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10th July |Current Affairs|MB Books


1. चीन से 'दूरी' बनाने के लिए कॉर्पोरेट ढांचे में बड़े बदलाव पर विचार कर रहा TikTok

बाइटडांस लिमिटेड (Bytedance Ltd) ने कहा है कि यह अपने TikTok के कार्पोरेट स्‍ट्रक्‍चर (कार्पोरेट ढांचे) में बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। TikTok की 'पेरेंट' कंपनी के चीनी मूल के होने के चलते अमेरिका की चिंताओं को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है। इस चर्चा से वाकिफ एक शख्‍स के अनुसार, 'अधिकारियों ने TikTok के लिए एक नया प्रबंधन बोर्ड बनाने और ऐप के लिए चीन के बाहर एक अलग मुख्यालय स्थापित करने जैसे विकल्पों पर चर्चा की है। गौरतलब है शॉर्ट वीडियो और संगीत ऐप TikTok का वर्तमान में बाइटडांस से अलग कोई हेडक्‍वार्टर नहीं है जिसे जिसे चीन में स्थापित किया गया था और केमैन आइलैंड्स में इनकार्पोरेट किया गया है। TikTok अपने वैश्विक आधार (Global base) के लिए कई स्थानों पर विचार कर रहा है। इस प्रक्रिया का हिस्‍सा शख्‍स ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। इसके पांच सबसे बड़े ऑफिस लॉस एंजिल्स, न्यूयॉर्क, लंदन, डबलिन और सिंगापुर में हैं।

TikTok ने एक बयान में कहा, "हम अपने यूजर्स, कर्मचारियों, कलाकारों, रचनाकारों, भागीदारों और नीति निर्माताओं के सर्वोत्तम हित में आगे बढ़ेंगे।" इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ऐसी चर्चाओं पर सूचना दी थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार टिकटॉक ऐप अमेरिका में सबसे अधिक डाउनलोड की जाती है और यह किशोरों के साथ बेहद लोकप्रिय है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि उनका प्रशासन कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) से जुड़े मामले को लेकर चीन के रुख के जवाब में अमेरिका में टिकटॉक ऐप पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।

अमेरिका इस बात से भी चिंतित है कि चीनी कंपनी राजनीतिक रूप से संवेदनशील सामग्री को सेंसर कर सकती है उसने इसके व्यक्तिगत डेटा संग्रहित करने के तरीके पर भी सवाल उठाया है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइकल पॉम्पेओ ने अमेरिकियों से अपील की है कि यदि वे अपनी निजी जानकारी को “चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के हाथों में” नहीं देखना चाहते तो TikTok ऐप डाउनलोड न करें। बाइटडांस पहले से ही संगीत के अधिग्रहण (Acquisition) के लिए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा का सामना कर रहा है। TikTok लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किसी तरह का खतरा है। भारत में टिकटॉक सहित 58 चीनी ऐप को बेन कर दिया गया है। इसके बाद अमेरिका में भी इस तरह की मांग जोर पकड़ रही है।


2. नेपाल में भारतीय समाचार चैनलों के प्रसारण पर पाबंदी, सिर्फ दूरदर्शन रहेगा चालू

नेपाल के केबल टीवी ऑपरेटर्स ने भारतीय समाचार चैनलों की "आपत्तिजनक" रिपोर्टिंग के लिए अपने देश में प्रसारण पर रोक लगा दी है। केबल टीवी ऑपरेटर्स का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा तनाव पर भारतीय चैनलों द्वारा जिस तरह नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली को दिखाया इस पर उन्हें आपत्ति है।

इसके चलते नेपाल ने बृहस्पतिवार को दूरदर्शन को छोड़कर अन्य सभी भारतीय समाचार चैनलों का प्रसारण बंद करते हुए आरोप लगाया कि वो ऐसी खबरें दिखा रहे हैं जिससे देश की राष्ट्रीय भावनाएं आहत हो रही हैं। इस मुद्दे पर भारत की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। घटनाक्रम के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि दिल्ली में नेपाली दूतावास ने भारत सरकार को भारतीय चैनलों द्वारा नेपाल के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर की जा रही कवरेज पर अपने नजरिये से अवगत करा दिया है।

मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) के अध्यक्ष, विदेशी चैनल के वितरक दिनेश सुबेदी ने बताया, “हमनें दूरदर्शन को छोड़कर सभी भारतीय समाचार चैनलों का प्रसारण रोक दिया है।” उन्होंने कहा, “हमनें भारत के निजी समाचार चैनलों का प्रसारण रोक दिया है क्योंकि वे नेपाल की राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने वाली खबरें दिखा रहे थे।”

कुछ भारतीय चैनलों द्वारा प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और उनकी सरकार की आलोचना वाली खबरें प्रसारित करने के बाद यह कदम आया है। नेपाल सरकार ने हालांकि आधिकारिक रूप से भारतीय समाचार चैनलों का प्रसारण रोके जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

वित्त, सूचना एवं संचार मंत्री युवराज खातीवाड़ा ने भारतीय समाचार चैनलों द्वारा प्रसारित कुछ खबरों की निंदा की। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यहां कहा, “नेपाल सरकार ऐसे कृत्यों की आलोचना करती है। सरकार ऐसे आपत्तिजनक कृत्य के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी।”

इससे पहले पूर्व उप प्रधानमंत्री और सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने कहा कि भारतीय मीडिया को प्रधानमंत्री ओली और उनकी सरकार के खिलाफ “निराधार प्रचार रोकना चाहिए।”

मैक्स डिजिटल टीवी के वाइस चेयरमैन धर्बा शर्मा ने बताया, "हमने अपने देश के बारे में आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के बाद चैनलों पर रोक लगाने के लिए एक नैतिक जिम्मेदारी महसूस की।" डिश मीडिया नेटवर्क के प्रबंध निदेशक सुदीप आचार्य ने कहा कि उनकी कंपनी ने दर्शकों की शिकायतों के बाद चैनलों पर रोक लगाई।


3. PIA की उड़ानों पर अमेरिका ने लगाया बैन, पाकिस्तानी पायलटों पर सवाल

हाल में पाकिस्तानी विमान के क्रैश के बाद वहां के पायलटों की योग्यता पर सवालिया निशान लगाया जा रहा है जिसके बाद अमेरिका ने PIA की उड़ानों पर बैन लगा दिया है।

अमेरिका के परिवहन विभाग की ओर से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ( Pakistan International Airlines, PIA) की अमेरिका आने वाली चार्टर फ्लाइट पर रोक लगा दी गई है। रोक लगाने का यह फैसला पाकिस्तानी पायलटों के सर्टिफिकेट व योग्यता पर फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) की चिंता के बाबत लिया गया है। पिछले माह पाकिस्तान ने फर्जी क्वालीफिकेशन के तहत अपने कई पायलटों को सस्पेंड कर दिया था।

फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर हुई थी नियुक्ति

यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी ने PIA के ऑथराइजेशन को सस्पेंड कर दिया। यह रोक 6 महीने के लिए लगाई गई है। पाकिस्तान की जियो न्यूज ने कहा कि PIA ने अमेरिकी प्रतिबंध की पुष्टि की है। PIA ने कहा कि एयरलाइंस को लेकर जिन जरूरी सुधारों की जरूरत है, उस पर वो काम करेगा। मई में पाकिस्तान का एक जेट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था इसमें 97 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे की जांच के बाद ही पायलटों की फर्जी सर्टिफिकेशन का मामला सामने आया।

वियतनाम से भी हटाए गए पायलट

इससे पहले जून में वियतनाम के विमानन प्राधिकरण ने भी बताया कि स्थानीय एयरलाइंस के लिए काम कर रहे सभी पाकिस्तानी पायलट को हटा दिया गया।

खाड़ी देशों में भी पाकिस्तानी पायलटों पर गिरी गाज

बता दें कि पाकिस्तान के पायलटों के फर्जी सर्टिफिकेट के कारण खाड़ी देशों कुवैत, कतर, यूएई, ओमान में भी इ इन्हें हटाने का फैसला कर लिया। कुछ दिनों पहले ही वैश्विक एयरलाइंस संस्था आईएटीए ने कहा था कि पाकिस्तानी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के पायलटों के लाइसेंस में अनियमितताएं पाई गई हैं, 'जो सेफ्टी कंट्रोल में गंभीर चूक है।' इसके बाद पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह कहा था कि वो उन 262 एयरलाइन पायलटों को हटा रहा है, जिनकी विश्वसनीयता फर्जी हो सकती है।' पाकिस्तान के उड्डयन मंत्री गुलाम सरवर खान ने फर्जी लाइसेंस हैं या फिर उन्होंने धोखाधड़ी से परीक्षा पास किया। .

