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17th September | Current Affairs | MB Books


1. G20: भूमि क्षरण को कम करने के लिए वैश्विक पहल और कोरल रीफ प्रोग्राम को लांच किया गया

जी-20 पर्यावरण मंत्रियों की बैठक वर्चुअली आयोजित की गई थी। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया। बैठक को G20 लीडर्स समिट, 2020 के लिए शेरपा ट्रैक के एक भाग के रूप में आयोजित किया गया था।

मुख्य बिंदु

इस बैठक में भूमि क्षरण को कम करने के लिए वैश्विक पहल की शुरुआत की गई। यह बैठक निम्नलिखित विषय के तहत आयोजित की गई थी :

थीम: Realizing opportunities of 21st century for all

इस बैठक में थीम के तहत तीन मुख्य एजेंडे को संबोधित किया गया।

वे इस प्रकार हैं :

लोगों को सशक्त बनाने के लिए, ऐसी परिस्थितियाँ बनाएँ जहाँ सभी लोग रह सकें, काम कर सकें और विकसित हो सकें। यह समूह इस एजेंडे को लागू करते समय महिलाओं और युवाओं पर विशेष ध्यान देगा।

सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ग्रह की रक्षा करना

नई सीमाओं को आकार देने और दीर्घकालिक रणनीतियों और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना

भूमि क्षरण निम्नीकरण पर वैश्विक पहल (Global Initiative on Reducing Land Degradation)

इस पहल का मुख्य उद्देश्य मौजूदा ढांचे को मजबूत करना है। यह जी-20 सदस्य राज्यों के भीतर भूमि क्षरण को रोकेगा और इसे रिवर्स करेगा। यह कार्य सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के मार्ग में किया जायेगा।

सतत विकास लक्ष्य का उद्देश्य 2030 तक लैंड डिग्रेडेशन न्यूट्रैलिटी हासिल करना है।

कोरल रीफ प्रोग्राम (Coral Reef Programme)

इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रवाल भित्तियों के संरक्षण, रीस्टोरेशन और उन्हें अधिक क्षरण से बचाने के लिए अनुसन्धान और विकास को फ़ास्ट ट्रैक करना है।

शेरपा ट्रैक क्या है?

शेरपा ट्रैक मंत्रियों की बैठक है। शेरपा ट्रैक मुख्य रूप से शिक्षा, कृषि, जलवायु, डिजिटल अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार विरोधी, रोजगार, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य, व्यापार और निवेश पर केंद्रित है।

भारत का रुख

भारत ने बैठक में अपने राष्ट्रीय तटीय मिशन कार्यक्रम पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रीय तटीय मिशन कार्यक्रम (National Coastal Mission Programme)

इस मिशन को जलवायु परिवर्तन में राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत स्थापित किया गया था। इस मिशन के तहत, भारत सरकार का उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में तटरेखा और समुदायों की रक्षा करना है। साथ ही, यह तटीय क्षेत्रों में तटीय और समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को संबोधित करेगा।

एकीकृत तटीय क्षेत्र प्रबंधन परियोजना (Integrated Coastal Zone Management Project)

इसे 2010 में 1,400 करोड़ रुपये की लागत से लॉन्च किया गया था। यह परियोजना गुजरात, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में लागू की गई थी। इस परियोजना के तहत आश्रय बेल्ट वृक्षारोपण, मैंग्रोव वृक्षारोपण, प्रवाल प्रत्यारोपण, प्रदूषण उन्मूलन और आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने का काम किया गया।


2. भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (IBSA) विदेश मंत्रियों की बैठक विदेश मंत्री की अध्यक्षता में हुई

भारत के विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर ने IBSA के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की। IBSA में भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका हैं।

मुख्य बिंदु

इस बैठक के दौरान मंत्रियों ने शांति, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद से निपटने, बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली, अप्रसार मुद्दों, निशस्त्रीकरणण और दक्षिण-दक्षिण सहयोग जैसे मुद्दों पर सहमति व्यक्त की। वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने के लिए भी सहमत हुए।

नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों जैसे अफ्रीकी संघ, शांति और सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र आदि के साथ सहयोग करने पर भी सहमति व्यक्त की।

इसके अलावा, वे एजुलविनी सहमति और सिरते घोषणा के अनुसार अपने समर्थन का विस्तार करने के लिए सहमत हुए।

एजुलविनी सहमति

यह अफ्रीकी संघ द्वारा सहमत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर एक स्थिति है। एजुलविनी सहमति प्रतिनिधि और लोकतांत्रिक सुरक्षा परिषद का आवाहन करती है जहां अफ्रीका का प्रतिनिधित्व दुनिया के अन्य क्षेत्रों की तरह ही किया जाएगा।

एजुलविनी स्विट्जरलैंड में एक घाटी है। यहां समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे और इसलिए इस समझौते का नाम एजुलविनी रखा गया है।

मांगे

निम्नलिखित मांगों को अफ्रीकी संघ ने एजुलविनी सहमति (Ezulwini Consensus) के माध्यम से रखा था :

अफ्रीकी संघ ने कम से कम दो स्थायी सीटों और सुरक्षा परिषद में पांच गैर-स्थायी सीटों की मांग की

इसके अलावा, अफ्रीकी संघ यह चुनेगा कि किन अफ्रीकी सरकारों को सीटें मिलेंगी

यह ECOSOC को मजबूत बनाने के लिए मांग करता है

सिरते घोषणा

एजुलविनी सहमति के बाद सिरते घोषणा हुई। इसे अफ्रीकी संघ ने भी अपनाया था। ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनिटी के चौथे सत्र में सिरते डिक्लेरेशन को अपनाया गया। सिरते घोषणा ने निम्नलिखित की घोषणा की:

अफ्रीकी संघ की स्थापना

अबूजा संधि के कार्यान्वयन में तेजी

अफ्रीकन कोर्ट ऑफ जस्टिस, अफ्रीकन सेंट्रल बैंक, अफ्रीकी आर्थिक समुदाय और अफ्रीकी संसद का निर्माण

अफ्रीकी संघ

यह 55 सदस्य देशों के साथ एक संघ है। इसकी स्थापना 2001 में अदीस अबाबा में हुई थी। अफ्रीकी संघ का मुख्य उद्देश्य आर्गेनाइजेशन ऑफ़ अफ्रीकन यूनिटी को रीप्लेस करना था। इसका उद्देश्य अफ्रीकी देशों के बीच अधिक से अधिक एकता हासिल करना है। इसके अलावा, इसका उद्देश्य महाद्वीप में सामाजिक आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना और बचाव करना है।


3. भारत जिबूती आचार संहिता का पर्यवेक्षक बना

16 सितंबर, 2020 को भारत एक पर्यवेक्षक के रूप में जिबूती आचार संहिता में शामिल हो गया है। जिबूती आचार संहिता को जेद्दा संशोधन भी कहा जाता है।

जिबूती आचार संहिता क्या है? (Djibouti Code of Conduct)

यह एक क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सहयोग समझौता है। इसे 2008 में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) द्वारा स्थापित किया गया था।

इस समूह में 19 सदस्य देश शामिल हैं, जो अदन की खाड़ी, लाल सागर, अफ्रीका के पूर्वी तट और हिंद महासागर क्षेत्र से सटे हैं। भारत हाल ही में एक पर्यवेक्षक बन गया है। इस समूह के अन्य पर्यवेक्षक नॉर्वे, जापान, यूके और अमेरिका हैं।

जिबूती आचार संहिता के सदस्य देश इरिट्रिया, इथियोपिया, मिस्र, कोमोरोस, जॉर्डन, जिबूती, मालदीव, केन्या, मेडागास्कर, मोजाम्बिक, ओमान, मॉरीशस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, सेशेल्स, सोमालिया, संयुक्त अरब अमीरात, यमन, संयुक्त राज्य अमेरिका और तंजानिया गणराज्य हैं।

जिबूती आचार संहिता के तहत, देश निम्नलिखित पर सहमत हुए :

उन लोगों की जांच, गिरफ्तारी और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए, जिन पर चोरी की वारदातें, डकैती की वारदातें होने का शक है।

