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19th June | Current Affairs | MB Books


1. 19 जून : विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस

विश्व सिकल सेल दिवस हर साल 19 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 22 दिसंबर, 2008 को सिकल सेल रोग को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता देने के लिए एक प्रस्ताव अपनाया।

मुख्य बिंदु : यह एक अनुवांशिक रोग है, इसमें लाल रक्त कोशिकाएं गोलाकार के बजाय दरांती (sickle) के आकार की होती हैं। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूज़न की ज़रुरत पड़ती है। इस रोग के लक्षण इस प्रकार हैं :

  • सांस लेने में तकलीफ

  • कमजोर प्रतिरक्षण क्षमता

  • बार-बार संक्रमण होना

  • शरीर का कम विकास

  • देखने में कठिनाई

  • हाथ व पैर में सूजन

सिकल सेल रोग (Sickle Cell Disease – SCD) क्या है? : SCD सबसे प्रचलित विरासत में मिला (inherited) रक्त विकार या आनुवंशिक लाल रक्त कोशिका विकार है। सिकल सेल विकार वाले लोगों के पास पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं होती हैं जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाती हैं। यह भारत में कई आदिवासी आबादी समूहों के बीच व्यापक है। कई लागत प्रभावी हस्तक्षेपों ने भारत में SCD से रुग्णता और मृत्यु दर को कम किया है। हालांकि, जनजातीय क्षेत्रों में SCD की देखभाल तक पहुंच सीमित है। SCD मुख्य रूप से झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिमी ओडिशा, पूर्वी गुजरात और उत्तरी तमिलनाडु और केरल की नीलगिरी पहाड़ियों में प्रचलित है।


2. भारत-भूटान : पर्यावरण के क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

भारत और भूटान ने पर्यावरण के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

मुख्य बिंदु :

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा एमओयू पर वर्चुअली हस्ताक्षर किए गए।

  • यह जलवायु परिवर्तन, कचरा प्रबंधन आदि के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।

  • यह समझौता ज्ञापन भारतीय और भूटानी साझेदारी को बढ़ाने और वायु प्रदूषण की रोकथाम, रासायनिक प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन आदि जैसे क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं का समर्थन और आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।

  • यह पारस्परिक हित के क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की संभावना भी प्रदान करता है।

  • यह तकनीकी, वैज्ञानिक और प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने और पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के क्षेत्रों का विस्तार करने का प्रयास करता है ताकि पारस्परिक रूप से लाभप्रद साझेदारी को बढ़ावा दिया जा सके।

समझौता ज्ञापन का प्रभाव : यह समझौता ज्ञापन सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के माध्यम से दोनों देशों के बीच अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करेगा और सतत विकास में योगदान देगा। हालांकि, इसके माध्यम से कोई महत्वपूर्ण रोजगार सृजन की परिकल्पना नहीं की गई है।


