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13th & 14th December | Current Affairs | MB Books


1. मोरक्को इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य करेगा

अमेरिका ने विवादित पश्चिमी सहारा क्षेत्र पर मोरक्को के दावे को मान्यता देने पर सहमति व्यक्त की है। मोरक्को, मिस्र और जॉर्डन के साथ-साथ अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य करने वाला छठा अरब देश बन गया है। दोनों देशों ने अब कूटनीतिक संबंध स्थापित कर लिए हैं।

पृष्ठभूमि

पश्चिमी सहारा क्षेत्र मोरक्को और अल्जीरिया समर्थित पोलिसारियो फ्रंट के बीच विवादित क्षेत्र है। यह एक स्वतंत्र राज्य स्थापित करना चाहता है। यह क्षेत्र एक स्पेनिश उपनिवेश है। इस पर मोरक्को ने वर्ष 1975 में कब्ज़ा किया था। 1975 के बाद से, यह क्षेत्र को मोरक्को और सहरावी लोगों के विवादित विषय रहा।

अगस्त 2020 से इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने वाला मोरक्को चौथा देश है। हाल ही में, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और सूडान ने इजरायल के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इज़राइल-मोरक्को संबंध

मोरक्को ने इज़राइल के साथ आधिकारिक रूप से इसे फिर से शुरू कर दिया है। दोनों देश अब क्षेत्रीय स्थिरता प्राप्त करने के लिए आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग का विस्तार करेंगे। दोनों देशों ने तेल अवीव और रबात में संपर्क कार्यालयों को फिर से खोलने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। ये कार्यालय 2000 में बंद कर दिए गए थे। मोरक्को इजरायल के लिए और इज़राइल से सीधी उड़ान को अनुमति भी प्रदान करेगा।

पश्चिमी सहारा पर मोरक्को का दावा

इस समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद भी, अमेरिका पश्चिमी सहारा पर मोरक्को के दावे को मान्यता देगा। यह दावा इस सौदे का हिस्सा है।


2. US FDA ने फाइजर के COVID-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को दी मंजूरी

US फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने 11 दिसंबर, 2020 को 16 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों में फाइजर की कोविड -19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी को एक ऐतिहासिक परिवर्तन के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि अमेरिकी में कोरोना वायरस से लगभग 300,000 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

अमेरिकी सरकार के सलाहकार पैनल द्वारा 10 दिसंबर, 2020 को फाइजर की कोरोना वायरस वैक्सीन के व्यापक उपयोग का समर्थन करने के बाद FDA ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विशेषज्ञ समिति ने फाइजर की कोविड वैक्सीन के उपयोग को मंजूरी देने के लिए मतदान किया था जिसके लिए 17-4 वोट पड़े और एक सदस्य अनुपस्थित रहे।

इससे फाइजर के कोविड वैक्सीन को मंजूर करने के लिए यूके, बहरीन, कनाडा, सऊदी अरब और मैक्सिको के बाद अमेरिका छठा देश बन गया है।

24 घंटे के भीतर अमेरिका में लगेगा पहला टीका?

US FDA द्वारा देश भर में आपातकालीन उपयोग के लिए फाइजर की कोविड -19 वैक्सीन को मंजूरी देने के तुरंत बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह कहा है कि, "24 घंटे से कम समय में" पहली वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे यह भी कहा कि, उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि यह टीका सभी अमेरिकियों के लिए निशुल्क हो। उन्होंने आगे यह कहा कि उनके प्रशासन ने देश में हरेक राज्य और ज़िप कोड को वैक्सीन देना शुरू कर दिया है।

US टीकाकरण योजना: मुख्य विशेषताएं

फाइजर ने ट्रम्प प्रशासन के साथ मार्च, 2021 तक इस वैक्सीन की 100 मिलियन खुराक की आपूर्ति करने के लिए एक सौदा किया है और जनता के लिए यह वैक्सीन निशुल्क होगी।

हर राज्य और छह प्रमुख शहरों ने संघीय सरकार को उन स्थानों की सूची सौंपी है, जिनमें ज्यादातर अस्पताल हैं, जहां शुरुआत में फाइजर का टीका लगाया जाएगा।

फ्लोरिडा में, इस वैक्सीन के पहले प्राप्तकर्ता मियामी, ऑरलैंडो, हॉलीवुड, टाम्पा और जैक्सनविले में स्थित पांच अस्पताल होंगे।