संदिग्ध जहाजों को रोकना और जहाज़ पर मौजूद परिसंपत्ति को जब्त करना

चोरी और सशस्त्र डकैती से प्रभावित व्यक्तियों, संपत्ति और जहाजों की रक्षा करना। इस तरह के कृत्यों के शिकार हुए मछुआरों और यात्रियों को समुचित देखभाल और उपचार की सुविधा प्रदान करना

अधिकृत अधिकारियों को दूसरे हस्ताक्षरकर्ता देश के गश्ती जहाजों को संचालन की अनमति प्रदान करना।

सांकेतिक राज्यों के बीच साझा संचालन

जेद्दा समझौता

संशोधित जिबूती आचार संहिता को जेद्दा समझौता कहा जाता है। इस समझौते के तहत, देश सतत विकास को सक्षम करने के लिए समुद्री सुरक्षा मुद्दों को संबोधित करने के लिए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय क्षमता के निर्माण के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। जेद्दा समझौते के तहत, देश निम्नलिखित पर सहयोग करने के लिए सहमत हुए :

ऐसे अंतर्द्वंद्व जहाज या विमान जिनमें अपराध होने की आशंका है

जानकारी साझा करने के लिए

यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोगों की गैरकानूनी गतिविधियों पर मुकदमा चलाया जाए

समुचित देखभाल, प्रत्यावर्तन, समुद्री अपराध पीड़ितों का उपचार।

इनके अलावा, जेद्दा समझौते में सतत आर्थिक विकास, खाद्य सुरक्षा, रोजगार, समृद्धि और स्थिरता का समर्थन करने के लिए “नीली अर्थव्यवस्था” के महत्व पर जोर दिया गया है। जेद्दा समझौते के तहत प्रतिभागियों ने समुद्री क्षेत्र और एक स्थायी नीली अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति विकसित करने पर सहमति व्यक्त की।


4. विश्व बैंक मानव पूंजी सूचकांक: भारत 116वें स्थान पर पहुंचा

17 सितंबर, 2020 को विश्व बैंक ने वार्षिक मानव पूंजी सूचकांक जारी किया। भारत ने वार्षिक मानव पूंजी सूचकांक में 116वाँ स्थान प्राप्त किया है। सूचकांक पूरी दुनिया में मानव पूंजी के प्रमुख घटकों को मापता है।

2018 में, भारत का स्कोर 0.44 था। अब यह 2020 में बढ़कर 0.49 हो गया है।

मुख्य बिंदु

मानव पूंजी सूचकांक में 174 देशों का शिक्षा और स्वास्थ्य डेटा शामिल हैं। यह दुनिया की आबादी का 98 प्रतिशत कवर करता है। यह शिक्षा और स्वास्थ्य पर एक पूर्व-महामारी संबंधी आधार रेखा प्रदान करता है।

रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष

2019 में भारत 157 देशों में से 115वें स्थान पर था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 बिलियन से अधिक बच्चे स्कूल से बाहर हैं।

महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण व्यवधान हैं।

कई बच्चों को उनके महत्वपूर्ण टीकाकरण से बाहर सूचीबद्ध किया गया है।

रिपोर्ट में पाया गया है कि प्रेषण में एक बड़ी गिरावट आई है और कुल आय में 11% से 12% की गिरावट आई है।

मानव पूंजी सूचकांक

इस सूचकांक की गणना तीन स्तंभों के आधार पर की जाती है। वे हैं : उत्तरजीविता, स्कूल और स्वास्थ्य। स्कूल श्रेणी के तहत सूचकांक की गणना में शिक्षा की मात्रा और गुणवत्ता शामिल है। स्वास्थ्य श्रेणी में, अन्य उत्तरजीविता दर और बच्चों का स्वस्थ विकास शामिल हैं।

मानव पूंजी सूचकांक और मानव विकास सूचकांक से कैसे भिन्न है?