4. चीन: पहली बार उड़ान भरने जा रहा Kuaizhou-11 मालवाहक रॉकेट हुआ फेल

रॉकेट को उत्तर पश्चिम चीन के जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से दोपहर 1217 बजे लॉन्च किया गया था।

चीनी मीडिया ने बताया कि खराबी के कारण चीन की कुआइझोउ -11 मालवाहक रॉकेट उड़ान के दौरान असफल हो गई। शुक्रवार को पहली बार यह मालवाहक रॉकेट उड़ान भरने जा रहा था। वहीं, आगे की जांच के बाद ही उड़ान में क्या परेशानी आई, इसके बारे में बताया जा सकता है। बताया गया कि रॉकेट को उत्तर पश्चिम चीन के जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से दोपहर 12:17 बजे लॉन्च किया गया था। (बीजिंग टाइम), लेकिन उड़ान के दौरान किसी खराबी के कारण यह सफल ना हो सका।

मीडिया रिपोर्ट की माने तो चीन ने कम पैसे में अंतरिक्ष में उपग्रह भेजने के लिए यह सैटलाइट डिजाइन किया है। चीन का दावा था कि यह बेहद विश्‍वसनीय रॉकेट है लेकिन पहली बार उड़ान में ही उनका दावे की हवा निकल गई।

Kuaizhou, जिसका अर्थ है कि चीनी में 'तेज जहाज', उच्च विश्वसनीयता और कम समय में बना एक कम लागत वाला ठोस ईंधन वाहक रॉकेट है। यह रॉकेट करीब 70.8 टन वजनी पेलोड ले जाने में सक्षम है। यह चीनी उपग्रह अंतरिक्ष निचली कक्षा में उपग्रहों को स्‍थापित करने का काम करता है।


5. अमेरिकी सीनेटर बोले- चीनी आक्रामकता के सामने खड़े होने के लिए भारत पर गर्व

एक शीर्ष अमेरिकी सीनेटर ने सीमा विवाद में चीनी आक्रामकता के सामने खड़े रहने के लिए भारत सरकार की प्रशंसा की है, उम्मीद है कि यह अन्य देशों को चीन से निपटने में निडर होने का संकेत देगा। भारतीय और चीनी सेनाएं पिछले आठ हफ्तों से पूर्वी लद्दाख में आमने-सामने हैं। इसमें गलवन घाटी में हुए संघर्ष के बाद तनाव कई गुना बढ़ गया जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान मारे गए। चीनी पक्ष को भी हताहतों का सामना करना पड़ा, लेकिन अभी तक इसका विवरण नहीं दिया गया है।

रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी ने गुरुवार को एक साक्षात्कार में फॉक्स न्यूज को बताया, 'मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि भारत में (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी उनके (चीन) के खिलाफ खड़े हैं। मुझे बहुत गर्व है कि कनाडा जो कर रहा है। हर देश नहीं भाग रहा और ना ही कोने में छिप रहा।' उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को यह समझना होगा कि हम उनसे नियमों के तहत काम करने की अपेक्षा रखते हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका के अलावा, आप जानते हैं कि कितने अन्य देश चीन पर भरोसा करते हैं? कोई नहीं, शून्य। लेकिन वे डरे हुए हैं। चीन दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। चीन अन्य देशों को धमकाने के लिए अपने आर्थिक उत्तराधिकार का उपयोग करता है, और दुनिया के कई अन्य देश उनके लिए खड़े होने से डरते हैं। हालांकि, आस्ट्रेलिया उनके(चीन) खिलाफ खड़ा है। भारत उनके खिलाफ है। कनाडा उनके खिलाफ खड़ा है। हमें अपने सहयोगियों के साथ जुड़ने की जरूरत है, यूरोप तक सीमित नहीं होना और चीन से कहें, देखो, तुम नियम के तहत काम करें या हम आपके साथ व्यापार करने नहीं जा रहे हैं

साक्षात्कार के दौरान, सीनेटर कैनेडी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ठगों के झुंड की तरह काम कर रही है। और (अमेरिका) राष्ट्रपति को इसे रोकने की जरूरत है।


6. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने भारतीय मीडिया पर आरोप लगाया

