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22nd & 23rd November | Current Affairs | MB Books


1. भारत और सिंगापुर के बीच SIMBEX-20 अभ्यास शुरू हुआ

भारत और सिंगापुर अंडमान सागर में 23-25 ​​नवंबर को द्विपक्षीय नौसेना अभ्यास आयोजित करने वाले हैं। SIMBEX का वार्षिक आयोजन 1994 से किया जा रहा है।

मुख्य बिंदु

SIMBEX-19 (Singapore India Maritime Bilateral Exercise) नौसैनिक अभ्यास का आयोजन भारत तथा सिंगापुर के बीच अंडमान सागर में किया जा रहा है। इसका आरम्भ 23 नवम्बर को हुआ। इस नौसैनिक ड्रिल में एडवांस्ड हवाई ट्रैकिंग तथा वेपन फायरिंग इत्यादि का अभ्यास किया जायेगा। इस अभ्यास का उद्देश्य भारत और सिंगापुर के बीच समुद्री, आर्थिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के द्वारा मैत्रीपूर्ण संबंधों को मज़बूत बनाना है।

इस अभ्यास में भारत की ओर से सिन्धुराज पनडुब्बी, डिस्ट्रॉयर राणा, चेतक हेलीकाप्टर, कमोर्ता और करमुक कार्वेट हिस्सा ले रहे हैं। सिंगापुर की ओर से इस अभ्यास में फोर्मिडेबल क्लास फ्रिगेट इंट्रेपिड और स्टेडफ़ास्ट, , S70B हेलीकाप्टर और एंड्रयूरेन्स क्लास लैंडिंग शिप टैंक एंडेवर हिस्सा ले रहे हैं।

SIMBEX

SIMBEX अभ्यास की शुरुआत 1993 में हुई थी, तत्पश्चात यह एक वार्षिक इवेंट बन गया। अब यह एक महत्वपूर्ण नौसैनिक अभ्यास है। इस अभ्यास में हवा तथा सतह से होने वाले हमलों के लिए अभ्यास किया जाता है। इसमें हवाई रक्षा ऑपरेशन तथा एडवांस्ड रणनीतिक अभ्यास का आयोजन किया जाता है। भारत और सिंगापुर ने दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सहमती प्रकट की है। इससे दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध और भी मज़बूत बनेंगे।


2. SITMEX 2020 : भारत, सिंगापुर और थाईलैंड ने नौसेना अभ्यास का आयोजन किया

भारत, सिंगापुर और थाईलैंड के बीच त्रिपक्षीय नौसेना अभ्यास, SITMEX-20 अंडमान सागर में आयोजित किया गया। SITMEX-20 नौसेना अभ्यास कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण “समुद्र में नॉन-कांटेक्ट–फॉर्मेट” में निर्धारित किया गया था। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य तीनों नौसेनाओं के बीच इंटरओपेराबिलिटी को बढ़ाना है। यह अभ्यास बहुमुखी समुद्री परिचालन को भी बढ़ाएगा।

SITMEX के अलावा, भारत और सिंगापुर ने अंडमान सागर में SIMBEX-20 को अलग से आयोजित किया।

SITMEX

इस अभ्यास में सतह पर हथियारों की गोलीबारी, समुद्री युद्ध अभ्यास, समन्वित नेविगेशन ऑपरेशन और सीमैनशिप विकास शामिल हैं। भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व आईएनएस करमुक और आईएनएस कमोर्ता द्वारा किया गया। सिंगापुर नौसेना का प्रतिनिधित्व आरएसएस इंट्रेपिड, आरएसएस एंडेवर ने किया था। थाईलैंड नौसेना का प्रतिनिधित्व एक चाओ वर्ग फ्रिगेट एचटीएमएस क्रबुरी ने किया था।

भारत और सिंगापुर के बीच त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के आयोजन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांगरी ला संवाद के दौरान की थी। इस अभ्यास का पहला संस्करण 2019 में आयोजित किया गया था।

आसियान

भारत 1992 में आसियान का एक संवाद भागीदार बना था। 1993 और 2003 के बीच भारत और आसियान के बीच व्यापार 11.2% बढ़ा। आसियान के साथ भारत का अधिकांश व्यापार सिंगापुर, थाईलैंड और मलेशिया से है।

