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11th July |Current Affairs|MB Books


1. डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज की चीन के साथ दूसरे चरण के व्यापार सौदे की संभावना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चीन के साथ दूसरे चरण के व्यापार सौदे से फिलहाल के लिए इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस (Coronavirus) प्रकोप से निपटने के बीजिंग के तरीके के चलते दोनों देशों के बीच संबंधों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने व्यापार समझौते के बारे में पूछे जाने पर एयर फोर्स वन से शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया, ‘‘चीन के साथ संबंध बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मैं अभी इसके बारे में नहीं सोच रहा हूं।”

साल की शुरुआत में, ट्रंप प्रशासन ने चीन के साथ गहन बातचीत के बाद पहले चरण का बड़ा व्यापार सौदा किया था। लेकिन, कोरोनावायरस के प्रकोप के बाद से वाशिंगटन और बीजिंग के बीच संबंधों में लगातार खटास आती गई। राष्ट्रपति ट्रंप कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के एशियाई महाशक्ति के तरीके पर सवाल उठाते रहे हैं।

चीन द्वारा हांगकांग में नये राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लागू करने, अमेरिकी पत्रकारों पर प्रतिबंध, उइगर मुस्लिमों के साथ बर्ताव और तिब्बत में सुरक्षा उपायों को लेकर भी दोनों देशों में विवाद रहा। ट्रंप ने कहा, “चीन के साथ संबंध बहुत अधिक खराब हो चुके हैं। वे महामारी को रोक सकते थे लेकिन उन्होंने इसे रोका नहीं। उन्होंने इसे वुहान प्रांत से चीन के अन्य हिस्सों में फैलने से रोका। वे चाहते तो इस महामारी को और जगह जाने से भी रोक सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।”

सबसे पहले चीन के वुहान शहर में उभरे कोरोनावायरस से अमेरिका में 1,30,000 से अधिक लोगों की जान गई और 31 लाख लोग इससे संक्रमित हुए। चीन में संक्रमण के 85,000 मामले सामने आए और यहां मृतकों की संख्या 4,641 है।


2. डोनाल्ड ट्रंप मेरिट आधारित इमिग्रेशन सिस्टम स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं: व्हाइट हाउस

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) मेरिट पर आधारित इमिग्रेशन सिस्टम (Merit-Based US Immigration System) बनाने की तैयारी कर रहे हैं। व्हाइट हाउस द्वारा एक बयान जारी करके यह जानकारी दी गई। यह बयान डोनाल्ड ट्रंप के न्यूज चैनल को दिए गए इंटरव्यू के बाद आया है, जहां ट्रंप (Donald trump) ने मेरिट पर आधारित इमिग्रेशन सिस्टम बनाने की बात कही थी। डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान कहा था कि ‘डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स' (DACA) कार्यक्रम के प्राप्तकर्ताओं को नागरिकता देने की रुपरेखा शामिल होगी। एक सवाल के जवाब में अमेरिका के राष्ट्रपति ने कि DACA पर उनकी कार्रवाई इमिग्रेशन पर एक बहुत बड़े विधेयक का हिस्सा बनने जा रही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह एक बहुत बड़ा बिल है और बहुत अच्छा बिल है। खास बात ये है कि यह मेरिट आधारित होगा और इसमें DACA भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि लोगों को इसके बारे में जानने के बाद खुशी होगी। बता दें कि DACA एक प्रकार की प्रशासनिक छूट है। इसके तहत उन योग्य प्रवासियों की प्रत्यर्पण से सुरक्षा होती है जो जब अमेरिका आए थे तब बच्चे थे।

डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम की आहट से ही अमेरिका में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। सीनेटर टेड क्रूज़ ने इस कदम को एक गलती करार दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमारे पास नागरिकता का एक रास्ता होगा और नए बिल में DACA के पहलुओं को रखा जाएगा।


3. Coronavirus पर WHO का बयान- कोरोना पर कर सकते हैं काबू, मुंबई के धारावी का दिया उदाहरण

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने शुक्रवार को कहा कि अभी भी संभव है कि कोरोनावायरस (Coronavirus) को काबू में लाया जा सकता है। पिछले 6 हफ्तों में कोरोना के मामले दोगुने होने के बावजूद इसपर काबू किया जा सकता है। WHO प्रमुख टेडरोस अधानोम घेब्रेसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने कहा कि इटली, स्पेन, साउथ कोरिया और भारत के सबसे बड़े स्लम ने दिखाया कि यह वायरस कितना खतरनाक था लेकिन कड़े एक्शन के साथ इसपर काबू किया जा सकता है।