इससे पहले 9 जुलाई, 2020 को नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने भारतीय मीडिया पर नेपाली प्रधानमंत्री खडगा प्रसाद शर्मा ओली के खिलाफ मानहानिकारक शो के प्रसारण का आरोप लगाया था।

नेपाल से मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मल्टी-न्यूज़ ऑपरेटर्स द्वारा भारतीय समाचार चैनलों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय तब लिया गया था जब एक भारतीय समाचार चैनल ने एक शो प्रसारित किया था जिसमें नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी सरकार को नेपाल में ढहने से रोकने के लिए नेपाली प्रधानमंत्री खडगा प्रसाद शर्मा ओली को नेपाल में चीनी राजदूत- होउ यानकी के साथ जोड़ा गया था।

नेपाल में भारतीय चैनलों के प्रसारण पर प्रतिबन्ध का इतिहास

नवंबर 2015 में नेपाल के केबल टीवी ऑपरेटरों ने नेपाल में 42 भारतीय चैनलों के प्रसारण को अवरुद्ध कर दिया था। भारतीय चैनलों पर 2015 का प्रसारण प्रतिबन्ध नेपाल सरकार द्वारा नेपाल सीमा के साथ सीमा पार यातायात को धीमा करने या रोकने का आरोप लगाने के कारण लगाया गया था।

भारत सरकार ने नेपाल सीमा पर यातायात को धीमा या बंद नहीं किया था, नेपाल के नवगठित संविधान के कारण नेपाली नागरिकों द्वारा नेपाल के दक्षिणी भागों में विरोध प्रदर्शन के कारण ठहराव या धीमा यातायात था।


7. Coronavirus: अब व्हाट्सऐप और ईमेल से भी भेजे जा सकेंगे अदालती नोटिस और समन

अब व्हाट्सऐप और अन्य टेली मैसेजेंर सेवाओं के जरिए अदालती नोटिस और समन भेजे जा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के चलते शुक्रवार को व्हाट्सऐप जैसी टेली-मैसेंजर सेवाओं के साथ-साथ ईमेल और फैक्स के माध्यम से समन और नोटिस की सेवा की अनुमति दे दी।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने कहा कि यह हमारे ध्यान में लाया गया है कि नोटिस, समन आदि की सेवाओं के लिए डाकघरों का दौरा करना संभव नहीं है, इसलिए उपरोक्त सभी प्रकार की सर्विस ई मेल, फैक्स और अन्य त्वरित संदेशवाहक सेवाओं जैसे व्हाट्सऐप और अन्य टेली मैसेंजरों के माध्यम से की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से एजी केके वेणुगोपाल की इस दलील को नहीं माना कि व्हाट्सऐप को शामिल ना किया जाए।

गौरतलब है कि 19 जून को, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि समय सीमा को बढ़ाने और सरकार के लॉकडाउन प्रतिबंधों के उसके आदेश से आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (2) के तहत दोषी को डिफाल्ट जमानत लेने का अधिकार प्रभावित नहीं होगा।

आठ जून को कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल की एक अर्जी पर निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत ईमेल और व्हाट्सऐप के माध्यम से "चेक के अनादर" मामलों में डिमांड नोटिस की सेवा पर जवाब मांगा था।

COVID-19 महामारी के दौरान देश भर के न्यायालयों और न्यायाधिकरणों में शारीरिक रूप से आवेदन दाखिल करने को कम करने के उद्देश्य से 23 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एक सामान्य आदेश पारित किया था। इसमें 15 मार्च से प्रभावी कर अगले आदेश तक समय सीमा को बढ़ा दिया था चाहे वह क्षम्य हो या नहीं।

गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। 24 घंटों में सर्वाधिक मामलों का रिकॉर्ड शुक्रवार को एक बार फिर से टूटा है। पिछले 24 घंटों के अंदर 26,506 नए मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में आए सर्वाधिक मामले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8 लाख के करीब पहुंच गई। मंत्रालय के अनुसार यह संख्या 7,93,802 पर पहुंच चुकी है। वहीं पिछले 24 घंटों में 475 लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 21604 पर पहुंच गई है। रिकवरी रेट भी 62.42 पर पहुंच गया है, इसी के साथ वायरस को मौत देने वालों की संख्या 4,95513 पहुंच गई है।

