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1st September | Current Affairs |MB Books


1. भारतीय मूल के प्रीतम सिंह बने सिंगापुर में विपक्ष के पहले नेता

सिंगापुर (Singapore) में भारतीय मूल के नेता प्रीतम सिंह (Pritam Singh) ने यहां विपक्ष के पहले नेता का पद संभालने के साथ ही इतिहास रच दिया। संसद ने सोमवार को उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी। प्रीतम सिंह की वर्कर्स पार्टी 10 जुलाई को हुए आम चुनाव में 93 में से 10 सीटें जीतकर सिंगापुर के संसदीय इतिहास में सबसे बड़े विपक्ष के रूप में उभरी है।

सत्र की शुरुआत में नेता सदन इंद्राणी राजा ने 43 वर्षीय सिंह को औपचारिक रूप से देश में विपक्ष के पहले नेता के तौर पर मान्यता दी। भारतीय मूल की इंद्राणी राजा सत्तारूढ़ पीपल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) की नेता हैं। पीएपी का 83 सदस्यों के साथ सदन में बहुमत हैं।

चैनल न्यूज एशिया के मुताबिक सिंह अब प्रधानमंत्री ली सीन लांग के ठीक सामने बैठेंगे। प्रीतम सिंह ने अपने भाषण में विदेशियों और वे जिन हालात में रह रहे हैं, उन पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया। न्यूज एशिया ने सिंह के हवाले से कहा, ‘‘उनकी (विदेशियों की) मौजूदगी सिंगापुर को वह जीवंतता देती है जो हमें आर्थिक रूप से प्रासंगिक बनाती है और हमारे साथी सिंगापुर वासियों को नौकरियां और अवसर देती है।''


2. कैलास-मानसरोवर इलाके में मिसाइल साइट बना रहा चीन, जानें वजह

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत और चीन सीमा विवाद के चलते, चीन ने कैलाश-मानसरोवर में एक झील के पास मिसाइल साइट का निर्माण किया है, जहां वो जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल बना रहा है। यह झील कैलाश-मानसरोवर का हिस्सा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मिसाइल की तैनाती चीन की ओर से जारी आक्रामक उकसावे का हिस्सा है। इससे दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और जटिल हो सकता है। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव अभी जारी है। दोनों देशों की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में आमने-सामने खड़ी हैं।

भारत-चीन में तनाव जारी

चीन के इस कदम से भारत के साथ उसके संबंध सीमा पर और भी तनावपूर्ण होने के पूरे आसार हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने कैलास-मानसरोवर के इलाके में न केवल अपनी सैन्य तैनाती को बढ़ाया है। बल्कि, वह मानसरोवर के पास एक मिसाइल साइट का निर्माण भी कर रहा है। कैलास-मानसरोवर के पास डीएफ-21 नाम की मिसाइल तैनात की गई है। यह मध्यम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल 2,200 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है।

कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील: एक नजर में

कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील, जिसे आमतौर पर कैलाश-मानसरोवर स्थल के रूप में जाना जाता है, चार धर्मों द्वारा पूजनीय है और भारत में सांस्कृति और आध्यात्मिक शास्त्रों से जुड़ा हुआ है। हिंदू इस स्थल को शिव और उनकी पत्नी पार्वती का निवास मानते हैं, तिब्बती बौद्ध लोग पहाड़ को कंग रिंपोछे कहते हैं। जैन इस पहाड़ को अस्तपद कहते हैं और इसे वह स्थान माना जहां उनके 24 आध्यात्मिक गुरुओं में से प्रथम ने मोक्ष प्राप्त किया। तिब्बत का बौद्ध पूर्व धर्म बोन्स के अनुयायी इस पर्वत को आकाश की देवी सिपाईमेन का निवास स्थान बताया। यह पवित्र स्थल सिंधु, ब्रह्मपुत्र, सतलज और कर्णाली (गंगा की एक प्रमुख सहायक नदी) का उद्गम स्थल भी है।

पृष्ठभूमि

भारत और चीन के बीच अप्रैल-मई से ही तनातनी जारी है। पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की। इस घुसपैठ का भारतीय सैनिकों ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। गलवान घाटी में 15 जून 2020 को दोनों देश के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। चीन के भी कई सैनिक हताहत हुए लेकिन उसने अभी तक संख्या का खुलासा नहीं किया है। दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी चल रही है।

3. यूएई के DMCC ने लॉन्च किया "Agriota E-Marketplace"