3. एंतोनियो गुतारेस लगातार दूसरी बार संयुक्त राष्ट्र महासचिव चुने गए

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को एंतोनियो गुतारेस को फिर से महासचिव नियुक्त किया है। उनका दूसरा कार्यकाल एक जनवरी 2022 से शुरू होगा। इससे पहले शक्तिशाली सुरक्षा परिषद ने 193 सदस्‍यीय संस्था के लिए गुतारेस के पुन: निर्वाचन की सर्वसम्मति से सिफारिश की थी। संरा महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष वोल्कन बोजकिर ने घोषणा की कि गुतारेस को फिर से संयुक्त राष्ट्र का महासचिव नियुक्त किया जाता है, उनका दूसरा कार्यकाल एक जनवरी 2022 से आरंभ होगा और 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा। बोजकिर ने 72 वर्षीय गुतारेस को संरा महासभा के हॉल में मंच पर शपथ दिलवाई। इससे पहले, आठ जून को 15 सदस्‍यीय परिषद की बैठक में महासचिव के पद के लिए सर्वसम्मति से गुतारेस के नाम की सिफारिश वाले प्रस्ताव को अपनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र में एस्टोनिया के राजदूत और जून महीने के लिए परिषद के अध्यक्ष स्वेन जुर्गेनसन ने बैठक के बाद कहा, हम सभी ने वास्तव में महासचिव को सक्रिय देखा है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वह शानदार महासचिव रहे हैं। वह दुनिया में संघर्ष वाले क्षेत्रों पर राय रखते हैं और वह सभी से बात कर सकते हैं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि महासचिव से यही अपेक्षा होती है और वह पहले ही पांच साल के कार्यकाल में काबिल साबित हुए हैं। भारत ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के रूप में गुतारेस के पुन: निर्वाचन के लिए समर्थन जताया है और उनके नाम की अनुशंसा वाले प्रस्ताव को अपनाए जाने का स्वागत किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि, राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट किया, भारत संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस को दूसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने की सिफारिश वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के पारित होने का स्वागत करता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में गुतारेस से मुलाकात की थी और दुनिया के शीर्ष राजनयिक के रूप में उनके दूसरे कार्यकाल के लिहाज से नई दिल्ली की ओर से समर्थन व्यक्त किया था।

जयशंकर ने बैठक के बाद एक ट्वीट में कहा था, भारत संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद के नेतृत्व को महत्व देता है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब समय चुनौतीपूर्ण हो। दूसरे कार्यकाल के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन जताया। बाद में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन द्वारा जारी वक्तव्य में भी जयशंकर के इस कथन को दोहराया गया।

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत महासचिव की नियुक्ति महासभा द्वारा सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर की जाती है। प्रत्‍येक महासचिव के पास दूसरे कार्यकाल का विकल्प होता है, यदि वे सदस्य राष्ट्रों से पर्याप्त समर्थन जुटा लें। संयुक्त राष्ट्र के नौवें महासचिव गुतारेस ने एक जनवरी, 2017 को शपथ ली थी और उनका पहला कार्यकाल इस साल 31 दिसंबर को समाप्त होगा। पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री गुतारेस जून, 2005 से दिसंबर, 2015 तक एक दशक के लिए संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी उच्चायुक्त रहे थे।

संयुक्त राष्ट्र के 75 वर्ष के इतिहास में कोई महिला महासचिव नहीं रही हैं और गुतारेस का पुन: निर्वाचन स्पष्ट करता है कि इस वैश्विक संस्था का नेतृत्व किसी महिला को 2026 के बाद ही मिल सकता है।


4. वैश्विक शांति सूचकांक (Global Peace Index) 2021 जारी किया गया

Institute for Economics and Peace (IEP) सिडनी द्वारा Global Peace Index (GPI) के 15वें संस्करण को हाल ही में जारी किया गया।

मुख्य बिंदु :

  • GPI वैश्विक शांति का विश्व का प्रमुख माप है।

  • यह सूचकांक 163 स्वतंत्र देशों और क्षेत्रों को उनकी शांति के स्तर के अनुसार रैंक करता है।

  • यह रिपोर्ट शांति की प्रवृत्तियों, इसके आर्थिक मूल्य पर एक व्यापक डेटा-संचालित विश्लेषण प्रदान करती है और शांतिपूर्ण समाजों को विकसित करने की सिफारिश करती है।

रैंकिंग :

  • 2008 के बाद से आइसलैंड दुनिया भर में सबसे शांतिपूर्ण देश है।

  • आइसलैंड डेनमार्क, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल और स्लोवेनिया जैसे अन्य देश सबसे शांतिपूर्ण हैं।

  • अफगानिस्तान लगातार चौथे वर्ष फिर से सबसे कम शांतिपूर्ण देश है।

  • इसके बाद यमन, सीरिया, दक्षिण सूडान और इराक का स्थान है।

भारत और उसके पड़ोसी :