8. India Coronavirus Updates: देश में कोरोना के 26,506 नए केस, 62.42 फीसद लोग हुए ठीक

भारत में कोरोना वायरस के लगातार 20 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। पहली बार एक दिन में कोरोना वायरस के 26 हजार नए मामले सामने आने के साथ ही देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या आठ लाख के करीब पहुंच गई है। इसके साथ ही देश में वायरस से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में कोरोना से संक्रमित 19,135 लोग पूरी तरह से ठीक हुए हैं। देश में 62.42 फीसद लोग कोरोना वायरस से अबतक ठीक हो चुके हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के 26,506 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 447 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 7 लाख 93 हजार 802 हो गई है। इसमें से 2 लाख 76 हजार 685 एक्टिव मामले हैं, जबकि 4 लाख 895 हजार 513 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। देश में अब तक कुल 21,604 लोगों की जान जा चुकी है।

बीते 24 घंटों के दौरान हुई 475 लोगों की मौत हुई है। इसमें से महाराष्ट्र में 219 लोगों की मौत हुई है। तमिलनाडु में 65 लोगों की मौत, दिल्ली में 45 लोगों की मौत, पश्चिम बंगाल में 27 लोगों की मौत, उत्तर प्रदेश में 17 लोगों की मौत, कर्नाटक में 16 लोगों की मौत, गुजरात में 15 लोगों की मौत, आंध्र प्रदेश में 13 लोगों की मौत, राजस्थान में 9 लोगों की मौत, बिहार में आठ लोगों की मौत, तेलंगाना में सात लोगों की मौत, असम में छह लोगों की मौत, हरियाणा, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में पांच-पांच लोगों की मौत, ओडिशा में चार लोगों की मौत, छत्तीसगढ़, गोवा, झखण्ड और मेघालय में एक-एक लोगों की मौत।

कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में संक्रमित लोगों की संख्या 2 लाख 30 हजार के पार पहुंच गई है। राज्य में 6875 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 219 लोगों की इस दौरान मौत भी हुई है। 24 घंटे में 4,067 लोग ठीक भी हुए हैं। अब तक कुल 9,667 लोगों की मौत हो चुकी है। राजधानी दिल्ली में कोरोना पीड़ितो के ठीक होने की रफ्तार काफी तेज हो गई हैं। अब तक 78,1161 लोग ठीक हो चुके हैं। राज्य में इस समय 21,567 मामले सक्रिय हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दिल्ली में मृतकों का कुल आंकड़ा 3258 हो चुका है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि आज भारत में रोज 2,70,000 तक कोरोना टेस्ट हो रहे हैं। हम सभी राज्य सरकारों को कह रहे हैं ​कि ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करें। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे कम मृत्यु दर 2.72 फीसद होने के बाद भी हम राज्य सरकारों को लक्ष्य दे रहे हैं कि इसे 1 फीसद से कम लेकर आना है। आइसीएमआर के अनुसार, देश में अब तक कुल 1 करोड़ 10 लाख 24 हजार 491 नमूनों की जांच की जा चुकी है।


9. एनआईटी ने विकसित किया बहुउद्देश्यीय सैनेटाइजेशन उपकरण, डिब्बाबंद खाना, नोट किए जा सकेंगे सैनेटाइज