जेनेवा में हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में WHO प्रमुख ने कहा कि पिछले 6 हफ्तों में कोरोना के मामले दोगुने से ज्यादा हुए हैं। कई उदाहरण ऐसे भी हैं जिनमें देखा गया कि भले ही यह वायरस तेजी से फैला हो लेकिन फिर भी इसपर काबू पाया जा सकता है। यह उदाहरण हैं- इटली, स्पेन, साउथ कोरिया और भारत में धारावी। मुंबई का धारावी काफी आबादी वाला इलाका है। वहां टेस्टिंग, ट्रेसिंग, आइसोलेशन और इलाज के दम पर कोरोनावायरस की चेन ब्रेक करने में कामयाबी मिली।

गौरतलब है कि भारत समेत दुनियाभर के 180 से ज्यादा देशों में कोरोनावायरस (Coronavirus) का खौफ देखने को मिल रहा है। अभी तक 1.22 करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। COVID-19 5.5 लाख से ज्यादा मरीजों की जिंदगी छीन चुका है। भारत में भी लगभग हर रोज कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बीते दिन जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 7,93,802 हो गई है। पिछले 24 घंटों में (गुरुवार सुबह 8 बजे से लेकर शुक्रवार सुबह 8 बजे तक) कोरोना के 26,506 नए मामले सामने आए हैं। एक दिन में सामने आने वाले कोरोना मरीजों की यह अभी तक की सबसे बड़ी संख्या है।

इतना ही नहीं, इस दौरान देश में 475 संक्रमितों की मौत भी हुई है। देश में एक दिन में कोरोना से मौतों का भी यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। देश में 4,95,513 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं और 21,604 लोगों की मौत हुई है। रिकवरी रेट की बात करें तो यह मामूली बढ़त के बाद 62.42 प्रतिशत पर पहुंच गया है। देश के सभी राज्यों से कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं। कई राज्य ऐसे भी हैं, जो इस महामारी से मुक्त हो चुके थे लेकिन प्रवासियों के राज्य में दाखिल होने से वह फिर से इस संक्रमण की जद में आ गए।


4. जानिए क्या है संयुक्त अरब अमीरात का महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम 'अल-अमल'

इसी माह अरब देशों का मंगल ग्रह पर पहला अभियान शुरू होने वाला है। यह संयुक्त अरब अमीरात के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम का अगला चरण होगा। मिशन का उद्देश्य है मंगल ग्रह के वातावरण के मौसम के रहस्यों को सुलझाना।

यूएई के नौ सैटेलाइट पहले से अंतरिक्ष में हैं और उसकी योजना है कि आने वाले वर्षों में आठ और सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जाएं। लगभग एक बड़ी गाड़ी के आकार के जैसे 1,350 किलोग्राम के इस प्रोब का प्रक्षेपण जापान के तानेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से 15 जुलाई को होगा, लेकिन मौसम और अन्य कारणों को देखते हुए प्रक्षेपण की अवधि को अगस्त की शुरुआत तक रखा गया है।

मानवरहित प्रोब का नाम 'अल-अमल'

इसी मानवरहित प्रोब का नाम 'अल-अमल' है। ये अरबी शब्द है, इसका मतलब होता है 'उम्मीद'। 'अल-अमल' को पृथ्वी से मंगल तक की 49.3 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय करने में सात महीने लग जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि 'अल-अमल' की रूप-रेखा ही इस उद्देश्य से बनाई गई है कि इससे इलाके के युवा प्रेरित हों और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खोजों का मार्ग प्रशस्त हो।

कक्षा में पहुंच जाने के बाद, 1,21,000 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार से प्रोब को एक चक्कर लगाने में 55 घंटे लगेंगे। यूएई कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संपर्क सप्ताह में दो बार छह से आठ घंटों के लिए सीमित रहेगा। प्रोब कक्षा में मंगल ग्रह के पूरे एक साल की अवधि के बराबर तक रहेगा। 'अल-अमल' का प्रक्षेपण इस कार्यक्रम का अगला मील का पत्थर है।

प्रोब पर लगे तीन उपकरण देंगे तस्वीर

प्रोब पर लगे तीन उपकरण मंगल के वातावरण की पूरी तस्वीर देंगे। पहला एक इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर है वातावरण के निचले भाग को मापने और तापमान की संरचना का विश्लेषण करने के लिए, दूसरा हाई रेजॉल्यूशन इमेजर है जो वहां मौजूद ओजोन के स्तर की जानकारी देगा। तीसरा एक अल्ट्रावॉयलेट स्पेक्ट्रोमीटर है जो सतह से 43,000 किलोमीटर की दूरी से ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के स्तर को मापेगा।