हिंद महासागर क्षेत्र में भारत

भारत इस क्षेत्र में और इसके आसपास के देशों के साथ रक्षा सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर करके हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। इन समझौतों के माध्यम से भारतीय नौसेना के जहाज बेस पर रीफ्यूलिंग, रीस्टॉकिंग इत्यादि कर सकते हैं। साथ ही, भारत नौसेना अभ्यास के माध्यम से अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। इन उपायों के अलावा, भारत इस क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के लिए अपनी पनडुब्बियों और विमानों के बेड़े को मजबूत कर रहा है। भारत ने हाल ही में (नवंबर 2020 में) अपने नौवें सबमरीन किलर विमान P8-I को लॉन्च किया। यह विमान अमेरिका से खरीदा गया था।

सैन्य अभ्यास के अलावा, भारत QUAD ग्रुपिंग के तहत अपने प्रयासों को बढ़ा रहा है। वर्तमान में समूह के सदस्यों में भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। इन देशों ने हाल ही में आयोजित विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में एक स्वतंत्र और खुले हिन्द-प्रशांत क्षेत्र का आह्वान किया है।


3. महात्मा गांधी के प्रपौत्र सतीश धुपेलिया का Covid-19 संक्रमण से निधन

महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका मूल के पड़पोते सतीश धुपेलिया का कोरोनावायरस संक्रमण संबंधी जटिलताओं (Covid-19 post complications) के चलते रविवार को यहां निधन हो गया वह 66 वर्ष के थे और तीन दिन पहले ही उनका जन्मदिन था. उनके परिवार के सदस्य ने यह जानकारी दी

धुपेलिया की बहन उमा धुपेलिया-मेस्थरी ने इस बात की पुष्टि की कि उनके भाई की कोविड-19 संबंधित जटिलताओं से मौत हो गई है उन्होंने बताया कि उनके भाई को निमोनिया हो गया था और उसके उपचार के लिए वह एक माह अस्पताल में थे और वहीं वह संक्रमण की चपेट में आ गए

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘निमोनिया से एक माह पीड़ित रहने के बाद मेरे प्यारे भाई का निधन हो गया अस्पताल में उपचार के दौरान वह कोविड-19 की चपेट में आ गए थे' पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘आज शाम उन्हें दिल का दौरा पड़ा'

उनके परिवार में दो बहनें उमा और कीर्ति मेनन हैं, जो यहीं रहती हैं ये तीनों भाई बहन मणिलाल गांधी के वारिस हैं, जिन्हें महात्मा गांधी अपने कार्यों को पूरा करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में ही छोड़कर भारत लौट आए थे


4. ऑक्सफ़ोर्ड इकोनॉमिक्स ने भारत के विकास के लिए जारी किए अपने पूर्वानुमान में किया बदलाव

पूर्वानुमान जारी करने वाली ऑक्सफ़ोर्ड इकोनॉमिक्स ने अनुमान जताया है कि भारत में COVID-19 प्रभाव दुनिया में सबसे खराब हो सकता है।

यह उम्मीद जताई गई है कि भारत का विकास मध्यम अवधि में पर्याप्त रूप से बिगड़ने की सम्भावना है, 2020-2025 में संभावित विकास इसके महामारी के पहले के 6.5% की तुलना में 4.5% की औसत वृद्धि होने की संभावना है।

इसके साथ ही, राजकोषीय घाटा भी 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद का 7% तक होने की उम्मीद है।


5. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.277 बिलियन डॉलर की बढ़ोत्तरी के साथ 572.771 अरब डॉलर पर पहुंचा

13 नवम्बर, 2020 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.277 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी के साथ 572.771 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का उच्चतम स्तर है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत 5वें स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है। पिछले कुछ समय से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में काफी वृद्धि हुई है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

13 नवम्बर, 2020 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $530.268 बिलियन गोल्ड रिजर्व: $ 36.354 बिलियन आईएमएफ के साथ एसडीआर: $ 1.488 बिलियन आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $ 4.661 बिलियन


6. RBI ट्विटर पर 1 मिलियन फॉलोअर तक पहुंचने वाला दुनिया का पहला सेंट्रल बैंक बना

भारतीय रिजर्व बैंक एक मिलियन ट्विटर फॉलोअर वाला पहला केंद्रीय बैंक बन गया है। इस तरह आरबीआई यूएस फेडरल रिजर्व (6.67 लाख) और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (5.91 लाख) से आगे है।

भारतीय रिज़र्व बैंक

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना हुई थी। शुरू में रिज़र्व बैंक का केंद्रीय कार्यालय कोलकाता में स्थापित किया गया था लेकिन 1937 में स्थायी रूप से इसे मुंबई में हस्तांतरित कर दिया गया था। केंद्रीय कार्यालय वह स्थान है, जहां गवर्नर बैठता है तथा जहां नीतियां तैयार की जाती हैं। 1949 मे राष्ट्रीयकरण के बाद से रिज़र्व बैंक पूरी तरह से भारत सरकार के स्वामित्व में है।