जालंधर के डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने टाइमर से लैस एक ऐसा सैनेटाइजेशन उपकरण बनाया है जो पराबैंगनी किरणों की मदद से सूक्ष्मजीवी रोगाणुओं को खत्म कर देता है। इस उपकरण से डिब्बाबंद खाना, क्रेडिट कार्ड और नोट जैसी चीजें भी बड़े आराम से संक्रमणमुक्त की जा सकती हैं। डिब्बे के आकार के इस उपकरण में ऊपर और नीचे की ओर अल्ट्रावॉयलेट रोशनी लगी हैं। एनआईटी ने एक बयान में कहा कि इस उपकरण की मदद से डिब्बाबंद खाद्य वस्तुओं, नोट, क्रेडिट कार्ड के अलावा अखबार, फाइलें, उपयोग किए जा चुके मास्क और दस्ताने, चाबियां आदि वस्तुएं संक्रमण मुक्त की जा सकेंगी। इसमें बताया गया, जब किसी भी वस्तु को इसके भीतर रखा जाता है तो यूवी किरणें उसकी सतह पर मौजूद अति सूक्ष्म रोगाणु मसलन वायरस, बैक्टीरिया और फुफुंद को खत्म कर देती हैं। बयान में कहा गया कि यूवी किरण का इस्तेमाल खाद्य उद्योग में बड़े पैमाने पर होता है क्योंकि यह पूरी तरह सुरक्षित है, इसके अधिक रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती और इसमें किसी तरह के रसायन या कीटनाशक की आवश्यकता नहीं होती। इसे एनआईटी के निदेशक डॉ. एलके अवस्थी और सहायक प्रोफेसर डॉ. कुलदीप सिंह नागला ने बनाया है। अवस्थी ने कहा कि अन्य उपकरणों के मुकाबले इसका इस्तेमाल ज्यादा आसानी से किया जा सकता है। नागला ने कहा कि यह उपकरण बहुत सुरक्षित है क्योंकि उपयोगकर्ता यूवी किरण के संपर्क में नहीं आता है। उन्होंने बताया कि जैसे ही इसे खोला जाता है, इसमें मौजूद यूवी लाइट अपने आप बंद हो जाती है। उन्होंने बताया कि उपयोगकर्ता वस्तु और उसके आकार के मुताबिक टाइमर की मदद से समय निर्धारित कर सकता है।

अवस्थी ने बताया कि इस उपकरण के पेटेंट के लिए अनुरोध भेजा चुका है और इसके व्यावसायिक उत्पादन के लिए एक निजी कंपनी से एनआईटी की बात चल रही है।


10. आयुष्मान भारत योजना : 1 फरवरी से 8.8 करोड़ लोग स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में पहुंचे

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 1 फरवरी से 41,000 से अधिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में 8.8 करोड़ से अधिक रोगी पहुंचे।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रोगियों के इन केंद्रों में पहुंचने का यह आंकड़ा इसके पहले के 21 महीनों (14 अप्रैल 2018 से लेकर 31 जनवरी 2020 तक) के आंकड़ों के लगभग बराबर है जबकि इस साल लॉकडाउन की अवधि दौरान लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगी हुई थीं।

मंत्रालय ने कहा कि पिछले 5 महीनों में 1.41 करोड़ लोगों की उच्च रक्तचाप, 1.13 करोड़ लोगों की मधुमेह (डायबिटिज) और 1.34 लोगों की कैंसर की जांच की गई। बयान के मुताबिक कोविड-19 द्वारा पेश की गई चुनौतियों के बावजूद जून में उच्च रक्तचाप के करीब 5.62 रोगियों को और मधुमेह के 3.77 रोगियों को इन केंद्रों में दवाइयां दी गईं। कोविड-19 महामारी फैलने के बाद 6.53 लाख योग एवं तंदुरुस्ती सत्रों का भी इन केंद्रों में आयोजन किया गया।

स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (एचडब्ल्यूसी) आयुष्मान भारत योजना का अहम हिस्सा हैं। इसके तहत 1.50 लाख उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 2022 तक एचडब्ल्यूसी में तब्दील कर सार्वभौम एवं व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने का लक्ष्य है।

झारखंड में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एचडब्ल्यूसी द्वारा दिए गए योगदान का उदाहरण देते हुए मंत्रालय ने कहा कि राज्यव्यापी गहन सार्वजनिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत एचडब्ल्यूसी टीमों ने इंफ्लूएंजा जैसी बीमारियों (आईएलआई) और गंभीर श्वसन रोग (एसएआरआई) लक्षणों की जांच की तथा उनकी कोविड-19 जांच कराई। ओडिशा के सुबल्या में एचडब्ल्यूसी की एक टीम ने कोविड-19 से बचने के लिए एहतियाती उपायों के बारे में जागरूकता पैदा की। उन्होंने अस्थायी मेडिकल शिविरों में प्रवासियों के लिए तंदुरुस्ती सत्र का भी आयोजन किया।

मंत्रालय ने कहा कि जनवरी से जून 2020 के बीच अतिरिक्त 12,425 एचडब्ल्यूसी का संचालन शुरू हुआ जिसके साथ एचडब्ल्यूसी की संख्या बढ़कर 41,790 हो गई। एचडब्ल्यूसी टीमों ने समुदायों को कोविड-19 से जुड़ीं सेवाओं के अलावा अन्य जरूरी सेवाएं मुहैया करने में अहम भूमिका निभाई हैं।