दूसरे ग्रहों के वातावरण को समझने में मिलेगी मदद

अधिकारियों का कहना है कि दूसरे ग्रहों के वातावरण को समझने से पृथ्वी के जलवायु को भी बेहतर समझने में मदद मिलेगी। सितंबर में यूएई ने पहली बार अंतरिक्ष में अमीराती एस्ट्रोनॉट भी भेजा। हज्जा अल-मंसौरी अंतरिक्ष में जाने वाले पहले अमीराती बने। कजाखस्तान से भेजे हुए एक सोयुज रॉकेट में अल-मंसौरी दो और साथियों के साथ अंतरिक्ष में पहुंचे और आठ दिनों के मिशन को पूरा कर वापस लौट आए। इस मिशन के दौरान वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले अरब नागरिक बने।

यूएई 2117 तक मंगल पर बसाएगा मानव बस्ती

यूएई की महत्वाकांक्षाएं कहीं ज्यादा बड़ी हैं। यूएई का लक्ष्य है 2117 तक मंगल पर एक मानव-बस्ती को बसाने का लक्ष्य है। उससे पहले यूएई की योजना है दुबई के बाहर स्थित रेगिस्तान में सफेद गुम्बद वाले एक "साइंस सिटी" की रचना करना, जिसमें मंगल ग्रह के जैसे हालात की पूरी नकल की जाएगी और उस ग्रह पर बस्तियां बसाने के लिए आवश्यक तकनीक विकसित की जाएगी।

पृथ्वी के बाहर खनन परियोजनाओं और अंतरिक्ष पर्यटन की भी योजना

पिछले साल सार्वजनिक की गई एक राष्ट्रीय अंतरिक्ष रणनीति के तहत, यूएई पृथ्वी के बाहर खनन परियोजनाओं और अंतरिक्ष पर्यटन की भी योजना बना रहा है। इसके लिए उसने रिचर्ड ब्रैंसन की अंतरिक्ष पर्यटन कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किए हैं।

परियोजना का एक उद्देश्य अक्सर कई तरह के उथल-पुथल में फंसे इस इलाके को प्रेरित करना और मध्य युग में इलाके की वैज्ञानिक उपलब्धियों के बारे में फिर से याद कराना भी है। मिशन के प्रोजेक्ट मैनेजर ओमरान शरफ ने बताया कि यूएई अरब देशों के युवाओं को एक मजबूत संदेश देना चाहता है कि जमीन के अलावा एक दूसरी दुनिया भी है। वहां का माहौल और हालात किस तरह से हमारे यहां से अलग है।

5. अमेरिका: रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उद्यमी रिक मेहता ने जीता प्राइमरी चुनाव

उद्यमी रीक मेहता अमेरिकी राज्य न्यू जर्सी से सीनेट सीट के लिए रिपब्लिकन प्राथमिक जीतने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं। वह नवंबर के चुनावों में डेमोक्रेटिक अवलंबी सीनेटर कोरी बुकर का सामना करेंगे।

अमेरिका के पूर्व खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के एक अधिकारी, मेहता ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी हीर सिंह को हराया, साथ ही एक भारतीय-अमेरिकी, रिपब्लिकन में GOP (ग्रैंड ओल्ड पार्टी) के रूप में भी जाना जाता है। नवंबर में होने वाले चुनावों में उनका मुकाबला डेमोक्रेटिक पार्टी के मौजूदा सांसद कोरी बुकर से होगा।

प्रारंभिक नतीजों के अनुसार अमेरिका के पूर्व खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारी मेहता ने सात जुलाई को हुए प्राइमरी चुनाव में रिपबल्किन पार्टी में अपने प्रतिद्वंद्वी भारतीय-अमेरिकी हर्ष सिंह को करीब 13,743 मतों से हराया है। जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है कि जब न्यूजर्सी से सीनेट के लिए दोनों पार्टियों के उम्मीदवार अश्वेत होंगे। वहींं दूसरी तरफ डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार बुकर अफ्रीकी-अमेरिकी हैं।