महत्व

विशेषज्ञ समिति ने फाइजर के टीके के उपयोग को इसलिए मंजूरी दी है क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका में कोविड -19 के मामले काफी हद तक बढ़ गये हैं। इसी तरह, 09 दिसंबर, 2020 को अमेरिका में 3,100 से अधिक लोगों की मौत हुई जोकि अमेरिका में कोविड - 19 महामारी के कारण होने वाली एक दिवसीय मौतों का रिकॉर्ड बन गया। अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, टीकों के संयोजन से संयुक्त राज्य अमेरिका इस प्रकोप को जीतने में सक्षम होगा। इन विशेषज्ञों का अनुमान है कि, अमेरिका में समूह प्रतिरक्षा हासिल करने के लिए, यहां के कम से कम 70 प्रतिशत लोगों को टीकाकरण करना होगा।

पृष्ठभूमि

अमेरिका में कोरोना वायरस के 15.8 मिलियन से अधिक पुष्ट मामलों और 2,94,000 से अधिक लोगों की मृत्यु के साथ, संयुक्त राज्य अमेरिका कोरोना वायरस महामारी में सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है। दुनिया भर में कोविड -19 से कुल मिलाकर लगभग 70.1 मिलियन लोग संक्रमित हुए हैं और 1.59 मिलियन से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

फाइजर के नैदानिक ​​परीक्षण में विभिन्न आयु समूहों, जातियों और स्वास्थ्य स्थितियों के 44,000 लोगों को शामिल किया गया जिनमें इस महामारी के प्रति मजबूत प्रतिरक्षा दिखी। यह वैक्सीन कोविड -19 के लक्षणों को रोकने में 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी बताई गई है।


3. चीन और पाकिस्तान के बीच शाहीन युद्ध अभ्यास का आयोजन किया गया

हाल ही में चीन और पाकिस्तान के बीच शाहीन हवाई युद्ध अभ्यास का आयोजन पाकिस्तान के सिंध के भोलारी में किया गयायह इस अभ्यास का 9वां संस्करण है, इस अभ्यास का आयोजन वर्ष 2011 से किया जा रहा है।

मुख्य बिंदु

इस अभ्यास में दोनों देशों के लगभग 50 लड़ाकू विमानों में हिस्सा लिया, इसमें JF-17, मिराज-III, J-10 और J-11 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हुए। गौरतलब है कि इस अभ्यास में पाकिस्तान के प्रमुख लड़ाकू विमान F-16 शामिल नहीं था।

इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच इंटर-ओपेराबिलिटी और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है। गौरतलब है कि यह अभ्यास एक ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख स्टैंड-ऑफ जारी है। भारतीय वायुसेना इस सैन्य अभ्यास को बारीकी से मॉनिटर कर रही है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से चीन और पाकिस्तान के बीच संबंधों में मजबूती आई है। चीन पाकिस्तान में कई आर्थिक गतिविधियों में भी संलग्न है।

शाहीन

यह एक हवाई युद्ध अभ्यास है, इसका उद्देश्य दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा देना है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच के संबंधों को मज़बूत बनाना है। इस अभ्यास में पाकिस्तान JF-17 लड़ाकू विमान के हिस्सा ले रहा है। इस अभ्यास में चीन की ओर से J-10 तथा J-11 एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं।


4. यूनेस्को शेख मुजीबुर रहमान के नाम पर अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार लांच करेगा

यूनेस्को ने बांग्लादेश के पिता कहे जाने वाले शेख मुजीबुर रहमान के नाम पर ‘रचनातमक अर्थव्यवस्था’ के क्षेत्र में एक पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया है। यह पुरस्कार नवम्बर 2021 में शुरू किया जायेगा, इस पुरस्कार के विजेता को 50,000 डॉलर प्रदान किये जायेंगे।

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO)

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) संयुक्त राष्ट्र संगठन है, जो दुनिया भर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को संरक्षित रखने में मदद करता है। यह फ्रांस में स्थित बहु-राष्ट्र एजेंसी है, जिसकी स्थापना वर्ष 1945 में की गयी थी। यह साक्षरता और यौन शिक्षा के साथ-साथ दुनिया भर के देशों में लैंगिक समानता में सुधार को बढ़ावा देता है। यह विश्व धरोहर स्थलों को पहचानने और प्राचीन खंडहर, गांवों और मंदिरों, और ऐतिहासिक स्थलों जैसे सांस्कृतिक और विरासत स्थलों को संरक्षित करने के लिए भी पहचाना जाता है।

बंगबंधु

शेख मुजबुर रहमान बांग्लादेशी राजनेता थे। उन्हें बांग्लादेश का पिता कहा जाता है। वह बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति थे और बाद में उन्होंने 1971 और 1975 के बीच बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। 1975 में उनकी हत्या कर दी गई थी।