11. पीएम मोदी ने किया रीवा की सौर ऊर्जा परियोजना का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सर्वाधिक आकर्षक वैश्विक बाजार के रूप में उभरा है।

मोदी ने मध्यप्रदेश के रीवा में 750 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजना का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य देश में स्वच्छ और किफायती ऊर्जा के केंद्र में रूप में उभरकर सामने आएगा। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा भरोसेमंद, शुद्ध और सुरक्षित है और देश अब विश्व में सौर ऊर्जा उत्पादक शीर्ष 5 देशों में शामिल हो गया है।

मोदी ने कहा कि रीवा सौर ऊर्जा संयंत्र केवल मध्यप्रदेश को नहीं बल्कि दिल्ली मेट्रो को भी बिजली उपलब्ध कराएगा। रीवा परियोजना में 250-250 मेगावॉट की 3 सौर उत्पादक इकाइयां हैं और ये सौर पार्क के अंदर 500 हैक्टेयर की जमीन पर स्थापित हैं।

सौर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा विकसित किया गया था। आरयूएमएसएल मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की संयुक्त उपक्रम वाली कंपनी है।


12. एनटीसीए की योजना का अनुपालन कर महाराष्ट्र बाघ गलियारे में बनेंगी सड़कें

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कहा है कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की कार्ययोजना के अनुपालन के बिना महाराष्ट्र में नई सड़क परियोजनाओं पर आगे नहीं बढ़ सकता। एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वन्यजीव के प्रभावित होने की आशंका के चलते सावधानी के तौर पर एनटीसीए की कार्ययोजना का अनुपालन आवश्यक है।

एनजीटी ने उन खबरों का संज्ञान लिया जिनमें महाराष्ट्र में नई सड़क परियोजनाओं से बाघ गलियारों के लिए बाधा उत्पन्न होने का दावा किया गया था। खबरों में कहा गया था कि इस तरह की सड़क परियोजनाओं में पर्यावरण और वन्यजीव की रक्षा के लिए आवश्यक कदमों तथा सावधानियों की कमी है। परियोजना खर्च के मुद्दे पर एनजीटी ने कहा कि वित्तपोषण के स्त्रोत पर एनजीटी कोई टिप्पणी नहीं करेगा और यह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा महाराष्ट्र सरकार के बीच का विषय है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कचरे के निपटारे की व्यवस्था होने तक किसी भी नए उद्योग को परमिट नहीं दिया जाए।एनजीटी ने सीपीसीबी को निर्देश दिया कि वह 'प्रदूषणकर्ता चुकाएगा' सिद्धांत के अनुसार पर्यावरण को निरंतर नुकसान पर मुआवजे की वसूली के लिए अपने निर्देशों को लागू करे।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीपीसीबी को खतरनाक अपशिष्ट पैदा करने वाले उद्योगों की स्थिति को सत्यापित करने के लिए एक प्रणाली स्थापित करने के लिए कहा। उन्होंने राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले उद्योगों से मुआवजा वसूलने के लिए भी कहा। पीठ ने कहा, सीपीसीबी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड किसी भी नए उद्योग को खतरनाक कचरा पैदा करने की अनुमति नहीं दे सकते, जब तक कि उनके निपटान के लिए सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जाती हैं। एनजीटी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे 31 अक्टूबर, 2020 तक सीपीसीबी को अपनी अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।


13. चीन ने वाणिज्यिक संचार उपग्रह ‘APSTAR-6D’ लॉन्च किया

चीन ने 9 जुलाई, 2020 को शीचांग सैटेलाइट लॉन्च सेंटर की लांचपैड 3 से संचार उपग्रह ‘APSTAR-6D’ को लांच किया ।

CAST-चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन की एक सहायक कंपनी) ने वाणिज्यिक उपग्रह ‘APSTAR-6D’ विकसित किया है। CAST से, उपग्रह APT Mobile SatCom Limited द्वारा उपग्रह ब्रॉडबैंड दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने के लिए खरीदा गया था।

APSTAR-6D

APSTAR-6D का जीवनकाल 15 साल है। सैटेलाइट का लॉन्च मास 5,550 किलोग्राम के आसपास था। सैटेलाइट को लॉन्ग मार्च-3 बी रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया था और इसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में 134 डिग्री पर तैनात किया जाएगा।