  • भारत पिछले साल की रैंकिंग से दो पायदान ऊपर चढ़ गया है।यह 135वां सबसे शांतिपूर्ण देश बन गया है, जबकि दक्षिण एशिया क्षेत्र में 5वां शांतिपूर्ण देश है।

  • इस क्षेत्र में भूटान और नेपाल पहले और दूसरे सबसे शांतिपूर्ण हैं।

  • बांग्लादेश दुनिया भर के 163 देशों में से 91वें स्थान पर था जबकि दक्षिण एशिया में तीसरे स्थान पर था।

  • श्रीलंका 19वें स्थान की गिरावट के साथ 95वां शांतिपूर्ण देश बन गया, जबकि दक्षिण एशिया क्षेत्र में इसका चौथा स्थान है।

  • पाकिस्तान ने विश्व स्तर पर 150वीं रैंक हासिल की।

5. भारतीय डाक एक ‘Special Cancellation’ जारी करेगा

भारतीय डाक 21 जून, 2021 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के अवसर पर दिन के सार को कैप्चर करने के लिए एक ‘Special Cancellation’ जारी करने जा रहा है। यह 7वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एक अनूठी पहल है।

मुख्य बिंदु :

  • योग और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस वर्षों से डाक टिकट संग्रह के लिए लोकप्रिय विषय हैं।

  • डाक विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 2015 में दो स्मारक डाक टिकटों का एक सेट और एक लघु पत्रक लॉन्च किया था।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सूर्य नमस्कार पर स्मारक डाक टिकटों का एक सेट जारी किया था।

  • संयुक्त राष्ट्र डाक प्रशासन (UNPA) ने 2016 में न्यूयॉर्क में इस दिवस को मनाने के लिए 10 योग आसन दिखाते हुए टिकटों का एक सेट जारी किया था।

डाकघरों द्वारा गतिविधियाँ : दिल्ली के सभी डाकघर बुक किये जाने वाले डाक पर “Be with Yoga, Be at Home” संदेश चिपका रहे हैं। डाकघरों के आगंतुकों के बीच योग को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली के 60 डाकघरों में भी वीडियो चलाया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : यह दिन 2015 से 21 जून को प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इसे 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में स्थापित किया गया था।

भारतीय डाक (India Post) : इंडिया पोस्ट, जिसे पहले डाक विभाग के नाम से जाना जाता था, भारत की सरकार द्वारा संचालित डाक प्रणाली है। यह संचार मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में काम करता है। वारेन हेस्टिंग्स ने 1788 में ‘कंपनी मेल’ नाम से ब्रिटिश भारत में डाक सेवा शुरू की थी। लॉर्ड डलहौजी ने इसे 1854 में “क्राउन” के तहत एक सेवा में संशोधित किया।


6. MP हाईकोर्ट में 6 जजों की नियुक्ति, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुवाहाटी हाईकोर्ट और मध्यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय में नए जजों की नियुक्तियां की हैं। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के लिए 6 जजों की नियुक्ति के आदेश का गजट नोटिफिकेशन केंद्रीय लॉ एवं जस्टिस मंत्रालय ने जारी किया है। वहीं दूसरी ओर रॉबिन फुकन को गुवाहाटी उच्‍च न्‍यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। शुक्रवार शाम को जारी किए गए आदेश के अनुसार, अनिल वर्मा, अरुण कुमार शर्मा, सत्येंद्र कुमार सिंह, सुनीता यादव, दीपक अग्रवाल व राजेंद्र कुमार (वर्मा) को महामहिम राष्ट्रपति की ओर से मध्य प्रदेश उच्‍च न्‍यायालय में जजों के रूप में नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। जबकि रॉबिन फुकन को गुवाहाटी उच्‍च न्‍यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। वे 2 साल की अवधि के लिए पद संभालेंगे। न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 1 जून को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय 24 न्यायाधीशों के साथ काम कर रहा था और वहां 29 न्यायाधीशों के पद रिक्त थे।


7. IMD ने विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (World Competitiveness Index) जारी किया