1970 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में हुए चुनाव में, बंगबंधु के नेतृत्व में अवामी लीग पार्टी ने चुनाव जीता। जुल्फिकार अली भुट्टो के नेतृत्व में पाकिस्तान सरकार ने बांग्लादेश को अधिक स्वायत्तता देना और अन्य मांगों को प्रदान करने में संकोच किया। यह 1971 के युद्ध का आधार था जहां भारत ने बांग्लादेश के साथ हाथ मिलाया था।

बंगबंधु ने अपनी आत्मकथा के दो खंड लिखे। उनकी मृत्यु के बाद उनकी पुत्री तथा बांग्लादेश की मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा पुस्तकें प्रकाशित की गईं।


5. RBL बैंक और ICICI प्रूडेंशियल ने बैंक-बीमा साझेदारी के लिए मिलाया हाथ

आरबीएल बैंक और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने मिलकर बैंक-बीमा साझेदारी (bancassurance partnership) के तहत हाथ मिलाया है।

इसके तहत 28 राज्यों में फैली आरबीएल बैंक 398 की शाखाएं आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के सुरक्षा और बचत उत्पादों को बेचेंगी।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के सुरक्षा उत्पाद बैंक के ग्राहकों को एक मजबूत वित्तीय योजना विकसित करने में मदद करेंगे और इसके दीर्घकालिक बचत उत्पाद बैंक के ग्राहकों को अपने वित्तीय लक्ष्य प्राप्त करने में मदद करेंगे।


6. FPI ने शेयर बाजार में किया 1.4 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश

आकर्षक मूल्यांकन, तरलता की बेहतर स्थिति और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के रुख के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस साल यानी 2020 में भारतीय शेयर बाजारों में 1.4 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश किया है। यह उनके निवेश का सर्वकालिक उच्चस्तर है। हालांकि कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी से अर्थव्यवस्था पर पड़े दबाव के बीच विदेशी निवेशकों ने ऋण या बांड प्रतिभूतियों से रिकॉर्ड निकासी भी की है। डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार एफपीआई ने इस साल अब तक शुद्ध रूप से बांड बाजार से एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की निकासी की है। हालांकि हाइब्रिड प्रतिभूतियों में उन्होंने शुद्ध रूप से 10,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि कुल निवेश परिदृश्य में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता है, तो यह रुख अगले कुछ माह तक और जारी रहेगा। मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, कोविड-19 टीके को लेकर कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से भारत को लाभ होगा। इसके अलावा अर्थव्यवस्था में सुधार से निवेशकों की धारणा और भारत के प्रति उनके परिदृश्य में भी सुधार होगा। ऐसे में भारत एक आकर्षक निवेश गंतव्य बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था लंबे समय तक कमजोर बनी रहती है, तो यह एक बड़ी बाधा साबित होगा। इसके अलावा यदि कोरोनावायरस महामारी की एक और लहर की वजह से लॉकडाउन उपायों को फिर लागू करना पड़ता है, तो इससे धारणा प्रभावित होगी और विदेशी निवेशक जोखिम लेने से बचेंगे। वर्ष 2020 समाप्त होने वाला है। अब तक एफपीआई ने इस साल शेयरों में शुद्ध रूप से 1.42 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह 2002 से किसी कैलेंडर वर्ष में उसका सबसे ऊंचा निवेश है। यह इतिहास में पांचवां अवसर है जबकि शेयरों में एफपीआई का शुद्ध निवेश किसी साल में एक लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। इससे पहले 2019 में एफपीआई ने शेयरों में शुद्ध रूप से 1.01 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया था। 2013 में उनका शुद्ध निवेश 1.13 लाख करोड़ रुपए, 2012 में 1.28 लाख करोड़ रुपए और 2010 में 1.33 लाख करोड़ रुपए रहा था। वहीं दूसरी ओर एफपीआई ने ऋण या बांड बाजार से 2020 में 1.07 लाख करोड़ रुपए की निकासी की है। हालांकि इसके दौरान उन्होंने ऋण-वीआरआर में 23,350 करोड़ रुपए का निवेश किया है। रिजर्व बैंक ने ऋण बाजारों में एफपीआई के दीर्घावधि के स्थिर निवेश को आकर्षित करने के लिए मार्च, 2019 में स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग (वीआरआर) शुरू किया था। इस मार्ग से निवेश करने वाले एफपीआई यदि अपने निवेश का न्यूनतम प्रतिशत एक निश्चित अवधि के लिए स्वैच्छिक रूप से भारत में रोकने की प्रतिबद्धता जताते हैं, तो उन्हें बांड बाजार में एफपीआई नि