APSTAR-6D सैटेलाइट का उपयोग उपयोगकर्ताओं के लिए और साथ ही भारत-प्रशांत क्षेत्र में विमान और समुद्री मार्गों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली वौइस और ब्रॉडबैंड डेटा सेवाओं को प्रदान करने के लिए किया जाएगा।

APSTAR-6D चीन के पहले ग्लोबल हाई-थ्रूपुट ब्रॉडबैंड सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का एक हिस्सा है।


14. ISRO अगस्त 2020 में ब्राजील के अमेजोनिया -1 उपग्रह को लॉन्च करेगा

ब्राजील द्वारा विकसित किया गया पहला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा लॉन्च किया जाएगा। इस उपग्रह को ‘अमेजोनिया -1’ के नाम से जाना जाता है। इसरो द्वारा अभी तक अमेजोनिया-1 की सटीक लॉन्च तिथि की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लॉन्च अगले महीने (अगस्त 2020) में होगा।

पृष्ठभूमि

25 जनवरी, 2004 को भारत और ब्राजील के बीच बाह्य अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। फ्रेमवर्क समझौते के एक भाग के रूप में, इसरो ब्राजील की अंतरिक्ष एजेंसी (AEB) का एक माइक्रो-उपग्रह लॉन्च करेगा। यह माइक्रोसेटेलाइट वायुमंडलीय अध्ययन के लिए होगा।

अमेजोनिया-1

अमेजोनिया-1 को मूल रूप से AEB के मुख्य उपग्रह प्रक्षेपण वाहन VLS-1 द्वारा 2018 में लॉन्च किया जाना था। लेकिन तकनीकी कारणों से VLS-1 के साथ लॉन्च रद्द कर दिया गया था। अमेजोनिया-1 को अब आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV के पेलोड के रूप में लॉन्च किया जाएगा।

अमेजोनिया-1 का संचालन चीन-ब्राजील अर्थ रिसोर्स सैटेलाइट प्रोग्राम (CBERS) के साथ होगा। चीन और ब्राजील के बीच CBERS कार्यक्रम के तहत, 6 उपग्रहों को आज तक लॉन्च किया गया है (पहला उपग्रह CBERS-1 अक्टूबर 1999 में लॉन्च किया गया था)।

अमेजोनिया-1 पहला उपग्रह है जिसे AEB द्वारा पूरी तरह से डिजाइन, एकीकृत और परीक्षण किया गया है, लॉन्च के बाद यह उपग्रह ब्राजील द्वारा पूरी तरह से संचालित किया जाने वाला पहला उपग्रह होगा।


15. नई दिल्ली में 10 जुलाई से शुरू हुआ ‘पौधे लगाओ, पर्यावरण बचाओ’ अभियान

दिल्ली सरकार ने एक मेगा वृक्षारोपण अभियान ‘पौधे लगाओ, पर्यावरण बचाओ’ को लांच करने का निर्णय लिया है। यह अभियान 10 जुलाई, 2020 और 26 जुलाई, 2020 तक जारी रहेगा।

अभियान का उद्देश्य

पिछले कुछ वर्षों में, राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का उच्च स्तर दर्ज किया गया है। यह अभियान नई दिल्ली में और पूरे भारत में हरित आवरण को बढ़ाकर वायु प्रदूषण को कम करने के लिए है। 2017 में, नई दिल्ली में हरियाली का आवरण 299 वर्ग किलोमीटर था, 2019 में इसे बढ़ाकर 325 कर दिया गया। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने 2021 तक 350 वर्ग किलोमीटर के हरित आवरण का लक्ष्य रखा है।

अभियान के बारे में

इस अभियान के तहत 17 दिनों में 31 लाख पौधे लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग 20 (NH 20) में ITO के पास अभियान चलाया जाएगा।

31 लाख पौधों में से, दिल्ली सरकार के विभिन्न विभाग 18 लाख लगाएंगे, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) 9 लाख 40 हजार पौधे लगाएगा, 2 लाख दिल्ली नगर निगम द्वारा और 2 लाख पौधे मेट्रो, उत्तर रेलवे और बीएसईबी द्वारा लगाये जायेंगे।

31 लाख पौधों में से, 20 लाख पौधे बड़े पेड़ों के होंगे जबकि शेष 11 लाख पौधे झाड़ियों के होंगे जो सड़कों के दोनों ओर लगाए जाएंगे।

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