मानव पूंजी सूचकांक संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा जारी किया जाता है। दूसरी ओर, विश्व बैंक द्वारा मानव विकास सूचकांक जारी किया जाता है। मानव पूँजी स्वास्थ्य को मापने के लिए स्टंटिंग दर और उत्तरजीविता दर का उपयोग किया जाता है।

मानव विकास सूचकांक में प्रति व्यक्ति आय का उपयोग किया जाता है लेकिन इसे मानव पूंजी सूचकांक में शामिल नहीं किया गया है।


5. अमेरिकी कंपनी ने किया H-1b visa का उल्लंघन, करेगी 3.45 लाख डॉलर का भुगतान

न्यूजर्सी स्थित एक कर्मचारी भर्ती कंपनी ने इन आरोपों को निपटाने के लिए 3.45 लाख अमेरिकी डॉलर देने पर सहमति जताई है कि उसने अमेरिका में एच-1बी वीजा पर कर्मचारियों को लाने के दौरान आव्रजन और रोजगार नियमों का उल्लंघन किया है।

एच-1बी वीजा गैर-आव्रजक वीजा है। इसके जरिए अमेरिकी कंपनियां विशेषज्ञता वाले पदों पर विदेशी पेशेवरों की नियुक्ति कर सकती हैं। भारतीय आईटी पेशवरों के बीच एच-1बी वीजा की सबसे अधिक मांग रहती है।

अमेरिका में आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की आंतरिक सुरक्षा जांच (एचएसआई), श्रम विभाग और न्यूजर्सी जिले के अटॉर्नी ने सैवन्टिस को एच-1बी संबंधी उल्लंघनों के संबंध में लगाए गए आरोपों के समाधान के लिए 3.45 लाख डॉलर के भुगतान का आदेश दिया था।

सैवन्टिस, जिसका नाम पहले वैदिकसॉफ्ट था, की उपस्थिति भारत में भी है। कंपनी एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिकी में विदेश नागरिकों को नियुक्ति दिलाने के साथ ही परामर्श, प्रौद्योगिकी और कर्मचारी मुहैया कराने जैसे कार्यों में शामिल है। आईसीई ने सोमवार को एक बयान में कहा कि जांच में पाया गया था कि जनवरी 2014 से जून 2018 तक सैवन्टिस के कई एच-1बी वीजाधारक कर्मचारियों को नियमित अंतराल पर जरूरी वेतन का भुगतान नहीं किया गया। बयान में कहा गया कि इसके अलावा भी सैवन्टिस कई अनियमितताओं में शामिल पाई गई।

6. COVID-19 : न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था में रिकॉर्ड 12% की गिरावट

कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी की रोकथाम के लिए लागू किए गए सख्त लॉकडाउन (Lockdown) के चलते न्यूजीलैंड (New Zealand) की अर्थव्यवस्था (Economy) चालू वर्ष की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड 12.2 प्रतिशत गिर गई, हालांकि ऐसा अनुमान जताया जा रहा है कि आर्थिक गतिविधियों में दोबारा उछाल आ रहा है। न्यूजीलैंड द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जीडीपी पहले की तुलना में घट गई है और 11 वर्षों में पहली बार वहां मंदी के संकेत हैं। न्यूजीलैंड में सालाना आधार पर जीडीपी दो प्रतिशत घटी है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि तीसरी तिमाही के दौरान आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।