यह पहली बार होगा कि न्यूजर्सी से सीनेट का प्रतिनिधि बनने की दौड़ में दोनों दलों ने अश्वेत उम्मीदवार उतारे हैं। अभी इस सीट पर काबिज डेमोक्रेट सीनेटर कोरी ब्रूकर अफ्रीकी मूल के अमेरिकी हैं और वह प्राइमरी चुनाव में 89 फीसद वोट हासिल करने में कामयाब रहे हैं। वैसे तो न्यूजर्सी एक अकेला प्रांत हैं, जहां पर भारतीय मूल के अमेरिकियों की सबसे अधिक तादाद है, लेकिन पिछले 48 वर्षो से यहां रिपब्लिकन पार्टी का एक भी सीनेटर नहीं जीता है। प्रांत से सीनेट के लिए चुने जाने वाले दोनों सदस्य डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। मेहता ने रुटगर्स यूनिवसटी से फार्मेसी में बीएस और अरकांसस यूनिवर्सिटी से मेडिकल साइंसेज में फार्म डी किया है।

गौरतलब है कि न्यूजर्सी भारतीय-अमेरिकी मूल के नागरिकों की सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्यों में से एक हैं। ऐसा माना जाता है कि ये डेमोक्रेटिक पार्टी का गढ़ है। राज्य की दोनों सीटों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का कब्जा है। एक सीट से रॉबर्ट मेनेंडेज तो दूसरी सीट से बुकर सांसद हैं। दोनों ही डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैं।


6. सिंगापुर की सत्तारूढ़ पीएपी ने आम चुनावों में जीत दर्ज की

सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग की पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) फिर सत्ता में लौट आई है। उसने शुक्रवार को हुए आम चुनावों में 93 में से 83 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की जबकि विपक्ष को मामूली बढ़त मिली। ली (68) आंग मो कियो के अपने ग्रुप रिप्रेसेंटेशन कॉन्स्टीट्यूएंसी (जीआरसी) से पुन: निर्वाचित हुए। उपप्रधानमंत्री और वित्तमंत्री हेंग स्वी कीट भी दोबारा निर्वाचित हुए।

भारतीय मूल के नेता प्रीतम सिंह के नेतृत्व वाली विपक्षी वर्कर्स पार्टी ने सेंगकांग की जीआरसी समेत 10 सीटों पर जीत दर्ज की। सेंगकांग जीआरसी में उसने प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री एन ची मेंग के नेतृत्व वाली पीएपी टीम को हराया। वर्कर्स पार्टी को 2015 के आम चुनावों में 6 सीटें मिली थीं।storiespace

करीब 26.5 लाख सिंगापुरवासियों ने चेहरे पर मास्क और हाथों में दस्ताने पहने हुए मतदान किया। संसद की 93 सीटों के लिए 192 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। पीएपी ने आजादी के बाद से ही पूर्ण बहुमत के साथ सिंगापुर में शासन किया है। कोविड-19 की अभूतपूर्व चुनौती के बीच पीएपी समेत 11 राजनीतिक दलों ने 9 दिनों तक प्रचार किया।

वैश्विक महामारी के कारण मतदान को सुरक्षित बनाने की कवायद में मतदान केंद्रों की संख्या 880 से बढ़ाकर 1,100 कर दी गई। प्रधानमंत्री ली ने पिछले महीने तय समय से 10 महीने पहले आम चुनाव कराने का आह्वान किया था।

ली की पीएपी 1950 के बाद से हर चुनाव जीती है। सत्तारूढ़ पीएपी एकमात्र पार्टी है जिसने सभी 93 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। सितंबर 2015 के आखिरी चुनावों में पीएपी ने 89 सीटों पर चुनाव लड़ा और उनमें से 83 पर जीत दर्ज की। देश के तीसरे प्रधानमंत्री ली ने 2004 के बाद से सरकार का नेतृत्व किया है। उनके पिता ली कुआन एव सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री थे।


7. विश्व जनसँख्या दिवस : 11 जुलाई

11 जुलाई को पूरे विश्व में लोगों के बीच जनसँख्या से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के उदेश्य से विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के बहुआयामी उद्देश्यों में लिंग भेद, लिंग समानता, परिवार नियोजन आदि के साथ महिलाओं के गर्भधारण सम्बन्धी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लोगों को जागरूक करना भी शामिल है।

मुख्य बिंदु

वर्ष 1989 में संयुक्त राष्ट्र ने सबसे पहले 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। वर्तमान समय में सम्पूर्ण विश्व की जनसंख्या 720 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जो कि हर दिन तेजी से बढ़ती जा रही है। बढ़ती आबादी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने के उदेश्य से ही प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ के रूप में आयोजित किया जाता है। विश्व की 720 करोड़ की आबादी में से लगभग 132.4 करोड़ व्यक्ति भारत में ही निवास करते है। विश्व की जनसँख्या में प्रतिवर्ष 83 मिलियन की वृद्धि हो रही है।