कमोडिटीज ट्रेड एंड एंटरप्राइज पर दुबई प्राधिकरण, दुबई मल्टी कमोडिटीज सेंटर (DMCC) ने एक प्रौद्योगिकी-संचालित एग्री-कमोडिटी ट्रेडिंग और सोर्सिंग प्लेटफॉर्म "Agriota E-Marketplace" शुरू किया है।

ब्लॉकचेन का उपयोग करने वाला यह प्लेटफॉर्म भारत में लाखों ग्रामीण किसानों और यूएई के खाद्य उद्योग के बीच के अन्तर को कम करने में मदद करेगा।

एग्रीओटा प्लेटफार्म भारतीय किसानों को यूएई में संपूर्ण खाद्य उद्योग से सीधे जोड़ेगा, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण कंपनियां, व्यापारी और थोक व्यापारी भी शामिल हैं।

ई-मार्केटप्लेस उन्हें बिचौलियों से बचाएगा और आपूर्ति श्रृंखला का अनुकूलन करने में सक्षम करेगा।

दुबई मल्टी कमोडिटीज सेंटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी: अहमद बिन सुलेयम

UAE के राष्ट्रपति: शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान

यूएई की राजधानी: अबू धाबी

मुद्रा: संयुक्त अरब अमीरात दिरहम


4. DGCA ने फिर बढ़ाया प्रतिबंध, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 30 सितंबर तक जारी रहेगी पाबंदी

केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कॉमर्शियल उड़ानों की आवाजाही पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है। सरकार ने कुछ उड़ानों को छोड़ भारत से दूसरे देशों में आने और जाने वाली उड़ानों पर रोक को बढ़ा दिया है। कोरोना वायरस के मद्देनजर भारत में 23 मार्च से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें निलंबित हैं।

नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 31 अगस्त 2020 को कहा कि सभी निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें 30 सितम्बर तक निलंबित रहेंगी। डीजीसीए ने एक परिपत्र में कहा कि सक्षम प्राधिकारियों द्वारा कुछ चुनिंदा मार्गों पर मामलों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय निर्धारित उड़ानों को अनुमति दी जा सकती है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 23 मार्च से प्रतिबंध

मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 23 मार्च से प्रतिबंध लगा है। केवल विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के वंदे भारत मिशन के तहत विमान दूसरे देशों में जा रहे हैं। साथ ही गृह मंत्रालय द्वारा स्वीकृत उड़ानों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं है। इसी प्रकार ऑल कार्गो उड़ान भी इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) में बदलाव किया था और एयरलाइन कंपनियों को भोजन परोसने की अनुमति दी थी। यात्रियों को अब एयरलाइंस की नीति के मुताबिक, पहले से पैक हुए भोजन, स्नैक्स और पेय पदार्थ परोसा जा सकता है।

'नो-फ्लाई लिस्ट': एक नजर में

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइंस से उन यात्रियों को 'नो-फ्लाई लिस्ट' में डालने के लिए कहा है जो उड़ान के दौरान मास्क नहीं पहनते हैं और कोविड-19 एसओपी का उल्लंघन करते हैं। मालूम हो कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इन-फ्लाइट मनोरंजन की भी अनुमति दे दी गई।

वंदे भारत मिशन

विदेश मंत्रालय ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सरकार द्वारा 07 मई को ‘वंदे भारत’ मिशन शुरू करने के बाद से अब तक लगभग 12 लाख से अधिक भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में वंदे भारत मिशन का पांचवां चरण चल रहा है और इसके तहत 26 अगस्त तक 12 लाख से अधिक भारतीयों को वापस लाया जा चुका है। वंदे भारत मिशन का छठा चरण एक सितंबर से शुरू होगा।

तेजी से बढ़ रहा कोरोना

देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़कर 36 लाख के पार पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 31 अगस्त 2020 को सुबह जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 78 हजार 512 नए मामले सामने आए और इस दौरान 971 लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही देश में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 36,21,246 हो गई है। वहीं, अब तक 64,469 लोग इस जानलेवा वायरस के शिकार बन चुके हैं। देश में अभी 7,81,975 एक्टिव मामले हैं।

5. CISF ने पेंशनभोगियों के लिए विकसित की "Pensioners Corner" मोबाइल ऐप

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Force-CISF) ने अपने कर्मियों के लिए "Pensioners Corner" मोबाइल ऐप विकसित की है।

