISA टेस्ट का उपयोग करके की गई थी। यह परीक्षण ICMR द्वारा अनुमोदित किया गया है

परिणाम

सीरो-प्रचलन अध्ययन के परिणामों के अनुसार, दिल्ली में IgG एंटीबॉडी का प्रसार 23.48% था।

महत्व

सीरो-निगरानी बीमारी के प्रसार का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण सबूत उत्पन्न करता है। यह जानने में भी मदद करता है कि कितने व्यक्ति स्पर्शोन्मुख बने हुए हैं।

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र

यह एक संस्थान है जो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत संचालित होता है। एनसीडीसी की स्थापना 1963 में संचारी रोगों को नियंत्रित करने और भारत के मलेरिया संस्थान की गतिविधियों को मान्यता देने के लिए की गई थी।


12. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर बैरी जरमन का निधन

  • ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट विकेटकीपर और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के पूर्व मैच रेफरी बैरी जरमन का निधन।

  • उन्होंने 1959 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था।

  • जरमन ने खेल के सबसे लंबे प्रारूप टेस्ट क्रिकेट में 19 मैच खेले, जिनमे 50 कैच लेने के साथ-साथ 400 रन बनाए।

  • इसके अलावा जरमन ने इंग्लैंड के 1968 के एशेज दौरे पर एक टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी भी की थी।

13. दिग्गज ओडिया अभिनेता बिजय मोहंती का निधन

  • वयोवृद्ध ओडिया अभिनेता बिजय मोहंती का निधन।

  • उन्होंने अपने करियर की शुरुआत थिएटर कलाकार के रूप में की और बाद में फिल्मों में आने से पहले कई नाटकों का निर्देशन किया।

  • उनकी पहली फिल्म, चिलिका टायर में उनके प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिले थे।

  • इसके अलावा उन्होंने 2014 के आम चुनाव में भुवनेश्वर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था।

14. जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने गुलबेनकियन पुरस्कार जीता

क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को मानवता के लिए गुलबेंकियन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें 1 मिलियन यूरो की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया है।

मुख्य बिंदु

ग्रेटा थनबर्ग ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित संगठनों को पुरस्कार राशि दान करने का निर्णय लिया है। उन्हें 43 देशों के 136 प्रत्याशियों में से चुना गया है।

ग्रेटा थनबर्ग

ग्रेटा थनबर्ग एक स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण अस्तित्वगत मानवता संकट को बढ़ावा देने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली।

फ्राइडे फॉर फ्यूचर

यह थनबर्ग और स्वीडन के अन्य छात्रों द्वारा शुरू किया गया एक स्कूल जलवायु हड़ताल आंदोलन है। इस आंदोलन ने जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर ली और दुनिया भर के छात्र इस आंदोलन में शामिल हो गए। यह एक अंतरराष्ट्रीय आंदोलन है जहां छात्र शुक्रवार को कक्षा से छुट्टी लेते हैं और जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए राजनीतिक नेताओं से कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शनों में भाग लेते हैं।

गुलबनकियान पुरस्कार

इस पुरस्कार को कैलूस्टे गुलेनबेकियन फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। यह 1976 में स्थापित किया गया था। इसका पुरस्कार वितरण समारोह पुर्तगाल में आयोजित किया जाता है।

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