विश्व बैंक में कार्यरत डॉ के सी ज़कारिया ने सम्पूर्ण विश्व की आबादी पांच अरब होने की स्थिति में यह दिवस मनाने का सुझाव भी दिया था। इस दिवस की स्थापना 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की गवर्निंग कौंसिल द्वारा की गयी थी।


8. चीनी दूतावास ने कजाखस्तान से अज्ञात न्यूमोनिया की जानकारी दी

कजाखस्तान में चीनी दूतावास से चीनी नागरिकों के लिए 9 जुलाई, 2020 को स्वास्थ्य एडवाइजरी चेतावनी जारी की गई है।

स्वास्थ्य एडवाइजरी चेतावनी के अनुसार, कजाखस्तान में नॉवेल कोरोनावायरस की तुलना में अधिक मृत्यु दर के साथ एक नया घातक ‘अज्ञात निमोनिया’ बताया गया है।

अज्ञात निमोनिया

कजाखस्तान के मीडिया हाउस और सरकार की ओर से अभी तक कुछ भी खतरनाक नहीं बताया गया है। चीनी दूतावास ने इसे ‘अज्ञात’ करार दिया है लेकिन कजाखस्तान के अधिकारियों ने इस तरह के दावों को खारिज कर दिया है और इसे सामान्य ‘निमोनिया’ करार दिया है।

चीनी दूतावास ने जिस न्यूमोनिया को अज्ञात करार दिया है, उससे कजाखस्तान में वर्ष 2020 में 1,772 मौतें हुई हैं, 1,772 में से 628 में से सबसे ज्यादा मौतें जून 2020 में हुई थीं।

कजाखस्तान की राजधानी नूर सुल्तान की सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख ने जून 2020 के अंतिम सप्ताह में कहा था कि हर दिन अस्पतालों COVID -19 और निमोनिया से संक्रमित रोगियों के 450 के बीच 350 मामलों आ रहे हैं, लेकिन 12 जून से एक सप्ताह के भीतर निमोनिया के मामलों की संख्या 80 से बढ़कर 600 हो गई है।


9. कंबोडियन एनजीओ ने वर्ल्ड बैंक ग्रुप और SVRI से ‘डेवलपमेंट मार्केटप्लेस अवार्ड’ जीता

‘SMARTgirl चैटलाइन’ नाम की एक व्हाट्सएप चैटलाइन को कंबोडियन एनजीओ- KHANA सेंटर फॉर पॉपुलेशन हेल्थ रिसर्च की एक रिसर्च टीम ने लागू किया था। ‘स्मार्टगर्ल चैटलाइन’ ने कंबोडिया में महिला मनोरंजन कार्यकर्ताओं को लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ 24 घंटे प्रतिक्रिया और समर्थन की पेशकश की।

विश्व बैंक समूह और SVRI द्वारा ‘स्मार्ट गर्ल चैटलाइन’ के कार्यान्वयन के लिए गैर-सरकारी संगठन KHANA सेंटर फॉर पॉपुलेशन हेल्थ एंड रिसर्च को वर्ल्ड बैंक समूह और एसवीआरआई द्वारा 100,000 डॉलर का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

डेवलपमेंट मार्केटप्लेस अवार्ड

डेवलपमेंट मार्केटप्लेस अवार्ड एक वार्षिक वैश्विक प्रतियोगिता है जिसके तहत शोधकर्ताओं को लिंग आधारित हिंसा से व्यक्तियों और समुदायों के लिए अभिनव समाधान खोजने के लिए नकद इनाम प्रदान किया जाता है।

डेवलपमेंट मार्केटप्लेस अवार्ड प्रतियोगिता विश्व बैंक समूह और एसवीआरआई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित और वित्त पोषित है।

पिछले 4 वर्षों में, डेवलपमेंट मार्केटप्लेस अवार्ड के तहत, दुनिया भर में 32 से अधिक निम्न और मध्यम आय वाले देशों में अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए 5 मिलियन डॉलर प्रदान किये गये हैं।