इस मोबाइल ऐप को CISF द्वारा पेंशनभोगियों तक पहुंचने और उन्हें वन स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए तैयार किया गया है।

मोबाइल ऐप "पेंशनर्स कॉर्नर" के जरिए CISF , देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व-सेना कर्मियों के आत्म सम्मान को बढ़ाने के लिए उन तक पहुंच बनाएगा।

इस मोबाइल ऐप में इनबिल्ट शिकायत निवारण सुविधा शामिल है और साथ ही, इसमें सभी महत्वपूर्ण परिपत्र जैसे नौकरी के अवसर और पेंशनभोगियों से संबंधित लाभों के बारे में जानकारी शामिल होगी।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक: राजेश रंजन


6. पश्चिम बंगाल में लगाया गया दुनिया का सबसे बड़ा सौर वृक्ष

केंद्रीय यांत्रिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (CMERI), दुर्गापुर ने अपनी आवासीय कालोनी में एक विशाल सौर वृक्ष लगाया है। दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे विशाल सौर वृक्ष है। इस सौर वृक्ष का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि इसके प्रत्येक सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) पैनल को सूरज की रोशनी मिल सके। वहीं, यह भी ध्यान रखा गया है कि इसके नीचे बेहद कम हिस्से में छाया पड़े।

CMERI के निदेशक प्रोफेसर हरीश हिरानी ने बताया कि इस सौर वृक्ष की क्षमता रोजाना आधार पर 11.5 केडब्ल्यूपी (किलोवाट पीक) है। वहीं इसकी सालाना क्षमता 12,4000-14,000 स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा पैदा करने की है। सीएमईआरआई वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के तहत काम करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे द्वारा तैयार किए गए वृक्ष में ऊर्जा के उत्पादन के साथ-साथ पीवी पैनलों की संख्या, दुनिया में सबसे ज्यादा है।'' इस संस्थान के प्रवक्ता ने बताया कि उनके पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार दुनिया का सबसे बड़ा सौर वृक्ष यूरोप में है, जिससे नियमित 8.6 केडब्ल्यूपी ऊर्जा का उत्पादन होता है जो कि इस वृक्ष से कम है।


7. राजीव कुमार ने संभाली कुर्सी, जानिए कौन हैं नए चुनाव आयुक्त

पूर्व नौकरशाह राजीव कुमार (Rajeev Kumar) ने मंगलवार को नए चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्हें अशोक लवासा (Ashok Lawasa) के स्थान पर चुनाव आयुक्त बनाया गया है। लवासा एशियाई विकास बैंक के उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। झारखंड कैडर के 1984 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी कुमार का कार्यकाल पांच साल का होगा और वह 2025 में सेवानिवृत्त होंगे।

वह साल 2024 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव के समय मुख्य चुनाव आयुक्त हो सकते हैं। नियमानुसार, चुनाव आयुक्त का कार्यकाल छह साल या 65 वर्ष की आयु में से जो भी पहले हो, उस समय तक होता है। कुमार का जन्म फरवरी, 1960 में हुआ था।

राजीव कुमार ने 36 से अधिक वर्षों की सेवा के दौरान केंद्र और बिहार-झारखंड राज्य कैडर में विभिन्न मंत्रालयों में काम किया। वह इस साल फरवरी में केंद्रीय वित्त सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए और उन्हें 29 अप्रैल को सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड (PESB) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।


8. भारत में पिछले 24 घंटे में दर्ज हुए 69,921 नए COVID-19 केस, कोरोनावायरस से 819 की मौत

Coronavirus in India: देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और अब यब आंकड़ा 37 लाख से कुछ कदम दूर ही रह गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश में 69,921 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 36,91,166 हो गई है, वहीं इस दौरान 819 लोगों की मौत हुई है, कुल मृतकों की संख्या 65,288 हो गई है। देश में इस वक्त कुल 7,85,996 मामले एक्टिव हैं। वहीं बात करें इस वायरस को मात देकर ठीक होने वाले लोगों की तो आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों में 65,081 मरीज इस वायरस को हराकर अपने घर जाने में कामयाब हुए हैं, वहीं अब तक कुल 28,39,882 मरीज ठीक हो चुके हैं।