7. तिरुपति के सांसद बल्ली दुर्गा प्रसाद का दु:खद निधन

तिरुपति (Tirupati) से लोकसभा सांसद (Lok Sabha MP) बल्ली दुर्गा प्रसाद राव (Balli Durga Prasad Rao) का बुधवार को यहां एक अस्पताल में निधन (Passed away) हो गया। वे कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित थे और उनका इलाज चेन्नई के एक अस्पताल में चल रहा था। परिवार के सदस्यों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के 65 वर्षीय सांसद चेन्नई के अस्पताल में भर्ती थे। तीन सप्ताह पहले उनके कोरोनावायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद के निधन पर शोक व्यक्त किया है। राव तिरुपति की सुरक्षित सीट से पहली बार सांसद बने थे। तीन बार के विधायक और पूर्व राज्यमंत्री के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। मोदी ने ट्वीट किया, लोकसभा सांसद बल्ली दुर्गा प्रसाद के. राव गारू के निधन से दुखी हूं। वे अनुभवी नेता थे, जिन्होंने आंध्र प्रदेश की प्रगति में प्रभावी योगदान दिया था। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति है। ओम शांति। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी, उप मुख्यमंत्री के नारायण स्वामी, उद्योग मंत्री मेकापति गौतम रेड्डी और चित्तूर जिले के कई विधायकों ने प्रसाद की मौत पर दुख व्यक्त किया है। रेड्डी ने सांसद के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा, पार्टी के लिए नुकसान। उन्होंने विधायक, मंत्री और सांसद के रूप में लोगों के कल्याण के लिए संघर्ष किया।पेशे से वकील राव ने तेदेपा के सदस्य के रूप में राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और वे पहली बार 1985 में विधायक बने थे। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले वे वाईएसआरसी में शामिल हुए थे।

तिरुमला तिरुपति देवास्थनम बोर्ड के अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी ने भी सांसद के निधन पर शोक व्यक्त किया। अविभाजित आंध्र प्रदेश में 1995-96 में वे चंद्रबाबू नायडू के मंत्रिमंडल में स्कूली शिक्षामंत्री थे। वे नेल्लोर जिले के गुडूर से 1985,1994 और 2009 में विधायक निर्वाचित हुए।


8. महाराष्ट्र के पूर्व क्रिकेटर सदाशिव पाटिल का निधन

महाराष्ट्र के पूर्व क्रिकेटर सदाशिव पाटिल का निधन। वे भारत के लिए केवल एक टेस्ट मैच खले थे और 1952 और 1964 के दौरान 36 प्रथम श्रेणी मैच खेले थे।

उन्होंने 1952-53 सत्र के दौरान महाराष्ट्र के लिए प्रथम श्रेणी में डेब्यू किया था और 1955 में ब्रेबोर्न स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका एकमात्र टेस्ट डेब्यू था।


9. कलाविद् डॉ. कपिला वात्स्यायन का निधन

विदुषी, लेखिका और कलाविद डॉ. कपिला वात्स्यायन (Dr. Kapila Vatsyayan) का दिल्ली स्थित उनके आवास पर बुधवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं। प्रख्यात साहित्यकारों सहित अन्य हस्तियों और कला जगत के प्रमुख संस्थानों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) के सचिव कंवल अली ने कहा, गुलमोहर एन्क्लेव में स्थित आवास पर आज सुबह 9 बजे उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार लोधी श्मशान घाट पर बुधवार दोपहर किया गया। वात्स्यायन, आईआईसी की आजीवन न्यासी थीं। उन्हें 2011 में पदम् विभूषण से सम्मानित किया गया था। वात्स्यायन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की संस्थापक निदेशक थीं। वह राज्यसभा की मनोनीत सदस्य भी रह चुकी थीं और आईआईसी में एशिया परियोजना की अध्यक्ष भी थीं। भारतीय शास्त्रीय नृत्य, वास्तुकला, इतिहास और कला की प्रख्यात विदुषी कपिला वात्स्यायन का जन्म 1928 में दिल्ली में हुआ था और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक की डिग्री ली थी। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा के विषय में अमेरिका के मिशिगन विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की थी। वात्स्यायन, कवि और आलोचक केशव मलिक की छोटी बहन थीं। उनका विवाह प्रख्यात साहित्यकार सच्चिदानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ के साथ 1956 में हुआ था, हालांकि वे दोनों 1969 में अलग हो गए। उन्होंने अपने लंबे करियर में कला और इतिहास पर लगभग 20 पुस्तकें लिखी थीं। कला एवं संस्कृति जगत की कई हस्तियों ने ट्विटर और फेसबुक के माध्यम से वात्स्यायन को संस्थान निर्माता के तौर पर याद किया।प्रख्यात लेखक अशोक वाजपेयी ने वात्स्यायन के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया। वाजपेयी ने फेसबुक पर लिखा, महान विदुषी, रचनात्मक व्यक्तित्व की धनी और संस्थान निर्माता कपिला वात्स्यायन के निधन पर मुझे गहरा दुख पहुंचा है। भारत में सांस्कृतिक जगत ने एक महान व्यक्तित्व को खो दिया। वे कला, विचार और कल्पना के बीच पुल बांधने वालीं और इस क्षेत्र में अथक परिश्रम करने वाली महिला थीं। मेरे जैसे कई लोगों के लिए उनका जाना व्यक्तिगत क्षति है। प्रख्यात सरोद वादक अमजद अली खान ने कहा कि वात्स्यायन भारतीय शास्त्रीय नृत्य, कला, वास्तुकला और इतिहास की महान अध्येता थीं।नेता पवन वर्मा ने वात्स्यायन को प्राचीन भारतीय संस्कृति और सभ्यता की सच्ची विदुषी कहा। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, कपिला वात्स्यायन जी के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। उन्होंने कला इतिहासकार और प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने लिखा, पूर्व सांसद, पद्म विभूषण कपिला वात्स्यायन जी के निधन पर मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि, वह भारतीय शास्त्रीय नृत्यों, वास्तुकला

