Search

21 June 2020 Hindi Current Affairs


21 जून : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

योग का अभ्यास करने के कई लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उदेश्य से विश्व भर में 21 जून, 2019 को पांचवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। इस वर्ष का विषय “स्वास्थ्य के लिए योग – घर पर योग” है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IYD)

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने का विचार सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्र्स्तवित किया गया था। बाद में दिसंबर 2014 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा सर्वसम्मति से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गयी। यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र की ‘वैश्विक स्वास्थ्य और विदेश नीति’ की कार्यसूची के तहत अपनाया गया था। इस दिवस के लिए 21 जून की तारीख का चयन इसलिए किया गया क्योंकि यह दिन उत्तरी गोलार्ध (ग्रीष्मकालीन संक्रांति) का सबसे लंबा दिन होता है जिसका दुनिया के कई हिस्सों में विशेष महत्व है, साथ ही आध्यात्मिक कार्यों के लिए भी यह दिन विशेष माना जाता है। 21 जून 2015 को विश्व का पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईवाईडी) मनाया गया था।


21 जून: विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस

हाइड्रोग्राफी (जल सर्वेक्षण) आज की दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिकाओं में से एक है, जो नक्शे और समुद्री चार्ट के माध्यम से पृथ्वी की सतह पर पानी से ढके हुए क्षेत्र के नौगम्य भाग की भौतिक विशेषता का वर्णन करता है। हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के बिना, जहाजों या मछली पकड़ने वाली नौकाओं के लिए नेविगेशन बहुत मुश्किल होता।

मुख्य बिंदु

अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन (International Hydrographic Organization) की स्थापना 21 जून, 1921 को की गयी थी। हाइड्रोग्राफी के महत्व को उजागर करने के लिए 29 नवंबर, 2005 को प्रस्ताव ‘ए / 60/30 महासागरों और समुद्र के कानून’ को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अंगीकृत किया गया था। 2006 से 21 जून को विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस के रूप में मान्यता दी गई थी।

अक्टूबर 2019 तक, अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन (International Hydrographic Organization) के कुल 93 सदस्य देश हैं।

2020 विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस का विषय: हाइड्रोग्राफी- स्वायत्त प्रौद्योगिकियों को सक्षम बनाना


42 करोड़ नागरिकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत 65,454 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई

केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा  उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (PMGKP) के माध्यम से देश भर में 42 करोड़ नागरिकों के कुल 65,454 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। यह राशि 3 रूपों में वितरित की गई थी: (i) प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों को जैसे कि महिला जनधन खाता धारक, वरिष्ठ नागरिक / गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के तहत पंजीकृत / विधवाओं, किसान (पीएम-किसान) आदि (ii) उज्ज्वला योजना के तहत पंजीकृत महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर प्रदान करके (iii) बीपीएल कार्डधारकों के रूप में पंजीकृत सभी परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करके।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (PMGKP)

इस पैकेज की घोषणा वित्त मंत्री द्वारा 26 मार्च, 2020 को की गई थी।  इसका उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए Covid 19 महामारी की वजह से देश भर में लॉकडाउन के समय में आर्थिक सहायता प्रदान करना था। इस पैकेज के तहत कुल 1.70 लाख करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी।

2 views0 comments

Recent Posts

See All