ICMR के आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक कुल 4,32,56,374 लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है जबकि पिछले 24 घंटों में 9,48,460 लोगों के सैंपल इकट्ठे किए गए हैं। रिकवरी रेट मामूली बढ़ोतरी के साथ करीब 77 फीसदी (76.93%) हो गया है। तो वहीं डेथ रेट 1.76 फीसदी पर बना हुआ है। बात करें पॉजिटिविटी रेट की तो यह 7.37 फीसदी हो गया है।

वहीं राज्यवार आंकड़ों को समझें तो बीते 24 घंटों में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र (11,852) में देखने को मिले। दूसरे नंबर आंध्र प्रदेश 10,004 संक्रमितों के साथ पहुंच गया है। इसके बाद कर्नाटक में 6495, तमिलनाडु में 5956 और उत्तर प्रदेश में 5956 नए मामले सामने आए हैं।

वहीं बात करें राज्यवार मृतकों की संख्या की, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 184 लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हुई है। 24 घंटों में मृतकों के मामले में कर्नाटक दूसरा राज्य है जहां 113 लोगों की मौत हुई है। वहीं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश क्रमश: 91, 85 और 63 मौतों के साथ तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर पर आता हैं।

9. केरल में स्थापित किया जाएगा भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला व्यापार केंद्र

केरल अंगमाली में भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला व्यापार केंद्र (International women’s trade centre) स्थापित करेगा।

केरल द्वारा IWTC संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) के अनुरूप स्थापित किया जाएगा।

IWTC महिला उद्यमिता में तेजी लाने और लिंग समानता को बनाए रखने का प्रयास है।

इसके अलावा यह नए व्यवसायों को शुरू करने, स्थापित करने या विस्तार करने और उनके उत्पादों को दुनिया भर के बाजारों तक पहुँचाने के लिए घर से दूर महिलाओं को एक सुरक्षित स्थान भी प्रदान करेगा।

केरल के मुख्यमंत्री: पिनाराई विजयन

राज्यपाल: आरिफ मोहम्मद खान

10. यूपी सरकार ने शुरू की "मेजर ध्यानचंद विजयपथ योजना"

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू "मेजर ध्यानचंद विजयपथ योजना" की शुरुआत गई है।

इस योजना के तहत, उत्तर प्रदेश राज्य के 19 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के घरों तक पक्की सड़क बनाई जाएगी।

इस योजना से लाभान्वित होने वाले 19 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों है -भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार, पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार, पीयूष चावला और मोहम्मद कैफ।

शुरुआत में लाभार्थियों की सूची में 19 खिलाड़ी को शामिल किया गया हैं, और आने वाले समय में इसमें और अधिक खिलाड़ियों को इस योजना में जोड़ा जाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री: योगी आदित्य नाथ

राज्यपाल: आनंदीबेन पटेल

11. गुजरात में 31 अक्टूबर 2020 से शुरू हो जाएगी सीप्लेन सेवा

पहली बार "गुजरात में सीप्लेन सेवा" 31 अक्टूबर 2020 से शुरू की जाएगी।

सीप्लेन सेवा अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट से गुजरात में केवडिया के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक निर्बाध और किफायती हवाई यात्रा प्रदान करेगी।

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर शुरू की जाने वाली सीप्लेन सेवा का संचालन स्पाइसजेट एयरलाइन करेगी।

गुजरात सरकार ने राज्य में सीप्लेन सेवा शुरू करने के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री: विजयभाई आर रूपानी

राज्यपाल: आचार्य देव व्रत

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (I / C): हरदीप सिंह पुरी


12. बड़ी खबर... भारत में जीडीपी वृद्धि दर शून्य से 23.9 प्रतिशत नीचे लुढ़की

कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण से निटपने के लिए लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के कारण अप्रैल से जून के दौरान चालू वित्त वर्ष की तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर शून्य से 23.9 प्रतिशत नीचे लुढ़क गया।

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केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी जीडीपी के तिमाही आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह दर 5.2 प्रतिशत रही थी। लॉकडाउन के कारण देश में आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद हो गई थी।

मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर मई मध्य तक पूरे देश में पूर्ण बंदी रही थी। इसके बाद सरकार ने चरणबद्ध तरीके से सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करते हुये विनिर्माण सहित विभिन्न गतिविधियों को शुरू करने की अनुमति दी थी और अब तक सभी क्षेत्र कोरोना से पहले की स्थिति में काम नहीं कर रहे हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी 2689556 करोड़ रुपए रहा है जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 3535267 करोड़ रुपए की तुलना में 23.9 प्रतिशत कम है। इस तरह से देश के जीडीपी की वृद्धि दर शून्य से 23.9 प्रतिशत नीचे रही है।