और कला इतिहास की अग्रणी विदुषी थीं। जयपुर साहित्य उत्सव के प्रोड्यूसर संजय के. रॉय ने उन्हें महान लोगों में अंतिम बताया। वात्स्यायन को 1970 में फेलोशिप देने वाली संगीत नाटक अकादमी ने ट्वीट किया, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और इससे संबद्ध संस्थान महान विदुषी और अकादमी फेलो डॉ. वात्स्यायनजी के निधन की खबर सुनकर दुखी है। यूनेस्को, नई दिल्ली ने भी शोक प्रकट करते हुए ट्वीट किया, कपिला वात्स्यायन को एशियाई इतिहास का विशद ज्ञान था...दिवंगत आत्मा को शांति मिले। वात्स्यायन यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड में भारत की प्रतिनिधि रही थीं। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) ने कहा, उनके निधन से कला एवं संस्कृति जगत में एक शून्य पैदा हो गया है। उन्हें 2000 में राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार भी प्रदान किया

गया था।


10. अमिताभ बच्चन एलेक्सा वॉयस असिस्टेंट को देंगे अपनी आवाज, अमेज़न ने किया करार

Amazon.com Inc ने अपने एलेक्सा वॉयस असिस्टेंट के लिए बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन को साइन किया है।

इस डील के बाद अमिताभ बच्चन एलेक्सा को अपनी आवाज देने वाले पहले भारतीय सेलिब्रिटी बन गए हैं।

इसके बाद अब एलेक्सा यूजर्स अमिताभ बच्चन की आवाज वाले एलेक्सा को खरीदकर अमिताभ बच्चन की दमदार आवाज का अनुभव कर सकेंगे।

अमेज़न ने पहली बार एलेक्सा के लिए किसी सेलिब्रिटी आवाज का इस्तेमाल किया जब हॉलीवुड अभिनेता सैमुअल एल जैक्सन ने एलेक्सा पर पहली फिल्म बनाई।

अमेज़न ने तब से पेशेवर आवाज वाले अभिनेताओं को अपने साथ जोड़ा है जो शेक्सपियर, मार्क ट्वेन, नीतिवचन और कहानीकार का पाठ करते हैं।

पिछले साल, इसके प्रतिद्वंद्वी गूगल असिस्टेंट ने अमेरिकी गायक जॉन लीजेंड की आवाज को का इस्तेमाल किया था।


11. भारत और अमेरिका ने किये रक्षा तकनीकी सहयोग पर स्टेटमेंट ऑफ़ इंटेंट पर हस्ताक्षर

भारत और अमेरिका ने 15 सितंबर, 2020 को 10वीं रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल (DTTI) की आभासी समूह बैठक के दौरान रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग पर बातचीत को मजबूत करने के लिए एक आशय बयान (स्टेटमेंट ऑफ़ इंटेंट) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस बयान में सैन्य उपकरणों के सह-उत्पादन और सह-विकास के अवसर पैदा करने की भी बात कही गई है। यूएस अंडर सेक्