भारतीय रिज़र्व बैंक के प्राथमिक कार्य

  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 को प्रबंधित करना

  • मौद्रिक नीति तैयार करना, कार्यान्वयन और निगरानी करना

  • बैंकिंग संचालन के मापदंडों को निर्धारित करना

  • केन्द्रीय और राज्य सरकार के लिए मर्चेंट बैंकिंग फ़ंक्शन

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने 83 वर्षों के प्रयासों में आधुनिक बैंकिंग प्रथाओं के साथ ठोस क्रेडिट संरचना बनाने में एक प्रशंसनीय सेवा की है। ब्याज दरों की स्थिर संरचना, रुपए के विनिमय मूल्य में स्थिरता, सस्ती प्रेषण सुविधाएं, सार्वजनिक ऋण का सफल प्रबंधन, ध्वनि बिल बाजार का विकास और ऋण के तर्कसंगत आवंटन, विभिन्न वर्षों में बैंकरों के बैंक रिजर्व बैंक की कुछ उपलब्धियां हैं, जिसने न केवल इसमें योगदान दिया है बल्कि आर्थिक विकास पर भी बैंकिंग क्षेत्र में सार्वजनिक विश्वास को बढ़ाया है।


7. भारत 2023 में जी20 के सम्मेलन की मेजबानी करेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) समेत जी20 (G20) के सदस्य देशों के नेताओं ने रविवार को इस बात पर जोर दिया कि सभी के लिए कोविड-19 (Covid-19) के निदान, उपचार और टीके किफायती और समान तरीके से उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी उन्होंने महामारी के मद्देनजर लोगों की जिंदगियों, रोजगारों और आय की सुरक्षा के लिए हरसंभव नीतिगत साधनों के उपयोग का भी संकल्प लिया जी20 के सदस्य देशों के नेताओं के दो दिवसीय सम्मेलन के बाद अंतिम घोषणापत्र जारी किया गया सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भी भाग लिया नेताओं ने यह घोषणा भी कि 2023 में समूह के सम्मेलन (G20 Summit) की मेजबानी भारत करेगा

जी20 रियाद सम्मेलन में नेताओं का घोषणापत्र दुनिया की शीर्ष 20 अर्थव्यवस्थाओं के शासन प्रमुखों या राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन के समापन पर जारी किया गया इसमें नेताओं ने कहा है कि 2020 में महामारी की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है, वहीं वैश्विक आर्थिक गतिविधियां आंशिक रूप से बढ़ी हैं और ‘‘हमारी अर्थव्यवस्थाएं धीरे-धीरे फिर से खुली हैं तथा हमारी महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों के सकारात्मक प्रभाव फलीभूत होने लगे हैं'' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था का उबरना ‘असमान, अत्यंत अनिश्चित और बढ़ते नकारात्मक जोखिमों पर निर्भर है'

जी20 के नेताओं ने धनशोधन रोधी/आतंकवाद वित्तपोषण रोधी नीतिगत कार्रवाइयों का भी समर्थन किया जिनका विवरण कोविड-19 पर एफएटीएफ के पत्र में है उन्होंने धनशोधन, आतंकवाद के वित्तपोषण तथा शस्त्र प्रसार के लिए आर्थिक मदद की रोकथाम के लिहाज से वैश्विक मानक निर्धारण इकाई के तौर पर ‘वित्तीय कार्रवाई कार्य बल' (एफएटीएफ) के प्रति अपना समर्थन दोहराया

नेताओं ने घोषणापत्र में कहा, ‘‘हम इन खतरों के सभी स्रोतों, तकनीकों और माध्यमों से निपटने की अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराते हैं हम एफएटीएफ के क्षेत्रीय इकाइयों के वैश्विक नेटवर्क को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराते हैं जिसमें परस्पर मूल्यांकनों में उनकी विशेषज्ञता का समर्थन करना तथा एफएटीएफ के वैश्विक मानकों के पूरी तरह, प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन का आह्वान करना शामिल है''

जी20 नेताओं ने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी और लोगों की जिंदगियों, रोजी रोटी तथा अर्थव्यवस्थाओं पर असर के लिहाज से इसके अभूतपूर्व प्रभाव ने ऐसा झटका दिया है कि तैयारियों