सरकार का वित्तीय घाटा 103 प्रतिशत पर पहुंचा : चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीने में अप्रैल से जुलाई तक सरकार का वित्तीय घाटा बजट अनुमान के 103 प्रतिशत को पार कर गया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 4 महीने में कोरोना काल के दौरान वित्तीय घाटा 8.21 लाख करोड़ रुपए रहा है। इस अवधि में कुल कर राजस्व संग्रह 2.03 लाख करोड़ रुपए रहा जबकि कुल व्यय 10.5 लाख करोड़ रुपए रहा।

कोरोना वायरस से निटपने के लिए सरकार द्वारा किए गए व्यापक स्तर पर व्यय और लॉकडाउन के कारण कर राजस्व में गिरावट आने के कारण वित्तीय घाटा बजट अनुमान को पार कर गया है।

13. दिग्गज एथलेटिक कोच पुरुषोत्तम राय का निधन

भारत के पूर्व एथलेटिक कोच पुरुषोत्तम राय का निधन।

पूर्व कोच भारत में किसी कोच को दिए जाने सर्वोच्च खेल पुरस्कार द्रोणाचार्य पुरस्कार लेने से कुछ घंटे पहले निधन हो गया।

वह एथलेटिक्स में द्रोणाचार्य पुरस्कार जीतने वाले कर्नाटक के तीसरे व्यक्ति बन गए है।

उन्होंने ओलंपियन क्वार्टर-मिलर वंदना राव, हेमपैथलेट प्रमिला अयप्पा, अश्विनी नचप्पा, मुरली कुट्टन, एमके आशा, ईबी शायला, रोजा कुट्टी और जीजी प्रमिला जैसे शीर्ष एथलीटों को तैयार किया था।

पुरुषोत्तम राय के नाम की घोषणा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2020 के अन्य विजेताओं के साथ वर्ष 2020 के द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए की गई थी।

उन्होंने 1987 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप, 1988 के एशियन ट्रैक एंड फील्ड चैंपियनशिप और 1999 के एसएएफ गेम्स के लिए भारतीय टीम को प्रशिक्षित किया था।


14. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 84 वर्ष की उम्र में निधन : 7 दिन के राजकीय शोक की घोषणा

पूर्व राष्ट्रपति (Former President) प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) का 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटे अभ‍िजीत मुखर्जी (Abhijit Mukherjee) ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। सेना के अनुसंधान एवं रेफरल अस्पताल में भर्ती मुखर्जी की हालत सोमवार को और बिगड़ गई थी। अस्पताल ने बताया था कि मुखर्जी का स्वास्थ्य सोमवार को और खराब हो गया गिरावट दर्ज की गई क्योंकि उन्हें फेफड़े में संक्रमण की वजह से सेप्टिक शॉक लगा है। पूर्व राष्ट्रपति को 10 अगस्त को यहां अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनकी मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। बाद में उनके फेफड़ों में भी संक्रमण हो गया था। अस्पताल में उनका इलाज विशेषज्ञों की एक टीम कर रही थी।

भारत के चहेते राष्ट्रपतियों में शुमार 84 साल के प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) दिल्ली में आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल में भर्ती थे। उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उनकी हालत नाजुक होने के चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनके ब्रेन में एक थक्का (Clot) बन गया था, जिसको निकालने के लिए ऑपरेशन किया गया था।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभ‍िजीत मुखर्जी ने ट्वीट करके लिखा, ''भारी मन के साथ, आपको यह सूचित करना है कि मेरे पिता श्री प्रणव मुखर्जी का अभी आरआर अस्पताल के डॉक्टरों के सर्वोत्तम प्रयासों और पूरे भारत में लोगों से मिली दुआओं और प्रार्थनाओं के बावजूद निधन हो गया है! मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूं।''

बता दें कि भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के जाने पर पूरे देश में शोक की लहर है। नेताओं से लेकर आम जनता उन्हें श्रद्धांजलि दे रही है। राष्ट्रपति को महामहिम कहे जाने की रीति से ऐतराज करने वाले प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के राष्ट्रपति थे। उनका राजनीतिक जीवन 40 सालों से भी ज्यादा लंबा रहा है। कांग्रेस पार्टी में रहते हुए उन्होंने विदेश से लेकर रक्षा, वित्त और वाणिज्य मंत्री तक की भूमिका निभाई।

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