10. रेपो रेट में 250 बेसिस प्वाइंट की होगी कुल कटौती: RBI गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 11 जुलाई 2020 को कहा कि कोविड-19 पिछले 100 साल का सबसे बड़ा स्वास्थ्य एवं आर्थिक संकट है। उन्होंने यह बात सातवें एसबीआई बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव' को संबोधित करते हुए कही। आरबीआई के गवर्नर ने स्वास्थ्य के साथ-साथ आर्थिक संकट पर भी बात की, जिसने नौकरियों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

उन्होंने बैंकिंग और अर्थशास्त्र कॉन्क्लेव में कहा कि महामारी शायद अब तक हमारी आर्थिक और वित्तीय प्रणाली की मजबूती और लचीलापन की सबसे बड़ी परीक्षा ले रहा है। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा, वर्तमान संकट में अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करने के लिए कई बड़े उपाय किए हैं।

पिछले 100 साल का सबसे बड़ा आर्थिक संकट

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 पिछले 100 साल का सबसे बड़ा आर्थिक एवं स्वास्थ्य से जुड़ा संकट है। कोरोना की वजह से उत्पादन, नौकरियों एवं स्वास्थ्य पर अभूतपूर्व नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। इस संकट ने मौजूद वैश्विक व्यवस्था, वैश्विक वैल्यू चेन और विश्वभर में लेबर एंड कैपिटल मुवमेंट को प्रभावित किया है।

रेपो रेट में 135 आधार अंकों की कटौती

केंद्रीय बैंक ने कोरोना वायरस संकट से पहले सितंबर 2019 से रेपो रेट में 135 आधार अंकों की कटौती की थी। ये कदम उस समय में आर्थिक वृद्धि दर में आई सुस्ती से निपटने हेतु उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक आर्थिक वृद्धि आरबीआई की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके बाद एमपीसी ने रेपो रेट में 115 आधार अंकों की और कमी की. इस तरह रेपो रेट में कुल 250 आधार अंकों की कटौती हुई।

लॉकडाउन के प्रतिबंध हटने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि लॉकडाउन के प्रतिबंध हटने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के वापस सामान्य स्थिति की ओर लौटने के संकेत दिखने शुरू हो गये हैं। पांच मध्यावधि के लिए आरबीआई के नीतिगत कदमों में इस बात का सावधानीपूर्वक आकलन करना होगा कि संकट क्या रूप लेता है। संकट के समय में भारतीय कंपनियों और उद्योगों ने बेहतर काम किया है।

आरबीआई की तरफ से उठाए जा रहे कई कदम

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर से आयोजित 'कोविड-19 का कारोबार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव' वर्चुअल कॉन्क्लेव में बोलते हुए दास ने कहा कि कोविड-19 के कारण पैदा हुए मौजूदा संकट से वित्तीय सिस्टम को बचाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। अर्थव्यवस्था में रिकवरी के लिए मदद की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रोथ आरबीआई की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वित्तीय स्थिरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।


11. Coronavirus: 24 घंटे में इन 5 राज्यों में सामने आए सबसे ज्यादा कोरोना के मामले

देश में कोरोनावायरस (Coronavirus India Report) के मामले हर रोज बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज (शनिवार) सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 27,114 नए मामले सामने आए हैं। एक दिन में सामने आने वाले कोरोना (COVID-19) मरीजों की यह अभी तक की सबसे बड़ी संख्या है। इस दौरान 519 संक्रमितों की मौत हुई है। 24 घंटों में जिन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले सामने आए हैं, वह हैं- महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, दिल्ली और तेलंगाना।

बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र (Maharashtra Coronavirus) में कोरोनावायरस के 7862 मामले, तमिलनाडु (Tamil Nadu Coronavirus) में 3680 मामले, कर्नाटक (Karnataka Coronavirus) में 2313 केस, दिल्ली (Delhi Coronavirus) में 2089 केस और तेलंगाना (Telangana Coronavirus) में 1278 मामले सामने आए हैं। इस दौरान महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 226 लोगों की मौत हुई है। तमिलनाडु में 64, कर्नाटक में 57, दिल्ली में 42 और उत्तर प्रदेश (UP Coronavirus) में 27 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है।

दुनिया में

1,24,93,451 मामले

50,58,620 सक्रिय

68,74,690 ठीक हुए

5,60,141 मौत

कोरोनावायरस अब तक 188 देशों में फैल चुका है। July 11, 2020 9:47 am बजे तक दुनियाभर में कुल 1,24,93,451 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 5,60,141 की मौत हो चुकी है. 50,58,620 मरीज़ों का उपचार जारी है और 68,74,690 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। .

भारत में

8,20,916 27114 मामले